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CBSE कक्षा 10 हिंदी मिड-टर्म 2026: साहित्य, व्याकरण और लेखन के महत्वपूर्ण प्रश्न

सीबीएसई कक्षा 10 हिंदी मिड-टर्म 2026 की तैयारी के लिए आपको व्याकरण, रचनात्मक लेखन और साहित्य तीनों पर ध्यान देना चाहिए। व्याकरण में अलंकार, वाक्य के भेद, वाच्य और पद परिचय जैसे topics महत्वपूर्ण हैं। साहित्य में निर्धारित क्षितिज और कृतिका के पाठों का भाव, मुख्य विचार और महत्वपूर्ण प्रश्न तैयार करें। इस Marathon के जरिए आप अपने Half-Yearly Exam के साथ-साथ Board Exam की तैयारी भी मजबूत कर सकते हैं।
authorImageSoumya Tiwari5 Sept, 2026
CBSE कक्षा 10 हिंदी मिड-टर्म 2026

CBSE Class 10 Hindi Mid-Term 2026 की तैयारी अब तेज करने का समय आ गया है। आप सभी के Half-Yearly/Mid-Term exams आने वाले हैं और इस समय पूरे syllabus को दोबारा पढ़ना थोड़ा मुश्किल लग सकता है। ऐसे में सही topics को पहचानकर revision करना आपकी तैयारी को आसान बना सकता है। आपकी इसी तैयारी में मदद करने के लिए Hindi Mid-Term Marathon काफी useful हो सकती है। इस Marathon में Grammar, Writing और Literature के important topics का revision किया जा सकता है, ताकि आप अपने Half-Yearly Exam के साथ-साथ CBSE Board Exam की तैयारी भी मजबूत कर सकें।

इसमें आप पहले Grammar के जरूरी concepts जैसे अलंकार, वाक्य के भेद, वाच्य और पद परिचय को समझ सकते हैं। इसके बाद Writing और Literature के important topics और questions पर focus कर सकते हैं। अभी की गई अच्छी तैयारी आगे Board Exam के समय आपके revision का काम भी आसान करेगी।

CBSE Class 10 Hindi Mid-Term 2026: Important Grammar Concepts

Grammar Hindi paper का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए परीक्षा से पहले rules को केवल पढ़ने के बजाय examples के साथ समझना और questions solve करना ज्यादा जरूरी है।

अलंकार

अलंकार का अर्थ है भाषा या काव्य की सुंदरता, प्रभाव और चमत्कार को बढ़ाने वाला तत्व। जब किसी पंक्ति में शब्द या अर्थ के कारण विशेष सुंदरता दिखाई देती है, तो वहां अलंकार हो सकता है।

अलंकार मुख्य रूप से दो प्रकार के माने जाते हैं:

  • शब्दालंकार

  • अर्थालंकार

Class 10 Hindi में आपको उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति और मानवीकरण जैसे अर्थालंकारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

उपमा अलंकार

जब किसी व्यक्ति, वस्तु या भाव की तुलना किसी दूसरी वस्तु से किसी समान गुण या विशेषता के आधार पर की जाती है, वहां उपमा अलंकार होता है।

उपमा अलंकार की पहचान के लिए सा, सी, से, जैसे, समान, सरिस जैसे शब्द मदद कर सकते हैं।

उदाहरण:
“मुख चाँद सा सुंदर है।”

इस उदाहरण में चार मुख्य अंग हैं:

अंग

उदाहरण

उपमेय

मुख

उपमान

चाँद

वाचक शब्द

सा

साधारण धर्म

सुंदर

इसलिए “मुख चाँद सा सुंदर है” में उपमा अलंकार है।

रूपक अलंकार

जब उपमेय और उपमान को अलग-अलग न मानकर दोनों को एक ही रूप में प्रस्तुत किया जाता है, वहां रूपक अलंकार होता है।

उदाहरण:
“तुम तो मेरे चाँद हो।”

यहां व्यक्ति को सीधे चाँद कहा गया है। “सा” या “जैसे” जैसे तुलना वाले शब्द का प्रयोग नहीं हुआ है। इसलिए इसमें रूपक अलंकार है।

उपमा और रूपक को ऐसे याद रखें:

  • उपमा में तुलना की जाती है।

  • रूपक में उपमेय को उपमान के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

  • उपमा में “सा, सी, जैसे” जैसे शब्द मिल सकते हैं।

  • रूपक में दोनों को एक माना जाता है।

उत्प्रेक्षा अलंकार

जब किसी वस्तु या व्यक्ति में किसी दूसरी वस्तु की संभावना या कल्पना की जाती है, तो उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।

