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PW कक्षा 10 SST समकालीन भारत अध्याय 4 ‘कृषि’ के महत्वपूर्ण प्रश्न (MIQs)

कक्षा 10 SST भूगोल अध्याय 4 ‘कृषि’ के PW महत्वपूर्ण प्रश्न (MIQs) में खेती के प्रकार, फसल ऋतु, प्रमुख फसलें, कृषि सुधार, सिंचाई और वैश्वीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। MCQs और वर्णनात्मक प्रश्नों के माध्यम से अध्याय का त्वरित रिवीजन करें और बोर्ड परीक्षा की तैयारी बेहतर बनाएं।
authorImageEkta Rakesh Singh13 Aug, 2026
PW कक्षा 10 SST समकालीन भारत अध्याय 4 ‘कृषि’ के महत्वपूर्ण प्रश्न (MIQs)

 

PW द्वारा कक्षा 10 SST (समकालीन भारत) अध्याय 4 'Agriculture' के MIQs (महत्वपूर्ण प्रश्न) और महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से त्वरित और परीक्षा-केंद्रित अभ्यास प्रदान करते हैं। ये खेती के प्रकार, मुख्य फसलें, फसल प्रतिरूप (cropping patterns) और कृषि सुधारों जैसे प्रमुख विषयों को कवर करते हैं, जो आपको कुशलतापूर्वक पुनरीक्षण करने और बोर्ड परीक्षाओं के लिए सटीकता में सुधार करने में मदद करते हैं।

कृषि (Agriculture) एक स्कोरिंग लेकिन विवरण-उन्मुख अध्याय है जिसमें भारत में खेती की प्रणालियों, फसल प्रतिरूप और कृषि पद्धतियों को शामिल किया गया है। यदि रणनीतिक रूप से न पढ़ा जाए, तो विषयों की विविधता पुनरीक्षण (revision) को लंबा बना सकती है।

अध्याय 4 कृषि (Agriculture) MIQs

यह अध्याय आपको भारत में खेती, फसल प्रतिरूप और प्रमुख खाद्य एवं नकदी फसलों से संबंधित मुख्य अवधारणाओं को समझने में मदद करता है। कक्षा 10 कृषि के ये महत्वपूर्ण प्रश्न छात्रों को परीक्षा-उन्मुख विषयों को प्रभावी ढंग से दोहराने में मार्गदर्शन करते हैं।

खंड – अ (1 अंक)

1. निम्नलिखित में से कौन सी उस कृषि प्रणाली का वर्णन करती है जहाँ एक बड़े क्षेत्र में एक ही फसल उगाई जाती है? 

(A) स्थानांतरित कृषि (Shifting Agriculture) 

(B) रोपण कृषि (Plantation Agriculture) 

(C) बागवानी (Horticulture) 

(D) गहन कृषि (Intensive Agriculture) 

उत्तर: (B) रोपण कृषि

2. निम्नलिखित में से कौन सी रबी की फसल है? 

(A) चावल 

(B) चना 

(C) बाजरा 

(D) कपास 

उत्तर: (B) चना

3. निम्नलिखित में से कौन सी एक फलीदार (leguminous) फसल है? 

(A) दालें 

(B) ज्वार 

(C) बाजरा 

(D) तिल (Sesamum) 

उत्तर: (A) दालें

4. रेशम के कीड़ों का पालन क्या कहलाता है? 

(A) पिसिकल्चर (Pisciculture) 

(B) एग्रीकल्चर (Agriculture) 

(C) सिल्वीकल्चर (Silviculture) 

(D) सेरीकल्चर (Sericulture) 

उत्तर: (D) सेरीकल्चर

5. पीली क्रांति (Yellow Revolution) का संबंध किससे है? 

(A) अंडे 

(B) तिलहन 

(Oilseeds) 

(C) मछली 

(D) दालें 

उत्तर: (B) तिलहन

6. गन्ने का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है? 

(A) भारत 

(B) श्रीलंका 

(C) ब्राजील 

(D) चीन 

उत्तर: (C) ब्राजील

7. भूदान-ग्रामदान आंदोलन किसके द्वारा शुरू किया गया था? 

(A) महात्मा गांधी 

(B) जवाहरलाल नेहरू 

(C) विनोबा भावे 

(D) बाल गंगाधर तिलक 

उत्तर: (C) विनोबा भावे

8. सरकार द्वारा किसी फसल के समर्थन में निम्नलिखित में से किसकी घोषणा की जाती है? 

(A) अधिकतम समर्थन मूल्य (Maximum support price) 

(B) न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum support price) 

(C) मध्यम समर्थन मूल्य (Moderate support price) 

(D) प्रभावशाली समर्थन मूल्य (Influential support price) 

उत्तर: (B) न्यूनतम समर्थन मूल्य

9. गन्ने की खेती के लिए आवश्यक जलवायु परिस्थितियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा सत्य है? 

