JEE Main 2026 फिजिक्स का सिलेबस स्टूडेंट्स के बेसिक कॉन्सेप्ट्स, प्रॉब्लम सॉल्विंग और लॉजिकल सोच को टेस्ट करने के लिए है। इसमें मैकेनिक्स, इलेक्ट्रिसिटी, मैग्नेटिज्म, ऑप्टिक्स, मॉडर्न फिजिक्स और थर्मोडायनामिक्स विषय शामिल हैं। हाई-वेटेज चैप्टर्स पर ज्यादा अभ्यास करें और कम वेटेज वाले टॉपिक्स से जल्दी मार्क्स पाएं।
JEE Main 2026 भौतिक विज्ञान छात्रों के लिए बेसिक और ज़रूरी कॉन्सेप्ट्स कवर करता है। 2026 का नया सिलेबस अभी नहीं आया है। पिछले साल के हिसाब से इसमें मैकेनिक्स, रोटेशनल मोशन, वर्क‑एनर्जी‑पावर, लॉज़ ऑफ़ मोशन, ग्रेविटेशन, थर्मोडायनामिक्स और बाकी महत्वपूर्ण फिजिक्स के विषय शामिल हैं। इसे हर छात्रों को सही से समझने चाहिए।
यूनिट्स और माप : इसमें यूनिट्स, SI सिस्टम, फंडामेंटल और डिराइव्ड यूनिट्स, सिग्निफिकेंट फिगर्स और माप में होने वाली गलतियाँ शामिल हैं। फिजिक्स क्वांटिटीज़ का डाइमेंशन और डाइमेंशनल एनालिसिस भी समझना और अभ्यास करना ज़रूरी है।
काइनेमैटिक्स : इसमें हम गति के बेसिक नियम और प्रकार समझते हैं। इसमें सीधी रेखा में मोशन, स्पीड और वेलोसिटी, यूनिफॉर्म और नॉन-यूनिफॉर्म मोशन, एवरेज और इंस्टेंटेनियस वेलोसिटी, यूनिफॉर्मली एक्सेलरेटेड मोशन और उसके ग्राफ, प्रोजेक्टाइल मोशन और यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन शामिल हैं।
मोशन के नियम : इसमें न्यूटन के तीन लॉज़, फोर्स और इनर्शिया, मोमेंटम और इम्पल्स, लीनियर मोमेंटम का कंजर्वेशन, फ्रिक्शन और रोलिंग फ्रिक्शन शामिल हैं। साथ ही सेंट्रिपेटल फोर्स और यूनिफॉर्म सर्कुलर मोशन के एप्लीकेशन भी पढ़े जाते हैं।
वर्क, एनर्जी और पावर: इसमें कॉन्सटेंट और वेरिएबल फोर्स से किया गया वर्क, काइनेटिक और पोटेंशियल एनर्जी, वर्क-एनर्जी थ्योरम, मैकेनिकल एनर्जी का कंजर्वेशन, कंजर्वेटिव और नॉन-कंजर्वेटिव फोर्स और कोलिजन शामिल हैं।
रोटेशनल मोशन : इसमें सेंटर ऑफ मास, रिजिड बॉडी का रोटेशन, टॉर्क, एंगुलर मोमेंटम और उसका कंजर्वेशन, मोमेंट ऑफ इनर्शिया, इक्विलिब्रियम और रोटेशनल मोशन के इक्वेशन शामिल हैं।
ग्रेविटेशन : इसमें यूनिवर्सल लॉ ऑफ ग्रेविटेशन, केप्लर का प्लैनेटरी मोशन, ग्रेविटेशनल पोटेंशियल और एनर्जी, सैटेलाइट की गति और एस्केप वेलोसिटी शामिल हैं।
ठोस और तरल पदार्थों के गुण : इसमें इलास्टिकिटी, स्ट्रेस-स्ट्रेन, हुक का नियम, यंग मॉड्यूलस, बल्क मॉड्यूलस और रिजिडिटी आते हैं। फ्लूइड प्रेशर, पास्कल का नियम, विस्कोसिटी, स्टोक का नियम, टर्मिनल वेलोसिटी और बर्नौली का सिद्धांत पढ़ा जाता है। इसके अलावा सरफेस टेंशन, बूंदें, बुलबुले और कैपिलरी राइज भी शामिल हैं।
हीट और थर्मोडायनामिक्स : इसमें हीट, टेम्परेचर, थर्मल एक्सपेंशन, स्पेसिफिक हीट, कैलोरीमेट्री, स्टेट बदलना और लेटेंट हीट शामिल हैं। हीट ट्रांसफर के तरीके कंडक्शन, कन्वेक्शन और रेडिएशन हैं। थर्मोडायनामिक्स के पहले और दूसरे नियम, आइसोथर्मल और एडियाबेटिक प्रोसेस भी पढ़ाए जाते हैं।
