CBSE Class 10 Science के महत्वपूर्ण प्रश्न परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक्स को समझने में मदद करते हैं। अध्याय 13 (हमारा पर्यावरण) के प्रश्नों का अभ्यास करने से जरूरी विषयों पर ध्यान देना और बेहतर तैयारी करना आसान हो जाता है।
Physics Wallah द्वारा उपलब्ध कराए गए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर की मदद से आप इस अध्याय से जुड़े विषयों, जैसे– फूड चेन, ट्रॉफिक लेवल, ऊर्जा प्रवाह, ओजोन परत और कचरा प्रबंधन को परीक्षा के अनुसार आसानी से समझ सकते हैं। इससे आपकी तैयारी अधिक प्रभावी बनती है और परीक्षा के लिए आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
हमारा पर्यावरण अध्याय के ये महत्वपूर्ण प्रश्न विद्यार्थियों को पारितंत्र (Ecosystem) में जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic) घटकों के आपसी संबंध को समझने में मदद करते हैं। इन प्रश्नों में ऊर्जा प्रवाह, पारिस्थितिक संतुलन और पर्यावरण पर मानव के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दिया गया है।
प्रश्न 1. पारितंत्र में अपघटक (Decomposers) का क्या कार्य होता है?
(A) कार्बनिक पदार्थों को अकार्बनिक रूप में बदलते हैं
(B) अकार्बनिक पदार्थों को सरल रूप में बदलते हैं
(C) अकार्बनिक पदार्थों को कार्बनिक यौगिक में बदलते हैं
(D) कार्बनिक पदार्थों का अपघटन नहीं करते
उत्तर: (A) कार्बनिक पदार्थों को अकार्बनिक रूप में बदलते हैं
प्रश्न 2. पूरे विश्व में CFC मुक्त रेफ्रिजरेटर बनाना अनिवार्य क्यों किया गया है?
(A) यह ऑक्सीजन को ओजोन में बदलने में मदद करता है
(B) यह CFC को ओजोन में परिवर्तित करता है
(C) यह ऑक्सीजन से CFC के निर्माण को कम करता है
(D) यह CFC के उत्सर्जन को कम करता है, जो ओजोन परत को नुकसान पहुँचाते हैं
उत्तर: (D) यह CFC के उत्सर्जन को कम करता है, जो ओजोन परत के साथ प्रतिक्रिया कर उसे क्षति पहुँचाते हैं
प्रश्न 3. कचरा प्रबंधन (Waste Management) की सही प्राथमिकता क्रम क्या है (सबसे अधिक से कम महत्व तक)?
(A) रोकथाम → पुनर्चक्रण → पुन: उपयोग → निपटान
(B) रोकथाम → पुन: उपयोग → निपटान → पुनर्चक्रण
(C) रोकथाम → निपटान → पुन: उपयोग → पुनर्चक्रण
(D) रोकथाम → पुन: उपयोग → पुनर्चक्रण → निपटान
उत्तर: (D) रोकथाम → पुन: उपयोग → पुनर्चक्रण → निपटान
प्रश्न 4. निम्न में से कौन-सा पारितंत्र (Ecosystem) का घटक नहीं है?
(A) अजैविक कारक
(B) जैविक कारक
(C) मानव
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (D) इनमें से कोई नहीं
प्रश्न 5. पानी या हवा द्वारा ऊपरी मिट्टी के हटने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
(A) वनों की कटाई
(B) मृदा अपरदन
(C) मरुस्थलीकरण
(D) जल प्रदूषण
उत्तर: (B) मृदा अपरदन
प्रश्न 6. यदि एक टिड्डा (grasshopper) को मेंढक खाता है, तो ऊर्जा का स्थानांतरण किससे किसमें होगा?
(A) उत्पादकों से अपघटकों में
(B) उत्पादकों से प्राथमिक उपभोक्ता में
(C) प्राथमिक उपभोक्ता से द्वितीयक उपभोक्ता में
(D) द्वितीयक उपभोक्ता से प्राथमिक उपभोक्ता में
उत्तर: (C) प्राथमिक उपभोक्ता से द्वितीयक उपभोक्ता में
प्रश्न 7. खाद्य श्रृंखला में उच्च ट्रॉफिक स्तर पर गैर-जैव अपघटनीय कीटनाशकों का बढ़ता हुआ संचय क्या कहलाता है?
