NEET UG 2026 री-एग्जाम की तैयारी के अंतिम चरण में फिजिकल केमिस्ट्री के कॉन्सेप्ट्स का नियमित अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। विशेष रूप से Atomic Structure और Mole Concept ऐसे अध्याय हैं, जिनसे हर वर्ष अवधारणात्मक और संख्यात्मक (Numerical) प्रश्न पूछे जाते हैं। इन अध्यायों के महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास न केवल आपकी अवधारणाओं को मजबूत करता है, बल्कि परीक्षा में प्रश्न हल करने की गति और सटीकता भी बढ़ाता है।
यदि हाइड्रोजन परमाणु की उत्तेजित अवस्था से इलेक्ट्रॉन मूल अवस्था की ओर आता है और UV क्षेत्र में 3 स्पेक्ट्रल रेखाएं प्राप्त होती हैं, तो इसका अर्थ है कि संक्रमण लाइमन श्रृंखला (n₁ = 1) से संबंधित है।
इस स्थिति में:
लाइमन श्रृंखला (UV): 3 रेखाएं
बामर श्रृंखला (Visible): 2 रेखाएं
पाश्चन श्रृंखला (IR): 1 रेखा
उत्तर: अवरक्त (IR) क्षेत्र में 1 रेखा प्राप्त होगी।
यदि इलेक्ट्रॉन n = 6 से n = 2 तक विभिन्न चरणों में संक्रमण करता है और बामर श्रृंखला को छोड़कर कुल रेखाएं पूछी जाएं, तो गणना के अनुसार:
कुल संभावित रेखाएं = 4 + 3 + 2 + 1
बामर श्रृंखला = 4
उत्तर: बामर श्रृंखला को छोड़ने पर 6 स्पेक्ट्रल रेखाएं प्राप्त होंगी।
यदि इलेक्ट्रॉन तीसरी उत्तेजित अवस्था (n = 4) से पहली उत्तेजित अवस्था (n = 2) में संक्रमण करता है, तो ऊर्जा समीकरण का उपयोग करने पर उत्सर्जित फोटॉन की ऊर्जा होगी:
उत्तर: 2.55 eV
2s कक्षक में रेडियल नोड का सूत्र है:
Radial Node = n − l − 1
जहाँ,
n = 2
l = 0
अर्थात,
2 − 0 − 1 = 1
उत्तर: 2s कक्षक में एक रेडियल नोड होता है।
अंतिम रिवीजन के दौरान इन विषयों पर विशेष ध्यान दें:
रिडबर्ग फॉर्मूला
बोहर का परमाणु मॉडल
क्वांटम संख्याएं
नोड एवं ऑर्बिटल ग्राफ
डी-ब्रोगली सिद्धांत
हाइजनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत
यदि समान ताप एवं दाब पर 100 mL O₂, NH₃ और CO₂ दिए गए हों, तो एवोगैड्रो के नियम के अनुसार:
उत्तर: तीनों गैसों में अणुओं की संख्या समान होगी।
यदि 20.8 g BaCl₂ और 9.8 g H₂SO₄ की अभिक्रिया से 7.3 g HCl प्राप्त हो, तो द्रव्यमान संरक्षण नियम के अनुसार:
उत्तर: BaSO₄ का द्रव्यमान = 23.3 g
यदि दिए गए हों:
0.5 mol BaCl₂
0.2 mol Na₃PO₄
संतुलित समीकरण:
3BaCl₂ + 2Na₃PO₄ → Ba₃(PO₄)₂ + 6NaCl
स्टॉइकियोमेट्रिक तुलना करने पर:
उत्तर: Na₃PO₄ सीमांत अभिकर्मक होगा तथा अधिकतम 0.1 mol Ba₃(PO₄)₂ बनेगा।
यदि STP पर 2.4 g धातु द्वारा 1.12 L H₂ गैस विस्थापित होती है, तो तुल्यांकी संबंधों के आधार पर:
उत्तर: धातु का तुल्यांकी भार = 24 g
री-एग्जाम से पहले केवल उत्तर याद करना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक प्रश्न के पीछे मौजूद कॉन्सेप्ट को समझना अधिक महत्वपूर्ण है।
तैयारी के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:
फॉर्मूलों को केवल याद न करें, उनका प्रयोग करना भी सीखें।
महत्वपूर्ण सूत्रों और कॉन्सेप्ट्स की एक शॉर्ट नोटबुक तैयार रखें।
पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs) और NEET स्तर के अभ्यास प्रश्न नियमित रूप से हल करें।
जिन टॉपिक्स में बार-बार गलती हो रही है, उन्हें दोबारा पढ़ें।
परीक्षा से पहले कोई नया टॉपिक शुरू करने के बजाय पहले से पढ़े हुए विषयों का रिवीजन करें।
Atomic Structure और Mole Concept फिजिकल केमिस्ट्री के सबसे महत्वपूर्ण अध्यायों में शामिल हैं। इनसे जुड़े कॉन्सेप्ट्स की स्पष्ट समझ, नियमित प्रश्न अभ्यास और फॉर्मूलों का सही उपयोग आपको NEET 2026 में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा। अंतिम दिनों में कॉन्सेप्ट आधारित रिवीजन और PYQs की प्रैक्टिस पर विशेष ध्यान दें।
