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CBSE कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 ‘संसाधन और विकास’ – महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर (MIQs)

CBSE कक्षा 10 SST Chapter 1 'संसाधन और विकास' के महत्वपूर्ण प्रश्न (MIQs) और उत्तर यहाँ दिए गए हैं। इसमें 1, 2, 3, 5 और केस-आधारित प्रश्न शामिल हैं, जो बोर्ड परीक्षा 2026–27 की तैयारी, रिवीजन और उत्तर लेखन अभ्यास के लिए उपयोगी हैं।
CBSE कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 ‘संसाधन और विकास’ – महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर (MIQs)

CBSE कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 'संसाधन और विकास' बोर्ड परीक्षा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय से संसाधनों के प्रकार, संसाधन नियोजन, भूमि उपयोग, मृदा के प्रकार, मृदा संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों पर नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं।

यहाँ दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर (MIQs) परीक्षा के नवीनतम पैटर्न के अनुसार तैयार किए गए हैं। 1 अंक से लेकर 5 अंक और केस-आधारित प्रश्नों का अभ्यास करके छात्र अपनी अवधारणाओं को मजबूत कर सकते हैं, उत्तर लेखन में सुधार कर सकते हैं और बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकते हैं।

अध्याय 1 ‘संसाधन और विकास’ – महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

कक्षा 10 “संसाधन और विकास” के महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर आपको संसाधन नियोजन, भूमि उपयोग के स्वरूप और मृदा संरक्षण जैसे मुख्य अवधारणाओं को सरल और स्पष्ट तरीके से समझने में मदद करते हैं। इन प्रश्नों का नियमित अभ्यास आपकी परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाता है |

खंड – A (1 अंक) 

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से लौह अयस्क (Iron Ore) किस प्रकार का संसाधन है?
(A) नवीकरणीय
(B) जैविक
(C) प्रवाही
(D) अनवीकरणीय

 

उत्तर. (D) अनवीकरणीय

 

प्रश्न 2. निम्नलिखित में से पंजाब में भूमि क्षरण का मुख्य कारण क्या है?
(A) गहन कृषि
(B) वनों की कटाई
(C) अत्यधिक सिंचाई
(D) अत्यधिक चराई


उत्तर. (C) अत्यधिक सिंचाई

 

प्रश्न 3. निम्नलिखित में से किस राज्य में सीढ़ीदार खेती (Terrace Cultivation) की जाती है?
(A) पंजाब
(B) उत्तर प्रदेश के मैदान
(C) हरियाणा
(D) उत्तराखंड


उत्तर. (D) उत्तराखंड

 

प्रश्न 4.निम्नलिखित में से किस राज्य में काली मिट्टी मुख्य रूप से पाई जाती है?
(A) जम्मू और कश्मीर
(B) महाराष्ट्र
(C) राजस्थान
(D) झारखंड


उत्तर. (B) महाराष्ट्र

 

प्रश्न 5. कथन-I: जैविक संसाधन वे संसाधन होते हैं जिनमें जीवन होता है।
कथन-II: अजैविक संसाधन वे संसाधन होते हैं जिनमें जीवन नहीं होता।
(A) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं।
(B) कथन-I और कथन-II दोनों गलत हैं।
(C) कथन-I सही है तथा कथन-II गलत है।
(D) कथन-I गलत है तथा कथन-II सही है।

 

उत्तर. (A) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं।

 

प्रश्न 6. कथन-I: संसाधनों का दोहन केवल 2–3 देशों द्वारा किया जा रहा है।
कथन-II: संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग से अनेक पारिस्थितिक समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं।
(A) कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं।
(B) कथन-I और कथन-II दोनों गलत हैं।
(C) कथन-I सही है तथा कथन-II गलत है।
(D) कथन-I गलत है तथा कथन-II सही है।


उत्तर. (D) कथन-I गलत है तथा कथन-II सही है।

 

प्रश्न 7. निम्नलिखित राज्यों पर विचार कीजिए:
(i) आंध्र प्रदेश
(ii) केरल
(iii) हिमाचल प्रदेश
(iv) त्रिपुरा

 

उपरोक्त में से कितने राज्य सामान्यतः चाय उत्पादन के लिए जाने जाते हैं?


