Class 10 सामाजिक विज्ञान (समकालीन भारत) अध्याय 6 ‘विनिर्माण उद्योग’ CBSE बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसमें उद्योगों के प्रकार, औद्योगिक अवस्थिति के कारक, कृषि और उद्योगों की परस्पर निर्भरता, पर्यावरणीय प्रभाव तथा भारत के प्रमुख विनिर्माण उद्योगों जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इस अध्याय की अच्छी समझ परीक्षा में वस्तुनिष्ठ, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को हल करने में मदद करती है।
PW द्वारा तैयार किए गए विनिर्माण उद्योग के महत्वपूर्ण प्रश्न (MIQs) आपको अध्याय की प्रमुख अवधारणाओं का प्रभावी ढंग से रिवीजन करने में सहायता करते हैं। इन प्रश्नों का नियमित अभ्यास करने से उत्तर लेखन कौशल बेहतर होता है, केस स्टडी आधारित प्रश्नों को हल करने में आसानी होती है और बोर्ड परीक्षा के लिए आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
Class 10 CBSE Chapter 6: विनिर्माण उद्योग के महत्वपूर्ण प्रश्न आपको परीक्षा के लिए जरूरी और मुख्य अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करते हैं। इन प्रश्नों के अभ्यास से आप उद्योगों के प्रकार, उनके कार्य और उनसे जुड़ी चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। साथ ही, यह आपके उत्तर लेखन कौशल को सुधारता है और परीक्षा में आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है।
प्रश्न 1 औद्योगिक स्थान _______ की उपलब्धता से प्रभावित होते हैं।
(A) बाजार
(B) श्रम
(C) कच्चा माल
(D) उपरोक्त सभी
उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
प्रश्न 2 पहला जूट मिल _______ में स्थापित किया गया था।
(A) हैदराबाद
(B) बेंगलुरु
(C) कोलकाता
(D) मुंबई
उत्तर: (C) कोलकाता
प्रश्न 3 ऑयल इंडिया लिमिटेड स्वामित्व के आधार पर किस प्रकार का उद्योग है?
(A) सार्वजनिक क्षेत्र
(B) निजी क्षेत्र
(C) संयुक्त क्षेत्र उद्योग
(D) सहकारी क्षेत्र उद्योग
उत्तर: (C) संयुक्त क्षेत्र उद्योग
प्रश्न 4 एल्यूमिनियम स्मेल्टिंग संयंत्र की स्थापना के लिए प्रमुख कारक समूह कौन सा है?
(A) पूंजी और बाजार
(B) कच्चा माल और बिजली
(C) श्रम और कच्चा माल
(D) पूंजी और परिवहन
उत्तर: (B) कच्चा माल और बिजली
प्रश्न 5 निम्न में से कौन सी वायु सेवा ONGC को अपतटीय (off-shore) कार्यों में सेवाएँ प्रदान करती है?
(A) इंडियन एयरलाइंस
(B) एयर इंडिया
(C) पवनहंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड
(D) एलायंस
उत्तर: (C) पवनहंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड
प्रश्न 6 निम्न में से कौन सा उद्योग निजी क्षेत्र में आता है?
(A) डाबर
(B) BHEL
(C) SAIL
(D) हिंडाल्को
उत्तर: (A) डाबर
प्रश्न 7 चीनी मिलों का लगभग 60% हिस्सा किन राज्यों में केंद्रित है?
(A) पंजाब और हरियाणा
(B) महाराष्ट्र और गुजरात
(C) उत्तर प्रदेश और बिहार
(D) पश्चिम बंगाल और ओडिशा
उत्तर: (C) उत्तर प्रदेश और बिहार
प्रश्न 8 निम्न में से किस शहर को भारत की इलेक्ट्रॉनिक राजधानी कहा जाता है?
(A) दिल्ली
(B) मुंबई
(C) बेंगलुरु
(D) हैदराबाद
उत्तर: (C) बेंगलुरु
प्रश्न 9 उदारीकरण और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का भारत के लौह एवं इस्पात उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ा?
(A) श्रम उत्पादकता में कमी
(B) उच्च लागत और कोकिंग कोयले की कमी
(C) ऊर्जा की अनियमित आपूर्ति
(D) उद्योग को बढ़ावा
उत्तर: (D) उद्योग को बढ़ावा
प्रश्न 10 कच्चे माल के आधार पर उद्योगों को किस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है?