(i) यह गर्म और आर्द्र जलवायु में अच्छी तरह बढ़ता है। 

(ii) इसे 21°C–27°C तापमान की आवश्यकता होती है। 

(iii) इसे 75–100 सेमी के बीच वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है। 

(iv) इसे विभिन्न प्रकार की मिट्टियों पर उगाया जा सकता है। 

(A) केवल (i) और (ii) 

(B) केवल (ii) और (iii) 

(C) केवल (iii) और (iv) 

(D) उपरोक्त सभी 

उत्तर: (D) उपरोक्त सभी

10. निम्नलिखित फसलों पर विचार करें: 

(i) कपास 

(ii) मूंगफली 

(iii) चावल 

(iv) गेहूं इनमें से कौन सी खरीफ की फसलें हैं? 

(A) (i) और (iv) 

(B) केवल (ii) और (iii) 

(C) (i), (ii) और (iii) 

(D) (ii), (iii) and (iv) 

उत्तर: (C) (i), (ii) और (iii)

खंड – ब (2 अंक)

11. भारत की एक मुख्य खाद्य फसल (staple crop) का नाम बताइए और उन क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए जहाँ इसका उत्पादन होता है। 

उत्तर: चावल भारत की एक प्रमुख खाद्य फसल है। यह निम्नलिखित क्षेत्रों में उगाया जाता है: 

(i) उत्तर के मैदान 

(ii) उत्तर-पूर्वी भारत 

(iii) तटीय क्षेत्र 

(iv) डेल्टा क्षेत्र

12. खेती के तहत भूमि दिन-ब-दिन कम होती जा रही है। क्या आप इसके परिणामों की कल्पना कर सकते हैं? 

उत्तर: इसके परिणाम निम्नलिखित होंगे: 

(i) भोजन की कमी। 

(ii) खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि। 

(iii) आयात में वृद्धि से अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ेगा। 

(iv) बेरोजगारी में वृद्धि।

13. "झूम खेती" (Jhumming cultivation) का एक वाक्य में वर्णन करें। 

उत्तर: झूम खेती, जिसे 'कर्तन दहन प्रणाली' (slash-and-burn) भी कहा जाता है, खेती की एक पारंपरिक विधि है जिसमें वनस्पतियों को काटकर और जलाकर भूमि साफ की जाती है, जो आमतौर पर उत्तर-पूर्वी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में प्रचलित है।

14. सामुदायिक स्वामित्व वाले संसाधनों (Community Owned Resources) का एक उदाहरण दीजिए। 

उत्तर: सामुदायिक स्वामित्व वाले संसाधनों का एक उदाहरण 'सामुदायिक वन' है, जहाँ स्थानीय निवासी सामूहिक रूप से ईंधन, चारे और अन्य आवश्यकताओं के लिए वन संसाधनों का प्रबंधन और उपयोग करते हैं।

15. किन कारकों ने पंजाब और हरियाणा को अधिक से अधिक चावल उगाने में मदद की है? 

उत्तर: पंजाब और हरियाणा में चावल की पैदावार बढ़ाने में मदद करने वाले कारकों में नहर प्रणालियों से प्रचुर सिंचाई, उच्च उपज वाली किस्मों (HYV) को अपनाना और सहायक सरकारी नीतियां व सब्सिडी शामिल हैं।

16. खरीफ फसल ऋतु की किन्हीं तीन मुख्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए। 

उत्तर: खरीफ फसल ऋतु की तीन मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • मानसून पर निर्भरता: खरीफ की फसलें देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के आगमन के साथ उगाई जाती हैं और इनकी कटाई सितंबर-अक्टूबर में की जाती है।

  • फसलों की विविधता: सामान्य खरीफ फसलों में चावल, मक्का और कपास शामिल हैं, जिन्हें मानसून द्वारा प्रदान की जाने वाली गर्म और गीली परिस्थितियों की आवश्यकता होती है।

  • भौगोलिक विस्तार: यह मुख्य रूप से महत्वपूर्ण मानसून प्रभाव वाले क्षेत्रों में की जाती है, जैसे भारत में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल।

17. शुष्क और आर्द्र कृषि के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर: शुष्क कृषि (Dry Agriculture):

  • जल स्रोत: सिंचाई के बिना प्राकृतिक वर्षा पर निर्भर करती है।

  • क्षेत्र: कम और अनियमित वर्षा वाले शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में की जाती है।

  • फसलें: बाजरा, ज्वार और दालें जैसी सूखा-प्रतिरोधी फसलें उगाई जाती हैं।

आर्द्र कृषि (Wet Agriculture):

  • जल स्रोत: वर्षा के साथ-साथ नहरों, कुओं और जलाशयों जैसी कृत्रिम सिंचाई प्रणालियों पर निर्भर करते हैं।

