NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 1 focus on the story “Gillu”. These solutions make it easy for students to understand, remember, and answer questions effectively.
These solutions include summaries, Gillu Class 9 Question Answers, and extra questions that cover all the important points from the chapter.
Before attempting the Gillu Class 9 question answers, students are advised to read the chapter thoroughly from the NCERT Class 9 Hindi Sanchayan textbook, understand the context, and connect with the emotions and life values expressed by the author Mahadevi Verma.
Once you have understood the text, begin solving the questions in your textbook and cross-check your responses with these NCERT Solutions for Class 9 Hindi.
Chapter 1 of Hindi Sanchayan Class 9 Gillu, revolves around the tender relationship between the author and an injured squirrel she rescues.
Through this story, Mahadevi Verma portrays themes of kindness, attachment, and the inevitable cycle of life and death. Students reading this chapter will gain both linguistic knowledge and life values.
Below are the Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 2 Extra Questions for practice. These solutions are accurate, easy to understand, and follow the CBSE marking scheme. They cover all textual questions from the NCERT Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 1.
1. सोनजुही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?
उत्तर:- सोनजुही की पीली कली मनमोहक होती है। लेखिका को विचार आया कि वह छोटा जीव लता की सघन हरीतिमा में छिपकर बैठ जाता था। उसका नाम गिल्लू था। लेखिका के निकट पहुँचने ही उनके कंधे पर कूदकर उन्हें चौंका देता था। तब लेखिका को कली की खोज रहती थी, पर आज उस लघुप्राण की खोज थ
2. पाठ के आधार पर कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है?
उत्तर:- कौआ बड़ा विचित्र प्राणी है। इसका कभी आदर किया जाता है तो कभी अनादर। श्राद्ध में लोग कौए को आदर से बुलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में हमारे पुरखे हमसे कुछ पाने के लिए कौए बनकर ही आते हैं। इसका अनादर इसलिए किया जाता है, क्योंकि काँव-काँव करके हमारा सिर खा जाते हैं। इसकी कर्कश वाणी किसी को नहीं भाती।
3. गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार किस प्रकार किया गया?
उत्तर:- लेखिका गिलहरी के घायल बच्चे को उठाकर अपने कमरे में ले गई। रुई से उसका खून पोंछकर उसके घावों पर मरहम लगाया। उसकी भूख मिटाने के लिए रुई की बत्ती दूध में भिगोकर उसके मुँह पर लगाई गई। कई घंटे के उपचार के बाद वह उसके मुँह में पानी टपकाने में सफल हुई। तीन दिन में वह स्वस्थ हो गया।
4. लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था?
उत्तर:- लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू उनके पैरों तक आकर सर्र से परदे पर चढ़ जाता और फिर उसी तेजी से उतरता। उसका यह दौड़ने का क्रम तब तक चलता जब तक लेखिका उसे पकड़ने के लिए न दौड़ती।
5. गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों समझी गई और उसके लिए लेखिका ने क्या उपाय किया?
उत्तर:- गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि वह उसका पहला बसंत था। बाहर की गिलहरियाँ खिड़की की जाली के पास आकर चिक-चिक करके कुछ-कुछ कहने लगीं। उस समय गिल्लू जाली के पास आकर बैठ जाता था और उन्हें निहारता रहता था। तब लेखिका को लगा के अब गिल्लू को मुक्त कर देना चाहिए। वह अपने साथियों से मिलना चाहता था। लेखिका ने उसे मुक्त करने के लिए जाली का कोना खोल दिया ताकि इस मार्ग से गिल्लू आ-जा सके।
6. गिल्लू किन अर्थों में परिचारिका की भूमिका निभा रहा था?
उत्तर:- एक बार लेखिका मोटर-दुर्घटना में घायल होकर कुछ दिन तक अस्पताल में रही। अस्पताल से घर आने पर गिल्लू ने उसकी सेवा की। वह लेखिका के तकिए के सिरहाने बैठकर अपने नन्हे-नन्हे पंजों से उसके सिर और बालों को इतने हौले-हौले सहलाता रहता कि उसका वहाँ से हटना लेखिका को किसी परिचारिका के हटने के समान लगता। इस प्रकार लेखिका की अस्वस्थता में गिल्लू ने परिचारिका की भूमिका निभाई।
7. गिल्लू को किन चेष्टाओं से यह आभास मिलने लगा था कि अब उसका अंत समय समीप है ?
उत्तर:- गिलहरियों का जीवन केवल दो वर्ष का होता है। अत: गिल्लू के जीवन का भी अंत समय आ गया था। उसने दिन भर कुछ भी नहीं खाया न बाहर गया अंत समय की मुश्किल के बाद भी वह झूले से उतरकर लेखिका के बिस्तर पर आ गया और अपने ठंडे पंजों से उँगली पकड़कर हाथ से चिपक गया, जिसे पहले उसने घायल अवस्था में पकड़ा था। इन्हीं चेष्टाओं से आभास मिलने लगा कि अब उसका अंत समय समीप है।
8. ‘प्रभात की प्रथम किरण के स्पर्श के साथ ही वह किसी और जीवन में जागने के लिए सो गया’ – का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:- इस कथन का आशय है कि प्रातः कालीन सूर्य की किरणों के साथ ही गिल्लू ने अपना शरीर त्याग दिया। किसी अन्य जीवन में जन्म लेने के लिए उसने अपने प्राण छोड़ दिए।
9. सोनजुही की लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में किस विश्वास का जन्म होता है ?
उत्तर:- सोनजुही की लता के नीचे गिल्लू की समाधि बनाई गई क्योंकि यह लता गिल्लू को बहुत पसंद थी और साथ ही लेखिका को विश्वास था कि इस छोटे से जीव को इस बेल पर लगे फूल के रुप में देखेगी। जुही में जब पीले फूल लगेंगे तो लेखिका के समक्ष गिल्लू की स्मृति साकार हो जाएगी। इससे उन्हे संतोष मिलेगा।
“Gillu” is a story from Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 1 that revolves around the experiences of a young boy named Gillu. The story highlights his struggles, adventures, and the important lessons he learns along the way.
The chapter emphasizes values like honesty, courage, and the importance of making wise choices. By reading the Gillu Class 9 Summary, students can quickly revise the main events, character traits, and the overall moral of the story. This summary acts as a foundation before attempting the questions.
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