(A) सार्वजनिक और निजी क्षेत्र
(B) आधारभूत और उपभोक्ता उद्योग
(C) कृषि आधारित और खनिज आधारित उद्योग
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (C) कृषि आधारित और खनिज आधारित उद्योग
प्रश्न 11 विनिर्माण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: कच्चे माल को संसाधित करके उन्हें अधिक मूल्यवान उत्पादों में बदलकर बड़ी मात्रा में वस्तुओं का उत्पादन करना ही विनिर्माण कहलाता है।
प्रश्न 12 विनिर्माण विदेशी मुद्रा अर्जन में कैसे मदद करता है?
उत्तर: विनिर्मित वस्तुओं के निर्यात से व्यापार और वाणिज्य का विस्तार होता है, जिससे देश को आवश्यक विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
प्रश्न 13 उपभोक्ता उद्योग क्या हैं?
उत्तर: वे उद्योग जो उपभोक्ताओं के सीधे उपयोग के लिए वस्तुओं का उत्पादन करते हैं, उपभोक्ता उद्योग कहलाते हैं, जैसे—चीनी, टूथपेस्ट, कागज, सिलाई मशीन आदि।
प्रश्न 14 किसी उद्योग की आदर्श अवस्थिति के लिए ‘न्यूनतम लागत’ को निर्णयकारी कारक क्यों माना जाता है?
उत्तर: न्यूनतम लागत एक महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि उद्योग वहीं स्थापित होते हैं जहाँ उत्पादन के कारक उपलब्ध हों या कम लागत में आसानी से प्राप्त किए जा सकें।
प्रश्न 15 राष्ट्रीय विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता परिषद (NMCC) की स्थापना क्यों की गई है?
उत्तर: NMCC की स्थापना सरकार द्वारा उपयुक्त नीतिगत हस्तक्षेप और उद्योग के प्रयासों के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाने तथा अगले दशक में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से की गई है।
प्रश्न 16. भारत में चीनी उद्योग के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
उत्तर: भारत के चीनी उद्योग को कई प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे—
मौसमी प्रकृति: यह उद्योग मौसमी है, जिससे पूरे वर्ष कुशल श्रमिकों की उपलब्धता कठिन होती है।
पुरानी तकनीक: कई मिलें अभी भी पुरानी और कम दक्ष उत्पादन तकनीक का उपयोग करती हैं, जिससे उत्पादकता कम होती है।
परिवहन में देरी: गन्ने को खेतों से मिल तक पहुँचाने में देरी होती है, जिससे उसकी चीनी मात्रा घट जाती है।
बगास का कम उपयोग: गन्ने के अवशेष (बगास) का ऊर्जा उत्पादन में सही उपयोग नहीं हो पाता, जिससे इसकी क्षमता का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
प्रश्न 17.“औद्योगीकरण और शहरीकरण साथ-साथ चलते हैं” – इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर: औद्योगिक गतिविधि शुरू होने के बाद उस क्षेत्र में शहरीकरण विकसित होने लगता है। उद्योग रोजगार प्रदान करते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से लोग शहरों की ओर पलायन करते हैं। उनके लिए आवास, परिवहन और अन्य सुविधाएँ विकसित होती हैं, जिससे शहर का विकास होता है। साथ ही, शहर उद्योगों को बाजार, बैंकिंग, परिवहन और वित्तीय सेवाएँ भी प्रदान करते हैं। इसलिए औद्योगीकरण और शहरीकरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
प्रश्न 18 .कृषि और उद्योगों की परस्पर निर्भरता को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: कृषि और उद्योग एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
कृषि उद्योगों को कच्चा माल प्रदान करती है, जैसे कपास, गन्ना, जूट आदि।
कृषि आधारित उद्योग किसानों को मशीनें, उर्वरक, पाइप और उपकरण उपलब्ध कराते हैं।
इससे कृषि उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि होती है।
इस प्रकार दोनों क्षेत्रों का विकास एक-दूसरे को मजबूत करता है।
प्रश्न 19 “विनिर्माण क्षेत्र सामान्य एवं आर्थिक विकास की रीढ़ है” – इस कथन का परीक्षण कीजिए।
उत्तर:
विनिर्माण उद्योग कृषि के आधुनिकीकरण में मदद करते हैं।
यह लोगों को रोजगार देकर कृषि पर निर्भरता कम करता है।
बेरोजगारी और गरीबी को कम करने में सहायक है।
पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग स्थापित कर क्षेत्रीय असमानता घटाता है।
निर्यात बढ़ाकर व्यापार और विदेशी मुद्रा अर्जन में मदद करता है।
इस प्रकार, यह देश के आर्थिक विकास की रीढ़ माना जाता है।
प्रश्न 20. किसी स्थान पर उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों की सूची बनाइए। ‘फैक्ट्री लोकेशन’ के निर्णय की कुंजी क्या है?