गैसों की काइनेटिक थ्योरी : इसमें परफेक्ट गैस का स्टेट इक्वेशन, गैस पर किया गया काम, प्रेशर और टेम्परेचर का काइनेटिक व्याख्या शामिल है। RMS स्पीड, डिग्री ऑफ़ फ़्रीडम, एनर्जी का इक्विपार्टिशन, मीन फ्री पाथ और एवोगैड्रो नंबर भी इसमें पढ़ाए जाते हैं।
ऑसिलेशन और वेव : इसमें ऑसिलेशन और पीरियोडिक मोशन, टाइम पीरियड, फ्रीक्वेंसी और डिस्प्लेसमेंट के फंक्शन पढ़ाए जाते हैं। सिंपल हार्मोनिक मोशन (S.H.M.), उसका इक्वेशन, फेज, स्प्रिंग का ऑसिलेशन और इसमें एनर्जी का वितरण जैसे काइनेटिक और पोटेंशियल एनर्जी, सिंपल पेंडुलम और उसके टाइम पीरियड का डेरिवेशन शामिल हैं। वेव मोशन में लॉन्जिट्यूडिनल और ट्रांसवर्स वेव, ट्रैवलिंग वेव की स्पीड, वेव का सुपरपोजिशन प्रिंसिपल, रिफ्लेक्शन, स्टैंडिंग वेव, फंडामेंटल मोड और हार्मोनिक्स पढ़ाए जाते हैं।
इलेक्ट्रोस्टैटिक्स : इसमें इलेक्ट्रिक चार्ज, चार्ज का कंजर्वेशन, कूलम्ब का लॉ, पॉइंट और मल्टीपल चार्ज के बीच फोर्स, सुपरपोजिशन प्रिंसिपल और कंटीन्यूअस चार्ज डिस्ट्रीब्यूशन शामिल हैं। इलेक्ट्रिक फील्ड, डाइपोल, टॉर्क, इलेक्ट्रिक फ्लक्स, गॉस का नियम और इलेक्ट्रिक पोटेंशियल, इक्विपोटेंशियल सरफेस और कैपेसिटर व कैपेसिटेंस पढ़ाई जाती हैं।
करंट इलेक्ट्रिसिटी : इसमें इलेक्ट्रिक करंट, ड्रिफ्ट वेलोसिटी, मोबिलिटी, ओम का नियम, रेजिस्टेंस, सीरीज और पैरेलल रेजिस्टर्स, इंटरनल रेजिस्टेंस, सेल का EMF और पोटेंशियल डिफरेंस, किरचॉफ के नियम, व्हीटस्टोन और मीटर ब्रिज शामिल हैं।
करंट और मैग्नेटिज्म : बायोट-सावर्ट और एम्पीयर के नियम, करंट और मैग्नेटिक फील्ड पर फोर्स, सेंट्रिपेटल फोर्स, मूविंग कॉइल और गैल्वेनोमीटर, मैग्नेटिक डाइपोल और यूनिफॉर्म मैग्नेटिक फील्ड पर टॉर्क, पैरा-, डाय- और फेरोमैग्नेटिक पदार्थ और तापमान का असर पढ़ाया जाता है।
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन और अल्टरनेटिंग करंट : फैराडे का नियम, इंड्यूस्ड EMF और करंट, लेंज़ का नियम, सेल्फ और म्यूचुअल इंडक्टेंस, एडी करंट। अल्टरनेटिंग करंट और वोल्टेज की पीक और RMS वैल्यू, LCR सीरीज सर्किट, रेजोनेंस, AC पावर और जनरेटर व ट्रांसफॉर्मर का कार्य शामिल हैं।
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स: डिस्प्लेसमेंट करंट, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स और उनकी खासियतें, ट्रांसवर्स नेचर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम (रेडियो, माइक्रोवेव, इंफ्रारेड, विज़िबल, UV, X‑रे, गामा), और इनके एप्लीकेशन पढ़ाए जाते हैं।
