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कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 12: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव NCERT Solutions

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 12 'विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव' के NCERT Solutions में चुंबकीय क्षेत्र, विद्युत चुंबक, मोटर, जनित्र और फ्लेमिंग नियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में समझाया गया है। ये प्रश्न-उत्तर बोर्ड परीक्षा की तैयारी और त्वरित रिवीजन के लिए उपयोगी हैं।
कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 12: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव NCERT Solutions

 

कई छात्रों को कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 12 'विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव' में चुंबकीय क्षेत्र, फ्लेमिंग नियम, विद्युत मोटर और जनित्र जैसी अवधारणाओं को समझने में कठिनाई होती है। बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से अक्सर संख्यात्मक और अवधारणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए इस लेख में सभी महत्वपूर्ण NCERT प्रश्न-उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं, ताकि छात्र अपनी अवधारणाएँ मजबूत कर सकें और परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें। 

विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव Class 10 NCERT Solutions के साथ 

Class 10 Science Chapter 12 Magnetic Effects of Electric Current यानी “विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव” के एनसीईआरटी समाधान मुख्य अवधारणाओं जैसे चुंबकीय क्षेत्र, विद्युत चुंबक और धारा प्रवाहित चालक पर लगने वाले बल को सरल तरीके से समझाते हैं। ये प्रश्न-उत्तर छात्रों को अभ्यास करने में मदद करते हैं और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए तैयारी को मजबूत बनाते हैं। 

प्रश्न 1: जब कम्पास की सुई को किसी छड़ चुंबक के पास लाया जाता है, तो वह क्यों विचलित हो जाती है?

उत्तर: जब कम्पास की सुई को किसी छड़ चुंबक के पास लाया जाता है, तो वह चुंबकीय क्षेत्रों की परस्पर क्रिया के कारण विचलित हो जाती है। कम्पास की सुई स्वयं एक छोटा चुंबक होती है, जिसका अपना चुंबकीय क्षेत्र होता है। जब इसे छड़ चुंबक के पास लाया जाता है, तो छड़ चुंबक का चुंबकीय क्षेत्र सुई पर बल लगाता है। इस बल के कारण सुई छड़ चुंबक के चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में समायोजित हो जाती है, जिससे वह विचलित दिखाई देती है। सुई का विचलन चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और उसकी तीव्रता को भी दर्शाता है।

 

प्रश्न 2: एक छड़ चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ बनाइए।

उत्तर: छड़ चुंबक की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ हमेशा उसके उत्तरी ध्रुव (North Pole) से निकलती हैं और वक्राकार रूप में घूमकर दक्षिणी ध्रुव (South Pole) में प्रवेश करती हैं। इस प्रकार ये रेखाएँ एक बंद लूप (closed loop) बनाती हैं।

जब कम्पास की सुई को छड़ चुंबक के पास लाया जाता है, तो वह इन चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुसार स्वयं को व्यवस्थित कर लेती है, जिससे उसमें विचलन होता है। सुई का यह विचलन चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और उसकी तीव्रता के बारे में जानकारी देता है।

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प्रश्न 3: चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण लिखिए। 

उत्तर: चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण निम्नलिखित हैं:

  • ये कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।

  • किसी बिंदु पर स्पर्शरेखा क्षेत्र की दिशा बताती है।

  • ध्रुवों के पास क्षेत्र रेखाएँ अधिक सघन होती हैं।

  • ये बंद वक्र बनाती हैं।

  •  

प्रश्न 4: दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काटती हैं? 

उत्तर: दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटती हैं। क्योंकि यदि वे एक-दूसरे को काटेंगी, तो उस कटाव वाले स्थान पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दो अलग-अलग हो जाएगी, जो संभव नहीं है।

दरअसल, किसी भी एक बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की केवल एक ही दिशा हो सकती है। यदि क्षेत्र रेखाएँ आपस में कटेंगी, तो कम्पास की सुई को एक ही स्थान पर दो दिशाएँ मिलेंगी, जो असंभव है।

इसलिए चुंबकीय क्षेत्र की सही दिशा बनाए रखने के लिए क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटती हैं।

 

प्रश्न 5: एक वृत्ताकार तार की कुंडली (circular loop) मेज की सतह पर रखी है। इसमें धारा घड़ी की दिशा (clockwise) में प्रवाहित हो रही है। दाहिने हाथ के नियम का उपयोग करके कुंडली के अंदर और बाहर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताइए।

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किसी कुंडली (loop) में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा निर्भर करती है।