(A) केवल एक राज्य
(B) केवल दो राज्य
(C) केवल तीन राज्य
(D) सभी चार राज्य
उत्तर. (C) केवल तीन राज्य

प्रश्न 8. भारत की काली कपास मिट्टी का निर्माण किसके अपक्षय से हुआ है?
(A) भूरी वन मिट्टी
(B) दरारयुक्त ज्वालामुखीय शैल
(C) ग्रेनाइट और शिस्ट
(D) शेल और चूना पत्थर


उत्तर. (B) दरारयुक्त ज्वालामुखीय शैल

 

प्रश्न 9. भारत में मृदा अपरदन की समस्या निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
(i) सीढ़ीदार खेती
(ii) वनों की कटाई
(iii) उष्णकटिबंधीय जलवायु

 

नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए:
(A) (i) और (ii) केवल
(B) (ii) केवल
(C) (i) और (iii) केवल
(D) (i), (ii) और (iii)


उत्तर. (B) (ii) केवल

 

प्रश्न 10. भारत की लैटेराइट मिट्टी के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं?
(i) यह सामान्यतः लाल रंग की होती है।
(ii) इसमें नाइट्रोजन और पोटाश प्रचुर मात्रा में होते हैं।
(iii) यह राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अच्छी तरह विकसित होती है।
(iv) इस मिट्टी में टैपिओका और काजू अच्छी तरह उगते हैं।

 

नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए:


(A) (i), (ii) और (iii)
(B) (ii), (iii) और (iv)
(C) (i) और (iv)
(D) (ii) और (iii)


उत्तर. (C) (i) और (iv)

 

खंड – B (संक्षिप्त उत्तरीय प्रश्न)

 

प्रश्न 11. काली मिट्टी पाए जाने वाले तीन राज्यों के नाम बताइए तथा उसमें उगाई जाने वाली मुख्य फसल कौन-सी है?
उत्तर: महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश ऐसे राज्य हैं जहाँ काली मिट्टी पाई जाती है। इस मिट्टी में मुख्य रूप से कपास की खेती की जाती है।

 

प्रश्न 12. पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन को नियंत्रित करने के लिए कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं?

उत्तर: मृदा अपरदन को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं—
(i) समोच्च जुताई
(ii) सीढ़ीदार खेती 

 (iii) पट्टीदार फसल, जिसमें फसलों के बीच घास की पट्टियाँ उगाई जाती हैं

प्रश्न 13. जैविक और अजैविक संसाधन क्या हैं? उदाहरण सहित बताइए।

 उत्तर: जैविक संसाधन:
(i) ये वे संसाधन हैं जो जैवमंडल से प्राप्त होते हैं।
(ii) इनमें जीवन होता है।
(iii) उदाहरण: पौधे, जानवर, मछलियाँ, मनुष्य, पशुधन आदि।

अजैविक संसाधन:
(i) ये निर्जीव वस्तुओं से बने होते हैं।
(ii) इनमें जीवन नहीं होता।
(iii) उदाहरण: जल, खनिज, धातुएँ, वायु, सौर ऊर्जा आदि।

प्रश्न 14. संसाधनों के विकास में मनुष्य की क्या भूमिका है?
उत्तर: मनुष्य संसाधनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वह संसाधनों की खोज, उनका दोहन, प्रसंस्करण और उचित उपयोग करता है। साथ ही, उनके संरक्षण और सतत उपयोग को सुनिश्चित कर समाज और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

प्रश्न 15. मृदा को एक महत्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है?
उत्तर: मृदा कृषि के लिए अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह पौधों को पोषक तत्व प्रदान करती है। यह जैव विविधता को बनाए रखने, जल के प्रवाह को नियंत्रित करने और कार्बन को संचित करने में भी मदद करती है। इसलिए यह खाद्य उत्पादन और पर्यावरण संतुलन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

खंड – C (3 अंक)

प्रश्न 16. नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर बताइए।
उत्तर: नवीकरणीय संसाधन वे होते हैं जिन्हें प्रकृति द्वारा समय के साथ पुनः प्राप्त किया जा सकता है, जैसे सूर्य का प्रकाश, वायु और जल। ये संसाधन लंबे समय तक उपयोग में लाए जा सकते हैं और पर्यावरण पर कम प्रभाव डालते हैं। अनवीकरणीय संसाधन सीमित होते हैं और इन्हें दोबारा जल्दी प्राप्त नहीं किया जा सकता, जैसे कोयला, पेट्रोलियम और खनिज। इनके अधिक उपयोग से पर्यावरण को नुकसान होता है।