इसकी पहचान के लिए मानो, मनु, जानो, जनु, ज्यों जैसे शब्द महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

उदाहरण:
“मानो आकाश में चाँदी बिखर गई हो।”

यहां आकाश में चाँदी बिखरने की कल्पना की गई है, इसलिए उत्प्रेक्षा अलंकार है।

अतिशयोक्ति अलंकार

जब किसी बात को वास्तविकता से बहुत अधिक बढ़ाकर बताया जाता है, तो अतिशयोक्ति अलंकार होता है।

उदाहरण:
“उसकी आवाज से पूरा शहर जाग उठा।”

यहां बात को प्रभावशाली बनाने के लिए बढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है।

मानवीकरण अलंकार

जब निर्जीव वस्तु, प्रकृति या किसी गैर-मानवीय वस्तु को मनुष्य के गुण या कार्य दिए जाते हैं, तो मानवीकरण अलंकार होता है।

उदाहरण:
“फूल मुस्कुरा रहे हैं।”

फूल वास्तव में मुस्कुरा नहीं सकते। यहां उन्हें मनुष्य का गुण दिया गया है। इसलिए यह मानवीकरण अलंकार है।

रचना के आधार पर वाक्य के भेद

वाक्य से जुड़े questions में केवल परिभाषा याद करना पर्याप्त नहीं है। आपको वाक्य देखकर यह पहचानना भी आना चाहिए कि वह सरल, संयुक्त या मिश्र वाक्य है।

रचना के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद हैं:

सरल वाक्य

जिस वाक्य में एक मुख्य विचार या एक मुख्य क्रिया होती है, उसे सरल वाक्य कहा जाता है।

उदाहरण:
“राहुल विद्यालय जाता है।”

संयुक्त वाक्य

जब दो या दो से अधिक स्वतंत्र वाक्य और, तथा, लेकिन, किंतु, परंतु आदि शब्दों से जुड़े होते हैं, तो संयुक्त वाक्य होता है।

उदाहरण:
“राहुल विद्यालय गया और मोहन घर पर रहा।”

मिश्र वाक्य

जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं।

उदाहरण:
“जो मेहनत करता है, वह सफल होता है।”

वाच्य

वाच्य से यह पता चलता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म या भाव में से किसकी प्रधानता है। Exam में वाच्य की पहचान और उसके प्रकार से जुड़े questions की practice जरूर करें।

कर्तृवाच्य

जिस वाक्य में कर्ता प्रधान होता है, वहां कर्तृवाच्य होता है।

उदाहरण:
“राधा पुस्तक पढ़ती है।”

यहां राधा काम करने वाली है, इसलिए कर्ता प्रधान है।

कर्मवाच्य

जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता होती है, वहां कर्मवाच्य होता है।

उदाहरण:
“राधा द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।”

यहां “पुस्तक” यानी कर्म पर ज्यादा focus है।

भाववाच्य

जिस वाक्य में कार्य के भाव की प्रधानता होती है, वहां भाववाच्य होता है।

उदाहरण:
“मुझसे चला नहीं जाता।”

पद परिचय

पद परिचय में वाक्य में दिए गए किसी शब्द के व्याकरणिक रूप और उसके वाक्य में काम को बताया जाता है। इसके लिए शब्द के भेद के साथ उसके लिंग, वचन, कारक आदि को पहचानना जरूरी है।

संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया जैसे शब्दों के पद परिचय में अलग-अलग बातें देखी जाती हैं।

संज्ञा का पद परिचय

संज्ञा का पद परिचय करते समय मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान दें:

  • संज्ञा का भेद

  • लिंग

  • वचन

  • कारक

उदाहरण:
“मनोहर साइकिल से विद्यालय जाता है।”

यहां “साइकिल” का पद परिचय होगा:

साइकिल — जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, करण कारक।

कारक याद करने के लिए यह क्रम उपयोगी हो सकता है:

कर्ता ने, कर्म को, करण से, संप्रदान के लिए, अपादान से, संबंध का/के/की, अधिकरण में/पर।

एक और उदाहरण देखें:

“आशुतोष 10वीं कक्षा में पढ़ता है।”

यहां “आशुतोष” का पद परिचय होगा:

आशुतोष — व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक।

सर्वनाम का पद परिचय

संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाले शब्द को सर्वनाम कहते हैं।

सर्वनाम के प्रमुख भेद हैं:

