NEET UG 2026 का परिणाम 16 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित किया जा चुका है। NEET Counselling 2026 उन सभी छात्रों के लिए सफलता की आखिरी और सबसे अहम सीढ़ी है, जो डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं। परीक्षा में शानदार स्कोर हासिल करने के बाद भी, सही कॉलेज में एडमिशन पाना पूरी तरह से काउंसलिंग की सही रणनीति पर निर्भर करता है।
अक्सर पहली बार हिस्सा ले रहे छात्र सही गाइडेंस के अभाव में चॉइस लॉकिंग या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन जैसी छोटी-छोटी गलतियों से मनपसंद सीट गंवा बैठते हैं। आपकी इसी चिंता को दूर करने के लिए यहां एमसीसी (MCC) के 15% ऑल इंडिया कोटा और 85% स्टेट कोटा की हर छोटी-बड़ी जानकारी आसान शब्दों में दी गई है, ताकि आप बिना किसी तनाव के मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले सकें।
हालांकि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने अभी तक आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड और मौजूदा शैक्षणिक कैलेंडर को देखते हुए काउंसलिंग अगस्त 2026 के मध्य (Mid August) से शुरू होने की संभावना है। आधिकारिक तिथियां MCC द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही तय मानी जाएंगी।
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इवेंट |
संभावित तिथि |
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NEET UG 2026 Result |
16 जुलाई 2026 |
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MCC Counselling Notification |
अगस्त 2026 |
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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन |
अगस्त 2026 |
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Choice Filling & Locking |
अगस्त 2026 |
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Round 1 Seat Allotment |
अगस्त 2026 |
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कॉलेज रिपोर्टिंग |
सितंबर 2026 की शुरुआत |
NEET Counselling 2026 की प्रक्रिया मुख्य रूप से दो प्रमुख भागों में बांटी गई है, जिसके तहत छात्रों को ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा के आधार पर देश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस तथा बीडीएस सीटों पर मेरिट के अनुसार एडमिशन दिया जाता है।
ऑल इंडिया कोटा (15% AIQ): इसकी काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) आयोजित करती है। इसके तहत देश के सभी सरकारी कॉलेजों की 15% सीटें आती हैं। इसके अलावा AIIMS , JIPMER, सेंट्रल और डीम्ड यूनिवर्सिटीज की 100% सीटों पर एडमिशन भी इसी काउंसलिंग के जरिए होता है।
15% AIQ के तहत सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की सीटों पर प्रवेश दिया जाता है, जबकि AIIMS, JIPMER, BHU, AMU, ESIC, AFMC (जहां लागू हो) और Deemed Universities की सीटों की काउंसलिंग भी MCC के माध्यम से होती है।
राज्य कोटा (85% State Quota): इसकी काउंसलिंग संबंधित राज्यों की काउंसलिंग अथॉरिटी (DME या स्टेट सेल) करती है। इसमें राज्य के सरकारी कॉलेजों की बाकी 85% सीटें और प्राइवेट कॉलेजों की सीटें आती हैं।
NEET Counselling 2026 में शामिल होने के लिए छात्रों को निम्नलिखित मुख्य योग्यताओं को पूरा करना अनिवार्य है:
NEET UG क्वालिफाई करें: छात्र ने NEET UG परीक्षा पास की हो और अपनी कैटेगरी (General, OBC, SC, ST) के अनुसार तय कट-ऑफ अंक प्राप्त किए हों।
NEET UG 2026 का वैध स्कोरकार्ड होना आवश्यक है।
12वीं में सही विषय: छात्र ने 12वीं कक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी/बायोटेक्नोलॉजी और अंग्रेजी विषयों को न्यूनतम उत्तीर्ण अंकों के साथ पास किया हो।
नागरिकता और डोमिसाइल:
ऑल इंडिया कोटा (15%): इसमें भारतीय और विदेशी नागरिकता वाले सभी योग्य छात्र ऑल इंडिया सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
राज्य कोटा (85%): इसके लिए संबंधित राज्य का मूल निवास यानी Domicile Certificate होना जरूरी है और वहाँ के स्थानीय पात्रता नियम लागू होते हैं।
आयु सीमा: काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए छात्र की न्यूनतम आयु 31 दिसंबर तक 17 वर्ष होनी चाहिए।