यदि धारा कुंडली में नीचे की ओर बहती है, तो कुंडली के बाहर चुंबकीय क्षेत्र मेज की सतह से बाहर की ओर निकलता हुआ दिखाई देता है, जबकि कुंडली के अंदर यह मेज की सतह की ओर जाता है।

इसके विपरीत, यदि धारा ऊपर की ओर बहती है, तो चुंबकीय क्षेत्र कुंडली के अंदर मेज की सतह से बाहर की ओर निकलता है और बाहर की ओर मेज की सतह में प्रवेश करता है।

दाहिने हाथ के अंगूठा नियम के अनुसार यदि कुंडली में धारा घड़ी की दिशा (clockwise) में प्रवाहित हो रही है, तो कुंडली के भीतर चुंबकीय क्षेत्र मेज की सतह के नीचे की ओर होगा तथा कुंडली के बाहर ऊपर की ओर होगा। 

प्रश्न 6: किसी दिए गए क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र एकसमान (uniform) है। इसे दर्शाने के लिए एक चित्र बनाइए।

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प्रश्न 7: सही विकल्प चुनिए। 

धारा वहन करने वाले एक लंबे सीधे सोलनॉइड के अंदर चुंबकीय क्षेत्र—

 a. शून्य होता है।
b. जैसे-जैसे हम इसके सिरे की ओर बढ़ते हैं, घटता है।
c. जैसे-जैसे हम इसके सिरे की ओर बढ़ते हैं, बढ़ता है।
d. सभी स्थानों पर समान होता है।

उत्तर:  d. सभी स्थानों पर समान होता है।

 

प्रश्न 8: निम्नलिखित में से प्रोटॉन के कौन-से गुण बदल सकते हैं जब वह चुंबकीय क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से गति करता है? (एक से अधिक सही हो सकते हैं)

a. द्रव्यमान (Mass)
b. चाल (Speed)
c. वेग (Velocity)
d. संवेग (Momentum)

उत्तर: (c) वेग और (d) संवेग 

 

प्रश्न 9: क्रिया 13.7 में यदि (i) तार AB में धारा बढ़ा दी जाए, (ii) अधिक शक्तिशाली घोड़े की नाल वाला चुंबक प्रयोग किया जाए, और (iii) तार AB की लंबाई बढ़ा दी जाए, तो उसके विस्थापन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर: जब कोई धारा-वाहक चालक (जैसे तार AB) चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो उस पर एक बल लगता है, जिसके कारण उसका विस्थापन होता है। यह बल निम्न बातों पर निर्भर करता है:

(i) यदि तार AB में धारा बढ़ा दी जाए:
तो तार पर लगने वाला बल बढ़ जाएगा, क्योंकि बल धारा के समानुपाती होता है। इसलिए विस्थापन भी बढ़ जाएगा।

(ii) यदि अधिक शक्तिशाली घोड़े की नाल वाला चुंबक प्रयोग किया जाए:
तो चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता बढ़ जाएगी, जिससे बल बढ़ेगा और विस्थापन भी अधिक होगा।

(iii) यदि तार AB की लंबाई बढ़ा दी जाए:
तो चुंबकीय क्षेत्र में स्थित चालक का भाग बढ़ेगा, जिससे उस पर लगने वाला बल बढ़ेगा और विस्थापन भी बढ़ जाएगा।

 

प्रश्न 10: एक धन आवेशित कण (अल्फा कण) जो पश्चिम दिशा की ओर प्रक्षेपित है, चुंबकीय क्षेत्र के कारण उत्तर दिशा की ओर विक्षेपित होता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?

a. दक्षिण की ओर
b. पूर्व की ओर
c. नीचे की ओर
d. ऊपर की ओर

उत्तर: (c) नीचे की ओर

व्याख्या: दाहिने हाथ नियम से:

  • Velocity → West

  • Force → North

  • Positive Charge

Magnetic Field → Downward

 

प्रश्न 11: विद्युत परिपथ और उपकरणों में सामान्यतः उपयोग किए जाने वाले दो सुरक्षा उपाय लिखिए।

उत्तर:

  1. फ्यूज (Fuse): प्रत्येक परिपथ में फ्यूज लगाया जाता है ताकि अधिक धारा प्रवाहित होने पर वह परिपथ को तोड़ दे। जब धारा निर्धारित सीमा से अधिक हो जाती है, तो फ्यूज पिघल जाता है और विद्युत प्रवाह रुक जाता है, जिससे उपकरण सुरक्षित रहते हैं।

