केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आगामी NEET UG 2026 री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का आयोजन पूरी सुरक्षा, पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था के साथ किया जाए।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), राज्य सरकारों और उच्च शिक्षा संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को पूरी तरह सहज महसूस कराना आवश्यक है। इसके लिए परीक्षा से पहले बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से अनुरोध किया कि इस संबंध में सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं।
समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता (Integrity), पारदर्शिता (Transparency) और दक्षता (Efficiency) के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में विभिन्न तैयारियों की समीक्षा की गई, जिनमें विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं (Logistics) और परीक्षा को निष्पक्ष एवं बिना किसी व्यवधान के आयोजित करने के लिए किए गए उपाय शामिल थे।
समीक्षा बैठक में परीक्षा आयोजन से जुड़ी कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिकारियों ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर तैयारियों पर चर्चा की तथा री-एग्जाम के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का आकलन किया।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस समीक्षा का उद्देश्य परीक्षा आयोजित कराने वाले सभी संबंधित पक्षों के बीच मजबूत समन्वय सुनिश्चित करना था।
यह बैठक NEET UG री-एग्जाम से पहले आयोजित की गई, जो देश की सबसे बड़ी स्नातक मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।
शिक्षा मंत्रालय ने कई बार इस बात पर जोर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस उच्च स्तरीय बैठक के माध्यम से मंत्रालय ने तैयारियों की समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों को और मजबूत करने पर बल दिया कि परीक्षा सुरक्षित, दक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित हो।
