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कक्षा 10 SST समकालीन भारत अध्याय 3: जल संसाधन के महत्वपूर्ण प्रश्न (MIQs)

PW Class 10 SST अध्याय 3 ‘जल संसाधन’ के महत्वपूर्ण प्रश्न विद्यार्थियों को जल संकट, जल संरक्षण, बाँधों और वर्षा जल संचयन जैसे प्रमुख विषयों की आसान और प्रभावी तैयारी करने में मदद करते हैं। अध्यायवार और अंकवार प्रश्नों के माध्यम से छात्र बेहतर उत्तर लिखकर परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
authorImagePriyanka Yadav11 Jul, 2026
कक्षा 10 SST समकालीन भारत अध्याय 3: जल संसाधन के महत्वपूर्ण प्रश्न (MIQs)

‘जल संसाधन’ चैप्टर में कई विषय, परियोजनाएँ, समस्याएँ और उनके समाधान आपस में जुड़े होते हैं, जिससे विद्यार्थियों को कई बार विषय समझने में कठिनाई होती है। पर्याप्त अभ्यास न होने पर कारण, प्रभाव और समाधान में अंतर करना मुश्किल हो सकता है।

PW के महत्वपूर्ण प्रश्न अध्याय को सरल भागों में समझने में मदद करते हैं। नियमित अभ्यास से छात्र अपने उत्तरों में कारण, प्रभाव और समाधान को स्पष्ट रूप से लिखना सीखते हैं, जिससे उत्तर अधिक प्रभावशाली बनते हैं और परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

अध्याय 3 जल संसाधन के महत्वपूर्ण प्रश्न 

यहाँ कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान भूगोल अध्याय 3 ‘जल संसाधन’ के महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए हैं, जिनमें जल संकट, जल संरक्षण के उपाय, बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएँ तथा सतत जल प्रबंधन जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। इनके माध्यम से छात्र बेहतर समझ विकसित कर सकते हैं और परीक्षा की तैयारी अधिक प्रभावी तरीके से कर सकते हैं।

खंड – A (1 अंक)

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा मीठे पानी का स्रोत नहीं है?

(A) महासागर
(B) सतही अपवाह
(C) हिम चादरें
(D) भूजल

उत्तर: (A) महासागर

प्रश्न 2. कई शहरों में पानी उपलब्ध होने के बावजूद जल संकट क्यों होता है?

(A) उपयोगिता में प्रयोग
(B) पानी का असमान वितरण
(C) तकनीकी क्षेत्रों में त्रुटि
(D) उचित वितरण के लिए आधारभूत संरचना की कमी

उत्तर: (B) पानी का असमान वितरण

प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सी बहुउद्देशीय परियोजना सतलुज-बीस नदी बेसिन में स्थित है?

(A) हीराकुंड परियोजना
(B) दामोदर घाटी निगम
(C) भाखड़ा नांगल परियोजना
(D) रिहंद परियोजना

उत्तर: (C) भाखड़ा नांगल परियोजना

प्रश्न 4. नर्मदा बचाओ आंदोलन ने प्रारंभ में किस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया था?

(A) भूमिहीन किसानों को सिंचाई के लाभ
(B) बाँध के पानी में पेड़ों के डूबने से संबंधित पर्यावरणीय मुद्दे
(C) बाँध निर्माण के कारण विस्थापित लोगों का पुनर्वास
(D) बाँध निर्माण में धन की बर्बादी से जुड़े आर्थिक मुद्दे

उत्तर: (B) बाँध के पानी में पेड़ों के डूबने से संबंधित पर्यावरणीय मुद्दे

प्रश्न 5. भारत का कौन-सा राज्य पूरे राज्य में सभी घरों के लिए छत पर वर्षा जल संचयन संरचनाएँ अनिवार्य करने वाला पहला राज्य बना?

(A) पश्चिम बंगाल
(B) मेघालय
(C) राजस्थान
(D) तमिलनाडु

उत्तर: (D) तमिलनाडु

प्रश्न 6. पहाड़ी या पर्वतीय क्षेत्रों में लोग जल संरक्षण या जल संचयन कैसे करते हैं?

उत्तर: ‘गुल’ या ‘कुल’ जैसे जल मोड़ने वाले चैनल बनाकर।

 

प्रश्न 7. 11वीं शताब्दी में निर्मित प्राचीन भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील कौन-सी थी?

उत्तर: भोपाल झील

 प्रश्न 8. कोयना और नागार्जुन सागर बाँध किस नदी पर स्थित हैं?