प्रश्न 17. संसाधनों के संरक्षण का महत्व समझाइए।
उत्तर: संसाधनों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जैव विविधता की रक्षा करने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है। यह संसाधनों के अत्यधिक दोहन को रोकता है और पर्यावरणीय समस्याओं को कम करता है। जल, वन और ऊर्जा जैसे संसाधनों का संरक्षण सतत विकास को बढ़ावा देता है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।

प्रश्न 18. मृदा अपरदन क्या है? इसके प्रमुख प्रकारों को समझाइए।

उत्तर: मृदा अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें मिट्टी अपने स्थान से हटकर दूसरे स्थान पर चली जाती है। यह मुख्य रूप से जल, वायु या मानव गतिविधियों के कारण होता है।
इसके प्रमुख प्रकार हैं—
(i) जल अपरदन

 (ii) वायु अपरदन
(iii) हिमानी अपरदन
(iv) जुताई द्वारा अपरदन
(v) गुरुत्वाकर्षण द्वारा अपरदन

 

प्रश्न 19. मिट्टी के निर्माण में चट्टानों की क्या भूमिका होती है?
उत्तर: मिट्टी का निर्माण चट्टानों के अपक्षय से होता है। भौतिक अपक्षय चट्टानों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ता है, जबकि रासायनिक अपक्षय उनके संघटन को बदलकर खनिजों को मुक्त करता है। समय के साथ ये पदार्थ जैविक तत्वों के साथ मिलकर उपजाऊ मिट्टी का निर्माण करते हैं।

 

प्रश्न 20. सकल बोया गया क्षेत्र क्या है? तथा समोच्च जुताई क्या है?

 

उत्तर: सकल बोया गया क्षेत्र उस कुल भूमि को कहते हैं जिस पर एक निश्चित अवधि में सभी फसलें उगाई जाती हैं, चाहे एक ही भूमि पर एक से अधिक बार फसल उगाई गई हो।
समोच्च जुताई एक कृषि विधि है जिसमें जुताई भूमि की ढाल के समानांतर की जाती है। इससे पानी का बहाव धीमा हो जाता है और मृदा अपरदन कम होता है।

खंड – D (5 अंक)

 

प्रश्न 21. संसाधनों का क्षयशीलता के आधार पर वर्गीकरण समझाइए।


उत्तर:संसाधनों को उनकी उपलब्धता और समाप्त होने की क्षमता के आधार पर दो भागों में बाँटा जाता है—नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधन।


नवीकरणीय संसाधन वे होते हैं जो प्राकृतिक रूप से समय के साथ पुनः प्राप्त हो जाते हैं, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और जल। ये लंबे समय तक उपयोग के लिए उपलब्ध रहते हैं।


इसके विपरीत, अनवीकरणीय संसाधन सीमित होते हैं और एक बार उपयोग के बाद जल्दी पुनः प्राप्त नहीं होते, जैसे जीवाश्म ईंधन और खनिज। इसलिए इनके संरक्षण और उचित उपयोग की आवश्यकता होती है ताकि भविष्य में संसाधनों की कमी न हो।

 

प्रश्न 22. लाल मिट्टी और लैटेराइट मिट्टी में अंतर बताइए (कोई तीन बिंदु)।

 

उत्तर:

संरचना और रंग:

 

 • लाल मिट्टी ग्रेनाइट और नाइस जैसी चट्टानों के अपक्षय से बनती है और इसमें लौह ऑक्साइड के कारण लाल 

   रंग होता है।
• लैटेराइट मिट्टी का निर्माण अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में लीचिंग प्रक्रिया से होता है और यह लाल-भूरे रंग की होती है।

बनावट

 • लाल मिट्टी सामान्यतः रेतीली या दोमट होती है और इसमें जल निकास अच्छा होता है।
• लैटेराइट मिट्टी सूखने पर कठोर और गीली होने पर चिपचिपी हो जाती है, जिससे इसकी संरचना कमजोर होती है।

 

उपजाऊपन:
• लाल मिट्टी अपेक्षाकृत अधिक उपजाऊ होती है और विभिन्न फसलों के लिए उपयुक्त है।
• लैटेराइट मिट्टी में पोषक तत्व कम होते हैं और यह अम्लीय होती है, इसलिए खेती के लिए इसे सुधारने की आवश्यकता होती है।