  • क्षेत्र: पर्याप्त जल आपूर्ति वाले क्षेत्रों में की जाती है।

  • फसलें: चावल, गन्ना और जूट जैसी अधिक जल की आवश्यकता वाली फसलें उगाई जाती हैं।

18. एक महत्वपूर्ण पेय फसल का नाम बताइए और उसकी वृद्धि के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियों का विवरण दीजिए। 

उत्तर: एक महत्वपूर्ण पेय फसल चाय है।

  • चाय का पौधा उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह से बढ़ता है, जहाँ गहरी और उपजाऊ जल निकासी वाली मिट्टी हो, जिसमें ह्यूमस और कार्बनिक पदार्थ प्रचुर मात्रा में हों।

  • चाय की झाड़ियों को साल भर गर्म और नम पाला-मुक्त (frost-free) जलवायु की आवश्यकता होती है।

  • पूरे वर्ष समान रूप से वितरित वर्षा की फुहारें कोमल पत्तियों की निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करती हैं।

  • चाय एक श्रम-प्रधान उद्योग है। इसमें प्रचुर, सस्ता और कुशल श्रम आवश्यक है। चाय की ताजगी बनाए रखने के लिए इसे चाय के बागानों के भीतर ही संसाधित किया जाता है।

19. गेहूँ की वृद्धि के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन कीजिए। 

उत्तर: गेहूँ देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी भाग की मुख्य खाद्य फसल है।

  • इस रबी की फसल को उगाने के लिए ठंडे मौसम और पकने के समय खिली हुई धूप की आवश्यकता होती है।

  • इसे 50 से 75 सेमी वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है जो फसल के मौसम में समान रूप से वितरित हो।

  • देश में दो महत्वपूर्ण गेहूँ उगाने वाले क्षेत्र हैं - उत्तर-पश्चिम में गंगा-सतलुज के मैदान और दक्कन का काली मिट्टी वाला क्षेत्र। प्रमुख उत्पादक राज्य पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान हैं।

20. भारत में फसलों की कम उत्पादकता के लिए उत्तरदायी किन्हीं तीन कारकों की व्याख्या कीजिए। 

उत्तर: तीन मुख्य कारक निम्नलिखित हैं:

  • अत्यधिक जनसंख्या: कृषि पर निर्भर लोगों की संख्या बहुत अधिक है। 2019 से यह अनुपात लगभग 70% पर स्थिर है।

  • वित्तीय समस्या: वित्त, अच्छे बीज, उर्वरक, विपणन और परिवहन आदि की कमी के कारण भारतीय कृषि प्रभावित हुई है।

  • भूमि जोत का आकार: भारत में भूमि जोत का आकार 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ तक कम है। इससे समय, श्रम और पशु शक्ति की बर्बादी होती है।

21. कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा की गई पहलों का सुझाव दीजिए। 

उत्तर: भारत सरकार ने 1960 और 1970 के दशक में कृषि में सुधार के लिए कृषि सुधारों की शुरुआत की।

  • पैकेज टेक्नोलॉजी के उपयोग पर आधारित हरित क्रांति और श्वेत क्रांति (ऑपरेशन फ्लड) भारतीय कृषि को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई कुछ रणनीतियाँ थीं।

  • 1980 और 1990 के दशक में एक व्यापक भूमि विकास कार्यक्रम शुरू किया गया, जिसमें संस्थागत और तकनीकी दोनों सुधार शामिल थे।

  • सूखा, बाढ़, चक्रवात, आग और बीमारी के खिलाफ फसल बीमा का प्रावधान, ग्रामीण बैंकों, सहकारी समितियों और ऋण सुविधाओं के लिए बैंकों की स्थापना महत्वपूर्ण कदम थे।

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (PAIS) किसानों के लाभ के लिए शुरू की गई अन्य योजनाएँ हैं।

  • इसके अलावा, रेडियो और टेलीविजन पर किसानों के लिए विशेष मौसम बुलेटिन और कृषि कार्यक्रम शुरू किए गए। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की भी घोषणा करती है ताकि बिचौलियों द्वारा किसानों के शोषण को रोका जा सके।

22. भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव का वर्णन कीजिए। 

उत्तर: वैश्वीकरण कोई नई घटना नहीं है। यह उपनिवेशीकरण के समय भी मौजूद था। उन्नीसवीं शताब्दी में जब यूरोपीय व्यापारी भारत आए, उस समय भी भारतीय मसालों का दुनिया के विभिन्न देशों में निर्यात किया जाता था।

  • वैश्वीकरण के तहत, विशेष रूप से 1990 के बाद, भारत के किसानों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