ऑप्टिक्स : लाइट का रिफ्लेक्शन और रिफ्रैक्शन, मिरर और लेंस के फॉर्मूले, थिन लेंस का कॉम्बिनेशन, टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन, मैग्निफिकेशन और लेंस की पावर, प्रिज्म से रिफ्रैक्शन, माइक्रोस्कोप और एस्ट्रोनॉमिकल टेलिस्कोप की मैग्निफाइंग पावर। वेव ऑप्टिक्स में वेवफ्रंट, ह्यूजेंस प्रिंसिपल, इंटरफेरेंस (यंग का डबल-स्लिट), सिंगल स्लिट डिफ्रैक्शन, पोलराइजेशन और ब्रूस्टर का नियम शामिल हैं।
मैटर और रेडिएशन का डुअल नेचर : इसमें रेडिएशन का डुअल नेचर, फोटोइलेक्ट्रिक इफ़ेक्ट, हर्ट्ज़ और लेनार्ड के ऑब्ज़र्वेशन, आइंस्टीन का फोटोइलेक्ट्रिक इक्वेशन और लाइट का पार्टिकल नेचर शामिल हैं। मैटर वेव्स में पार्टिकल का वेव नेचर और डी-ब्रोगली रिलेशन पढ़ाया जाता है।
एटम और न्यूक्लियस : इसमें अल्फा-पार्टिकल स्कैटरिंग एक्सपेरिमेंट, रदरफोर्ड का एटम मॉडल, बोहर मॉडल, एनर्जी लेवल और हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम आते हैं। न्यूक्लियस की बनावट, साइज़, एटॉमिक मास, मास-एनर्जी रिलेशन, मास डिफेक्ट, प्रति न्यूक्लियॉन बाइंडिंग एनर्जी, मास नंबर के साथ वेरिएशन, न्यूक्लियर फिशन और फ्यूजन भी पढ़ाया जाता है।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस : इसमें सेमीकंडक्टर, डायोड (फॉरवर्ड और रिवर्स बायस में I-V कैरेक्टरिस्टिक्स), रेक्टिफायर के तौर पर डायोड, LED, फोटोडायोड, सोलर सेल, जेनर डायोड और वोल्टेज रेगुलेटर के एप्लीकेशन शामिल हैं। इसके अलावा लॉजिक गेट्स जैसे OR, AND, NOT, NAND और NOR भी पढ़ाए जाते हैं।
फिजिक्स सिलेबस सेक्शन B में मुख्य रूप से प्रयोग और माप शामिल हैं। इसमें स्क्रू गेज, वर्नियर कैलिपर्स, मीटर स्केल, सिंपल पेंडुलम, रेजोनेंस ट्यूब, ट्रैवलिंग माइक्रोस्कोप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे डायोड, LED, ट्रांजिस्टर, IC, कैपेसिटर के प्रयोग पढ़ाए जाते हैं।
स्क्रू गेज – पतली शीट या तार की मोटाई/डायमीटर मापने के लिए।
वर्नियर कैलिपर्स – किसी बर्तन का अंदरूनी और बाहरी डायमीटर और गहराई मापना।
सिंपल पेंडुलम – एम्प्लिट्यूड² और टाइम के ग्राफ से एनर्जी का खर्च।
मेटैलिक तार – यंग का इलास्टिसिटी मॉड्यूलस मापना।
मीटर स्केल – मोमेंट्स के प्रिंसिपल से किसी वस्तु का मास।
कैपिलरी राइज़ – पानी का सरफेस टेंशन और डिटर्जेंट का असर।
रेजोनेंस ट्यूब – रूम टेम्परेचर पर हवा में साउंड की स्पीड।
टर्मिनल वेलोसिटी – गोल चीज़ की वेलोसिटी से लिक्विड का विस्कोसिटी कोएफिशिएंट।
मिक्सर – सॉलिड और लिक्विड की स्पेसिफिक हीट कैपेसिटी।
मीटर ब्रिज – तार की रेसिस्टिविटी मापना।
ओम का नियम – किसी तार का रेजिस्टेंस निकालना।
हाफ डिफ्लेक्शन – गैल्वेनोमीटर का रेजिस्टेंस और फिगर ऑफ़ मेरिट।
पैरालैक्स मेथड – कॉन्वेक्स/कॉनकैव मिरर और कॉन्वेक्स लेंस की फोकल लेंथ।
ट्रायंगुलर प्रिज्म – एंगल ऑफ़ डेविएशन बनाम एंगल ऑफ़ इंसिडेंस का प्लॉट।
ट्रैवलिंग माइक्रोस्कोप – ग्लास स्लैब का रिफ्रैक्टिव इंडेक्स।
