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CBSE Class 9 Hindi Mid-Term 2026: Check Top Questions, Important Topics & Revision Tips With PW Marathon

CBSE Class 9 Hindi Mid-Term 2026 की तैयारी में आपको व्याकरण, लेखन और साहित्य तीनों हिस्सों पर ध्यान देना चाहिए। PW Marathon में अलंकार, अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, उपसर्ग और प्रत्यय जैसे व्याकरण के topics को समझाया गया है। लेखन में अनुच्छेद, पत्र और संवाद लेखन पर ध्यान दिया गया है।
authorImageSoumya Tiwari7 Sept, 2026
CBSE Class 9 Maths Mid-Term 2026

CBSE Class 9 Hindi Mid-Term की तैयारी करते समय केवल पाठ पढ़ लेना पर्याप्त नहीं है। आपको यह समझना भी जरूरी है कि परीक्षा में किसी topic से किस तरह के प्रश्न पूछे जा सकते हैं और उनका उत्तर किस तरीके से लिखना चाहिए। खासकर Hindi में Grammar, Writing और Literature तीनों की तैयारी का तरीका अलग होता है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए PW Marathon में Hindi के जरूरी topics को आसान तरीके से समझाया गया है। Marathon में पहले Grammar के topics पर चर्चा की गई है, इसके बाद Writing और फिर Literature के महत्वपूर्ण पाठों और प्रश्नों को समझाया गया है।

अगर आप Mid-Term Exam से पहले अपनी तैयारी को दोहरा रहे हैं, तो इस Marathon के topics आपके लिए revision का अच्छा आधार बन सकते हैं।

PW Marathon में CBSE Class 9 Hindi के कौन-कौन से Topics हैं?

PW Marathon में Hindi की तैयारी को मुख्य रूप से Grammar, Writing और Literature के आधार पर आगे बढ़ाया गया है। Grammar में concepts को examples के साथ समझाया गया है, जबकि Writing में उत्तर लिखने का सही तरीका बताया गया है। Literature में पाठ के भाव और परीक्षा में पूछे जा सकने वाले questions पर ध्यान दिया गया है।

भाग

Important Topics

Grammar

अलंकार, अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, उपसर्ग, प्रत्यय

Writing

अनुच्छेद लेखन, पत्र लेखन, संवाद लेखन

Literature

रैदास के पद, राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

आइए अब इन topics को एक-एक करके समझते हैं और साथ ही उनसे जुड़े important questions और answers भी देखते हैं।

CBSE Class 9 Hindi Grammar Important Topics

Grammar को मजबूत करने के लिए नियमों को केवल याद करने के बजाय examples के साथ समझना ज्यादा जरूरी है। Marathon में इसी तरीके से कई महत्वपूर्ण grammar topics को समझाया गया है।

1. अलंकार

अलंकार का अर्थ है भाषा की सुंदरता बढ़ाने वाला तत्व। जब किसी वाक्य या काव्य-पंक्ति को विशेष प्रभावशाली बनाने के लिए शब्दों या अर्थों का सुंदर प्रयोग किया जाता है, तो वहां अलंकार होता है।

Class 9 Hindi में आपको अलग-अलग अलंकारों की पहचान करने के लिए पंक्तियां दी जा सकती हैं। इसलिए केवल अलंकार की परिभाषा याद करने के बजाय उसके लक्षण और example पहचानना सीखें।

Marathon में यमक अलंकार का उदाहरण भी समझाया गया है। यमक में एक ही शब्द का एक से अधिक बार प्रयोग होता है, लेकिन हर बार उसका अर्थ अलग होता है।

Important Question

प्रश्न: “तीन बेर खाती थी। तीन बेर खाती है।” में कौन-सा अलंकार है?

उत्तर: इस पंक्ति में यमक अलंकार है। यहां “बेर” शब्द का प्रयोग दो अलग अर्थों में किया गया है। पहले “बेर” का अर्थ फल है, जबकि दूसरे स्थान पर इसका अर्थ बार या समय है। एक ही शब्द के अलग-अलग अर्थों में प्रयोग के कारण यहां यमक अलंकार है।

प्रश्न: यमक अलंकार की पहचान कैसे करें?

