
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (70th Combined Competitive Examination) की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने एक वीडियो जारी कर बताया कि Answer Sheets का मूल्यांकन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार किया जाता है।
आयोग ने उम्मीदवारों और आम लोगों से अपील की है कि उत्तर-पुस्तिका के कुछ चुनिंदा पन्नों की तस्वीरों या सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हिस्सों के आधार पर पूरी Evaluation Process को लेकर निष्कर्ष न निकालें। BPSC ने कहा कि किसी उम्मीदवार की Answer Sheet को पूरी तरह देखने और समग्र मूल्यांकन प्रक्रिया को समझने के बाद ही स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए।
BPSC की ओर से जारी वीडियो में मूल्यांकन की गई वास्तविक उत्तर-पुस्तिकाओं के पन्ने दिखाए गए हैं। इनमें उम्मीदवारों द्वारा लिखे गए उत्तरों के साथ परीक्षकों द्वारा लगाए गए Tick Marks और अन्य टिप्पणियां भी दिखाई गई हैं।
आयोग के अनुसार, उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्व निर्धारित मानकों और नियमों के आधार पर योग्य, अनुभवी परीक्षकों और विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। इसलिए किसी एक उत्तर, लाइन या पन्ने को देखकर पूरी Copy की जांच और दिए गए अंकों के बारे में निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।
BPSC ने अपने स्पष्टीकरण के जरिए यह बताने की कोशिश की है कि Evaluation केवल किसी एक लाइन या उत्तर के आधार पर नहीं, बल्कि पूरी उत्तर-पुस्तिका में दिए गए उत्तरों की प्रासंगिकता और गुणवत्ता को ध्यान में रखकर की जाती है।

आयोग के वीडियो में General Studies के पेपर की कुछ उत्तर-पुस्तिकाएं दिखाई गई हैं। इनमें Santhal Uprising, Champaran Satyagraha और Indigo Movement जैसे विषयों से जुड़े उत्तर शामिल हैं।
इन उत्तरों पर परीक्षकों द्वारा किए गए Marks, Ticks और Annotations भी दिखाई देते हैं। आयोग ने इन उदाहरणों के जरिए यह समझाने का प्रयास किया कि उत्तरों का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के तहत किया जाता है।
वीडियो में एक उत्तर में Indigo Movement के दौरान किसानों के शोषण और उन्हें नील की खेती के लिए मजबूर किए जाने से जुड़े विषय पर जानकारी दी गई है। वहीं एक अन्य उत्तर में Champaran Satyagraha और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके महत्व से संबंधित विषय को शामिल किया गया है।
70th CCE की Evaluation Process को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ Answer Sheets के पन्नों की तस्वीरें और उनके आधार पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे थे। इसके बाद आयोग ने अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर यह स्पष्टीकरण जारी किया है।
BPSC ने स्पष्ट किया कि कुछ पन्नों या तस्वीरों के आधार पर पूरी उत्तर-पुस्तिका के मूल्यांकन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। आयोग ने उम्मीदवारों को पूरी Answer Sheet और Evaluation Process के संदर्भ में मामले को देखने की सलाह दी है।
आयोग का कहना है कि Answer Sheets की जांच निर्धारित Criteria के अनुसार योग्य और अनुभवी परीक्षकों द्वारा की जाती है।
आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण में मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दिया गया है:
Answer Sheets का मूल्यांकन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाता है।
उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच योग्य और अनुभवी परीक्षकों द्वारा की जाती है।
किसी एक पन्ने या उत्तर के आधार पर पूरी कॉपी के मूल्यांकन का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर सामने आ रही चुनिंदा तस्वीरों को पूरी Evaluation Process का आधार नहीं माना जाना चाहिए।
आयोग ने उदाहरण के तौर पर Evaluated Answer Sheets के कई पन्ने दिखाए हैं।
BPSC के इस वीडियो में किसी खास उम्मीदवार की पूरी Evaluation Report या Candidate-Wise Marks का विवरण जारी नहीं किया गया है। आयोग ने मुख्य रूप से Evaluation Process को समझाने के लिए कुछ Answer Sheets के उदाहरण दिखाए हैं।
इसलिए इस स्पष्टीकरण को किसी विशेष उम्मीदवार की Copy या Marks से जुड़ा व्यक्तिगत निर्णय नहीं माना जा सकता। आयोग का फोकस 70th CCE की Answer Sheet Evaluation को लेकर उठ रहे सामान्य सवालों पर है।
BPSC की ओर से जारी यह स्पष्टीकरण मुख्य रूप से Answer Sheet Evaluation Process को लेकर है। आयोग ने अपने वीडियो के जरिए यह संदेश दिया है कि मूल्यांकन को समझने के लिए पूरी उत्तर-पुस्तिका और निर्धारित Evaluation Criteria को ध्यान में रखना जरूरी है।
फिलहाल आयोग के स्पष्टीकरण में किसी Candidate के व्यक्तिगत Evaluation Data को सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर सामने आने वाली चुनिंदा तस्वीरों या दावों के आधार पर निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए और BPSC की आधिकारिक जानकारी को ही प्राथमिकता देनी चाहिए।