(A) यूट्रोफिकेशन
(B) प्रदूषण
(C) जैव आवर्धन (Biomagnification)
(D) संचयन
उत्तर: (C) जैव आवर्धन (Biomagnification)
प्रश्न 8. सही खाद्य श्रृंखला (Food Chain) की पहचान करें:
(A) घास → मेंढक → कीट → साँप
(B) घास → कीट → मेंढक → साँप
(C) कीट → मेंढक → घास → साँप
(D) घास → मेंढक → साँप → कीट
उत्तर: (B) घास → कीट → मेंढक → साँप
प्रश्न 9. निम्न में से ट्रॉफिक स्तर (Trophic Levels) का सही क्रम कौन-सा है?
(A) उत्पादक → शाकाहारी → शीर्ष मांसाहारी → मांसाहारी
(B) शीर्ष मांसाहारी → मांसाहारी → शाकाहारी → उत्पादक
(C) मांसाहारी → शीर्ष मांसाहारी → उत्पादक → शाकाहारी
(D) शाकाहारी → मांसाहारी → उत्पादक → शीर्ष मांसाहारी
उत्तर: (B) शीर्ष मांसाहारी → मांसाहारी → शाकाहारी → उत्पादक
प्रश्न 10. ओजोन का निर्माण मुक्त ऑक्सीजन परमाणुओं और ऑक्सीजन अणुओं के संयोजन से होता है। वायुमंडल की ऊपरी परतों में ये मुक्त ऑक्सीजन परमाणु कैसे बनते हैं?
(A) कम ऊर्जा वाली पराबैंगनी (UV) किरणों की उपस्थिति में ऑक्सीजन अणुओं के टूटने से
(B) अधिक ऊर्जा वाली पराबैंगनी (UV) किरणों की उपस्थिति में ऑक्सीजन अणुओं के टूटने से
(C) दो ऑक्सीजन अणुओं के संयोजन से उच्च ऊर्जा UV किरणों की उपस्थिति में
(D) दो मुक्त ऑक्सीजन परमाणुओं के संयोजन से कम ऊर्जा UV किरणों की उपस्थिति में
उत्तर: (B) अधिक ऊर्जा वाली पराबैंगनी (UV) किरणों की उपस्थिति में ऑक्सीजन अणुओं के टूटने से
प्रश्न 11. मनुष्यों में कीटनाशकों की अधिकतम मात्रा क्यों पाई जाती है?
उत्तर: कीटनाशक अपघटित नहीं होते और खाद्य श्रृंखला के हर स्तर पर उनकी मात्रा बढ़ती जाती है। मनुष्य शीर्ष उपभोक्ता होने के कारण इनके शरीर में इनकी मात्रा सबसे अधिक हो जाती है।
प्रश्न 12. हरे पौधों को उत्पादक (Producers) क्यों कहा जाता है?
उत्तर: हरे पौधे सूर्य के प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और जल (H₂O) की सहायता से अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, इसलिए उन्हें उत्पादक कहा जाता है।
प्रश्न 13. बैक्टीरिया और फफूंद को अपघटक (Decomposers) क्यों कहा जाता है?
उत्तर: ये सूक्ष्मजीव मृत पौधों और जीवों के जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल पदार्थों में तोड़ देते हैं, इसलिए इन्हें अपघटक कहा जाता है।
प्रश्न 14. पारितंत्र (Ecosystem) क्या है?
उत्तर: पारितंत्र वह तंत्र है जिसमें जीवित प्राणी और उनका निर्जीव वातावरण मिलकर एक इकाई के रूप में कार्य करते हैं।
प्रश्न 15. दो प्राकृतिक और दो कृत्रिम पारितंत्र के उदाहरण दें।
उत्तर:
प्राकृतिक पारितंत्र: जंगल, नदी
कृत्रिम पारितंत्र: एक्वेरियम, बगीचा
प्रश्न 16. प्लास्टिक को अअपघटनीय (Non-biodegradable) क्यों माना जाता है?
