
बोर्ड परीक्षा का ढांचा कुछ इस प्रकार होता है:
थ्योरी पेपर: 70 अंक
प्रैक्टिकल परीक्षा: 30 अंक
प्रश्नों के प्रकार: बहुविकल्पीय (MCQs), केस-स्टडी आधारित प्रश्न, लघु उत्तरीय (Short Answer), दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) और न्यूमेरिकल।
मुख्य फोकस: अब बोर्ड सीधे थ्योरी पूछने के बजाय 'कॉन्सेप्ट' और 'एप्लीकेशन' (व्यावहारिक उपयोग) पर आधारित सवालों पर ज्यादा जोर दे रहा है।
हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि CBSE रटने की प्रक्रिया को खत्म कर रहा है। यहाँ 2025 और 2026 के रुझानों की मुख्य बातें दी गई हैं:
वैचारिक गहराई (Conceptual Depth): अब रटे-रटाए जवाबों के बजाय यह जांचा जा रहा है कि छात्र को विषय की कितनी गहरी समझ है।
एप्लीकेशन-आधारित प्रश्न: पेपर में ऐसे सवालों की संख्या बढ़ी है जिनमें थ्योरी को असल जिंदगी की स्थितियों में लागू करना होता है।
न्यूमेरिकल्स का वितरण: गणना वाले सवालों के पैटर्न में लगातार बदलाव हो रहे हैं, जिससे छात्रों को समय प्रबंधन (Time Management) का ध्यान रखना पड़ता है।
साल 2025 के फिजिक्स पेपर को छात्रों और शिक्षकों द्वारा 'मध्यम से थोड़ा कठिन' माना गया था। इस पेपर में वैचारिक समझ (Conceptual clarity) पर काफी जोर दिया गया था।
लंबे न्यूमेरिकल: इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और करंट इलेक्ट्रिसिटी से जुड़े गणितीय सवाल काफी लंबे थे और उन्हें हल करने में कई स्टेप्स की जरूरत थी।
ट्रिकी अभिकथन-तर्क (Assertion-Reason): इस सेक्शन के सवालों ने छात्रों को काफी उलझाया क्योंकि इनके लिए गहरी वैचारिक समझ की आवश्यकता थी।
एप्लीकेशन-आधारित केस स्टडी: केस-स्टडी वाले प्रश्नों में छात्रों को ग्राफ और प्रयोगों (Experimental setups) को समझकर उत्तर देना था।
महत्वपूर्ण टॉपिक्स: रे ऑप्टिक्स (Ray Optics) और मैग्नेटिज्म (Magnetism) से 3-5 अंकों के भारी और कॉन्सेप्ट-बेस्ड सवाल पूछे गए थे।
साल 2025 की फिजिक्स परीक्षा में अलग-अलग यूनिट्स से पूछे गए सवालों के स्तर और रुझान का विवरण नीचे दिया गया है:
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CBSE Class 12 Physics Paper 2025 Section Wise Trend |
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यूनिट (Unit) |
कठिनाई का स्तर |
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इलेक्ट्रोस्टैटिक्स और करंट इलेक्ट्रिसिटी |
मध्यम न्यूमेरिकल |
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करेंट के चुंबकीय प्रभाव |
वैचारिक (Conceptual) |
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ऑप्टिक्स (Optics) |
लंबे डेरिवेशन |
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मॉडर्न फिजिक्स |
तुलनात्मक रूप से आसान |
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सेमीकंडक्टर्स |
सीधे और स्कोरिंग सवाल |
समय प्रबंधन: पेपर लंबा होने के कारण समय मैनेज करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा।
कॉन्सेप्ट की गहराई: जिन छात्रों के बेसिक कॉन्सेप्ट्स क्लियर थे, उनके लिए पेपर बेहतर रहा।
NCERT का रोल: सीधे NCERT से आने वाले सवालों की संख्या सीमित थी; सवाल घुमाकर पूछे गए थे।
छात्रों के अभ्यास के लिए 2025 के प्रश्न पत्र (सेट 1, 2 और 3) उपलब्ध हैं। इन पेपर्स को हल करने से आपको मार्किंग स्कीम और महत्वपूर्ण टॉपिक्स को समझने में मदद मिलेगी।
2025 की तुलना में, साल 2026 के फिजिक्स पेपर को छात्रों के लिए 'संतुलित और अधिक आसान' (Student-friendly) माना गया है। बोर्ड ने इस बार पेपर को सीधा और समझने योग्य रखने पर ध्यान दिया।
संतुलित न्यूमेरिकल: गणितीय सवाल मुख्य रूप से फॉर्मूला पर आधारित थे और पिछले साल की तुलना में छोटे थे।