उत्तर: जब किसी पंक्ति में एक ही शब्द दो या उससे अधिक बार आए और प्रत्येक बार उसका अर्थ अलग हो, तो वहां यमक अलंकार हो सकता है। इसलिए पहचान करते समय केवल शब्द की पुनरावृत्ति न देखें, बल्कि उसके अर्थ में अंतर भी देखें।

2. अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद

वाक्य शब्दों का ऐसा व्यवस्थित समूह है जिससे पूरा और स्पष्ट अर्थ निकलता है। अर्थ के आधार पर वाक्यों को अलग-अलग प्रकारों में बांटा जाता है।

Class 9 के लिए अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद महत्वपूर्ण है। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, विस्मयादिबोधक और संकेतवाचक वाक्य आते हैं।

उदाहरण के लिए, “राम प्रतिदिन विद्यालय जाता है।” में सामान्य बात बताई गई है, इसलिए यह विधानवाचक वाक्य है। वहीं “मैं आज विद्यालय नहीं जाऊंगा।” में कार्य के न होने का भाव है, इसलिए यह निषेधवाचक है।

Important Question

प्रश्न: “राम प्रतिदिन विद्यालय जाता है।” कौन-सा वाक्य है?

उत्तर: यह विधानवाचक वाक्य है, क्योंकि इसमें किसी कार्य या घटना के होने की सामान्य जानकारी दी गई है।

प्रश्न: “मोहन ने खाना नहीं खाया।” कौन-सा वाक्य है?

उत्तर: यह निषेधवाचक वाक्य है। इसमें “नहीं” शब्द के माध्यम से कार्य के न होने का भाव व्यक्त किया गया है।

प्रश्न: अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने मुख्य भेद हैं?

उत्तर: अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ मुख्य भेद माने जाते हैं—विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, विस्मयादिबोधक और संकेतवाचक।

3. संज्ञा

किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव या गुण के नाम को संज्ञा कहा जाता है। जैसे—राम, विद्यालय, दिल्ली, मिठास और बचपन आदि।

संज्ञा की पहचान के लिए यह देखना जरूरी है कि वाक्य में किस व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम बताया गया है। परीक्षा में आपको किसी वाक्य में संज्ञा पहचानने या उसके प्रकार से जुड़े प्रश्न मिल सकते हैं।

Important Question

प्रश्न: “लखनऊ भारत का एक प्रसिद्ध शहर है।” वाक्य में संज्ञा शब्द पहचानिए।

उत्तर: इस वाक्य में लखनऊ, भारत और शहर संज्ञा शब्द हैं। ये क्रमशः स्थान और वस्तु/स्थान का नाम बताते हैं।

प्रश्न: संज्ञा किसे कहते हैं?

उत्तर: किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव, गुण या अवस्था के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे—सीमा, पुस्तक, विद्यालय, ईमानदारी और बचपन।

4. सर्वनाम

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। उदाहरण के लिए, “राधा बाजार गई। वह फल लेकर आई।” यहां दूसरी पंक्ति में “वह” शब्द राधा के स्थान पर आया है। इसलिए “वह” सर्वनाम है।

सर्वनाम का मुख्य उद्देश्य एक ही संज्ञा की बार-बार पुनरावृत्ति को रोकना है।

Important Question

प्रश्न: “मोहन विद्यालय गया। वह अपनी किताब ले गया।” इसमें सर्वनाम कौन-सा है?

उत्तर: इस वाक्य में “वह” सर्वनाम है। यह “मोहन” संज्ञा के स्थान पर प्रयोग हुआ है।

प्रश्न: सर्वनाम का प्रयोग क्यों किया जाता है?

उत्तर: सर्वनाम का प्रयोग संज्ञा की बार-बार पुनरावृत्ति को रोकने के लिए किया जाता है। इससे वाक्य अधिक सरल और प्रभावी बनता है।

5. क्रिया

जिस शब्द से किसी कार्य के करने, होने या अवस्था का पता चलता है, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे—पढ़ना, लिखना, जाना, खाना और सोना आदि।

वाक्य में क्रिया को पहचानने के लिए यह देखें कि कर्ता क्या कर रहा है या उसके साथ क्या हो रहा है।

Important Question

प्रश्न: “सीमा पुस्तक पढ़ रही है।” वाक्य में क्रिया पहचानिए।

उत्तर: इस वाक्य में “पढ़ रही है” क्रिया है, क्योंकि इससे सीमा के द्वारा किए जा रहे कार्य का पता चलता है।

प्रश्न: क्रिया किसे कहते हैं?

उत्तर: जिस शब्द से किसी कार्य के करने, होने या किसी अवस्था का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं। जैसे—राम दौड़ता है, सीमा लिखती है।

6. उपसर्ग

जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता पैदा करता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।

उदाहरण के लिए दुर्बल शब्द में “दुर्” उपसर्ग है और “बल” मूल शब्द है। “दुर्” जुड़ने से शब्द का अर्थ बदल जाता है।

Marathon में दुर्बल जैसे उदाहरण को महत्वपूर्ण बताया गया है, इसलिए उपसर्ग की पहचान करने वाले questions की practice जरूर करें।

Important Question

प्रश्न: “दुर्बल” शब्द में उपसर्ग कौन-सा है?

