कई छात्रों को 'हमारा पर्यावरण' अध्याय में खाद्य श्रृंखला, जैव-आवर्धन और ओजोन परत जैसी अवधारणाओं को समझने में कठिनाई होती है। परीक्षा में इन विषयों से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए इस लेख में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण NCERT प्रश्न-उत्तर और अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाया गया है।
1. पोषक स्तर (Trophic levels) क्या हैं? एक खाद्य श्रृंखला का उदाहरण दीजिए और इसमें विभिन्न पोषक स्तरों को बताइए।
उत्तर: खाद्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों को, जिनमें ऊर्जा का स्थानांतरण होता है, पोषक स्तर कहते हैं। प्रत्येक स्तर उत्पादकों से विभिन्न उपभोक्ताओं तक ऊर्जा के प्रवाह के एक चरण को दर्शाता है।
खाद्य श्रृंखला का उदाहरण:
घास → बकरी → मनुष्य
घास: प्रथम पोषक स्तर (उत्पादक) है क्योंकि यह प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से ऊर्जा बनाती है।
बकरी: द्वितीय पोषक स्तर (प्राथमिक उपभोक्ता) है क्योंकि यह ऊर्जा के लिए घास खाती है।
मनुष्य: तृतीय पोषक स्तर (द्वितीयक उपभोक्ता) है क्योंकि वह ऊर्जा के लिए बकरी का मांस खाता है।
2. पारितंत्र में अपमार्जकों (Decomposers) की क्या भूमिका है?
उत्तर: अपमार्जक पारितंत्र में निम्नलिखित महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं:
पर्यावरण की सफाई: वे मृत पौधों और जानवरों को सड़ाकर खत्म करते हैं, जिससे कचरा जमा नहीं होता।
पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण: वे जैविक पदार्थों को तोड़कर पोषक तत्वों को वापस मिट्टी में मिला देते हैं, जिनका उपयोग पौधे फिर से कर सकते हैं।
पारितंत्र का संतुलन बनाए रखना: मृत अवशेषों का अपघटन करके वे पारितंत्र को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखते हैं।
तत्वों की पूर्ति: वे कार्बन, नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे तत्वों को मिट्टी, पानी और हवा में वापस पहुँचाते हैं।
3. कुछ पदार्थ जैव-निम्नीकरणीय (Biodegradable) और कुछ अजैव-निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) क्यों होते हैं?
उत्तर: पदार्थों को उनके टूटने की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है:
जैव-निम्नीकरणीय पदार्थ: ये वे पदार्थ हैं जिन्हें सूक्ष्मजीव (जैसे बैक्टीरिया) प्राकृतिक रूप से तोड़ सकते हैं। उदाहरण: कागज, खाने का कचरा, लकड़ी।
अजैव-निम्नीकरणीय पदार्थ: ये वे पदार्थ हैं जिन्हें सूक्ष्मजीव आसानी से नहीं तोड़ सकते क्योंकि उनकी रासायनिक संरचना जटिल होती है। उदाहरण: प्लास्टिक, धातु, सिंथेटिक रसायन। ये पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और प्रदूषण फैलाते हैं।
4. ऐसे दो तरीके बताइए जिनमें जैव-निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
उत्तर: 1. पर्यावरण की सफाई: ये प्राकृतिक रूप से सड़कर खाद बन जाते हैं, जिससे गंदगी जमा नहीं होती।
2. पोषक चक्र: ये मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि अच्छी होती है।
5. ऐसे दो तरीके बताइए जिनमें अजैव-निम्नीकरणीय पदार्थ पर्यावरण को प्रभावित करते हैं।
उत्तर: 1. प्रदूषण: प्लास्टिक जैसे पदार्थ हवा, मिट्टी और पानी को प्रदूषित करते हैं और जहरीले रसायन छोड़ते हैं।
2. जैव-आवर्धन (Bio-magnification): ये पदार्थ खाद्य श्रृंखला में जमा हो जाते हैं और ऊपरी स्तर के जीवों (जैसे मनुष्य) में पहुँचकर जहरीले स्तर तक बढ़ सकते हैं।
6. ओजोन क्या है और यह किसी पारितंत्र को किस प्रकार प्रभावित करती है?
उत्तर: ओजोन ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं ($O_3$) से बना एक अणु है। यह पृथ्वी के वायुमंडल (स्ट्रैटोस्फीयर) में एक सुरक्षा कवच बनाती है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को सोख लेती है।
प्रभाव:
UV किरणों से सुरक्षा: यह कैंसर, मोतियाबिंद और DNA क्षति जैसी बीमारियों से बचाती है।
पारितंत्र का संरक्षण: यह समुद्री जीवों (जैसे फाइटोप्लैंकटन) और जंगलों को नष्ट होने से बचाती है।
7. अपशिष्ट निपटान (Waste disposal) की समस्या कम करने में आप क्या योगदान कर सकते हैं? किन्हीं दो तरीकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: 1. 3 Rs अपनाना: कम उपयोग (Reduce), पुनः उपयोग (Reuse) और पुनर्चक्रण (Recycle)। जैसे- प्लास्टिक की जगह कपड़े के थैले इस्तेमाल करना।
2. खाद बनाना (Composting): रसोई के कचरे (सब्जी के छिलके आदि) को फेंकने के बजाय खाद में बदलकर पौधों के लिए उपयोग करना।
8. निम्नलिखित में से कौन-से समूहों में केवल जैव-निम्नीकरणीय पदार्थ हैं?