  • चावल, कपास, रबर, चाय, कॉफी, जूट और मसालों का महत्वपूर्ण उत्पादक होने के बावजूद, हमारे कृषि उत्पाद विकसित देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि उन देशों में कृषि को अत्यधिक सब्सिडी दी जाती है।

  • कृषि को सफल बनाने के लिए सीमांत और छोटे किसानों की स्थिति में सुधार पर जोर दिया जाना चाहिए।

23. रोपण कृषि को परिभाषित कीजिए। रोपण कृषि की किन्हीं चार विशेषताओं की व्याख्या कीजिए। 

उत्तर: रोपण कृषि (Plantation Agriculture) वाणिज्यिक खेती का एक रूप है जहाँ बड़े पैमाने पर लाभ के लिए फसलें उगाई जाती हैं, आमतौर पर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में। इसमें एक ही फसल की खेती (Monoculture) शामिल होती है। रोपण कृषि की विशेषताएँ:

  • एकल फसल (Monoculture): यह मुख्य रूप से एक ही प्रकार की फसल की खेती पर ध्यान केंद्रित करती है, जैसे चाय, कॉफी, रबर या गन्ना।

  • बड़े पैमाने पर संचालन: ये बागान विस्तृत क्षेत्रों में फैले होते हैं, जो अक्सर कई सौ से हजारों हेक्टेयर तक होते हैं।

  • उच्च पूंजी निवेश: बागानों की स्थापना और रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश की आवश्यकता होती है।

  • श्रम प्रधान: मशीनरी के उपयोग के बावजूद, रोपण कृषि अक्सर रोपण, रखरखाव और कटाई के लिए शारीरिक श्रम पर बहुत अधिक निर्भर करती है।

खंड ड (4 अंक) - अनुच्छेद आधारित प्रश्न

नीचे दी गई जानकारी को पढ़ें और प्रश्नों के उत्तर दें: "यह एक भूमध्यरेखीय फसल है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में इसे उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में भी उगाया जाता है। इसके लिए 200 सेमी से अधिक वर्षा और 25°C से अधिक तापमान वाली नम और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है। यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक कच्चा माल है।"

1. उपरोक्त अंश में चर्चा की गई फसल है— 

(A) जूट 

(B) कपास 

(C) गन्ना 

(D) रबर 

उत्तर: (D) रबर

2. यह ________ फसल का एक उदाहरण है। 

(A) खाद्य 

(B) रोपण 

(C) पेय 

(D) बागवानी 

उत्तर: (B) रोपण

3. भारत के उस द्वीप का नाम बताइए जहाँ यह फसल उगाई जाती है। 

(A) लक्षद्वीप 

(B) तमिलनाडु 

(C) केरल 

(D) अंडमान निकोबार 

उत्तर: (D) अंडमान निकोबार

4. यह फसल उगाई जाती है— 

(A) उष्णकटिबंधीय 

(B) उपोष्णकटिबंधीय 

(C) शुष्क क्षेत्रों में 

(D) (A) और (B) दोनों 

उत्तर: (D) (A) और (B) दोनों

कक्षा 10 भूगोल अध्याय 4 कृषि के महत्वपूर्ण प्रश्न PDF

PW की ओर से कक्षा 10 भूगोल अध्याय 4 ‘कृषि’ के महत्वपूर्ण प्रश्नों और उत्तरों की PDF उपलब्ध कराई गई है। इसमें CBSE के अंक वितरण को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रकार के प्रश्न शामिल किए गए हैं।

आप इस PDF की मदद से अध्याय के महत्वपूर्ण टॉपिक्स को दोहरा सकते हैं और परीक्षा की तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।

 

भूगोल के अध्याय 4 'कृषि' के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न (PDF)

बिना इंटरनेट के पढ़ाई करें

Phugol adhyay 4 krishi ke mahatvapurn prashn FAQs

Kaksha 10 krishi ke mahatvapurn prashn chhatron ko behtar score karne mein kaise madad karte han?

ये प्रश्न परीक्षा के पैटर्न और अक्सर पूछे जाने वाले विषयों पर केंद्रित होते हैं, जिससे छात्रों को सटीक उत्तर लिखने का अभ्यास होता है।

adhyay 4 parikshaon ke liye kyon mahatvapurn hai?

यह भारत की अर्थव्यवस्था के आधार 'कृषि' से संबंधित है और इसमें से मानचित्र कार्य (Map work) और विवरणात्मक प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

Kaksha 10 krishi ke mahatvapurn prashnon mein kaun se vishay shamil hai?

इसमें खेती के प्रकार, फसल ऋतु (रबी, खरीफ, जायद), मुख्य फसलें और तकनीकी-संस्थागत सुधार शामिल हैं।

Pariksha ki taiyari ke liye yeh prashn kyon upyogi hai?

ये कम समय में पूरे अध्याय का प्रभावी पुनरीक्षण करने में मदद करते हैं।
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