NEET Exam 2026 से जुड़े विवादों के बीच 10 जून 2026 को संसदीय स्थायी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेपर लीक, छात्रों के मानसिक तनाव और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले NEET UG 2026 री-एग्जाम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए भी कई सुझाव दिए गए।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर बनी संसदीय स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee) की इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और NTA के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया था। बैठक में अधिकारियों से पूछा गया कि परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
NTA के अधिकारियों ने समिति को बताया कि आने वाली परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए नए उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि NEET Exam Paper Leak की जांच अभी (CBI) सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन द्वारा की जा रही है l
कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैठक में सांसदों द्वारा पेपर लीक और परीक्षा के विवादों के कारण छात्रों में बढ़ते तनाव और सुसाइड के मामलों पर भी गहरी चिंता जताई गई । सांसदों ने कहा कि परीक्षा सिस्टम की कमियों के कारण छात्रों पर बहुत मानसिक दबाव बन रहा है। समिति ने मांग की कि छात्रों को इस तनाव से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
चर्चा के दौरान समिति के सदस्यों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
वैश्विक स्तर के तरीके: भारत को दूसरे बड़े देशों की तरह परीक्षा आयोजित करने के सुरक्षित और आधुनिक तरीके अपनाने चाहिए, जहां पेपर लीक जैसी समस्याएं नहीं होतीं।
एजेंसियों में तालमेल: नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) और NTA को मिलकर काम करना चाहिए ताकि परीक्षा के आयोजन में कोई कमी न रहे।
सरकार की ओर से कहा गया है कि परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी काम कर रही है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और जो भी लोग इस गड़बड़ी में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समिति की बैठक के दौरान आगामी 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले NEET UG री-एग्जाम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और कड़े सुरक्षा उपायों पर जोर दिया गया।