उत्तर: किसी उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं—
कच्चा माल: सस्ता और पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध होना आवश्यक है। भारी और जल्दी खराब होने वाले कच्चे माल पर आधारित उद्योग स्रोत के पास ही स्थापित किए जाते हैं।
श्रम: कम लागत पर कुशल श्रम की उपलब्धता उत्पादन लागत को कम रखने के लिए जरूरी है।
शक्ति (बिजली): सस्ती और निरंतर बिजली आपूर्ति उत्पादन प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
पूंजी: उद्योग के ढांचे, उत्पादन प्रक्रिया और व्यय के लिए पूंजी आवश्यक होती है।
बैंकिंग एवं बीमा सुविधाएँ तथा सरकारी नीतियाँ: ये भी उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं।
‘फैक्ट्री लोकेशन’ के निर्णय की कुंजी: उद्योग की स्थापना वहीं की जाती है जहाँ उत्पादन के सभी आवश्यक कारक आसानी से उपलब्ध हों या उन्हें कम लागत में प्राप्त किया जा सके।
प्रश्न 21. “जूट उद्योग हुगली बेसिन में केंद्रित है” – तीन उपयुक्त कारणों सहित इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर: हुगली नदी घाटी (Hooghly Basin) में जूट उद्योग का संकेंद्रण कई भौगोलिक और आर्थिक कारणों से हुआ है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं—
कच्चे माल की उपलब्धता:हुगली बेसिन पश्चिम बंगाल, बिहार और असम जैसे जूट उत्पादक क्षेत्रों के निकट स्थित है। इससे कच्चे जूट की पर्याप्त और समय पर आपूर्ति मिलती है, जिससे परिवहन लागत कम होती है और उत्पादन की गुणवत्ता बनी रहती है।
परिवहन एवं बंदरगाह सुविधा: यह क्षेत्र नदी, रेल और सड़क परिवहन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। हुगली नदी जल परिवहन का सस्ता साधन प्रदान करती है। साथ ही कोलकाता बंदरगाह की उपस्थिति से जूट उत्पादों का निर्यात आसानी से होता है।
श्रम एवं शहरी सुविधाएँ: इस क्षेत्र में सस्ते और कुशल श्रमिकों की प्रचुर उपलब्धता है। साथ ही कोलकाता जैसे बड़े शहर में बैंकिंग, बीमा, आवास, शिक्षा और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो उद्योग के विकास में सहायक हैं।
प्रश्न 22. स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को निम्नलिखित प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है—
(i) सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector): ये उद्योग सरकार द्वारा स्वामित्व और संचालित होते हैं।
(ii) निजी क्षेत्र (Private Sector): ये उद्योग निजी उद्यमियों द्वारा स्वामित्व और संचालित होते हैं, जैसे—TISCO, बजाज ऑटो लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, डाबर इंडस्ट्रीज आदि।
(iii) संयुक्त क्षेत्र (Joint Sector): ये उद्योग सरकार और निजी व्यक्तियों या समूहों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित होते हैं। उदाहरण: ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL)।
(iv) सहकारी क्षेत्र (Cooperative Sector): ये उद्योग उत्पादकों, श्रमिकों या कच्चे माल के आपूर्तिकर्ताओं द्वारा मिलकर चलाए जाते हैं। लाभ और हानि को आपस में बाँटा जाता है, जैसे महाराष्ट्र का चीनी उद्योग और केरल का कॉयर उद्योग।
प्रश्न 23. चीनी मिलें गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में क्यों केंद्रित होती हैं? भारत के चीनी उद्योग की कोई तीन समस्याएँ बताइए।
उत्तर 23: चीनी मिलें गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में केंद्रित होने के कारण:
कच्चे माल की निकटता: गन्ना एक शीघ्र खराब होने वाली फसल है, इसलिए मिलों का खेतों के पास होना आवश्यक है ताकि तुरंत प्रसंस्करण हो सके।