  • पुरुषवाचक

  • निश्चयवाचक

  • अनिश्चयवाचक

  • प्रश्नवाचक

  • निजवाचक

  • संबंधवाचक

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं:

पुरुष

उदाहरण

उत्तम पुरुष

मैं, हम

मध्यम पुरुष

तुम, तू, आप

अन्य पुरुष

वह, वे

उत्तम पुरुष — बोलने वाला व्यक्ति।
मध्यम पुरुष — जिससे बात की जा रही है।
अन्य पुरुष — जिसके बारे में बात की जा रही है।

CBSE Class 10 Hindi Mid-Term 2026: 3, 5 & 7-Mark Important Questions

अब जब Grammar के जरूरी concepts समझ लिए हैं, तो marks के अनुसार questions की practice करना भी जरूरी है। इससे आपको exam में answer की length और उसमें शामिल किए जाने वाले points को समझने में मदद मिलेगी।

Most Important 3-Marker Questions

प्रश्न 1. अलंकार किसे कहते हैं? इसके दो प्रमुख प्रकार लिखिए।

उत्तर:
काव्य या भाषा की सुंदरता, प्रभाव और चमत्कार को बढ़ाने वाले तत्व को अलंकार कहा जाता है। अलंकार मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

  1. शब्दालंकार

  2. अर्थालंकार

अर्थालंकार के उदाहरण उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति और मानवीकरण हैं।

प्रश्न 2. “मुख चाँद सा सुंदर है” में अलंकार पहचानकर उसके अंग लिखिए।

उत्तर:
इस पंक्ति में उपमा अलंकार है।

  • उपमेय — मुख

  • उपमान — चाँद

  • वाचक शब्द — सा

  • साधारण धर्म — सुंदर

यहां मुख की तुलना चाँद से सुंदरता के आधार पर की गई है।

प्रश्न 3. रूपक अलंकार का उदाहरण दीजिए और समझाइए।

उत्तर:
“तुम तो मेरे चाँद हो।”

इसमें व्यक्ति को सीधे चाँद कहा गया है। यहां “सा” या “जैसे” जैसे तुलना वाले शब्द नहीं हैं। उपमेय और उपमान को एक माना गया है। इसलिए इसमें रूपक अलंकार है।

प्रश्न 4. “मनोहर साइकिल से विद्यालय जाता है” में ‘साइकिल’ का पद परिचय कीजिए।

उत्तर:
साइकिल — जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, करण कारक।

Most Important 5-Marker Questions

5 marks के answers में केवल definition लिखना पर्याप्त नहीं होता। यहां concept को समझाकर उदाहरण देना आपके answer को बेहतर बनाता है।

प्रश्न 1. उपमा और रूपक अलंकार में अंतर उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:

आधार

उपमा

रूपक

अर्थ

दो वस्तुओं की तुलना होती है

उपमेय और उपमान को एक माना जाता है

पहचान

सा, सी, जैसे आदि शब्द आ सकते हैं

तुलना वाले शब्द सामान्यतः नहीं होते

उदाहरण

“मुख चाँद सा सुंदर है।”

“तुम मेरे चाँद हो।”

उपमा में दोनों वस्तुओं के बीच समानता बताई जाती है, जबकि रूपक में उपमेय को उपमान के रूप में सीधे प्रस्तुत किया जाता है।

प्रश्न 2. “मनोहर साइकिल से विद्यालय जाता है” में ‘साइकिल’ का पद परिचय विस्तार से कीजिए।

उत्तर:
“साइकिल” एक जातिवाचक संज्ञा है क्योंकि यह किसी एक निश्चित व्यक्ति या वस्तु का नाम नहीं बताती, बल्कि साइकिल की पूरी जाति का बोध कराती है।

यह स्त्रीलिंग और एकवचन में है। वाक्य में “से” का प्रयोग हुआ है और साइकिल के माध्यम से विद्यालय जाने का कार्य हो रहा है, इसलिए यह करण कारक में है।

अतः इसका पूरा पद परिचय होगा:

साइकिल — जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, करण कारक।

प्रश्न 3. पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं:

1. उत्तम पुरुष:
बोलने वाले व्यक्ति के लिए।
उदाहरण — मैं, हम।

2. मध्यम पुरुष:
जिस व्यक्ति से बात की जा रही हो, उसके लिए।
उदाहरण — तुम, तू, आप।

3. अन्य पुरुष:
जिस व्यक्ति के बारे में बात की जा रही हो, उसके लिए।
उदाहरण — वह, वे।

उदाहरण:

  • मैं आज विद्यालय जाऊंगा। — उत्तम पुरुष

  • तुम अपना काम करो। — मध्यम पुरुष

  • वह बाजार गया है। — अन्य पुरुष

Most Important 7-Marker Questions

7 marks के questions में answer को केवल दो-तीन lines में खत्म न करें। पहले प्रश्न का सीधा उत्तर दें और फिर उससे जुड़े कारण, भाव, उदाहरण या मुख्य points लिखें।

प्रश्न 1. गोपियां उद्धव को “अति बड़भागी” कहकर क्या व्यंग्य करती हैं?

