
CBSE कक्षा 12 की भूगोल बोर्ड परीक्षा 2026 छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही। यह परीक्षा 26 फरवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद पेपर के कठिनाई स्तर को लेकर छात्रों और शिक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं। छात्रों के अनुसार भूगोल प्रश्नपत्र NCERT आधारित और संतुलित रहा। इस लेख में हम पेपर के स्तर, प्रश्नों की प्रकृति, मैप वर्क और छात्रों की प्रतिक्रिया पर जानकारी दे रहे हैं, ताकि परीक्षा को लेकर साफ समझ बन सके।
कक्षा 12 भूगोल बोर्ड परीक्षा 2026 का प्रश्नपत्र कुल 70 अंकों का था। प्रश्नपत्र कुल 5 सेक्शन में विभाजित था। पेपर का स्तर आसान से मध्यम रहा। अधिकतर प्रश्न NCERT आधारित थे, जिससे छात्रों को हल करने में सुविधा हुई। मैप वर्क और केस-आधारित प्रश्न स्कोरिंग रहे। कुछ विश्लेषणात्मक प्रश्न समय लेने वाले थे, लेकिन कुल मिलाकर पेपर संतुलित माना गया।
सेक्शन A: प्रश्न 1 से 17 तक बहुविकल्पीय (MCQ) थे, हर प्रश्न 1 अंक का था।
सेक्शन B: प्रश्न 18 और 19 स्रोत आधारित थे, प्रत्येक 3 अंक का। इनमें नक्शा, ग्राफ या दिए गए विवरण के आधार पर प्रश्नों के उत्तर देने थे।
सेक्शन C: प्रश्न 20 से 23 छोटे उत्तर वाले थे, हर प्रश्न 3 अंक का था।
सेक्शन D: प्रश्न 24 से 28 लंबे उत्तर वाले थे, प्रत्येक 5 अंक के।
सेक्शन E: प्रश्न 29 और 30 मानचित्र से संबंधित थे, हर प्रश्न 5 अंक का था।
CBSE कक्षा 12 भूगोल बोर्ड परीक्षा 2026 में मैप वर्क छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण और स्कोरिंग सेक्शन रहा। इस भाग में पाठ्यक्रम से जुड़े सीधे और पहले से अभ्यास किए गए स्थान पूछे गए थे। जिन विद्यार्थियों ने मैप वर्क का नियमित अभ्यास किया था, उनके लिए यह सेक्शन आसान रहा। सही स्थान चिन्हित करने पर पूरे अंक मिलने की संभावना रही, जिससे छात्रों को बेहतर स्कोर करने में मदद मिली।
CBSE कक्षा 12 भूगोल परीक्षा 2026 में कुछ अध्याय छात्रों को आसान लगे, जबकि कुछ टॉपिक्स अपेक्षाकृत कठिन रहे। जिन अध्यायों से सीधे और तथ्यात्मक प्रश्न पूछे गए, वे सरल रहे। वहीं विश्लेषण और अवधारणा आधारित प्रश्नों वाले अध्यायों में छात्रों को थोड़ा अधिक समय लगा।
मानव भूगोल के मूल सिद्धांत
भारत: जनसंख्या और बस्तियाँ
परिवहन और संचार
मैप वर्क से जुड़े अध्याय
भौतिक भूगोल (जलवायु, प्राकृतिक संसाधन)
केस-आधारित और विश्लेषणात्मक अध्याय
CBSE कक्षा 12 भूगोल बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर छात्रों और विशेषज्ञों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। छात्रों के अनुसार प्रश्नपत्र संतुलित और अधिकतर NCERT आधारित था, जिससे हल करना आसान रहा, हालांकि कुछ विश्लेषणात्मक प्रश्न थोड़े कठिन और समय लेने वाले थे। वहीं शिक्षकों और एक्सपर्ट्स ने पेपर को सिलेबस के अनुरूप, स्कोरिंग और समय प्रबंधन के लिहाज से उपयुक्त बताया।