उत्तर: प्लास्टिक को सूक्ष्मजीव, एंजाइम या बैक्टीरिया आसानी से नहीं तोड़ पाते, इसलिए यह लंबे समय तक वातावरण में बना रहता है।
प्रश्न 17. पर्यावरण (Environment) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: पर्यावरण वह समग्र परिवेश है जिसमें हम रहते हैं। इसमें जीवित (जैविक) और निर्जीव (अजैविक) दोनों घटक शामिल होते हैं।
प्रश्न 18. फूड वेब (Food Web) क्या है? इसका महत्व बताइए।
उत्तर: कई खाद्य श्रृंखलाओं के आपस में जुड़ने से बनने वाले जाल को फूड वेब कहते हैं। यह पारितंत्र में विभिन्न जीवों के बीच संतुलन बनाए रखने और उनकी परस्पर निर्भरता को दर्शाने में मदद करता है।
प्रश्न 19. जैव अपघटनीय तथा अ-जैव अपघटनीय पदार्थों के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
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जैव अपघटनीय पदार्थ |
अ-जैव अपघटनीय पदार्थ |
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(i) ये पदार्थ जैविक प्रक्रियाओं (सूक्ष्मजीवों) द्वारा सरल रूप में टूट जाते हैं। |
ये पदार्थ जैविक प्रक्रियाओं द्वारा आसानी से नहीं टूटते। |
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(ii) ये पर्यावरण को अधिक प्रदूषित नहीं करते। |
ये पर्यावरण में प्रदूषण फैलाते हैं। |
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(iii) ये वातावरण में कम समय तक बने रहते हैं। |
ये लंबे समय तक वातावरण में बने रहते हैं। |
प्रश्न 20. ओजोन परत के क्षय के दो कारण लिखिए।
उत्तर:
रेफ्रिजरेटर और एरोसोल स्प्रे में CFCs का उपयोग
जेट विमानों द्वारा नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड गैस का उत्सर्जन
प्रश्न 21. जैव आवर्धन (Biomagnification) क्या है?
उत्तर: खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक उच्च ट्रॉफिक स्तर पर विषैले, अअपघटनीय पदार्थों (जैसे DDT, भारी धातुएँ) की मात्रा का बढ़ना जैव आवर्धन कहलाता है। सबसे अधिक मात्रा शीर्ष स्तर पर पाई जाती है।
प्रश्न 22. पारितंत्र के चार अजैविक घटकों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर: तापमान , मिट्टी , वर्षा , खनिज
प्रश्न 23. पारितंत्र में बैक्टीरिया और फफूंद जैसे सूक्ष्मजीव क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर:ये मृत जीवों और पौधों को अपघटित करके पोषक तत्वों को पुनः पर्यावरण में लौटाते हैं, जिससे उनका पुनर्चक्रण होता है और पारितंत्र संतुलित रहता है।
प्रश्न 24. CFCs क्या हैं? इन्हें किन गैसों से बदला गया है?
उत्तर: CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) हानिकारक रासायनिक यौगिक हैं, जिनका उपयोग रेफ्रिजरेटर, एसी और स्प्रे में होता है। ये ओजोन परत को नुकसान पहुँचाते हैं। इन्हें HFCs और HCFCs से बदला गया है।
प्रश्न 25. अपघटक (Decomposers) क्या हैं? इनके दो कार्य लिखिए।
उत्तर: अपघटक ऐसे सूक्ष्मजीव (जैसे बैक्टीरिया, फफूंद) होते हैं जो मृत जीवों के जटिल पदार्थों को सरल पदार्थों में तोड़ते हैं।
कार्य:
मृत जीवों का अपघटन कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाते हैं
पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण कर पारितंत्र का संतुलन बनाए रखते हैं
प्रश्न 26. खाद्य श्रृंखला (Food Chain) क्या है? दूसरे ट्रॉफिक स्तर पर कौन होते हैं?