लागत में कमी: गन्ना भारी और अधिक मात्रा में होता है, दूर तक परिवहन महंगा पड़ता है, इसलिए पास में मिलें लगाई जाती हैं।
निरंतर आपूर्ति: पास में होने से मिलों को ताजा गन्ना लगातार मिलता रहता है, जिससे उत्पादन सुचारू रहता है।
भारत के चीनी उद्योग की तीन समस्याएँ:
गन्ना आपूर्ति में उतार-चढ़ाव: मानसून पर निर्भरता के कारण उत्पादन अस्थिर रहता है और किसान वैकल्पिक फसलों की ओर चले जाते हैं।
पुरानी तकनीक और अवसंरचना: कई मिलें पुरानी मशीनों का उपयोग करती हैं, जिससे उत्पादन क्षमता कम और लागत अधिक होती है।
वित्तीय समस्याएँ: किसानों को भुगतान में देरी होती है और कई मिलें भारी कर्ज में डूबी रहती हैं, जिससे उद्योग अस्थिर हो जाता है।
प्रश्न 24. भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर : ऑटोमोबाइल उद्योग भारत में परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन है, जो माल और यात्रियों के तीव्र परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराता है। भारत में ट्रक, बस, कार, मोटरसाइकिल, स्कूटर, तिपहिया वाहन और बहुउपयोगी वाहन (Multi Utility Vehicles) का निर्माण विभिन्न केंद्रों पर किया जाता है।
उदारीकरण के बाद नए और आधुनिक मॉडलों के आगमन से वाहनों की मांग में तेजी आई, जिससे उद्योग का तेज़ी से विकास हुआ। विशेष रूप से यात्री कारों, दोपहिया और तिपहिया वाहनों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
पिछले लगभग 15 वर्षों में इस उद्योग ने भारी प्रगति की है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के आने से नई तकनीक का विकास हुआ और यह उद्योग वैश्विक स्तर के अनुरूप बन गया है।
विनिर्माण उद्योग किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ये आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार के अवसर पैदा करने और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन उद्योगों में कच्चे माल या घटकों को विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से उपयोगी वस्तुओं में बदला जाता है।
विनिर्माण उद्योगों का प्रमुख योगदान मानव आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली वस्तुओं का उत्पादन करना है। इनमें उपभोक्ता वस्तुएँ जैसे कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल तथा औद्योगिक उत्पाद जैसे मशीनरी और उपकरण शामिल हैं। ये सभी वस्तुएँ दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों के लिए आवश्यक हैं।
इसके अलावा, विनिर्माण उद्योग रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये उद्योग विभिन्न कौशल स्तरों पर रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं, जिनमें उत्पादन कार्य में लगे श्रमिकों से लेकर इंजीनियर और प्रबंधक तक शामिल होते हैं। इससे लोगों की आजीविका में सुधार होता है और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
उत्तर 25:
(i) किसी अर्थव्यवस्था में विनिर्माण उद्योगों की मुख्य भूमिका क्या है?
उत्तर 25 (i): आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन करना।
(ii) विनिर्माण उद्योग किन प्रकार के उत्पादों का उत्पादन करते हैं?
उत्तर 25 (ii): उपभोक्ता वस्तुएँ और औद्योगिक उत्पाद।
(iii) विनिर्माण उद्योग रोजगार में कैसे योगदान देते हैं?
उत्तर 25 (iii): ये विभिन्न कौशल स्तरों पर रोजगार के विविध अवसर प्रदान करते हैं।
(iv) विनिर्माण उद्योग आर्थिक विकास के लिए क्यों आवश्यक हैं?
उत्तर 25 (iv): क्योंकि ये अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, तकनीकी विकास को बढ़ावा देते हैं और मानव आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।
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