उत्तर: कृष्णा नदी

प्रश्न 9. नदी बेसिन क्या होता है?उत्तर: वह क्षेत्र जो किसी एक नदी तंत्र द्वारा जल निकासी करता है, नदी बेसिन कहलाता है। इसे जल निकासी बेसिन भी कहते हैं।

 प्रश्न 10. संरचना और उपयोग की गई सामग्री के आधार पर बाँधों के दो प्रकारों के नाम बताइए।

उत्तर: लकड़ी के बाँध, तटबंध बाँध तथा चिनाई (मेसनरी) बाँध।

 

खंड – B (2 अंक)

प्रश्न 11. बहुउद्देशीय परियोजनाओं के विकल्प के रूप में किसे उपयुक्त माना गया और क्यों?

उत्तर:बहुउद्देशीय परियोजनाओं के बढ़ते विरोध और उनकी कमियों के कारण जल संचयन प्रणालियों को एक बेहतर विकल्प माना गया। यह सामाजिक-आर्थिक तथा पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक लाभकारी है।

 प्रश्न 12. बाँध क्या हैं? ये जल संरक्षण और प्रबंधन में कैसे सहायता करते हैं?

उत्तर:बाँध बहते हुए जल पर बनाई गई ऐसी अवरोधक संरचना है, जो जल के प्रवाह को रोकती, नियंत्रित करती या धीमा करती है, जिससे जलाशय का निर्माण होता है।

(i) बाँधों का निर्माण नदियों और वर्षा जल को संग्रहित करने के लिए किया जाता है, ताकि बाद में कृषि सिंचाई में उपयोग किया जा सके।

(ii) बाँध स्थायी नहरों के स्रोत भी होते हैं।

प्रश्न 13. बाँधों को आधुनिक भारत के मंदिर किसने कहा था? कारण बताइए।

उत्तर:जवाहरलाल नेहरू ने बाँधों को आधुनिक भारत के मंदिर कहा था। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि बाँध कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को तीव्र औद्योगीकरण तथा शहरी अर्थव्यवस्था की वृद्धि से जोड़ते हैं।

प्रश्न 14. तमिलनाडु ने पानी की गंभीर कमी की समस्या का समाधान कैसे किया?

उत्तर:तमिलनाडु ने छत पर वर्षा जल संचयन तकनीक अपनाकर पानी की गंभीर कमी की समस्या का समाधान किया। राज्य में सभी घरों के लिए इस व्यवस्था को कानून के तहत अनिवार्य बना दिया गया।

प्रश्न 15. क्या शहरीकरण जल प्रदूषण को बढ़ावा देता है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: हाँ, शहरीकरण जल प्रदूषण को बढ़ावा देता है।

(i) शहरीकरण के कारण कंक्रीटीकरण बढ़ता है, जिससे भूजल पुनर्भरण कम हो जाता है।

(ii) उद्योगों के अपशिष्ट बिना शुद्धिकरण के जल स्रोतों में छोड़ दिए जाते हैं, जिससे जल प्रदूषित होता है।

 

खंड – C (3 अंक)

 प्रश्न 16. ‘बहुउद्देशीय परियोजनाएँ और बड़े बाँध कई सामाजिक आंदोलनों का कारण भी बने हैं।’ ऐसे किसी दो आंदोलनों के नाम लिखिए। ये आंदोलन क्यों शुरू किए गए थे?

 उत्तर: ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ और ‘टिहरी बाँध आंदोलन’ ऐसे दो प्रमुख सामाजिक आंदोलन थे।

इन आंदोलनों का मुख्य कारण बड़े बाँधों और बहुउद्देशीय परियोजनाओं के कारण स्थानीय लोगों का बड़े पैमाने पर विस्थापन था। लोगों को राष्ट्रहित के नाम पर अपनी भूमि, आजीविका तथा संसाधनों पर अपना अधिकार छोड़ना पड़ा।

 प्रश्न 17. भारत जैसे देश में विभिन्न जल संचयन प्रणालियों को सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयुक्त विकल्प क्यों माना जाता है?

 उत्तर:

 (i) जल संचयन जल संरक्षण का सस्ता और किफायती तरीका है।

(ii) भारतीय लोगों को वर्षा के स्वरूप और मिट्टी के प्रकारों का गहरा ज्ञान है। उन्होंने स्थानीय पर्यावरणीय परिस्थितियों और जल आवश्यकताओं के अनुसार वर्षा जल, भूजल और बाढ़ के पानी को संग्रहित करने की तकनीकें विकसित की हैं।

(iii) वर्षा जल संचयन तकनीकें बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल होती हैं।

 प्रश्न 18. उद्योगों की बढ़ती संख्या मौजूदा मीठे जल संसाधनों पर किस प्रकार दबाव डालती है?