उत्तर: जीवों के बीच भोजन और ऊर्जा के स्थानांतरण की क्रमिक श्रृंखला को खाद्य श्रृंखला कहते हैं।
दूसरे ट्रॉफिक स्तर पर शाकाहारी (Herbivores) होते हैं।
प्रश्न 27. स्वपोषी, परपोषी और अपघटक में अंतर उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर:
स्वपोषी (Autotrophs): जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।
उदाहरण: हरे पौधे
परपोषी (Heterotrophs): जो भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं।
उदाहरण: सभी जानवर
अपघटक (Decomposers): जो मृत जीवों को सरल पदार्थों में बदलते हैं।
उदाहरण: बैक्टीरिया, फफूंद
प्रश्न 28. वायुमंडल में ओजोन परत की क्या भूमिका है? यह कैसे बनती है और पारितंत्र पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:ओजोन ऑक्सीजन का एक रूप है, जिसमें तीन ऑक्सीजन परमाणु (O₃) होते हैं। यह वायुमंडल की ऊपरी परत समताप मंडल (Stratosphere) में पाई जाती है।
निर्माण: सूर्य से आने वाली पराबैंगनी (UV) किरणों के प्रभाव से ऑक्सीजन अणु (O₂) टूटकर मुक्त ऑक्सीजन परमाणु बनाते हैं, जो फिर O₂ से मिलकर ओजोन (O₃) बनाते हैं।
भूमिका: ओजोन परत पृथ्वी के चारों ओर एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती है और हानिकारक UV किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोकती है।
प्रभाव (क्षय होने पर):
त्वचा रोग और कैंसर का खतरा बढ़ता है
आँखों की समस्याएँ (जैसे मोतियाबिंद)
पौधों में प्रकाश संश्लेषण की दर कम होना
जीवों के विकास पर नकारात्मक प्रभाव
पर्यावरणीय असंतुलन और वैश्विक तापमान में वृद्धि
प्रश्न 29. खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (Unidirectional) क्यों होता है?
उत्तर: खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा सूर्य से उत्पादकों, फिर शाकाहारियों और मांसाहारियों तक क्रमशः पहुँचती है। यह प्रवाह एक ही दिशा में होता है और वापस नहीं लौटता।
हर ट्रॉफिक स्तर पर कुछ ऊर्जा ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है और जीवों की क्रियाओं में उपयोग हो जाती है। इसलिए ऊर्जा की मात्रा ऊपर के स्तरों पर कम होती जाती है, जिससे इसका प्रवाह एकदिशीय रहता है।
प्रश्न 30. ट्रॉफिक स्तर (Trophic Levels) क्या हैं? एक उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक चरण को ट्रॉफिक स्तर कहते हैं, जहाँ भोजन और ऊर्जा का स्थानांतरण होता है।
उदाहरण: पौधे → हिरण → बाघ
प्रथम ट्रॉफिक स्तर: पौधे (उत्पादक)
द्वितीय ट्रॉफिक स्तर: हिरण (शाकाहारी/प्राथमिक उपभोक्ता)
तृतीय ट्रॉफिक स्तर: बाघ (मांसाहारी/द्वितीयक उपभोक्ता)
प्रश्न 31. खाद्य श्रृंखला (Food Chain) और फूड वेब (Food Web) में अंतर बताइए।
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खाद्य श्रृंखला (Food Chain) |
फूड वेब (Food Web) |
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(i) यह एक सीधी श्रृंखला होती है, जिसमें एक जीव दूसरे को खाता है। |
यह कई खाद्य श्रृंखलाओं के आपस में जुड़ने से बनता है। |
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(ii) उच्च ट्रॉफिक स्तर का जीव केवल एक प्रकार के निम्न स्तर के जीव पर निर्भर रहता है। |
उच्च स्तर के जीव कई प्रकार के जीवों से भोजन प्राप्त करते हैं। |
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(iii) प्रतिस्पर्धा केवल समान ट्रॉफिक स्तर के जीवों में होती है। |
प्रतिस्पर्धा विभिन्न प्रजातियों के बीच होती है और वैकल्पिक खाद्य स्रोतों की उपलब्धता के कारण कम तीव्र होती है। |
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(iv) यह पारितंत्र को कम स्थिर बनाती है। |
यह पारितंत्र की स्थिरता को बढ़ाती है। |
प्रश्न 32. प्लास्टिक बैग की तुलना में कागज़ के बैग के क्या लाभ हैं?
उत्तर:
कागज़ के बैग जैव अपघटनीय होते हैं और आसानी से पुनर्चक्रित किए जा सकते हैं।
इनके पुनर्चक्रण से हानिकारक गैसें नहीं निकलतीं।
ये पर्यावरण को कम नुकसान पहुँचाते हैं, जबकि प्लास्टिक समुद्री जीवों के लिए खतरनाक होता है।
प्रश्न 33. प्रत्येक खाद्य श्रृंखला में केवल 4–5 ट्रॉफिक स्तर ही क्यों होते हैं?
उत्तर: हर ट्रॉफिक स्तर पर ऊर्जा का लगभग 90% भाग नष्ट हो जाता है और केवल 10% ऊर्जा अगले स्तर तक पहुँचती है। इसी कारण ऊर्जा की कमी के चलते खाद्य श्रृंखला अधिक लंबी नहीं हो पाती।
प्रश्न 34. आपके घर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रकार और उसके निपटान के उपाय बताइए।
उत्तर:
कचरे के प्रकार:
रसोई का कचरा (सब्जियों के छिलके आदि)
प्लास्टिक व पैकेजिंग सामग्री
कागज़ व पुराने अखबार
निपटान के उपाय:
कचरे का अलग-अलग वर्गीकरण
जैविक कचरे से खाद बनाना
पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण करना
प्रश्न 35. खाद्य श्रृंखला क्या है? इसमें स्वपोषी और शाकाहारियों का स्थान बताइए।
उत्तर: खाद्य श्रृंखला वह क्रम है जिसमें एक जीव दूसरे को खाकर ऊर्जा प्राप्त करता है।
स्वपोषी (पौधे): प्रथम ट्रॉफिक स्तर
शाकाहारी: द्वितीय ट्रॉफिक स्तर
अधिक ट्रॉफिक स्तर संभव नहीं होते क्योंकि हर स्तर पर ऊर्जा कम होती जाती है।
प्रश्न 36. ओजोन परत के क्षय की प्रक्रिया और उसके प्रभाव बताइए।
उत्तर: ओजोन परत का पतला होना ओजोन क्षय कहलाता है, जिसका मुख्य कारण CFCs जैसे रसायन हैं।
प्रभाव:
त्वचा रोग और कैंसर
आँखों की क्षति
प्रतिरक्षा तंत्र पर असर
पौधों की वृद्धि में कमी
प्रश्न 37. कचरे को कम करने के लिए हम कौन-सी आदतें अपना सकते हैं?
उत्तर:
कम पैकेजिंग वाले उत्पादों का उपयोग
कचरे का पृथक्करण
पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग
अनावश्यक वस्तुओं का कम उपयोग
प्रश्न 38. यदि खाद्य श्रृंखला से शेर को हटा दिया जाए तो क्या होगा?
उत्तर: हिरणों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे अत्यधिक चराई होगी और पौधे समाप्त हो सकते हैं। इससे पर्यावरण असंतुलित हो जाएगा।
प्रश्न 39. निम्न पदार्थों को जैव अपघटनीय और अ-जैव अपघटनीय में वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर: जैव अपघटनीय: कागज़, घास, लकड़ी, जूट बैग, कपास, सब्जियों के छिलके
अ-जैव अपघटनीय: काँच की बोतल, प्लास्टिक, DDT, पेन रिफिल
प्रश्न 40. विभिन्न प्रकार की खाद्य श्रृंखलाएँ लिखिए।
उत्तर: (a) समुद्र में: फाइटोप्लैंकटन → ज़ूप्लैंकटन → छोटी मछली → बड़ी मछली
(b) जो मानव पर समाप्त होती है: पौधे → बकरी → मनुष्य
(c) पाँच स्तर वाली: पौधे → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
प्रश्न 41.
(a) ट्रॉफिक स्तर को परिभाषित कीजिए तथा चार स्तरों वाली खाद्य श्रृंखला बनाइए।
(b) यदि किसी एक ट्रॉफिक स्तर के सभी जीवों को समाप्त कर दिया जाए तो क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: (a) खाद्य श्रृंखला में वह प्रत्येक चरण, जहाँ भोजन और ऊर्जा का स्थानांतरण होता है, ट्रॉफिक स्तर कहलाता है। प्रत्येक जीव अपने-अपने स्तर का प्रतिनिधित्व करता है।
उदाहरण (चार ट्रॉफिक स्तर):
घास → कीट → मेंढक → पक्षी
घास – उत्पादक (प्रथम स्तर)
कीट – प्राथमिक उपभोक्ता
मेंढक – द्वितीयक उपभोक्ता
पक्षी – तृतीयक उपभोक्ता
(b) यदि किसी एक ट्रॉफिक स्तर के सभी जीव समाप्त हो जाएँ, तो इसका प्रभाव पूरे पारितंत्र पर पड़ता है।
अगले ट्रॉफिक स्तर के जीवों को भोजन नहीं मिलेगा, जिससे वे भूख के कारण मर सकते हैं या दूसरे स्थानों पर चले जाएँगे।
पिछले स्तर के जीवों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाएगी, क्योंकि उन्हें खाने वाला कोई नहीं रहेगा।
इससे पारितंत्र का संतुलन बिगड़ जाएगा।
उदाहरण: यदि जंगल में सभी शाकाहारी जीव (जैसे हिरण, खरगोश) समाप्त हो जाएँ, तो मांसाहारी जीव (जैसे शेर, बाघ) को भोजन नहीं मिलेगा और वे मर सकते हैं या मानव बस्तियों की ओर आ सकते हैं। वहीं पौधों की संख्या अत्यधिक बढ़ जाएगी।
प्रश्न 42.किसी पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) में ऊर्जा कैसे प्रवाहित होती है, इसे दर्शाइए। यह एकदिशीय (unidirectional) क्यों होती है? समझाइए।
उत्तर : पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) में ऊर्जा का प्रवाह इस प्रकार होता है:
पारिस्थितिकी तंत्र में हरे पौधे सूर्य के प्रकाश का लगभग 1% भाग ग्रहण करके उसे भोजन ऊर्जा में बदलते हैं।
प्राथमिक उपभोक्ता (primary consumers) अधिकांश ऊर्जा को ऊष्मा (heat) के रूप में खो देते हैं और केवल लगभग 10% ऊर्जा ही अगले पोषण स्तर तक पहुँचती है।
ऊर्जा की इस हानि के कारण खाद्य शृंखलाएँ (food chains) सामान्यतः केवल तीन या चार पोषण स्तरों की होती हैं।
निचले पोषण स्तरों पर जीवों की संख्या अधिक होती है, जिसमें उत्पादक (producers) सबसे अधिक संख्या में पाए जाते हैं।
खाद्य शृंखलाएँ (food chains) जटिल होती हैं और अक्सर सीधी शृंखला के बजाय आपस में जुड़कर खाद्य जाल (food web) का निर्माण करती हैं।
ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय (unidirectional) होता है क्योंकि स्वपोषी (autotrophs) द्वारा ग्रहण की गई ऊर्जा सूर्य को वापस नहीं लौटती।
स्वपोषी से शाकाहारी जीवों (herbivores) को दी गई ऊर्जा फिर से स्वपोषी जीवों को वापस नहीं जाती।
जैसे-जैसे ऊर्जा विभिन्न पोषण स्तरों (trophic levels) से गुजरती है, वह पिछले स्तर के लिए अनुपलब्ध हो जाती है।
इसके अलावा, खाद्य शृंखला में ऊपर की ओर बढ़ते समय प्रत्येक पोषण स्तर पर ऊर्जा का क्षय (loss) होने के कारण ऊर्जा की मात्रा घटती जाती है।
प्रश्न 43. कृषि कार्यों के पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: कृषि गतिविधियों का पर्यावरण पर कई प्रकार से प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जो इस प्रकार हैं—
मृदा क्षरण (Soil Degradation): लगातार खेती करने से मिट्टी की उर्वरता घट जाती है और समय के साथ मृदा अपरदन तथा मरुस्थलीकरण की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रदूषण (Pollution): रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अधिक उपयोग से मिट्टी, जल और वायु प्रदूषित हो जाते हैं।
जल संकट (Water Shortage): सिंचाई के लिए भूजल का अत्यधिक दोहन करने से जल स्तर नीचे चला जाता है, जिससे जल की कमी उत्पन्न होती है।
जैव आवर्धन (Biomagnification): अअपघटनीय कीटनाशक खाद्य श्रृंखला में जमा होते जाते हैं और उच्च ट्रॉफिक स्तर पर उनकी मात्रा बढ़ जाती है।
वनों की कटाई (Deforestation): कृषि भूमि बढ़ाने के लिए पेड़ों की कटाई से वन्य जीवों का आवास नष्ट होता है और पारितंत्र असंतुलित हो जाता है।
प्रश्न 44. (a) दिए गए खाद्य श्रृंखला में केवल 2 J ऊर्जा मोर (peacock) को प्राप्त हुई है। घास (Grass) में कितनी ऊर्जा होगी? कारण बताइए।
Grass → Grasshopper → Frog → Snake → Peacock
(b) दिए गए खाद्य श्रृंखला में 100 J ऊर्जा शेर (lion) को प्राप्त होती है। उत्पादक (producer) में कितनी ऊर्जा उपलब्ध थी?
(c) ten percent law क्या है? एक उदाहरण देकर समझाइए कि ऊर्जा विभिन्न पोषण स्तरों (trophic levels) से कैसे प्रवाहित होती है।
उत्तर: दी गई खाद्य श्रृंखला में घास में 20,000 J ऊर्जा होनी चाहिए। यह इसलिए है क्योंकि ऊर्जा स्थानांतरण के 10% नियम के अनुसार केवल 10% ऊर्जा ही अगले पोषण स्तर तक जाती है।
(b) Plants → Deer → Lion
उत्पादक (producer) में 1,00,000 J ऊर्जा उपलब्ध थी।
(c) खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक अगले पोषण स्तर (trophic level) पर उपलब्ध ऊर्जा, पिछले स्तर की ऊर्जा का केवल दस प्रतिशत होती है। इसे दस प्रतिशत नियम (ten per cent law) कहा जाता है। इस प्रकार प्रत्येक पोषण स्तर पर 90 प्रतिशत ऊर्जा पर्यावरण में ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
हालाँकि, प्रकाश संश्लेषण के दौरान पौधे सूर्य की विकिरण ऊर्जा का केवल लगभग 1 प्रतिशत ही अवशोषित करते हैं। इसे इस प्रकार समझाया जा सकता है:
1000 J प्रकाश ऊर्जा में से केवल 10 J ऊर्जा ही पौधों द्वारा भोजन ऊर्जा में परिवर्तित की जाती है।
प्रश्न 45. उपभोक्ता (Consumers) क्या होते हैं? इनके चार प्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर: उपभोक्ता वे जीव होते हैं जो अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और भोजन के लिए अन्य जीवों (पौधों या जानवरों) पर निर्भर रहते हैं। इन्हें परपोषी (Heterotrophs) भी कहा जाता है।
उपभोक्ताओं को निम्न चार श्रेणियों में विभाजित किया जाता है—
(i) प्राथमिक उपभोक्ता (Primary Consumers):
ये शाकाहारी जीव होते हैं, जो सीधे पौधों या उनके उत्पादों को खाते हैं।
उदाहरण: गाय, हिरण, बकरी, खरगोश, टिड्डा आदि।
(ii) द्वितीयक उपभोक्ता (Secondary Consumers):
ये जीव प्राथमिक उपभोक्ताओं को खाते हैं। ये मांसाहारी या सर्वाहारी हो सकते हैं।
उदाहरण: बिल्ली, कुत्ता, लोमड़ी, छोटी मछलियाँ आदि।
(iii) तृतीयक उपभोक्ता (Tertiary Consumers):
ये बड़े मांसाहारी होते हैं, जो प्राथमिक और द्वितीयक उपभोक्ताओं को खाते हैं।
उदाहरण: शेर, भेड़िया, मगरमच्छ आदि।
(iv) चतुर्थक उपभोक्ता (Quaternary Consumers):
ये सबसे ऊँचे स्तर के उपभोक्ता होते हैं, जो अन्य मांसाहारियों को भी खाते हैं।
उदाहरण: बाघ, बाज (Eagle), शिकार करने वाले बड़े पक्षी आदि।
प्रश्न 46.केस स्टडी (Case Study)
ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल में उपस्थित होती है और सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है। निचले वायुमंडल में बनने वाली ओजोन हानिकारक होती है, जबकि ऊपरी वायुमंडल में पाई जाने वाली ओजोन लाभकारी होती है। यह तीन ऑक्सीजन परमाणुओं (O₃) से बनी होती है।
(i) अच्छी (Good) ओजोन वायुमंडल की किस परत में पाई जाती है?
(a) क्षोभमंडल
(b) मध्यमंडल
(c) समताप मंडल
(d) तापमंडल
उत्तर: (c) समताप मंडल
(ii) बढ़ी हुई UV किरणों का मनुष्यों और अन्य जीवों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(a) त्वचा कैंसर
(b) आँखों में मोतियाबिंद
(c) फसलों की उपज में कमी
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी
(iii) निम्न कथनों को सत्य (T) और असत्य (F) के रूप में पहचानिए:
I. वायुमंडल में ओजोन की मात्रा में तेज गिरावट 1960 के दशक में शुरू हुई।
II. ओजोन का निर्माण प्रकाश-रासायनिक अभिक्रियाओं से होता है।
III. हानिकारक रसायन UV किरणों की उपस्थिति में सक्रिय क्लोरीन बनाते हैं, जो ओजोन को नष्ट करते हैं।
IV. ओजोन सूर्य की हानिकारक UV किरणों को अवशोषित करती है।
उत्तर:
I – ❌ (गलत, गिरावट 1980 के दशक में अधिक देखी गई)
II – ✔️
III – ✔️
IV – ✔️
(iv) निम्न में से कौन-सा यौगिक ओजोन परत के क्षय का कारण बनता है?
(a) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs)
(b) मीथेन
(c) नाइट्रस ऑक्साइड
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी
प्रश्न 47. दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
परीक्षा के बाद राकेश अपने दोस्तों के साथ पास के पार्क में पिकनिक मनाने गया। सभी अपने साथ खाना प्लास्टिक बैग और डिब्बों में लाए थे। खाने के बाद कुछ दोस्तों ने बचा हुआ खाना और प्लास्टिक कचरा इकट्ठा करके उसे जलाने का विचार किया। राकेश ने उन्हें रोका और सुझाव दिया कि खाने के अवशेष और फलों के छिलकों को प्लास्टिक से अलग करके अलग-अलग डस्टबिन (हरा और लाल) में डालना चाहिए।
(a) क्या प्लास्टिक जलाना पर्यावरण के अनुकूल तरीका है? कारण बताइए। राकेश द्वारा बताए गए तरीके का लाभ भी लिखिए।
उत्तर:
नहीं, प्लास्टिक जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है क्योंकि इससे विषैली गैसें निकलती हैं, जो वायु प्रदूषण फैलाती हैं और मनुष्यों, जानवरों व पौधों के लिए नुकसानदायक होती हैं।
राकेश का तरीका बेहतर है क्योंकि कचरे को अलग-अलग करने से उसका सही निपटान और पुनर्चक्रण संभव होता है।
(b) पार्क और सड़कों को साफ़ रखने में हम कैसे योगदान दे सकते हैं?
उत्तर:
कचरा हमेशा डस्टबिन में डालना चाहिए
गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना चाहिए
सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी नहीं फैलानी चाहिए
दूसरों को भी सफाई के लिए जागरूक करना चाहिए
प्रश्न 48. दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
खाद्य श्रृंखला का प्रत्येक स्तर ट्रॉफिक स्तर कहलाता है। स्वपोषी या उत्पादक पहले ट्रॉफिक स्तर पर होते हैं, जो सूर्य की ऊर्जा को ग्रहण करके भोजन बनाते हैं। इसके बाद शाकाहारी (प्राथमिक उपभोक्ता), फिर मांसाहारी (द्वितीयक व तृतीयक उपभोक्ता) क्रमशः आते हैं। इस प्रकार ऊर्जा एक स्तर से दूसरे स्तर तक प्रवाहित होती है।
(a) खाद्य श्रृंखला के प्रथम ट्रॉफिक स्तर पर कौन-से जीव होते हैं? उन्हें ऐसा क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
प्रथम ट्रॉफिक स्तर पर उत्पादक (हरे पौधे) होते हैं। इन्हें उत्पादक इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये सूर्य के प्रकाश की सहायता से प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं और अन्य जीवों के लिए ऊर्जा का स्रोत बनते हैं।
(b) दिए गए खाद्य श्रृंखला में यदि बाज को 5 J ऊर्जा प्राप्त होती है, तो घास में कितनी ऊर्जा होगी? कारण सहित बताइए।
खाद्य श्रृंखला: घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
उत्तर: 10% नियम के अनुसार प्रत्येक ट्रॉफिक स्तर पर केवल 10% ऊर्जा अगले स्तर तक पहुँचती है।
इसलिए उल्टी दिशा में गणना करने पर:
बाज = 5 J
साँप = 50 J
मेंढक = 500 J
टिड्डा = 5000 J
घास = 50,000 J
अतः घास में 50,000 J ऊर्जा उपस्थित होगी।
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