उत्तर: “दुर्बल” शब्द में “दुर्” उपसर्ग है और “बल” मूल शब्द है।

प्रश्न: उपसर्ग किसे कहते हैं?

उत्तर: जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।

7. प्रत्यय

जो शब्दांश किसी मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं।

उदाहरण के लिए लेखक शब्द में “लेख” मूल शब्द है और “क” प्रत्यय है। “क” जुड़ने से नया शब्द “लेखक” बनता है।

Important Question

प्रश्न: “लेखक” शब्द में प्रत्यय पहचानिए।

उत्तर: “लेखक” शब्द में “क” प्रत्यय है। इसमें “लेख” मूल शब्द है और उसके अंत में “क” जुड़कर “लेखक” शब्द बना है।

प्रश्न: उपसर्ग और प्रत्यय में क्या अंतर है?

उत्तर: उपसर्ग शब्द के आरंभ में जुड़ता है, जबकि प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़ता है। जैसे “दुर्बल” में “दुर्” उपसर्ग है, जबकि “लेखक” में “क” प्रत्यय है।

CBSE Class 9 Hindi Writing Important Topics

Grammar के बाद Writing पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि यहां केवल विषय की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है। आपको अपने विचारों को सही क्रम में, सरल भाषा में और निर्धारित format के अनुसार लिखना भी आना चाहिए।

अनुच्छेद लेखन

अनुच्छेद में किसी एक विषय पर सीमित शब्दों में अपने विचार स्पष्ट रूप से लिखे जाते हैं। इसे निबंध की तरह बहुत लंबा करने की जरूरत नहीं होती। एक ही विषय पर केंद्रित रहना और विचारों को आपस में जोड़कर लिखना जरूरी है।

Marathon में स्वच्छ भारत अभियान, जल संरक्षण और मोबाइल फोन वरदान या अभिशाप जैसे topics पर practice की बात की गई है।

अनुच्छेद लिखते समय दिए गए संकेत-बिंदुओं को अलग-अलग headings बनाकर न लिखें। उन्हें अपने विचारों के साथ एक अच्छे अनुच्छेद में शामिल करें।

Important Question

प्रश्न: अनुच्छेद लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: अनुच्छेद एक ही विषय पर केंद्रित होना चाहिए। भाषा सरल और व्याकरण की दृष्टि से सही होनी चाहिए। दिए गए संकेत-बिंदुओं को विचारों के रूप में जोड़ना चाहिए और अनावश्यक विस्तार से बचना चाहिए।

पत्र लेखन

पत्र लेखन में format का सही होना बहुत जरूरी है। पत्र लिखते समय संबोधन, विषय के अनुसार मुख्य बात, समापन और अन्य आवश्यक format को ध्यान में रखें।

परीक्षा से पहले औपचारिक और अनौपचारिक पत्र के अंतर को examples के साथ दोहराना आपके लिए उपयोगी रहेगा।

Important Question

प्रश्न: पत्र लेखन में सबसे अधिक किस बात का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर: पत्र लिखते समय format, भाषा, विषय और क्रम का ध्यान रखना चाहिए। पत्र में जो बात पूछी गई है, उसी के अनुसार स्पष्ट और संक्षिप्त उत्तर देना चाहिए।

संवाद लेखन

संवाद लेखन में दो या अधिक व्यक्तियों के बीच होने वाली बातचीत को लिखित रूप में प्रस्तुत किया जाता है। संवाद स्वाभाविक लगना चाहिए और प्रत्येक पात्र की बात अलग-अलग स्पष्ट होनी चाहिए।

संवाद लिखते समय बहुत लंबे और कठिन वाक्यों से बचें। विषय के अनुसार बातचीत को आगे बढ़ाएं।

Important Question

प्रश्न: अच्छे संवाद की क्या विशेषता होती है?