 

प्रश्न 23.‘रेगुर मिट्टी’ किसे कहा जाता है? इसके चार गुण लिखिए।


उत्तर:रेगुर मिट्टी को काली मिट्टी भी कहा जाता है। इसके प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं—

 (i) इसका रंग गहरा काला होता है।
(ii) इसकी बनावट महीन होती है और यह नमी को अच्छी तरह बनाए रखती है।
(iii) इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे यह उपजाऊ    होती है।
(iv) यह गीली होने पर फूलती है और सूखने पर सिकुड़कर दरारें बना लेती है, जो इसकी विशेषता है।

खंड – E (4 अंक)

प्रश्न 24. नीचे दी गई जानकारी को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

ऊर्जा आर्थिक विकास की एक बुनियादी आवश्यकता है। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र—कृषि, उद्योग, परिवहन, वाणिज्यिक और घरेलू—को ऊर्जा की आवश्यकता होती है। स्वतंत्रता के बाद लागू किए गए आर्थिक विकास योजनाओं को संचालित रखने के लिए लगातार बढ़ती हुई ऊर्जा की जरूरत पड़ी है। इसके परिणामस्वरूप पूरे देश में सभी प्रकार की ऊर्जा की खपत लगातार बढ़ रही है। इस परिस्थिति में ऊर्जा विकास के लिए एक सतत (टिकाऊ) मार्ग अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का अधिक उपयोग करना सतत ऊर्जा के दो प्रमुख आधार हैं। वर्तमान में भारत दुनिया के कम ऊर्जा-कुशल देशों में से एक है। हमें अपने सीमित ऊर्जा संसाधनों के समझदारीपूर्ण उपयोग के लिए सावधानीपूर्वक दृष्टिकोण अपनाना होगा। उदाहरण के लिए, एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके, अनावश्यक बिजली बंद करके, ऊर्जा-बचत उपकरणों का उपयोग करके और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर अपना योगदान दे सकते हैं। आखिरकार, “बचाई गई ऊर्जा ही उत्पन्न की गई ऊर्जा के समान होती है।”

(i) व्यक्तिगत वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन का उपयोग हमें किस प्रकार लाभ पहुँचाता है?
उत्तर: सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने से ऊर्जा की बचत होती है और ईंधन की खपत कम होती है।

(ii) विकास के लिए किस बात की तत्काल आवश्यकता बताई गई है?
उत्तर: सतत (Sustainable) विकास की तत्काल आवश्यकता बताई गई है।

(iii) ‘Sustainable’ का अर्थ क्या है?
उत्तर: ‘Sustainable’ का अर्थ है – दीर्घकाल तक चलने योग्य या टिकाऊ (Viable)।

(iv) आर्थिक विकास की मूल आवश्यकता क्या मानी गई है?
उत्तर: आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा, संसाधन और तकनीक को मूल आवश्यकताएँ माना गया है।

 

Adhyay 1 'Sansadhan Aur Vikas' FAQs

Sansadhan Kya Hote Hain?

संसाधन वे सभी वस्तुएँ या साधन हैं जो मानव की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं और जिनका उपयोग तकनीक की सहायता से किया जा सकता है। कोई भी वस्तु तभी संसाधन बनती है जब वह उपयोगी हो, आर्थिक रूप से संभव हो और मानव के लिए मूल्यवान हो। उदाहरण के रूप में जल, भूमि, वन, खनिज और मानव संसाधन शामिल हैं।

Mrida Aparadan Kya Hai Aur Ise Kaise Roka Ja Sakta Hai?

मृदा अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें मिट्टी अपनी जगह से हटकर दूसरी जगह चली जाती है, जिससे भूमि की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। इसे रोकने के लिए समोच्च जुताई, सीढ़ीदार खेती, वृक्षारोपण और पट्टीदार फसल जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

Sansadhan Niyojan (Resource Planning) Kya Hai Aur Iska Mahatva Kya Hai?

संसाधन नियोजन का अर्थ है संसाधनों का उचित और संतुलित उपयोग करने की योजना बनाना। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि इससे संसाधनों का सही वितरण होता है, उनका संरक्षण सुनिश्चित होता है और देश का सतत एवं संतुलित विकास संभव हो पाता है।
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