p-n जंक्शन डायोड – फॉरवर्ड और रिवर्स बायस में I-V कर्व्स।
ज़ेनर डायोड – कैरेक्टरिस्टिक कर्व्स और रिवर्स ब्रेकडाउन वोल्टेज।
अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण – डायोड, LED, ट्रांजिस्टर, IC, रेज़िस्टर और कैपेसिटर का प्रयोग।
सभी चैप्टर, सब‑टॉपिक और वेटेज एक ही जगह होने से पढ़ाई के दौरान प्रोग्रेस ट्रैक करना और ज़रूरी हिस्सों को हाइलाइट करना आसान हो जाता है। ये रिविजन के आखिरी फेज़ में बहुत काम आता है, जब जल्दी रेफरेंस करना हो। स्टूडेंट्स इसे प्रिंट कर सकते हैं, एनोटेट कर सकते हैं या अपने डिवाइस पर स्टोर करके ऑफ़लाइन भी देख सकते हैं। एक अच्छी PDF से कोई टॉपिक मिस नहीं होता और तैयारी आसान रहती है। हालांकि, इस साल का ऑफिशियल सिलेबस अभी नहीं आया है, इसलिए स्टूडेंट्स पिछले साल का सिलेबस देख सकते हैं।
Study without using the internet
JEE Main Physics सेक्शन A में सबसे ज्यादा सवाल मैकेनिक्स, थर्मोडायनामिक्स, इलेक्ट्रिसिटी‑मैग्नेटिज्म, ऑप्टिक्स और मॉडर्न फिजिक्स से पूछे जाते हैं। इन हाई‑वेटेज चैप्टर्स पर ध्यान देना इसलिए जरूरी है क्योंकि ये परीक्षा के आधे से ज्यादा सवाल तय करते हैं और मजबूत कॉन्सेप्चुअल समझ से आसानी से अंक बढ़ाए जा सकते हैं।
मैकेनिक्स – न्यूटन के लॉज़, वर्क, एनर्जी, पावर, मोशन के नियम, रोटेशनल मोशन, ग्रेविटेशन।
थर्मोडायनामिक्स और गैसों की काइनेटिक थ्योरी – हीट, टेम्परेचर, थर्मोडायनामिक्स के नियम, गैसों का व्यवहार।
इलेक्ट्रिसिटी और मैग्नेटिज्म – करंट, ओम का नियम, करंट और मैग्नेटिक फोर्स, इलेक्ट्रोस्टैटिक्स।
ऑप्टिक्स – लाइट का रिफ्लेक्शन, रिफ्रैक्शन, लेन्स, मिरर, इंटरफेरेंस, डिफ्रैक्शन।
मॉडर्न फिजिक्स – फोटोइलेक्ट्रिक इफ़ेक्ट, एटम मॉडल, न्यूक्लियस, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस।
ध्यान दे ! इन चैप्टर्स पर अभ्यास करने से परीक्षा में आसानी से अच्छे अंक हासिल किए जा सकते हैं।
JEE Main Physics सेक्शन B में सबसे ज्यादा सवाल प्रयोग और माप से जुड़े टॉपिक्स से पूछे जाते हैं। इन हाई‑वेटेज चैप्टर्स पर ध्यान देना इसलिए जरूरी है क्योंकि ये परीक्षा में स्टूडेंट्स की प्रयोगात्मक समझ और माप‑जाँच कौशल पर आधारित सवाल तय करते हैं।
मापन और उपकरण – स्क्रू गेज, वर्नियर कैलिपर्स, मीटर स्केल, सिंपल पेंडुलम, रेजोनेंस ट्यूब, ट्रैवलिंग माइक्रोस्कोप।
फ्लूइड और हीट माप – टर्मिनल वेलोसिटी, कैपिलरी राइज़, मिक्सर के जरिए सॉलिड और लिक्विड की स्पेसिफिक हीट कैपेसिटी।
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस – p-n जंक्शन डायोड, ज़ेनर डायोड, LED, ट्रांजिस्टर, IC, रेज़िस्टर, कैपेसिटर।
ध्यान दें! इन टॉपिक्स पर अभ्यास और उपकरणों की सही समझ होने से परीक्षा में प्रयोग‑आधारित सवाल आसानी से हल किए जा सकते हैं और अंक जल्दी बढ़ाए जा सकते हैं।
