सीबीएसई कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के लिए आज का दिन राहत भरा रहा, क्योंकि 25 फरवरी 2026 को आयोजित विज्ञान (Science) की परीक्षा उम्मीद के मुताबिक संतुलित रही। विषय विशेषज्ञों और छात्रों की शुरुआती राय के अनुसार, पेपर को 'औसत' (Moderate) श्रेणी में रखा गया है, जिसमें रटने के बजाय व्यावहारिक समझ और तार्किक क्षमता (Competency-based learning) को प्राथमिकता दी गई।
छात्रों की आम प्रतिक्रिया के अनुसार, विज्ञान का पूरा पेपर 'औसत' (Moderate) स्तर का था। न तो यह बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान।
कुल स्तर: मध्यम (Moderate)
केमिस्ट्री: सबसे आसान और ज्यादा नंबर दिलाने वाली।
फिजिक्स: न्यूमेरिकल थोड़े घुमावदार (Tricky) थे।
बायोलॉजी: आसान थी, लेकिन उत्तर लिखने में समय अधिक लगा।
मुख्य फोकस: रटने के बजाय समझ और सिद्धांतों को लागू करने वाले सवालों पर अधिक जोर दिया गया।
इस साल विज्ञान का पेपर हाल के वर्षों में शुरू किए गए कॉम्पिटेंसी-आधारित (Competency-based) स्ट्रक्चर पर आधारित था:
40% कॉम्पिटेंसी-आधारित प्रश्न: (समझ और तर्क पर आधारित)
20% वस्तुनिष्ठ प्रश्न: (Objective/MCQs)
40% लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: (Short & Long Answers) यह फॉर्मेट रटने के बजाय छात्रों की सोचने की क्षमता और समझ को परखने के लिए बनाया गया था।
2025 के पेपर की तुलना में:
कठिनाई का स्तर लगभग एक जैसा ही था।
एप्लीकेशन-आधारित (व्यावहारिक) प्रश्नों में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई।
एग्जाम पैटर्न में निरंतरता बनी रही।
सिलेबस से बाहर का एक भी प्रश्न नहीं पूछा गया।
फिजिक्स के सेक्शन में सवालों को ध्यान से पढ़ने और सटीक गणना (Calculation) की जरूरत थी।
पूछे गए महत्वपूर्ण अध्याय: प्रकाश का परावर्तन और अपवर्तन, मानव नेत्र और रंगबिरंगी दुनिया, बिजली (Electricity), और चुंबकीय प्रभाव।
न्यूमेरिकल: बिजली (Electricity) से जुड़े न्यूमेरिकल सीधे फॉर्मूले पर आधारित थे, लेकिन सही वैल्यू रखने और यूनिट कन्वर्जन (Unit Conversion) में सावधानी जरूरी थी। किरण आरेख (Ray diagrams) के सवालों में भी सटीकता की आवश्यकता थी।
कठिनाई का स्तर: वैचारिक (Conceptual), गणना-आधारित और थोड़ा घुमावदार। जिन छात्रों ने न्यूमेरिकल का बार-बार अभ्यास किया था, वे इन्हें आत्मविश्वास के साथ हल कर पाए।
ज्यादातर छात्रों के लिए केमिस्ट्री का सेक्शन सबसे ज्यादा अंक दिलाने वाला (Scoring) रहा।
मुख्य अध्याय: रासायनिक अभिक्रियाएं और समीकरण, अम्ल, क्षार और लवण, धातु और अधातु, कार्बन और उसके यौगिक।
सवालों का प्रकार: अधिकांश प्रश्न सीधे NCERT के उदाहरणों और पाठ के बीच में दिए गए सवालों से थे। समीकरणों को संतुलित करना और रासायनिक सूत्र लिखना काफी आसान था।
कठिनाई का स्तर: आसान से मध्यम और पूरी तरह NCERT पर आधारित। छात्र इस सेक्शन को हल करते समय काफी सहज महसूस कर रहे थे।
बायोलॉजी के प्रश्न थ्योरी पर आधारित थे लेकिन लिखने में थोड़े लंबे थे।
महत्वपूर्ण अध्याय: जैव प्रक्रम (Life Processes), नियंत्रण और समन्वय, प्रजनन, आनुवंशिकता और विकास, पर्यावरण।
सवालों का प्रकार: अभिकथन-कारण (Assertion-reason) और केस-स्टडी वाले सवालों के लिए कॉन्सेप्ट की गहरी समझ जरूरी थी। चित्र (Diagram) आधारित सवाल उम्मीद के मुताबिक ही पूछे गए थे।
कठिनाई का स्तर: मध्यम, वैचारिक और थोड़ा समय लेने वाला। जिन छात्रों ने परिभाषाओं के साथ-साथ कॉन्सेप्ट्स को अच्छे से पढ़ा था, उनके लिए यह सेक्शन आसान रहा।
एग्जाम के बाद छात्रों का फीडबैक काफी सकारात्मक रहा:
कई छात्रों ने पेपर को 'संतुलित' बताया।
फिजिक्स के न्यूमेरिकल थोड़े कठिन लगे।
केमिस्ट्री आसान थी, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा।
बायोलॉजी में उत्तर लंबे होने के कारण अधिक समय लगा।
कुल मिलाकर, सैंपल पेपर हल करने वाले छात्र अच्छे अंक आने को लेकर आश्वस्त दिखे।