NEET Counselling 2026 में भाग लेने के लिए छात्रों को निम्नलिखित आसान चरणों का पालन करना होता है l इन चरणों को यहां आसानी से समझें :
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन : सबसे पहले एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट (mcc.nic.in) पर जाएं, अपनी व्यक्तिगत व शैक्षणिक जानकारी दर्ज करें और काउंसलिंग शुल्क का भुगतान करें।
चॉइस फिलिंग और लॉकिंग : अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेजों और कोर्स की प्राथमिकता सूची यानी Preference List बनाएं और तय समय सीमा के भीतर उसे लॉक करें।
सीट आवंटन: आपकी नीट रैंक, कैटेगरी और भरी गई प्राथमिकताओं के आधार पर कंप्यूटर द्वारा सीट आवंटित की जाती है। इसका रिजल्ट आधिकारिक पोर्टल पर जारी किया जाता है।
कॉलेज में रिपोर्टिंग : यदि आपको सीट मिल जाती है, तो अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करें और निर्धारित समय में आवंटित कॉलेज पहुंचकर ओरिजिनल दस्तावेजों का सत्यापन कराएं और फीस जमा करके एडमिशन पक्का करें।
NEET Counselling 2026 प्रक्रिया को कुल चार राउंड में पूरा किया जाता है:
राउंड 1: इसमें सभी छात्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग करते हैं। सीट मिलने पर एडमिशन लें या अगले राउंड के लिए अपग्रेड चुनें।
राउंड 2: जिन्हें पहले राउंड में सीट नहीं मिली या जिन्होंने अपग्रेड का विकल्प चुना था, वे इसमें हिस्सा लेते हैं।
मॉप-अप राउंड : पहले दो राउंड्स के बाद बची हुई सीटों को भरने के लिए यह राउंड होता है।
स्ट्रे वैकेंसी राउंड: यह काउंसलिंग का आखिरी चरण है। इसमें बची हुई गिनी-चुनी सीटों पर मेरिट के आधार पर सीधा दाखिला दिया जाता है।
नीट एडमिट कार्ड और स्कोरकार्ड
10वीं और 12वीं की मार्कशीट व सर्टिफिकेट
पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट)
जाति या श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
निवास प्रमाण पत्र
पासपोर्ट साइज फोटो
NEET Counselling 2026 में सीट आवंटन केवल प्राप्त अंकों के आधार पर नहीं किया जाता, बल्कि कई महत्वपूर्ण मानदंडों को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसलिए काउंसलिंग के दौरान सही विकल्प भरना और समय पर सभी प्रक्रियाएं पूरी करना बेहद जरूरी होता है।
सीट आवंटन के समय निम्नलिखित प्रमुख कारकों को ध्यान में रखा जाता है:
NEET Rank: आपकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) सीट मिलने का सबसे महत्वपूर्ण आधार होती है।
Category & Reservation: General, OBC, EWS, SC, ST, PwD जैसी श्रेणियों और आरक्षण नियमों के अनुसार सीटें आवंटित की जाती हैं।
Choice Filling: आपने जिन कॉलेजों और कोर्स को प्राथमिकता दी है, उसी क्रम के आधार पर सीट आवंटित की जाती है।
Choice Locking: निर्धारित समय के भीतर अपनी पसंद (Choices) को लॉक करना आवश्यक होता है। बिना लॉक की गई चॉइस अंतिम मानी नहीं जाती।
Seat Availability: जिस कॉलेज या कोर्स में सीटें उपलब्ध होंगी, वहीं मेरिट और प्राथमिकता के अनुसार आवंटन किया जाएगा।
Cutoff: प्रत्येक राउंड में कॉलेज और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग कटऑफ बनती है। यदि आपकी रैंक उस कटऑफ के भीतर आती है, तो सीट मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान छोटी-सी गलती भी आपकी पसंदीदा मेडिकल सीट को प्रभावित कर सकती है। इसलिए नीचे दिए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं का विशेष ध्यान रखें।
Choice Lock करने से पहले सभी कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताओं की अच्छी तरह जांच कर लें।
Original Documents पहले से तैयार रखें ताकि रिपोर्टिंग के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
Registration, Choice Filling और Reporting की Deadline कभी मिस न करें।
काउंसलिंग से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट (MCC या संबंधित State Counselling Portal) से ही देखें।
फर्जी काउंसलिंग नोटिस, सोशल मीडिया अफवाहों और अनधिकृत वेबसाइटों पर भरोसा करने से बचें।
NEET Counselling 2026 में सफलता पाने के लिए सही जानकारी और सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है। 15% ऑल इंडिया कोटा और 85% राज्य कोटा की प्रक्रिया को समझकर छात्र अपनी रैंक के अनुसार श्रेष्ठ मेडिकल कॉलेज चुन सकते हैं।