
CBSE कक्षा 12 अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 2026 कॉमर्स स्ट्रीम के छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह कल, 24 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाली है। सही रणनीति और स्मार्ट पढ़ाई से यह विषय स्कोरिंग बन सकता है। इस लेख में हाई-प्रायोरिटी टॉपिक्स, चैप्टर-वाइज फोकस, पेपर पैटर्न और एक्सपर्ट टिप्स बताए गए हैं, जो छात्रों को आख़िरी समय में प्रभावी तैयारी करने, आम गलतियों से बचने और बेहतर अंक हासिल करने में मदद करेंगे।
कक्षा 12 अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक पाने के लिए हाई-प्रायोरिटी टॉपिक्स पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है। CBSE के पेपर पैटर्न के अनुसार Part A सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है। इसमें Partnership Accounts से सबसे ज़्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं, खासकर साझेदार का प्रवेश, सेवानिवृत्ति, साझेदार की मृत्यु, फर्म का पुनर्गठन और विघटन। इसके अलावा Company Accounts में शेयर पूंजी और डिबेंचर से जुड़े सवाल भी स्कोरिंग होते हैं। Part B में छात्र जिस विकल्प को चुनते हैं, उसी की पूरी तैयारी करना चाहिए, क्योंकि यह सीधे 20 अंकों को प्रभावित करता है।
Part A: Accounting for Partnership Firms
साझेदारी का परिचय
नए पार्टनर का प्रवेश (Admission)
पार्टनर का सेवानिवृत्त होना / मृत्यु (Retirement / Death)
साझेदारी में परिवर्तन (Reconstitution)
फर्म का विघटन (Dissolution of Firm)
Part A: Accounting for Companies
शेयर पूंजी (Share Capital)
शेयर का निर्गम और जब्ती
डिबेंचर का निर्गम
डिबेंचर का भुगतान (Redemption)
Part B (कोई एक विकल्प चुनें)
वित्तीय विवरणों का विश्लेषण: अनुपात विश्लेषण, नकद प्रवाह विवरण
कंप्यूटरीकृत अकाउंटिंग: अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की मूल बातें, डेटा एंट्री
ये सभी अध्याय परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता से पढ़ना सबसे फायदेमंद रहेगा
कक्षा 12 अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि किस भाग से कितने अंक आते हैं।
CBSE के अनुसार Part A सबसे अहम होता है, जिसमें साझेदारी खातों से लगभग 36 अंक के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए इसके फॉर्मेट और गणनाओं की अच्छी तैयारी करनी चाहिए। इसके बाद कंपनी खातों से करीब 24 अंक आते हैं, जिनमें शेयर पूंजी और डिबेंचर मुख्य विषय होते हैं।
Part B कुल 20 अंकों का होता है, जिसमें छात्र वित्तीय विवरणों का विश्लेषण या कंप्यूटरीकृत अकाउंटिंग में से कोई एक विकल्प चुनते हैं। जिस विकल्प को चुना जाए, उसी की पूरी तैयारी करें। साफ लेखन और सही समय प्रबंधन से अकाउंटेंसी को स्कोरिंग विषय बनाया जा सकता है।
सबसे पहले हाई-वेटेज चैप्टर जैसे Partnership और Company Accounts को दोहराएँ।
सभी ज़रूरी फॉर्मेट, जर्नल एंट्री और स्टेटमेंट एक बार ध्यान से देख लें।
नए टॉपिक पढ़ने से बचें, जो पढ़ा है उसी को मजबूत करें।
कैलकुलेशन में गलती न हो, इसके लिए स्टेप-वाइज़ लिखने की आदत रखें।
Part B में चुने गए विकल्प की ही पूरी तैयारी करें।
कम से कम एक सैंपल पेपर या पुराने सवाल समय देखकर हल करें।
परीक्षा से पहले पर्याप्त नींद लें और खुद पर भरोसा रखें—आत्मविश्वास बहुत ज़रूरी है।
अकाउंटेंसी की परीक्षा में समय का सही प्रबंधन बहुत ज़रूरी होता है। सबसे पहले पूरा प्रश्नपत्र ध्यान से पढ़ें और आसान व ज़्यादा अंक वाले प्रश्नों से शुरुआत करें। हर प्रश्न के लिए समय तय करके चलें ताकि अंत में कोई सवाल छूटे नहीं। कैलकुलेशन के लिए पर्याप्त समय रखें और अंत में 5–10 मिनट उत्तरों की जाँच के लिए बचाएँ। परीक्षा के दिन शांत रहें, समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुँचें और प्रवेश पत्र, पेन आदि ज़रूरी सामान साथ रखें। आत्मविश्वास बनाए रखें और जल्दबाज़ी से बचते हुए साफ़ और क्रमबद्ध उत्तर लिखें।
CBSE कक्षा 12 अकाउंटेंसी बोर्ड परीक्षा 2026 अब बिल्कुल पास है, इसलिए घबराहट छोड़कर समझदारी से पढ़ाई करना सबसे ज़रूरी है। ज़्यादा अंक दिलाने वाले चैप्टर, सही फॉर्मेट, साफ कैलकुलेशन और चुने गए Part B की अच्छी तैयारी रखें। समय का सही बँटवारा करें, प्रस्तुति पर ध्यान दें और आत्मविश्वास बनाए रखें। निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच से अच्छे परिणाम ज़रूर मिलेंगे।