उत्तर:
सूरदास के पदों में गोपियां उद्धव से बातचीत करते हुए उन्हें “अति बड़भागी” कहती हैं। यह वास्तव में प्रशंसा नहीं बल्कि व्यंग्य है।

उद्धव कृष्ण के पास रहते हैं, लेकिन उनके मन में गोपियों जैसा प्रेम भाव नहीं है। गोपियों के लिए कृष्ण के प्रति प्रेम ही उनके जीवन का सबसे बड़ा आधार है। इसके विपरीत उद्धव योग और वैराग्य का संदेश लेकर उनके पास आते हैं।

गोपियां इस बात को स्वीकार नहीं कर पातीं कि कृष्ण से प्रेम करने के बजाय वे योग और ज्ञान की बात करें। इसलिए वे उद्धव को “बड़भागी” कहकर यह दिखाती हैं कि कृष्ण के पास रहते हुए भी वे प्रेम के उस अनुभव से दूर हैं जिसे गोपियां महसूस करती हैं।

इस तरह गोपियों के कथन में प्रेम, वियोग और व्यंग्य तीनों भाव दिखाई देते हैं।

प्रश्न 2. “प्रीति नदी में पाँव न बोरे” और “गुड़ चाटी जो पागी” के माध्यम से गोपियों के कृष्ण-प्रेम को समझाइए।

उत्तर:
सूरदास के पदों में गोपियों का कृष्ण के प्रति गहरा और अटूट प्रेम दिखाई देता है। वे उद्धव के योग संदेश को स्वीकार नहीं करतीं क्योंकि उनका मन पूरी तरह कृष्ण में लगा हुआ है।

“प्रीति नदी में पाँव न बोरे” में प्रेम को नदी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। गोपियां बताती हैं कि प्रेम की इस नदी में उतरने के बाद उससे बाहर निकलना आसान नहीं है। यहां प्रेम और नदी को एक रूप में प्रस्तुत किया गया है, इसलिए रूपक अलंकार का भाव दिखाई देता है।

इसी तरह “गुड़ चाटी जो पागी” में गोपियां अपने प्रेम को उस चींटी के समान बताती हैं जो गुड़ से चिपक जाती है। जिस तरह चींटी गुड़ से अलग नहीं हो पाती, उसी तरह गोपियां भी कृष्ण से अलग नहीं हो सकतीं।

इन उदाहरणों से पता चलता है कि गोपियों का कृष्ण-प्रेम केवल आकर्षण नहीं बल्कि गहरा, अटूट और समर्पित प्रेम है।

प्रश्न 3. सूरदास के पदों में प्रयुक्त अलंकारों को उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:
सूरदास के पदों में भावों को प्रभावशाली बनाने के लिए अलग-अलग अलंकारों का प्रयोग किया गया है।

रूपक अलंकार:
“प्रीति नदी में पाँव न बोरे” में प्रेम को नदी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसलिए यहां रूपक अलंकार का प्रयोग माना जाता है।

उत्प्रेक्षा अलंकार:
“मानो”, “जानो”, “ज्यों”, “मनु” जैसे शब्द संभावना या कल्पना का भाव दिखाते हैं। ऐसे प्रयोगों में उत्प्रेक्षा अलंकार की पहचान की जा सकती है।

उपमा अलंकार:
जब किसी वस्तु या भाव की तुलना “सा, सी, जैसे” आदि शब्दों से की जाती है, तो उपमा अलंकार होता है।

सूरदास ने इन अलंकारों के माध्यम से गोपियों के प्रेम, वियोग और भावनाओं को अधिक प्रभावशाली बनाया है।

CBSE Class 10 Hindi Mid-Term 2026: रचनात्मक लेखन की तैयारी कैसे करें?