NCERT पर आधारित सवाल: थ्योरी के कई प्रश्न सीधे NCERT के उदाहरणों (Examples) से लिए गए थे।
सरल अभिकथन-तर्क (Assertion-Reason): 2025 के मुकाबले इस बार के विकल्प कम भ्रमित करने वाले थे, जिससे छात्रों को सही उत्तर चुनने में आसानी हुई।
अनुमानित केस स्टडी: जिन छात्रों ने सैंपल पेपर्स का अभ्यास किया था, उन्हें केस स्टडी वाले सवाल काफी जाने-पहचाने और हल करने में आसान लगे।
साल 2026 की परीक्षा में किस यूनिट से किस तरह के सवाल पूछे गए, उसका सेक्शन-वार विवरण नीचे दिया गया है:
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CBSE Class 12 Physics Paper 2025 Section Wise Trend |
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यूनिट (Unit) |
कठिनाई का स्तर |
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इलेक्ट्रोस्टैटिक्स |
सीधे फॉर्मूला आधारित सवाल |
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करेंट इलेक्ट्रिसिटी |
मध्यम न्यूमेरिकल |
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ऑप्टिक्स (Optics) |
कॉन्सेप्ट-बेस्ड लेकिन छोटे सवाल |
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मॉडर्न फिजिक्स |
बहुत अधिक स्कोरिंग (अंक दिलाने वाला) |
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कम्युनिकेशन सिस्टम |
सीधे थ्योरी वाले सवाल |
समय प्रबंधन: छात्रों को पेपर पूरा करने में ज्यादा समय की कमी महसूस नहीं हुई।
स्पष्टता: MCQs (बहुविकल्पीय प्रश्नों) में किसी प्रकार का भ्रम नहीं था, सवाल स्पष्ट थे।
NCERT का मेल: पेपर पूरी तरह से NCERT के सिलेबस और पैटर्न के साथ मेल खा रहा था।
CBSE कक्षा 12वीं भौतिक विज्ञान (Physics) 2026 का प्रश्न पत्र अब उपलब्ध है। छात्र परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों के प्रकार और कठिनाई स्तर को समझने के लिए नीचे दिए गए सेट डाउनलोड कर सकते हैं:
CBSE कक्षा 12 फिजिक्स प्रश्न पत्र 2026 PDF
2025 का पेपर थोड़ा कठिन और विश्लेषणात्मक था, जबकि 2026 का पेपर अधिक संतुलित और स्कोरिंग (अंक दिलाने वाला) नजर आया। दोनों वर्षों के बीच मुख्य अंतर नीचे दी गई तालिका में दिए गए हैं:
2025 और 2026 के सीबीएसई कक्षा 12वीं फिजिक्स पेपर के बीच का बड़ा अंतर आप इस आसान टेबल के जरिए समझ सकते हैं:
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पैरामीटर |
2025 का पेपर |
2026 का पेपर |
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समग्र कठिनाई |
मध्यम से कठिन |
मध्यम (Moderate) |
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न्यूमेरिकल की लंबाई |
लंबे और गणना प्रधान |
संतुलित और छोटे |
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अभिकथन-तर्क (A-R) |
काफी पेचीदा |
आसान और स्पष्ट |
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केस स्टडी |
विश्लेषणात्मक (Analytical) |
अनुमानित (Predictable) |
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NCERT से सीधे प्रश्न |
सीमित (Limited) |
बहुत अधिक (High) |
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समय प्रबंधन |
चुनौतीपूर्ण रहा |
आसान/सहज रहा |
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कॉन्सेप्ट की गहराई |
बहुत अधिक |
मध्यम |
वैचारिक तीव्रता (Conceptual Intensity): 2025 में बहुत गहराई से सवाल पूछे गए थे, जबकि 2026 में बुनियादी समझ और स्पष्टता पर अधिक ध्यान दिया गया।
न्यूमेरिकल की जटिलता: 2025 के न्यूमेरिकल में कई स्टेप्स और लंबी कैलकुलेशन थी, जबकि 2026 के सवाल सीधे फॉर्मूला आधारित थे।
NCERT का महत्व: 2026 के पेपर में NCERT के उदाहरणों और एक्सरसाइज का ज्यादा प्रभाव दिखा।
अभिकथन-तर्क का पैटर्न: 2025 में विकल्प भ्रमित करने वाले थे, जिसे 2026 में सरल बना दिया गया।