नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET 2026 का रिजल्ट 16 जुलाई 2026 को घोषित कर दिया है। परिणाम आने के बाद आपके मन में सबसे बड़ा सवालयह है कि उनके स्कोर पर उन्हें कौन सा कॉलेज मिलेगा। अगर आपके NEET 2026 में 450 अंक आए हैं, तो आपके पास MBBS में प्रवेश के लिए कई विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि इस स्कोर पर सरकारी कॉलेज मिलना मुश्किल है, लेकिन आपके पास एमबीबीएस करने के लिए कई बेहतरीन प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज के विकल्प मौजूद हैं।
सरकारी कॉलेजों का कटऑफ काफी ऊंचा जाता है, इसलिए NEET 2026 में 450 अंक लाने वाले छात्रों के लिए मुख्य रूप से दो रास्ते बचते हैं:
डीम्ड यूनिवर्सिटीज में ऑल इंडिया काउंसलिंग (MCC) के जरिए आसानी से एडमिशन मिल जाता है। इनमें कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
डीवाई पाटिल मेडिकल कॉलेज, पुणे
भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी, सांगली
गीतम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, विशाखापत्तनम
एमजीएम मेडिकल कॉलेज, नवी मुंबई
आप अपने राज्य के प्राइवेट कॉलेजों या फिर उत्तर प्रदेश, हरियाणा , बिहार और राजस्थान जैसे 'ओपन स्टेट्स' (जहाँ दूसरे राज्यों के छात्र भी एडमिशन ले सकते हैं) के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग के जरिए आसानी से सीट पा सकते हैं।"
यह सवाल लगभग हर उस छात्र के मन में होता है जिसके NEET 2026 में 450 अंक आए हैं। इसका सीधा जवाब आपकी कैटेगरी पर निर्भर करता है:
सामान्य और ओबीसी वर्ग : सामान्य और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 450 अंकों पर सरकारी MBBS सीट प्राप्त करना कठिन हो सकता है, क्योंकि कई राज्यों में सरकारी कॉलेजों की cutoff इससे अधिक रहती है।
एससी और एसटी वर्ग : एससी और एसटी कैटेगरी के छात्रों के लिए यह बेहतरीन मौका हो सकता है । कई राज्यों में स्टेट कोटा के तहत NEET 2026 में 450 अंक पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आसानी से एमबीबीएस की सीट मिल जाती है।
अगर आपका स्कोर NEET 2026 में 450 अंक के आसपास है, तो काउंसलिंग प्रक्रिया में थोड़ी समझदारी दिखाकर आप एक अच्छी सीट पक्की कर सकते हैं:
बजट का आंकलन करें: प्राइवेट और डीम्ड कॉलेजों की फीस सरकारी कॉलेजों से काफी ज्यादा होती है। इसलिए चॉइस फिलिंग से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और कॉलेज की कुल फीस जरूर चेक कर लें।
सभी राउंड्स में भाग लें: कई बार छात्र पहले राउंड में सीट न मिलने पर काउंसलिंग छोड़ देते हैं। आपको मॉप-अप राउंड और स्ट्रे वैकेंसी राउंड तक प्रयास करते रहना चाहिए।
सही चॉइस फिलिंग: अपने पसंदीदा कॉलेजों को उनकी रैंकिंग और फीस के आधार पर सही क्रम में व्यवस्थित करें।