Grammar और Literature के साथ Writing पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है। Writing में आपके विचारों के साथ भाषा, format, शब्द-सीमा और presentation भी मायने रखते हैं।

तैयारी करते समय इन बातों को ध्यान में रखें:

  • दिए गए विषय को ध्यान से पढ़ें।

  • प्रश्न के अनुसार ही answer लिखें।

  • सही format का पालन करें।

  • भाषा सरल और स्पष्ट रखें।

  • वर्तनी की गलतियों से बचें।

  • अनावश्यक बातें न लिखें।

  • शब्द-सीमा का ध्यान रखें।

  • शुरुआत और अंत को प्रभावी रखें।

  • Writing के अलग-अलग topics पर लिखने की practice करें।

आप जितना ज्यादा खुद लिखकर practice करेंगे, exam में answer लिखना उतना ही आसान होगा।

CBSE Class 10 Hindi Literature: Important Questions की तैयारी कैसे करें?

Literature की तैयारी में केवल chapter की कहानी या summary याद करना काफी नहीं है। आपको पाठ के भाव, मुख्य विचार, पात्रों और important lines का अर्थ समझना चाहिए।

Literature revise करते समय:

  • पहले chapter का पूरा अर्थ समझें।

  • इसके बाद summary दोहराएं।

  • महत्वपूर्ण पात्रों और घटनाओं को याद करें।

  • महत्वपूर्ण lines का भाव समझें।

  • कविताओं में अलंकार पहचानने की practice करें।

  • “क्यों”, “कैसे” और “क्या संदेश मिलता है” जैसे questions हल करें।

  • अपने शब्दों में answers लिखने की practice करें।

सूरदास के पदों पर विशेष ध्यान

सूरदास के पदों में गोपियों और उद्धव के बीच संवाद बहुत महत्वपूर्ण है। तैयारी करते समय इन points को जरूर समझें:

  • उद्धव कृष्ण का संदेश लेकर गोपियों के पास क्यों आते हैं।

  • गोपियां उद्धव को “अति बड़भागी” क्यों कहती हैं।

  • गोपियों का कृष्ण के प्रति प्रेम कैसा है।

  • गोपियां योग के संदेश को क्यों स्वीकार नहीं करतीं।

  • “प्रीति नदी में पाँव न बोरे” का भाव क्या है।

  • “गुड़ चाटी जो पागी” से कौन-सा भाव व्यक्त होता है।

  • पदों में प्रयुक्त अलंकारों की पहचान कैसे होती है।

CBSE Class 10 Hindi Mid-Term 2026 के लिए Revision Strategy

Exam नजदीक आने पर पूरे syllabus को एक साथ पढ़ने के बजाय पहले important concepts को revise करना ज्यादा उपयोगी रहेगा। आप अपनी तैयारी को Grammar, Writing और Literature के क्रम में आगे बढ़ा सकते हैं।

Step 1: पहले Grammar revise करें

सबसे पहले अलंकार, वाक्य के भेद, वाच्य और पद परिचय के rules दोहराएं। हर topic के बाद 5–10 questions खुद solve करें।

Step 2: Writing की practice करें

Writing के सभी जरूरी formats को दोहराएं। फिर अलग-अलग topics पर खुद answer लिखें।

Step 3: Literature पढ़ें

क्षितिज और कृतिका के निर्धारित chapters को पढ़ें। पहले पाठ का अर्थ और summary समझें, फिर important questions solve करें।

Step 4: Marks-wise questions solve करें

3, 5 और 7 marks के questions को अलग-अलग solve करें। इससे answer की सही length और जरूरी points समझने में मदद मिलेगी।

Step 5: Marathon से Final Revision करें

जिन topics में आपको confusion है, उन्हें Marathon के माध्यम से दोबारा revise करें। इससे कम समय में important concepts दोहराने में मदद मिल सकती है।

 

CBSE Class 10 Hindi Mid-Term 2026 FAQs

CBSE Class 10 Hindi Mid-Term 2026 की तैयारी कैसे शुरू करें?

आप सबसे पहले Grammar के important topics revise करें। इसके बाद Writing और Literature पर focus करें। अंत में 3, 5 और 7 marks के questions की practice करें।

Class 10 Hindi में कौन से अलंकार महत्वपूर्ण हैं?

उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति और मानवीकरण जैसे अलंकारों पर विशेष ध्यान दें।

पद परिचय में क्या-क्या पढ़ना चाहिए?

संज्ञा और सर्वनाम के पद परिचय को examples के साथ समझें। संज्ञा में भेद, लिंग, वचन और कारक को पहचानना सीखें।

सूरदास के पदों की तैयारी कैसे करें?

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