 उत्तर: (i) उद्योग पानी का उपयोग शीतलक, कच्चे माल और विलायक के रूप में करते हैं।

(ii) उद्योग हानिकारक रसायनों को जल स्रोतों में छोड़ते हैं, जिससे जल प्रदूषित होता है।

(iii) भारत की अधिकांश नदियाँ उद्योगों द्वारा छोड़े गए विषैले रसायनों के कारण प्रदूषित हो चुकी हैं।

 प्रश्न 19. भूजल संसाधनों के अत्यधिक दोहन के दुष्प्रभाव लिखिए।

 उत्तर:भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन भूजल स्तर को नीचे गिरा देता है।

(i) इससे जल की उपलब्धता प्रभावित होती है।

(ii) इसका प्रभाव कृषि और लोगों की खाद्य सुरक्षा पर पड़ता है।

(iii) जल संसाधनों की कमी पारिस्थितिक चक्र को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।

 

खंड – D (5 अंक)

 प्रश्न 20. ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन’ क्या है? यह क्यों आयोजित किया गया था? इस आंदोलन द्वारा कौन-कौन से मुद्दे उठाए गए?

 उत्तर:

(a) नर्मदा बचाओ आंदोलन एक प्रमुख सामाजिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को प्राकृतिक संसाधनों तक पहुँच और उन पर नियंत्रण दिलाना था।

(b) 1980 और 1990 के दशक में इस आंदोलन ने नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बाँध से प्रभावित गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के लोगों की समस्याओं को विश्व स्तर पर सामने लाया।

(c) नर्मदा बचाओ आंदोलन एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) है, जिसने आदिवासियों, किसानों, पर्यावरणविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को सरदार सरोवर बाँध के विरोध में संगठित किया।

(d) प्रारंभ में यह आंदोलन बाँध के पानी में डूबने वाले पेड़ों और पर्यावरणीय समस्याओं पर केंद्रित था।

(e) बाद में इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य विस्थापित गरीब लोगों को सरकार से पूर्ण पुनर्वास सुविधाएँ दिलाना बन गया।

 प्रश्न 21. राजस्थान में छत पर वर्षा जल संचयन क्यों महत्वपूर्ण है? स्पष्ट कीजिए।

 उत्तर: राजस्थान में छत पर वर्षा जल संचयन निम्नलिखित कारणों से महत्वपूर्ण है—

(a) टांकों में संग्रहित वर्षा जल पीने के पानी का विश्वसनीय स्रोत होता है, विशेषकर तब जब अन्य जल स्रोत सूख जाते हैं।

(b) वर्षा जल को प्राकृतिक रूप से सबसे शुद्ध जल माना जाता है।

(c) कई घरों में टांकों के पास भूमिगत कमरे बनाए जाते हैं, जो गर्मियों में ठंडक बनाए रखते हैं।

(d) राजस्थान में बारहमासी नदियों की कमी है।

(e) इस क्षेत्र में वर्षा अनियमित और अविश्वसनीय होती है।

प्रश्न 22. बाँस ड्रिप सिंचाई क्या है? इसकी कोई दो विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर:लगभग 18-20 लीटर पानी बाँस की पाइप प्रणाली में प्रवेश करता है, जो सैकड़ों मीटर तक पहुँचकर पौधों तक प्रति मिनट 20-80 बूंदों के रूप में पहुँचता है। इस बाँस ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग मेघालय में किया जाता है।

बाँस ड्रिप सिंचाई की विशेषताएँ—

(i) यह लगभग 200 वर्ष पुरानी प्रणाली है, जिसमें बाँस की पाइपों द्वारा झरनों और बहते जल का उपयोग किया जाता है।

(ii) बाँस की पाइपों के माध्यम से पहाड़ियों के ऊपरी भागों के जल स्रोतों को गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा नीचे के क्षेत्रों तक पहुँचाया जाता है।

(iii) बाँस से बने चैनल पानी को पौधों तक पहुँचाकर विभिन्न शाखाओं में वितरित करते हैं।

 

खंड – E (4 अंक)

प्रश्न 23.पृथ्वी की 3/4 सतह जल से ढकी हुई है, फिर भी जल संकट बना हुआ है। यद्यपि जल को नवीकरणीय संसाधन माना जाता है, इसकी उपलब्धता सीमित है। नीति आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर वर्ष लगभग 2 लाख लोगों की मृत्यु पर्याप्त जल आपूर्ति न होने के कारण होती है। सामान्य धारणा यह है कि केवल राजस्थान जैसे शुष्क राज्यों में ही जल संकट होता है, लेकिन चेन्नई और दिल्ली जैसे शहरों में भूजल संकट ने इस मिथक को तोड़ दिया है।

आश्चर्य की बात यह है कि जल की उपलब्धता के साथ-साथ जल की गुणवत्ता भी एक बड़ी समस्या है, क्योंकि दूषित जल भारत में कई जलजनित बीमारियों का कारण बनता है। नागरिकों को जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों को प्रभावी कदम उठाने चाहिए तथा समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना चाहिए।

(i) “जल, जल हर जगह, पीने को एक बूंद नहीं?” टिप्पणी कीजिए।

उत्तर: यद्यपि पृथ्वी की 3/4 सतह जल से ढकी हुई है और जल एक प्राकृतिक संसाधन है, लेकिन इसका अधिकांश भाग महासागरों में खारे पानी के रूप में मौजूद है, जिसे मनुष्य सीधे उपयोग नहीं कर सकता। इसके अतिरिक्त, जल की खपत की दर उसके पुनर्भरण की दर से अधिक है, जिसके कारण विशेष रूप से भारत में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है।

(ii) अधिक वर्षा वाले राज्यों में भी जल संकट क्यों होता है? कारण बताइए।

उत्तर: (i) भूजल का अत्यधिक दोहन — सिंचाई और व्यावसायिक उपयोग के लिए अत्यधिक जल निकासी से जल संसाधन कम हो जाते हैं।

(ii) जनसंख्या वृद्धि — तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण जल की मांग बढ़ती जा रही है।

 (iii) बदलती जीवनशैली — शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की अधिक खपत और बर्बादी से जल संकट बढ़ता है।

खंड – F [मानचित्र आधारित प्रश्न]

प्रश्न 24. दिए गए भारत के मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को उपयुक्त चिन्हों सहित दर्शाइए और नाम लिखिए।

  1. टिहरी बाँध

  2. भाखड़ा नांगल बाँध

  3. राणा प्रताप सागर बाँध

  4. सलाल बाँध

 

उत्तर 

 

PW  Class 10 SST ‘जल संसाधन  की बेहतर तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव 

अध्याय के मुख्य विषयों को अच्छे से समझें : जल संकट, जल संरक्षण, बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएँ, वर्षा जल संचयन और बाँधों के लाभ-हानि जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कॉन्सेप्ट के साथ पढ़ें। केवल रटने के बजाय कारण, प्रभाव और समाधान को समझने पर ध्यान दें।

मानचित्र कार्य और परियोजनाओं का नियमित अभ्यास करें : टिहरी बाँध, भाखड़ा नांगल बाँध, सलाल बाँध और राणा प्रताप सागर जैसी परियोजनाओं की मैप प्रैक्टिस करें। बोर्ड परीक्षा में मानचित्र आधारित प्रश्न महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए स्थानों को सही तरीके से याद करना जरूरी है।

महत्वपूर्ण प्रश्नों और MCQs का अभ्यास करें : 1 अंक, 2 अंक, 3 अंक और 5 अंक वाले प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें। इससे उत्तर लिखने की गति बढ़ती है और परीक्षा में प्रश्नों को सही तरीके से प्रस्तुत करने का आत्मविश्वास मिलता है।

उत्तर लिखने की सही तकनीक अपनाएँ :  बड़े उत्तरों में बिंदुवार लेखन, मुख्य शब्दों का उपयोग और साफ प्रस्तुति पर ध्यान दें। जहाँ आवश्यक हो वहाँ उदाहरण और परियोजनाओं के नाम लिखें, इससे उत्तर अधिक प्रभावी बनते हैं और अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलती है।

 

Adhyay 3 Jal Sansadhan FAQs

Q1. Jal Sansadhan Adhyay mein sabse mahatvapurn topics kaun-kaun se hain?

इस अध्याय में जल संकट, जल संरक्षण, बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएँ, वर्षा जल संचयन, बाँधों के लाभ-हानि और जल प्रबंधन जैसे विषय सबसे महत्वपूर्ण हैं।

Q2. Board Pariksha mein Jal Sansadhan Adhyay se kis prakar ke prashn poochhe jaate hain?

इस अध्याय से MCQs, लघु उत्तरीय प्रश्न, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न, केस स्टडी और मानचित्र आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

Q3. Jal Sansadhan Adhyay ki taiyari kaise karein?

अध्याय के मुख्य कॉन्सेप्ट समझें, महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें, मानचित्र कार्य की तैयारी करें और नियमित रूप से NCERT का रिवीजन करें।

Q4. Jal Sansadhan Adhyay mein Map Work kyon mahatvapurn hai?

मानचित्र कार्य से बाँधों और नदी परियोजनाओं के स्थान याद रखने में मदद मिलती है। बोर्ड परीक्षा में मानचित्र आधारित प्रश्न अच्छे अंक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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