उत्तर: अच्छा संवाद स्वाभाविक, विषय से जुड़ा और स्पष्ट होता है। इसमें पात्रों की बातें अलग-अलग समझ आती हैं और बातचीत का क्रम बना रहता है।

CBSE Class 9 Hindi Literature Important Topics

Literature में केवल प्रश्नों के उत्तर याद करने के बजाय पाठ का भाव, मुख्य विचार और पात्रों की भूमिका समझना जरूरी है। इससे अलग तरीके से पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देना भी आसान हो जाता है।

रैदास के पद

रैदास के पदों में ईश्वर के प्रति गहरी भक्ति और समर्पण का भाव दिखाई देता है। कवि ईश्वर के साथ अपने संबंध को अलग-अलग उदाहरणों और प्रतीकों के माध्यम से व्यक्त करते हैं।

चंदन-पानी, मोती-धागा, बादल-मोर और चंद्र-चकोर जैसे उदाहरणों के माध्यम से भक्त और भगवान के बीच गहरे संबंध को समझाया गया है।

रैदास के लिए सच्ची भक्ति केवल बाहरी धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार ईश्वर के प्रति सच्चा विश्वास और समर्पण अधिक महत्वपूर्ण है।

Important Question

प्रश्न: रैदास की भक्ति की मुख्य विशेषता क्या है?

उत्तर: रैदास की भक्ति में ईश्वर के प्रति गहरा प्रेम, विश्वास और पूर्ण समर्पण दिखाई देता है। वे बाहरी आडंबर की अपेक्षा सच्ची श्रद्धा को अधिक महत्व देते हैं। उनके लिए भगवान के चरणों में मन से समर्पित होना ही सच्ची भक्ति है।

प्रश्न: “तुम तोरो राम मैं नहिं तोरो” पंक्ति से रैदास की कौन-सी भावना प्रकट होती है?

उत्तर: इस पंक्ति से रैदास की अटूट भक्ति और ईश्वर के प्रति दृढ़ विश्वास प्रकट होता है। वे भगवान से अपना संबंध किसी भी परिस्थिति में समाप्त नहीं करना चाहते। इससे उनकी भक्ति की गहराई दिखाई देती है।

प्रश्न: चंदन-पानी और मोती-धागे के उदाहरणों का क्या भाव है?

उत्तर: इन उदाहरणों के माध्यम से भक्त और भगवान के बीच गहरे और अविभाज्य संबंध को बताया गया है। जिस प्रकार चंदन की सुगंध पानी में मिल जाती है और मोती धागे के सहारे जुड़ा रहता है, उसी प्रकार भक्त अपने आराध्य से गहराई से जुड़ा रहना चाहता है।

राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

यह पाठ रामचरितमानस के बालकांड से जुड़ा है। सीता स्वयंवर में भगवान शिव का धनुष टूटने के बाद परशुराम क्रोधित होकर वहां आते हैं। इसके बाद राम, लक्ष्मण और परशुराम के बीच प्रभावशाली संवाद होता है।

इस प्रसंग में लक्ष्मण के तीखे उत्तर, परशुराम का क्रोध और राम का शांत व्यवहार विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है। संवाद के माध्यम से अहंकार, क्रोध, विनम्रता और मर्यादा जैसे भाव सामने आते हैं।

Important Question

प्रश्न: परशुराम राम और लक्ष्मण से क्रोधित क्यों हुए?

उत्तर: सीता स्वयंवर में भगवान शिव का धनुष टूट जाने के बाद परशुराम वहां पहुंचे। वे शिव के धनुष को अत्यंत सम्मान देते थे और उसके टूटने से बहुत क्रोधित हुए। इसी कारण उन्होंने राम और लक्ष्मण से धनुष टूटने के विषय में कठोरता से प्रश्न किया।

प्रश्न: राम के व्यवहार से हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर: राम का व्यवहार हमें विनम्रता, धैर्य और मर्यादा की सीख देता है। सामने वाला व्यक्ति क्रोधित होने पर भी राम शांत रहते हैं और सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं। इससे पता चलता है कि कठिन परिस्थिति में भी संयम बनाए रखना जरूरी है।

प्रश्न: लक्ष्मण के स्वभाव की कौन-सी विशेषता संवाद में दिखाई देती है?

उत्तर: लक्ष्मण के स्वभाव में निर्भीकता, तेज और स्पष्ट बोलने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। वे परशुराम के क्रोध से डरते नहीं हैं और अपने विचार खुलकर रखते हैं। उनके संवाद में व्यंग्य और आत्मविश्वास भी दिखाई देता है।

CBSE Class 9 Hindi Mid-Term 2026 के Important Topics

पूरे syllabus को एक साथ पढ़ने के बजाय पहले उन topics को अच्छी तरह तैयार करें जिनसे concepts और questions दोनों बन सकते हैं।

