
यहाँ आपको CBSE कक्षा 12 अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 24 फ़रवरी 2026 को हुए पेपर का पूरा अवलोकन मिलेगा। यहाँ बताया गया है कि पेपर कितना कठिन या आसान रहा, स्टूडेंट्स ने क्या कहा, कौन से टॉपिक या चैप्टर्स ज्यादा प्रश्न पूछे गए और टाइम मैनेजमेंट कैसा रहा। सरल भाषा में रियल-टाइम छात्र प्रतिक्रियाओं और पेपर के ट्रेंड्स को समझने में मदद मिलेगी—जो अगले साल के स्टूडेंट्स के लिए भी उपयोगी होगा।
CBSE 12th अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर छात्रों की प्रतिक्रियाएं अलग अलग देखने को मिली। यह परीक्षा 24 फ़रवरी 2026, सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक आयोजित की गई थी। कई छात्रों ने बताया कि पेपर सिलेबस पर आधारित और संतुलित था, जबकि कुछ को प्रश्न लंबे और समय लेने वाले लगे। अच्छी तैयारी वाले छात्रों ने पेपर को स्कोरिंग बताया और समय का सही इस्तेमाल कर पाए। वहीं, कम तैयारी वाले छात्रों को टाइम मैनेजमेंट और कुछ विश्लेषणात्मक सवालों में दिक्कत हुई।
अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 2026 का सेक्शन-वाइज एनालिसिस देखें तो कुल 34 प्रश्नों में MCQ सेक्शन आसान और स्कोरिंग रहा। शॉर्ट और वेरी शॉर्ट आंसर वाले सेक्शन में सिलेबस से सीधे सवाल पूछे गए। वहीं, लॉन्ग आंसर सेक्शन में कैलकुलेशन लंबी होने के कारण समय ज़्यादा लगा। कुल मिलाकर सभी सेक्शन संतुलित थे, लेकिन टाइम मैनेजमेंट अहम भूमिका में रहा।
Section A: MCQs (1×20 = 20 अंक)
सवाल सीधे NCERT आधारित थे
कॉन्सेप्ट क्लियर होने पर आसान
समय कम लगा और सेक्शन स्कोरिंग रहा
Section B: Very Short Answer (3×4 = 12 अंक)
थ्योरी + छोटे न्यूमेरिकल
डायरेक्ट और सिलेबस के अंदर
Section C: Short Answer (4×6 = 24 अंक)
Partnership और Company Accounts से सवाल
कैलकुलेशन थोड़ी लंबी थी
Section D: Long Answer (6×4 = 24 अंक)
Cash Flow Statement और Ratios
टाइम मैनेजमेंट सबसे ज्यादा रही जरूरी
छात्रों और शिक्षकों से मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 2026 में कुछ अध्यायों से अपेक्षाकृत अधिक प्रश्न पूछे गए। ये अध्याय इस प्रकार रहे -
Partnership Accounts (प्रवेश, सेवानिवृत्ति और मृत्यु से जुड़े प्रश्न)
Company Accounts (शेयर जारी करना और वित्तीय विवरण से संबंधित सवाल)
Cash Flow Statement (मुख्य रूप से अप्रत्यक्ष विधि पर आधारित)
Ratio Analysis (विभिन्न प्रकार के अनुपातों से प्रश्न)
Adjustments / Debentures (समायोजन और डिबेंचरों के लेखांकन से जुड़े सवाल)
इन अध्यायों से आए प्रश्नों में कैलकुलेशन के साथ-साथ कॉन्सेप्ट की साफ समझ जरूरी थी। इसलिए जिन छात्रों ने नियमित अभ्यास किया और सिलेबस के अनुसार तैयारी की थी, उन्हें परीक्षा में स्पष्ट रूप से फायदा मिला।
अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 2026 में लंबे और कैलकुलेशन आधारित प्रश्नों के कारण टाइम मैनेजमेंट कई छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। खासकर Cash Flow Statement, Partnership Accounts और Ratio Analysis से जुड़े सवालों में अधिक स्टेप्स होने से समय ज्यादा लगा। जिन छात्रों ने पहले से अच्छी प्रैक्टिस की थी, वे समय को बेहतर तरीके से संभाल पाए, जबकि कुछ छात्रों को पेपर पूरा करने में दिक्कत हुई।
अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर एक्सपर्ट और छात्रों की राय यह है कि पेपर स्कोरिंग था, खासकर अगर आपने NCERT आधार + प्रैक्टिस पर ध्यान दिया था। कई स्टूडेंट्स ने बताया कि MCQs और वेरी शॉर्ट आंसर वाले सेक्शन में आसानी से अंक बटोरने मिले। हालांकि कुछ लॉन्ग आंसर और कैलकुलेशन वाले प्रश्नों में समय लगा, लेकिन जो स्टूडेंट्स नियमित अभ्यास करते आए थे, उन्हें अच्छे अंक हासिल करने का साफ मौका मिला।