(a) घास, पुष्प तथा चमड़ा
(b) घास, लकड़ी तथा प्लास्टिक
(c) फलों के छिलके, केक एवं नींबू का रस
(d) केक, लकड़ी एवं घास
उत्तर: (c) फलों के छिलके, केक और नींबू का रस (क्योंकि ये सभी प्राकृतिक रूप से सड़ जाते हैं)।
9. निम्नलिखित में से कौन आहार श्रृंखला का निर्माण करते हैं?
(a) घास, गेहूँ तथा आम
(b) घास, बकरी तथा मानव
(c) बकरी, गाय तथा हाथी
(d) घास, मछली तथा बकरी
उत्तर: (b) घास, बकरी तथा मानव।
10. निम्नलिखित में से कौन पर्यावरण-मित्र व्यवहार कहलाते हैं?
(a) बाजार जाते समय सामान के लिए कपड़े का थैला ले जाना
(b) अनावश्यक लाइट और पंखे बंद करना
(c) स्कूल पैदल जाना
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर: (d) उपरोक्त सभी।
11. क्या होगा यदि हम एक पोषक स्तर के सभी जीवों को समाप्त कर दें?
उत्तर: * खाद्य श्रृंखला टूट जाएगी: ऊपरी स्तर के जीव भूख से मर जाएंगे।
पारितंत्र में असंतुलन: निचले स्तर के जीवों की संख्या बहुत अधिक बढ़ जाएगी क्योंकि उन्हें खाने वाला कोई नहीं होगा।
अस्थिरता: इससे जैव-विविधता खत्म हो सकती है और पूरा पारितंत्र नष्ट हो सकता है।
12. क्या किसी पोषक स्तर के सभी जीवों को हटाने का प्रभाव भिन्न-भिन्न पोषक स्तरों के लिए अलग-अलग होगा? क्या किसी पोषक स्तर के जीवों को पारितंत्र को प्रभावित किए बिना हटाना संभव है?
उत्तर: हाँ, प्रभाव अलग-अलग होगा। उत्पादकों (पौधों) को हटाना सबसे खतरनाक है क्योंकि पूरी दुनिया उन्हीं पर टिकी है। किसी भी पोषक स्तर को बिना नुकसान पहुँचाए हटाना संभव नहीं है, क्योंकि हर जीव एक-दूसरे पर निर्भर है।
13. जैव-आवर्धन (Biological magnification) क्या है? क्या पारितंत्र के विभिन्न स्तरों पर यह आवर्धन भिन्न-भिन्न होगा?
उत्तर: जब हानिकारक अजैव-निम्नीकरणीय रसायन (जैसे कीटनाशक) खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करते हैं, तो प्रत्येक अगले स्तर पर उनकी सांद्रता (मात्रा) बढ़ती जाती है। इसे जैव-आवर्धन कहते हैं।
हाँ, यह स्तरों के अनुसार अलग होगा। शीर्ष उपभोक्ताओं (जैसे मनुष्य) में इन रसायनों की मात्रा सबसे अधिक होती है।
14. हमारे द्वारा उत्पादित अजैव-निम्नीकरणीय कचरे से क्या समस्याएं उत्पन्न होती हैं?
उत्तर: * यह कचरा सड़ता नहीं है, इसलिए धरती पर जमा होता रहता है।
यह मिट्टी की उर्वरता कम करता है और जल स्रोतों को जहरीला बनाता है।
जैव-आवर्धन के कारण यह इंसानों और जानवरों में गंभीर बीमारियाँ पैदा करता है।
15. यदि हमारे द्वारा उत्पादित सारा कचरा जैव-निम्नीकरणीय हो, तो क्या इसका हमारे पर्यावरण पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
उत्तर: प्रभाव पड़ेगा। यदि बहुत सारा जैव-निम्नीकरणीय कचरा एक साथ जमा हो जाए, तो सड़ते समय इससे दुर्गंध आएगी, ज़हरीली गैसें निकलेंगी और यह बीमारियों और मक्खियों का केंद्र बन जाएगा। जलीय क्षेत्रों में यह ऑक्सीजन कम कर सकता है जिससे मछलियाँ मर सकती हैं।
16. ओजोन परत की क्षति हमारे लिए चिंता का विषय क्यों है? इस क्षति को सीमित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
उत्तर: ओजोन परत की क्षति चिंताजनक है क्योंकि इससे हानिकारक UV किरणें धरती पर आएँगी, जिससे कैंसर और पारितंत्र का विनाश होगा।
कदम: * मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987): एक अंतरराष्ट्रीय समझौता जिसके तहत CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) जैसे रसायनों के उपयोग को कम और बंद करने का निर्णय लिया गया।
अब रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में CFC-मुक्त तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
कक्षा 10 'हमारा पर्यावरण' के NCERT solution आपके लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे पारिस्थितिक अवधारणाओं को स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से समझाते हैं।
अवधारणा की स्पष्टता (Concept Clarity): ये समाधान पारितंत्र, खाद्य श्रृंखला और पर्यावरणीय संतुलन को सरल और आसान भाषा में समझाते हैं।
परीक्षा-केंद्रित तैयारी: उत्तर परीक्षा के पैटर्न के अनुसार दिए गए हैं, जिससे आपको यह सीखने में मदद मिलती है कि सटीक और अधिक अंक दिलाने वाले उत्तर कैसे लिखे जाएँ।
रिवीजन के लिए उपयोगी: ये समाधान परीक्षाओं से पहले त्वरित रिवीजन के लिए कक्षा 10 के नोट्स के रूप में अच्छा काम करते हैं।
पूर्ण कवरेज: ये समाधान पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए अध्याय के सभी प्रश्नों को कवर करते हैं।
पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों के आधार पर निम्नलिखित विषयों से परीक्षा में अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।
1. "10% नियम" की गणना:
प्रश्न: यदि उत्पादक स्तर पर 10,000 J ