NEET UG 2026 री-एग्जाम के अंतिम चरण में Inorganic Chemistry का व्यवस्थित रिवीजन बेहद महत्वपूर्ण है। इस विषय में कई प्रश्न सीधे NCERT आधारित होते हैं, इसलिए प्रमुख कॉन्सेप्ट्स और बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक्स पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। आइए जानते हैं उन महत्वपूर्ण अध्यायों और विषयों के बारे में जिनका अभ्यास अंतिम दिनों में अवश्य करना चाहिए।
आवर्त सारणी से जुड़े प्रश्नों में अक्सर विभिन्न तत्वों की प्रथम आयनन एन्थैल्पी, आयनिक त्रिज्या, इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी और धात्विक गुण की तुलना पूछी जाती है।
विशेष ध्यान दें:
किसी आवर्त में सामान्यतः आयनन एन्थैल्पी बढ़ती है।
समूह 2 और समूह 13 के तत्वों के बीच अपवाद देखने को मिलता है।
समूह 15 और समूह 16 के तत्वों के बीच भी विशेष परिवर्तन पाया जाता है।
आवर्ती गुणों के रुझानों (Periodic Trends) को NCERT के आधार पर अच्छी तरह समझें।
Chemical Bonding, NEET के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में से एक है।
निम्न आयनों एवं अणुओं के संकरण पर आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें:
NO₂⁺
NO₃⁻
NH₄⁺
महत्वपूर्ण Hybridization:
sp
sp²
sp³
ऐसे अणुओं एवं आयनों की पहचान करना सीखें जिनमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉन उपस्थित नहीं होते।
साथ ही निम्न विषयों का भी अभ्यास करें:
VSEPR Theory
Valence Bond Theory (VBT)
Molecular Orbital Theory (MOT)
Dipole Moment
Hydrogen Bonding
Bond Parameters
NH₃ तथा H₂O के बंध कोणों की तुलना पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
याद रखें:
दोनों अणुओं में केंद्रीय परमाणु sp³ संकरित होता है।
H₂O में दो Lone Pair होते हैं।
NH₃ में एक Lone Pair होता है।
Lone Pair बढ़ने पर Bond Angle कम होता है।
समूह 14 के तत्वों में श्रंखलन की प्रवृत्ति अवश्य पढ़ें।
विशेष रूप से:
Carbon
Silicon
Germanium
Tin
Lead
P-Block से यह महत्वपूर्ण अवधारणा बार-बार पूछी जाती है।
ध्यान रखें:
Period-2 के तत्व सामान्यतः Pπ–Dπ बंध नहीं बनाते।
उच्च आवर्त के तत्वों में इसकी संभावना अधिक होती है।
इन विषयों का अभ्यास करें:
Hydrides की अपचायक क्षमता
समूह में नीचे जाने पर अपचायक गुणों में परिवर्तन
NH₃, PH₃, AsH₃ आदि के गुण
विशेष रूप से:
H₃PO₂
H₃PO₃
H₃PO₄
याद रखें:
P-H बंधों की संख्या बढ़ने पर अपचायक क्षमता बढ़ती है।
विशेष ध्यान दें:
Xenon के यौगिक
Xe और O₂ की आयनन एन्थैल्पी
Noble Gas Compounds के निर्माण का आधार
इस अध्याय से निम्न विषय महत्वपूर्ण हैं:
आवर्ती गुण
Reduction Potential
KMnO₄
K₂Cr₂O₇
Cu⁺ तथा Cu²⁺ की स्थिरता पर आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।
मुख्य बिंदु:
Electronic Configuration
Hydration Enthalpy
विशेष रूप से:
Gadolinium का Electronic Configuration
4f Series
Lanthanide Contraction
NEET में KMnO₄ आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
ध्यान दें:
KMnO₄ + KI अभिक्रियाएं
अम्लीय, क्षारीय एवं उदासीन माध्यम का प्रभाव
Oxidation Product की पहचान
इस अध्याय से निम्न कॉन्सेप्ट्स अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
Complex Stability
Formation Constant (Kf)
Ligand Strength
Coordination Number
अभ्यास करें:
Octahedral Complex
Tetrahedral Complex
Crystal Field Stabilisation Energy (CFSE)
Δo एवं Δt का संबंध
Salt Analysis से जुड़े महत्वपूर्ण विषय:
Nitrate Ion Test
Brown Ring Test
Complex Formation
Gelatinous Precipitate
इन अभिक्रियाओं के सिद्धांत और पहचान संबंधी प्रश्न परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।
री-एग्जाम से पहले निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें:
NCERT Inorganic Chemistry की प्रत्येक लाइन का रिवीजन करें।
आवर्त सारणी और आवर्ती गुणों का नियमित अभ्यास करें।
Chemical Bonding के Hybridization, MOT, VSEPR तथा Hydrogen Bonding को दोहराएं।
P-Block और D-Block की महत्वपूर्ण अभिक्रियाओं एवं गुणों को याद करें।
Coordination Compounds और Crystal Field Theory के प्रश्नों का अभ्यास करें।
Salt Analysis और Redox Reactions की प्रमुख अभिक्रियाओं को दोहराएं।
नए टॉपिक्स शुरू करने के बजाय पहले से पढ़े हुए विषयों को मजबूत करें।
अकार्बनिक रसायन में सफलता का सबसे प्रभावी तरीका NCERT आधारित रिवीजन, महत्वपूर्ण कॉन्सेप्ट्स की स्पष्ट समझ और नियमित प्रश्न अभ्यास है। आवर्त सारणी, Chemical Bonding, P-Block, D एवं F-Block, Coordination Compounds और Salt Analysis जैसे हाई-वेटेज अध्यायों पर विशेष फोकस करके विद्यार्थी NEET 2026 री-एग्जाम में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
