किसी बड़े लक्ष्य की तैयारी हमेशा एक जैसी परिस्थितियों में नहीं होती। कभी पढ़ाई के लिए समय की कमी चुनौती बनती है, तो कभी available resources तक पहुंच आसान नहीं होती। ऐसे में अपनी परिस्थितियों के अनुसार तैयारी का तरीका बदलना भी सफलता की journey का अहम हिस्सा बन जाता है।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से आने वाले Sutirtha Kamarkar की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वे एक residential school में पढ़ते थे, जहां online classes का access ज्यादा नहीं मिल पाता था। इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर कोशिश जारी रखी। जब उन्होंने drop year में अपनी तैयारी को पूरी तरह online माध्यम से आगे बढ़ाया, तो उनकी preparation को एक नया रास्ता मिला।
इस दौरान Physics Wallah (PW) के Yakeen 2.0 से उन्होंने अपनी पढ़ाई की। लगातार मेहनत के बाद Sutirtha ने 628 अंक और 3683 रैंक हासिल की। अपनी बातचीत में उन्होंने preparation के दौरान आई मुश्किलों से लेकर online learning और PW के experience तक के बारे में बताया।
Sutirtha की preparation journey की शुरुआत एक residential school से हुई। वहां रहते हुए उनके लिए online classes को नियमित रूप से access करना आसान नहीं था। उनके पास पहले एक batch भी था, लेकिन वे उससे ज्यादा classes नहीं कर पाए।
अपनी स्थिति बताते हुए Sutirtha ने कहा:
“सर मतलब मेरा मेरे पास Lakshya बैच था लेकिन मैं उससे ज्यादा क्लासेस कर नहीं पाया क्योंकि मैं जो स्कूल में पढ़ता था वो रेजिडेंशियल स्कूल था ऑनलाइन का एक्सेस ज्यादा मिलता नहीं था”
Residential school की व्यवस्था के कारण online पढ़ाई के लिए पर्याप्त access न मिलना उनकी preparation में एक बड़ी परेशानी थी। हालांकि, उन्होंने इस चुनौती के बाद भी अपनी पढ़ाई को रोकने के बजाय आगे का रास्ता तलाशा।
Residential school से निकलने के बाद Sutirtha ने drop year में अपनी preparation को पूरी तरह online माध्यम से करने का फैसला किया। अब उनके पास अपनी पढ़ाई के लिए ज्यादा flexibility थी और वे online classes को नियमित रूप से follow कर सकते थे।
उन्होंने अपने preparation experience को बताते हुए कहा:
“और लेकिन ड्रॉप ईयर में मैंने पूरा ऑनलाइन से ही पढ़ा मतलब सिर्फ कंप्लीटली ऑनलाइन से”
यही वह बदलाव था जिसने Sutirtha की preparation को एक नया direction दिया। उन्होंने online learning को केवल एक alternative के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी पूरी preparation के माध्यम के रूप में अपनाया।
Drop year में पूरी तरह online पढ़ाई करते हुए Sutirtha ने PW के Yakeen 2.0 से अपनी तैयारी की। जब उनसे Yakeen 2.0 के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
“सर Yakeen 2 ग्रेट”
PW के learning experience के बारे में बात करते हुए Sutirtha ने content और overall infrastructure को भी अच्छे बताए। उनका कहना था:
“हां सर कंटेंट भी बढ़िया और मतलब सब बढ़िया मतलब ओवरऑल इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत बढ़िया सर।”
उनके लिए online preparation का यह experience इसलिए भी खास रहा क्योंकि इससे पहले residential school में उन्हें online access की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। Drop year में उन्होंने इसी माध्यम को अपनी पूरी preparation के लिए इस्तेमाल किया।
Online preparation को लेकर Sutirtha ने एक और महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी लोगों से यह बात सुनी थी कि केवल online पढ़ाई से selection मुश्किल है और offline classes जरूरी होती हैं।
इस बारे में अपने अनुभव के आधार पर उन्होंने कहा:
“हां सर काफी सुने हैं सिर्फ ऑनलाइन से क्या ही होगा ऑफलाइन अगर नहीं जाएगा कोई टीचर्स नहीं लेगा तो कैसे होगा मतलब ये काफी चलता रहता है लेकिन मैं तो मैं मेरा मेरा कहना ये है कि जिसने एक बार कंप्लीटली ऑनलाइन पढ़ लिया उसको समझ आ जाएगा कंप्लीटली सेल्फ सफिशिएंट है और दूसरी मैं दूसरे जाने की कुछ नीड है नहीं।”
उन्होंने आगे कहा:
“वैसे कोई नीड नहीं है। एक दो क्लास कर लेगा ना पढ़ने वाला बच्चा एक क्लास पहले ही कर लेगा। उसके बाद ही फील आ जाती है उसको।”
Sutirtha के लिए online learning का अनुभव उनकी अपनी preparation से जुड़ा था। उन्होंने पूरी तरह online माध्यम से पढ़ाई की और इसी दौरान अपनी तैयारी को लगातार आगे बढ़ाया।
लगातार मेहनत और preparation के बाद Sutirtha ने 628 अंक और 3683 रैंक हासिल की। उनकी सफलता के बाद उनके परिवार में भी खुशी का माहौल था।
जब उनसे घर के माहौल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
“सब खुश है सर। सब खुश हैं। हां।”
Sutirtha ने बताया कि उनके पिता government service में हैं और उनकी मां teacher हैं। उनकी सफलता परिवार के लिए भी खुशी का बड़ा पल बनी।
उनकी journey यह दिखाती है कि preparation के दौरान आने वाली परिस्थितियां हमेशा आपके लक्ष्य का रास्ता तय नहीं करतीं। Residential school में online access की समस्या के बाद drop year में पूरी तरह online preparation अपनाकर Sutirtha ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अंत में 628 अंक व 3683 रैंक हासिल की।
Sutirtha की कहानी में सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने preparation में आई परेशानी के बाद अपना रास्ता बदला, लेकिन लक्ष्य नहीं छोड़ा। पहले residential school में online access की कमी रही, फिर drop year में उन्होंने पूरी तरह online preparation को अपनाया।
PW के Yakeen 2.0 के साथ पढ़ाई करते हुए उन्होंने अपने learning experience को सकारात्मक बताया। उनकी success journey से यह सीख मिलती है कि सही resources का इस्तेमाल करते हुए अपनी परिस्थितियों के अनुसार preparation strategy को बदलना भी जरूरी है।
628 अंक और 3683 रैंक के साथ Sutirtha Kamarkar ने अपनी मेहनत का परिणाम हासिल किया। उनकी कहानी उन aspirants के लिए प्रेरणा है जो किसी भी कारण से offline classes नहीं कर पाते और online माध्यम से अपने लक्ष्य की तैयारी कर रहे हैं।