
CBSE द्वारा 26 फरवरी, 2026 को आयोजित कक्षा 12वीं की भूगोल परीक्षा ने छात्रों और विशेषज्ञों के बीच एक सकारात्मक चर्चा छेड़ दी है। देशभर के परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक चली इस परीक्षा में लाखों छात्र सम्मिलित हुए। प्रारंभिक फीडबैक के अनुसार, प्रश्न पत्र पूरी तरह से निर्धारित पाठ्यक्रम और NCERT पुस्तकों पर केंद्रित रहा, जिससे छात्रों के चेहरों पर राहत देखी गई। इस विश्लेषण में हम पेपर की संरचना, कठिनाई स्तर और महत्वपूर्ण खंडों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आज, 26 फरवरी 2026 को कक्षा 12 की भूगोल (Geography) परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की। इस परीक्षा में लाखों छात्र शामिल हुए। प्रश्नपत्र का विस्तृत एवं संपूर्ण विश्लेषण आप यहाँ देख सकते हैं।
प्रश्न पत्र की संरचना
प्रश्न पत्र को कुल 5 खंडों (Sections) में विभाजित किया गया था, जिसमें कुल 30 अनिवार्य प्रश्न थे:
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खंड (Section) |
प्रश्नों के प्रकार |
प्रश्नों की संख्या |
कुल अंक |
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खंड-क |
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) |
17 |
17 |
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खंड-ख |
स्रोत आधारित प्रश्न (Source-based) |
2 |
06 |
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खंड-ग |
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer) |
4 |
12 |
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खंड-घ |
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer) |
5 |
25 |
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खंड-ङ |
मानचित्र आधारित प्रश्न (Map-based) |
2 |
10 |
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कुल |
30 |
70 |
NCERT की प्रधानता: छात्रों ने बताया कि लगभग सभी प्रश्न सीधे NCERT की किताबों (मानव भूगोल के मूल सिद्धांत और भारत: लोग और अर्थव्यवस्था) से पूछे गए थे।
सेक्शन-वार विश्लेषण:
MCQs: कुछ प्रश्न सीधे न होकर वैचारिक (Conceptual) थे, जिनमें गहन सोच की आवश्यकता थी।
मानचित्र कार्य (Map Work): भारत और विश्व के मानचित्रों पर आधारित प्रश्न काफी सरल और अपेक्षित थे।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न: छात्रों को इनमें पर्याप्त आंतरिक विकल्प (Internal Choices) मिले, जिससे वे अपनी पसंद के अनुसार उत्तर दे सके।
समय प्रबंधन: अधिकांश छात्रों ने समय रहते पेपर पूरा कर लिया। पेपर न तो बहुत लंबा था और न ही पेचीदा।
आज सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित भूगोल की परीक्षा में छात्रों ने मिश्रित लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल का पेपर रटने के बजाय एप्लिकेशन-ओरिएंटेड (प्रयोगात्मक) और विश्लेषणात्मक प्रश्नों पर अधिक केंद्रित था।
ज्यादातर छात्रों ने पेपर को 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी में रखा है। जहाँ अच्छी तैयारी करने वाले छात्रों को यह आसान लगा, वहीं औसत छात्रों के लिए समय प्रबंधन (Time Management) एक चुनौती रही।
मैप वर्क (Map Work): यह खंड सबसे आसान और स्कोरिंग रहा। पूछे गए स्थान सीधे NCERT मानचित्रों से थे।
केस-स्टडी प्रश्न: ये प्रश्न प्रबंधनीय थे, लेकिन इन्हें हल करने के लिए सावधानीपूर्वक पढ़ने की आवश्यकता थी।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक): इनमें छात्रों को विस्तृत व्याख्या और उदाहरणों के साथ उत्तर लिखने पड़े, जिससे यह सेक्शन थोड़ा समय लेने वाला (Lengthy) हो गया।
मानव भूगोल और भारतीय अर्थव्यवस्था: इन विषयों से वैचारिक और विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे गए।
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टॉपिक (Topic) |
छात्रों की प्रतिक्रिया |
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मानव भूगोल |
वैचारिक और सिद्धांत-आधारित प्रश्न। |
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भारत: लोग और अर्थव्यवस्था |
5 अंकों के विस्तृत उत्तरों की आवश्यकता। |
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संसाधन और विकास |
विश्लेषणात्मक और तर्क-आधारित प्रश्न। |
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परिवहन एवं संचार |
सीधे लेकिन व्याख्यात्मक प्रश्न। |
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मानचित्र कार्य (Map Work) |
सीधा, सरल और उच्च स्कोरिंग। |
इस परीक्षा के पैटर्न को देखते हुए आगामी सत्र के छात्रों को निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए:
NCERT का गहन अध्ययन: डेटा और डायग्राम्स को ध्यान से पढ़ें।
उत्तर लेखन अभ्यास: 5 अंकों वाले प्रश्नों के लिए स्ट्रक्चर्ड राइटिंग का अभ्यास करें।
समय प्रबंधन: पूरे अंक प्राप्त करने के लिए मॉक टेस्ट हल करें ताकि गति बनी रहे।