  2. अर्थिंग (Earthing): अर्थिंग से विद्युत उपकरणों में लीकेज करंट जमीन में चला जाता है, जिससे उपयोगकर्ता को विद्युत झटका नहीं लगता और सुरक्षा बनी रहती है।

 

प्रश्न 12: 2 kW शक्ति वाला एक विद्युत ओवन 220 V के घरेलू परिपथ में चलाया जाता है, जिसकी धारा सीमा 5 A है। क्या परिणाम होगा? स्पष्ट कीजिए।

 

उत्तर : 

 

दिया गया है:

P = 2000 W, V = 220 V

सूत्र: P = V × I

I = P / V

I = 2000 / 220 = 9.09 A

 

ओवन द्वारा ली गई धारा 9.09 A है, जो परिपथ की सुरक्षित सीमा (5 A) से अधिक है। इसलिए फ्यूज पिघल जाएगा और परिपथ टूट जाएगा, जिससे उपकरण सुरक्षित रहेंगे।

 

प्रश्न 13: घरेलू विद्युत परिपथों में ओवरलोडिंग से बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

उत्तर:

  1. एक ही सॉकेट में बहुत अधिक उपकरण नहीं लगाने चाहिए।

  2. एक साथ अधिक शक्तिशाली उपकरणों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

  3. खराब या दोषपूर्ण उपकरणों को विद्युत परिपथ में नहीं जोड़ना चाहिए, क्योंकि इससे शॉर्ट सर्किट और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

 

प्रश्न 14: एक लंबे सीधे तार के पास चुंबकीय क्षेत्र को सही रूप में कौन सा विकल्प दर्शाता है?

 

a. क्षेत्र तार के लंबवत सीधी रेखाओं का होता है।
b. क्षेत्र तार के समानांतर सीधी रेखाओं का होता है।
c. क्षेत्र तार से निकलने वाली रेडियल रेखाओं का होता है।
d. क्षेत्र तार के चारों ओर संकेंद्रित वृत्तों (concentric circles) का होता है।

 

उत्तर: d. क्षेत्र तार के चारों ओर संकेंद्रित वृत्तों का होता है।

 

प्रश्न 15: शॉर्ट सर्किट के समय परिपथ में धारा—

a. काफी कम हो जाती है।
b. नहीं बदलती।
c. बहुत अधिक बढ़ जाती है।
d. लगातार बदलती रहती है।

उत्तर: c. बहुत अधिक बढ़ जाती है।

 

प्रश्न 16: निम्न कथनों के सही या गलत होने का उल्लेख कीजिए:

 

  1. विद्युत मोटर यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।

  2. विद्युत जनित्र विद्युत चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है।

  3. धारा वहन करने वाली लंबी वृत्ताकार कुंडली के केंद्र पर चुंबकीय क्षेत्र सीधी समानांतर रेखाओं जैसा होता है।

  4. हरे रंग के इन्सुलेशन वाला तार सामान्यतः लाइव वायर होता है।

 

उत्तर:

  1. गलत

  2. सही

  3. सही

  4. गलत

 

प्रश्न 17: चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने के दो तरीके लिखिए।

उत्तर:

  1. स्थायी चुंबक (Permanent Magnet) द्वारा:स्थायी चुंबक के चारों ओर प्राकृतिक रूप से चुंबकीय क्षेत्र पाया जाता है। इसे लोहे के बुरादे (iron filings) की मदद से देखा जा सकता है, जो चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के अनुसार व्यवस्थित हो जाते हैं।

 

  1. विद्युत धारा वहन करने वाले चालक द्वारा: जब किसी सीधे चालक, कुंडली या सोलनॉइड में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। इसकी दिशा और रूप को कम्पास या लोहे के बुरादे से देखा जा सकता है।

 

इसके अलावा, सोलनॉइड और वृत्ताकार कुंडली में धारा प्रवाहित करने पर भी मजबूत चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।

 

प्रश्न 18: किसी चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारा-वाहक चालक पर लगने वाला बल कब अधिकतम होता है?

 

उत्तर: जब धारा की दिशा और चुंबकीय क्षेत्र की दिशा एक-दूसरे के लंबवत (90° पर) होती है, तब चालक पर लगने वाला बल अधिकतम होता है।

 

प्रश्न 19: कल्पना कीजिए कि आप एक कक्ष में बैठे हैं और आपकी पीठ पीछे की दीवार की ओर है। एक इलेक्ट्रॉन बीम पीछे की दीवार से आगे की दीवार की ओर क्षैतिज रूप से जा रही है और एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र के कारण आपके दाईं ओर विक्षेपित हो रही है। इस स्थिति में चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या होगी?

 

उत्तर: फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम के अनुसार, बाएँ हाथ की अंगुलियों को आपस में समकोण पर रखने पर:

  • अंगूठा → बल की दिशा

  • मध्यमा → धारा की दिशा

  • तर्जनी → चुंबकीय क्षेत्र की दिशा

  •  

यहाँ इलेक्ट्रॉन बीम पीछे की दीवार से आगे की दीवार की ओर जा रही है, इसलिए परंपरागत धारा की दिशा इसके विपरीत होगी। चूँकि बल दाईं ओर है और धारा की दिशा इसके लंबवत है, इसलिए फ्लेमिंग के बाएँ हाथ के नियम से चुंबकीय क्षेत्र की दिशा नीचे की ओर (downward) होगी।

 

प्रश्न 20: निम्न स्थितियों में दिशा निर्धारित करने के लिए नियम लिखिए:

 

उत्तर (i) सीधे धारा-वाहक चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा


इसके लिए मैक्सवेल का दाहिना हाथ अंगूठा नियम (Right-hand thumb rule) प्रयोग किया जाता है।
यदि दाहिने हाथ में चालक को पकड़कर अंगूठा धारा की दिशा में रखें, तो मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताती हैं।

 

(ii) चुंबकीय क्षेत्र में लंबवत रखे धारा-वाहक चालक पर लगने वाले बल की दिशा
इसके लिए फ्लेमिंग का बाएँ हाथ का नियम (Fleming’s Left-hand Rule) प्रयोग किया जाता है।
इसमें अंगूठा बल की दिशा, तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा धारा की दिशा दर्शाती है।

 

(iii) चुंबकीय क्षेत्र में घूर्णन करती कुंडली में प्रेरित धारा की दिशा
इसके लिए फ्लेमिंग का दाहिने हाथ का नियम (Fleming’s Right-hand Rule) प्रयोग किया जाता है।
इसमें अंगूठा गति की दिशा, तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और मध्यमा प्रेरित धारा की दिशा बताती है।

 

प्रश्न 21: अर्थ वायर (Earth wire) का क्या कार्य है? धातु के उपकरणों को अर्थ करना क्यों आवश्यक है?

उत्तर: अर्थ वायर का मुख्य कार्य विद्युत उपकरणों की धातु वाली बाहरी सतह को सुरक्षित रखना होता है।

यदि किसी कारणवश उपकरण में करंट का रिसाव (leakage) हो जाता है, तो अर्थ वायर उस अतिरिक्त विद्युत धारा को सीधे जमीन में भेज देता है। इससे करंट उपयोगकर्ता तक नहीं पहुँचता और विद्युत झटके से सुरक्षा मिलती है। इसलिए धातु के उपकरणों को अर्थ करना आवश्यक होता है ताकि दुर्घटनाओं से बचाव हो सके और विद्युत सुरक्षा बनी रहे।

 

NCERT Solutions द्वारा पढ़ाई और रिवीजन का आसान तरीका 

  • पहले NCERT पुस्तक से पूरा अध्याय ध्यान से पढ़ें और मूल अवधारणाएँ समझें। 

  • इसके बाद NCERT Solutions को ध्यान से पढ़ें और हर उत्तर को समझने की कोशिश करें। 

  • नियमित रूप से रिवीजन करें ताकि सभी टॉपिक्स याद रहें। 

  • उत्तरों को देखकर अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें। 

  • महत्वपूर्ण प्रश्नों को बार-बार हल करें और उन पर विशेष ध्यान दें। 

  • डायग्राम और नियमों (जैसे दाहिने हाथ का नियम) को अच्छे से याद करें। 

NCERT Solutions को केवल रटने के बजाय समझने और अभ्यास के लिए उपयोग करें।

 

PW Class 10 Science Previous Year Question Papers PDF

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Class 10 Science Chapter 12: FAQs

1. chumbakiya kshetra kya hota hai?

चुंबकीय क्षेत्र वह क्षेत्र होता है जिसमें किसी चुंबक का प्रभाव महसूस किया जा सकता है।

2. right hand thumb rule kya hai?

दाहिने हाथ का अंगूठा नियम एक नियम है जिससे हम धारा-वाहक चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करते हैं।

3. vidyut chumbak kya hota hai?

विद्युत चुंबक वह चुंबक होता है जो केवल तब तक चुंबकीय गुण दिखाता है जब तक उसमें विद्युत धारा प्रवाहित होती है।

4. electric motor ka kya kaam hota hai?

विद्युत मोटर का कार्य विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलना होता है।
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