Class 10 सामाजिक विज्ञान (नागरिक शास्त्र) अध्याय 3 के NCERT Solutions समाज में मौजूद सामाजिक विभाजनों और उनके प्रभावों को सरल तरीके से समझाते हैं। इसमें बताया गया है कि लिंग, धर्म और जाति किस प्रकार राजनीति और समाज को प्रभावित करते हैं। प्रश्न-उत्तर के माध्यम से भेदभाव, समानता और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट किया गया है। यह अध्याय यह भी दर्शाता है कि ये विभाजन लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी, अवसरों की उपलब्धता और संसाधनों के वितरण को कैसे प्रभावित करते हैं। इससे विद्यार्थियों को विविधता और समावेशन की बेहतर समझ मिलती है।
इस अध्याय के माध्यम से छात्र सरलता से समझ सकते हैं कि समाज में लिंग, धर्म और जाति जैसे विभाजन राजनीति और समाज को कैसे प्रभावित करते हैं।
Class 10 नागरिक शास्त्र अध्याय 3 के प्रश्न-उत्तर से यह साफ होता है कि भेदभाव, सामाजिक न्याय और समानता क्या होते हैं और ये क्यों जरूरी हैं। ये समाधान यह भी बताते हैं कि जब समाज में सभी को बराबर अवसर मिलते हैं और सबको शामिल किया जाता है, तो लोकतंत्र और मजबूत बनता है।
प्रश्न 1 :भारत में महिलाओं के जीवन के किन-किन क्षेत्रों में भेदभाव या असमानता देखने को मिलती है?
उत्तर:भारत में महिलाओं को कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता का सामना करना पड़ता है जैसे :
1. साक्षरता: भारत में महिलाओं की साक्षरता दर पुरुषों की तुलना में कम है। महिलाओं में शिक्षा की कमी आज भी एक बड़ी समस्या है, जो लैंगिक समानता को प्रभावित करती है।
2. उच्च शिक्षा:लड़कियाँ अक्सर लड़कों की तुलना में आगे की पढ़ाई कम करती हैं। कई बार आर्थिक कारणों और परिवार की प्राथमिकता के कारण लड़कियों की शिक्षा बीच में ही रोक दी जाती है।
3.रोजगार के अवसर: महिलाओं को पुरुषों की तुलना में अच्छे और उच्च वेतन वाले रोजगार कम मिलते हैं। कई बार उनका काम कम मूल्यवान समझा जाता है, जबकि वे अधिक समय तक काम करती हैं।
प्रश्न 2 :सांप्रदायिक राजनीति के विभिन्न रूपों को एक-एक उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर: सांप्रदायिक राजनीति कई रूपों में दिखाई देती है:
1. धार्मिक पूर्वाग्रह: इसमें लोग अन्य धर्मों के प्रति गलत धारणाएँ और नकारात्मक सोच रखते हैं तथा अपने धर्म को श्रेष्ठ मानते हैं। इससे समाज में असहिष्णुता बढ़ती है।
2. राजनीतिक प्रभुत्व की चाह : इसमें कोई एक धार्मिक समुदाय राजनीतिक रूप से दूसरों पर वर्चस्व स्थापित करना चाहता है, जिससे समुदायों के बीच तनाव पैदा होता है।
3. धार्मिक आधार पर राजनीतिक लामबंदी: चुनावों के समय मतदाताओं को धर्म के आधार पर प्रभावित किया जाता है और वोट पाने के लिए धार्मिक भावनाओं का उपयोग किया जाता है।
4. सांप्रदायिक हिंसा: यह सबसे गंभीर रूप है, जिसमें विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच दंगे और झगड़े होते हैं, जिससे समाज में भारी नुकसान और अशांति फैलती है।
5 .लिंगानुपात: भारत में लिंगानुपात पुरुषों के पक्ष में अधिक है, जो बेटियों के प्रति सामाजिक भेदभाव और लड़कियों के कम जन्म या अवसर को दर्शाता है।
प्रश्न 3 :भारत में जातिगत असमानताएँ आज भी कैसे जारी हैं?