Grammar में जरूर पढ़ें

  • अलंकार की पहचान और उदाहरण

  • यमक अलंकार

  • अर्थ के आधार पर वाक्य भेद

  • विधानवाचक और निषेधवाचक वाक्य

  • संज्ञा की पहचान

  • सर्वनाम का प्रयोग

  • क्रिया की पहचान

  • उपसर्ग और मूल शब्द

  • प्रत्यय और मूल शब्द

Writing में जरूर पढ़ें

  • अनुच्छेद का format और presentation

  • संकेत-बिंदुओं का सही प्रयोग

  • पत्र लेखन का format

  • संवाद को स्वाभाविक तरीके से लिखना

Literature में जरूर पढ़ें

  • रैदास की भक्ति भावना

  • रैदास के पदों में दिए गए प्रतीक और उदाहरण

  • “तुम तोरो राम मैं नहिं तोरो” का भाव

  • राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद की पृष्ठभूमि

  • परशुराम का क्रोध

  • लक्ष्मण का स्वभाव

  • राम का शांत और विनम्र व्यवहार

  • पाठ से मिलने वाली सीख

CBSE Class 9 Hindi Mid-Term 2026 के लिए Revision Tips

अब जब important topics की पहचान हो गई है, तो revision इस तरह करें कि कम समय में ज्यादा topics दोहराए जा सकें।

  • पहले Grammar के rules revise करें: हर grammar topic की definition पढ़ने के बाद 4–5 examples खुद हल करें। खासकर अलंकार, वाक्य भेद, उपसर्ग और प्रत्यय में पहचान वाले questions की practice करें।

  • Writing के formats दोहराएं: अनुच्छेद, पत्र और संवाद के format को अलग से revise करें। इसके बाद हर प्रकार के कम से कम 2 questions लिखकर practice करें।

  • Literature में केवल answers याद न करें: पहले पाठ का भाव और मुख्य विचार समझें। इसके बाद important questions के answers अपने शब्दों में लिखने की कोशिश करें।

  • Question देखकर topic पहचानें: अगर question में “पहचानिए” लिखा है तो concept की पहचान करनी होगी। अगर “भाव स्पष्ट कीजिए” पूछा गया है तो केवल एक शब्द का उत्तर पर्याप्त नहीं होगा। Question की मांग के अनुसार answer लिखने की आदत डालें।

  • हर दिन short revision करें: परीक्षा से एक दिन पहले पूरा syllabus पढ़ने के बजाय रोज थोड़ा-थोड़ा revise करें। इससे concepts लंबे समय तक याद रहेंगे।

  • गलत questions की दोबारा practice करें: जिस question का answer गलत हुआ है, उसे केवल सही answer देखकर छोड़ें नहीं। दोबारा खुद हल करें और समझें कि गलती कहां हुई थी।

PW Marathon से CBSE Class 9 Hindi की तैयारी कैसे बेहतर करें?

PW Marathon का इस्तेमाल आप अपनी regular preparation के साथ revision के लिए कर सकते हैं। पहले किसी topic को समझें, फिर उससे जुड़े questions को खुद हल करें और अंत में अपने answer को दिए गए explanation से compare करें।

Grammar में यह तरीका विशेष रूप से उपयोगी रहेगा। उदाहरण के लिए पहले यमक अलंकार का concept समझें, फिर “तीन बेर खाती थी...” जैसे question को खुद identify करें। इसी तरह “दुर्बल” और “लेखक” जैसे words में उपसर्ग और प्रत्यय पहचानने की practice करें।

Literature में पहले पाठ का भाव समझें और उसके बाद question-answer लिखें। इससे अगर परीक्षा में question की language बदल भी जाए, तो आप concept के आधार पर answer दे पाएंगे।

CBSE Class 9 Hindi Mid-Term 2026 FAQs

CBSE Class 9 Hindi Mid-Term 2026 में कौन से Grammar Topics महत्वपूर्ण हैं?

अलंकार, अर्थ की दृष्टि से वाक्य भेद, संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, उपसर्ग और प्रत्यय महत्वपूर्ण topics हैं।

Class 9 Hindi में Writing के लिए क्या तैयार करें?

आपको अनुच्छेद लेखन, पत्र लेखन और संवाद लेखन की practice करनी चाहिए। इनके format और भाषा पर विशेष ध्यान दें।

रैदास के पद से किस तरह के प्रश्न तैयार करें?

रैदास की भक्ति भावना, ईश्वर के प्रति उनका समर्पण, पदों में प्रयुक्त प्रतीकों और महत्वपूर्ण पंक्तियों के भाव से जुड़े प्रश्न जरूर तैयार करें।

राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद में क्या पढ़ना जरूरी है?

Focus on chapter themes, character traits, important incidents, poetry concepts, grammar rules and writing formats. Avoid trying to restart the complete syllabus; instead, return to the areas where you still hesitate while answering questions.
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