फिजिक्स कभी अनन्या कुंभकार का सबसे कमजोर विषय था। हर टेस्ट में इस विषय में केवल 20–30 अंक आते थे और कॉन्सेप्ट समझना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया था। लेकिन सही रणनीति, लगातार अभ्यास और Physics Wallah के Yakeen 2.0 batch में MR Sir के मार्गदर्शन ने उनकी तैयारी की दिशा पूरी तरह बदल दी। इसका परिणाम यह रहा कि उन्होंने NEET 2026 में फिजिक्स में 143 अंक हासिल किए और अपनी लगभग 2 लाख की रैंक में शानदार सुधार करते हुए AIR 881 प्राप्त की।
NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन और मजबूत रणनीति से भी मिलती है। इस छात्रा की कहानी इसका बेहतरीन उदाहरण है। कभी फिजिक्स में केवल 20–30 अंक लाने वाली इस छात्रा ने आज उसी विषय में 143 अंक हासिल किए और अपनी रैंक को लगभग 2 लाख से सुधारकर AIR 881 तक पहुंचा दिया।
उनकी इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान रहा Physics Wallah के Yakeen 2.0 batch और MR Sir की पढ़ाने की शैली का, जिसने उनके लिए फिजिक्स को कठिन विषय से पसंदीदा विषय बना दिया।
एक समय ऐसा था जब फिजिक्स उनके लिए सबसे कठिन विषय था। पिछले प्रयासों में वे इस विषय में केवल 20–30 अंक ही ला पाती थीं और कॉन्सेप्ट समझना उनके लिए बेहद मुश्किल था।
लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी का तरीका बदला। इस बार उन्होंने शुरुआत से ही तय कर लिया कि वे Yakeen 2.0 में पढ़ेंगी और पूरी तैयारी उसी के अनुसार करेंगी।
वे कहती हैं,
"इस बार मैंने आपको 100% फॉलो किया। पूरा फिजिक्स मैंने MR Sir से पढ़ा और मेरे फिजिक्स में 143 मार्क्स आए। अगर ये सुधार हुआ है तो उसका पूरा क्रेडिट आपको जाता है।"
अनन्या कुंभकार ने पहले भी PW का Lakshya batch लिया था, लेकिन उस समय उन्होंने नियमित रूप से पढ़ाई नहीं की थी। इस बार उन्होंने शुरुआत से ही तय किया कि वे हर क्लास, हर DPP और हर कॉन्सेप्ट को पूरी ईमानदारी से फॉलो करेंगी।
यही बदलाव उनकी तैयारी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। धीरे-धीरे उनके कॉन्सेप्ट मजबूत होते गए और फिजिक्स का डर पूरी तरह खत्म हो गया।
छात्रा के अनुसार, सबसे बड़ा अंतर MR Sir की पढ़ाने की शैली में था।
वे बताती हैं,
"मैं स्कूल और ट्यूशन में भी पढ़ती थी, लेकिन अपने डाउट्स ठीक से समझा नहीं पाती थी। MR Sir के लेक्चर में ऐसा लगता था कि वे पहले ही समझ जाते हैं कि स्टूडेंट के मन में क्या सवाल आने वाला है और उसी समय उसका जवाब भी दे देते हैं।"
यही कॉन्सेप्ट-बेस्ड टीचिंग उन्हें फिजिक्स को गहराई से समझने में सबसे ज्यादा मददगार साबित हुई।
अनन्या कुंभकार पश्चिम बंगाल के एक छोटे से इलाके में रहती हैं, जहां अच्छी ऑफलाइन कोचिंग उपलब्ध नहीं थी। ऑफलाइन तैयारी के लिए उन्हें दूसरे शहर जाना पड़ता, जिससे रहने और कोचिंग दोनों का खर्च काफी बढ़ जाता।
ऑनलाइन पढ़ाई उनके लिए केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि बेहतर फैसला साबित हुई।
वे बताती हैं,
"मैंने पहले Lakshya batch में MR Sir के कुछ लेक्चर देखे थे। तभी मैंने तय कर लिया था कि फिजिक्स तो मुझे इन्हीं से पढ़ना है। बाद में यकीन 2.0 में एडमिशन लिया और शुरुआत से पूरा बैच फॉलो किया।"
हालांकि शुरुआत में अनन्या कुंभकार केवल MR Sir की वजह से बैच जॉइन किया था, लेकिन पढ़ाई के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि PW के बाकी सभी शिक्षक भी उतनी ही मेहनत और समर्पण के साथ पढ़ाते हैं।
उन्होंने बताया कि पंकज सर, अमित महाजन सर और अन्य फैकल्टी से पढ़ने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि पूरी टीम छात्रों के कॉन्सेप्ट मजबूत करने पर ध्यान देती है।
छात्रा ने PW की एक और खासियत बताई कि पूरे साल कोई भी क्लास कैंसिल नहीं हुई। इसके उलट, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त लेक्चर भी आयोजित किए गए।
उन्होंने कहा,
"क्लास कभी कैंसिल नहीं हुई। बल्कि एक्स्ट्रा लेक्चर भी हुए। होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर भी पढ़ाई जारी रही।"
यही निरंतरता उनकी तैयारी को ट्रैक पर बनाए रखने में मददगार रही।
लगातार अभ्यास, कॉन्सेप्ट क्लियर करने वाली पढ़ाई और सही मार्गदर्शन का परिणाम परीक्षा में साफ दिखाई दिया। जिस छात्रा के लिए कभी फिजिक्स सबसे कमजोर विषय था, उसी विषय में उन्होंने 143 अंक हासिल किए और NEET 2026 में AIR 881 प्राप्त की।
उनकी यह सफलता दिखाती है कि यदि छात्र सही शिक्षक, सही संसाधन और नियमित अभ्यास के साथ तैयारी करें, तो किसी भी कमजोर विषय को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया जा सकता है।
इस छात्रा की यात्रा हर NEET अभ्यर्थी के लिए एक प्रेरणा है। वे मानती हैं कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है—एक शिक्षक और एक रणनीति पर भरोसा रखते हुए पूरे साल अनुशासन के साथ तैयारी करना।
उनकी कहानी यह साबित करती है कि यदि कॉन्सेप्ट स्पष्ट हों, सही मार्गदर्शन मिले और छात्र पूरी ईमानदारी से तैयारी करें, तो 20–30 अंकों से शुरुआत करने वाला छात्र भी फिजिक्स में 143 अंक लाकर AIR 881 जैसी शानदार सफलता हासिल कर सकता है।
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