उत्तर:राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) के अनुसार, भारत में जातिगत असमानताएँ आज भी कई रूपों में देखने को मिलती हैं:
1. आर्थिक असमानता: विभिन्न जाति समूहों की आर्थिक स्थिति आज भी पारंपरिक जाति व्यवस्था को दर्शाती है। सामान्यतः उच्च जातियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है, जबकि दलित और आदिवासी वर्ग अधिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। पिछड़ा वर्ग इन दोनों के बीच आता है।
2. अत्यधिक गरीबी: गरीबी सभी जातियों में पाई जाती है, लेकिन अत्यधिक गरीबी की दर दलितों और आदिवासियों में अधिक है। उच्च जातियों में यह दर अपेक्षाकृत कम है, जबकि पिछड़ा वर्ग बीच की स्थिति में है। यह स्पष्ट करता है कि जाति आधारित असमानताएँ अभी भी समाज में बनी हुई हैं।
प्रश्न 4 :भारत में चुनाव परिणाम केवल जाति के आधार पर क्यों तय नहीं होते? दो कारण बताइए।
उत्तर:
1. विविध मतदाता क्षेत्र : भारत में किसी भी संसदीय क्षेत्र में केवल एक ही जाति के लोग नहीं होते। इसलिए चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवारों और पार्टियों को सभी जातियों और समुदायों का समर्थन प्राप्त करना जरूरी होता है।
2. वोट बैंक की सीमाएँ: हालाँकि कुछ पार्टियों का संबंध विशेष जातियों से जोड़ा जाता है, लेकिन किसी भी जाति के सभी लोग एक ही पार्टी को वोट नहीं देते। हर जाति के भीतर मतदाताओं की पसंद अलग-अलग होती है, इसलिए केवल जाति के आधार पर चुनाव परिणाम तय नहीं किए जा सकते।
प्रश्न 5: भारत की विधायी संस्थाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की स्थिति क्या है?
उत्तर: वर्तमान में भारत में ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में 10 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि कार्य कर रही हैं। महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कम से कम एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएँ। हालांकि इस संबंध में विधेयक संसद में लंबे समय से लंबित है और अभी तक पारित नहीं हो सका है, क्योंकि इस पर सभी राजनीतिक दलों में सहमति नहीं बन पाई है।
प्रश्न 6:भारत को धर्मनिरपेक्ष राज्य बनाने वाले किन्हीं दो संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
1. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार: संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म को मानने, पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता देता है।
2. समानता का अधिकार: संविधान धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को निषिद्ध करता है और सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है।
प्रश्न 7:जब हम लैंगिक विभाजन (Gender Division) की बात करते हैं, तो सामान्यतः किससे तात्पर्य होता है?
उत्तर: (b) समाज द्वारा पुरुषों और महिलाओं को दी गई असमान भूमिकाएँ
प्रश्न 8: भारत में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित हैं:
उत्तर: (d) पंचायती राज संस्थाओं में
प्रश्न 9: सांप्रदायिक राजनीति के अर्थ पर निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
सांप्रदायिक राजनीति इस विश्वास पर आधारित है कि—
A. एक धर्म दूसरे धर्म से श्रेष्ठ है।
B. विभिन्न धर्मों के लोग समान नागरिक के रूप में साथ रह सकते हैं।
C. किसी विशेष धर्म के अनुयायी एक समुदाय बनाते हैं।
D. राज्य शक्ति का उपयोग किसी एक धार्मिक समूह के प्रभुत्व के लिए नहीं किया जा सकता।
उत्तर: (c) A और C
प्रश्न 10: भारत के संविधान के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
उत्तर: (b) यह किसी एक धर्म को आधिकारिक दर्जा देता है।
प्रश्न 11:भारत में सामाजिक विभाजन ________ पर आधारित होते हैं।
उत्तर: भारत में सामाजिक विभाजन जाति (caste) पर आधारित होते हैं, जो भारत की एक विशेषता है।
प्रश्न 12 .सूची-I का सूची-II से मिलान कीजिए तथा नीचे दिए गए कूटों की सहायता से सही उत्तर चुनिए।
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सूची I |
सूची II |
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1. वह व्यक्ति जो महिलाओं और पुरुषों के लिए समान अधिकारों और अवसरों में विश्वास करता है |
B. नारीवादी |
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2. वह व्यक्ति जो मानता है कि धर्म समुदाय का मुख्य आधार है |
A. सांप्रदायिक |
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3. वह व्यक्ति जो मानता है कि जाति समुदाय का मुख्य आधार है |
D. जातिवादी |
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4. वह व्यक्ति जो धार्मिक विश्वासों के आधार पर दूसरों के साथ भेदभाव नहीं करता |
C. धर्मनिरपेक्ष |
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1 |
2 |
3 |
4 |
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(a) |
B |
C |
A |
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(b) |
B |
A |
D |
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(c) |
D |
C |
A |
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(d) |
C |
A |
B |
उत्तर : (b) B, A, D, C