NEET UG 2026 री-एग्जाम: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए परीक्षा पैटर्न (Exam Pattern) और मार्किंग स्कीम (Marking Scheme) जारी कर दी है। परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे, जो 720 अंकों के होंगे।
इसमें फिजिक्स और केमिस्ट्री से 45-45 प्रश्न तथा बायोलॉजी से 90 प्रश्न शामिल होंगे। प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक, प्रत्येक गलत उत्तर पर 1 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी, जबकि बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं मिलेगा।

NTA के अनुसार, NEET UG 2026 री-एग्जाम में परीक्षा पैटर्न पहले की तरह ही रखा गया है। फिजिक्स और केमिस्ट्री से 45-45 प्रश्न तथा बायोलॉजी से 90 प्रश्न पूछे जाएंगे। कुल परीक्षा 720 अंकों की होगी।
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विषय |
प्रश्नों की संख्या |
कुल अंक |
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फिजिक्स |
45 |
180 |
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केमिस्ट्री |
45 |
180 |
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बायोलॉजी |
90 |
360 |
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कुल |
180 |
720 |
NTA ने परीक्षा के लिए पहले से लागू मार्किंग पैटर्न को बरकरार रखा है:
प्रत्येक सही उत्तर पर +4 अंक
प्रत्येक गलत उत्तर पर -1 अंक
बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्न पर 0 अंक
निगेटिव मार्किंग प्रणाली के कारण सटीक उत्तर देना बेहद महत्वपूर्ण होगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि अभ्यर्थी अनुमान लगाकर उत्तर देने से बचें और केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दें, जिनमें उन्हें पर्याप्त विश्वास हो या वे गलत विकल्पों को हटाने में सक्षम हों।
आधिकारिक परीक्षा अधिसूचना के अनुसार:
परीक्षा केंद्र में प्रवेश सुबह 11:00 बजे से शुरू होगा।
दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दोपहर 1:45 बजे परीक्षा कक्ष में निरीक्षक (Invigilator) द्वारा प्रश्न पुस्तिका (Test Booklet) वितरित की जाएगी।
जिन अभ्यर्थियों के पास वैध एडमिट कार्ड नहीं होगा, उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
अभ्यर्थियों को किसी भी प्रतिबंधित वस्तु (Barred Item) या ऐसे किसी सामान को साथ लाने की अनुमति नहीं होगी, जिसका उपयोग अनुचित साधनों (Unfair Practices) के लिए किया जा सकता हो।
NTA ने एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों को अपनी टेस्ट बुकलेट घर ले जाने की अनुमति होगी।
इससे छात्र बाद में जारी होने वाली आंसर-की (Answer Key) के साथ अपने उत्तरों का मिलान कर सकेंगे और अपने संभावित स्कोर का अनुमान लगा सकेंगे।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में NTA ने कहा:
बेहतर परीक्षा रणनीति बनाने में मदद मिलती है: प्रश्नों की संख्या और विषयवार वेटेज की जानकारी होने से प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकती है।
समय प्रबंधन आसान होता है: प्रत्येक विषय के लिए समय का सही विभाजन करने में सहायता मिलती है।
निगेटिव मार्किंग से बचाव होता है: मार्किंग स्कीम समझने से अनावश्यक अनुमान लगाने से बचा जा सकता है।
विषयवार तैयारी की प्राथमिकता तय होती है: अधिक वेटेज वाले विषयों पर अतिरिक्त ध्यान दिया जा सकता है।
मॉक टेस्ट की बेहतर योजना बनती है: परीक्षा पैटर्न के अनुसार अभ्यास करने से वास्तविक परीक्षा का अनुभव मिलता है।
आत्मविश्वास बढ़ता है: परीक्षा के प्रारूप से परिचित होने पर परीक्षा के दिन तनाव कम रहता है।
बेहतर स्कोर करने में मदद मिलती है: नियमित रिवीजन, मजबूत अवधारणाएं (Conceptual Clarity), अभ्यास और सही रणनीति के साथ बेहतर प्रदर्शन की संभावना बढ़ जाती है।
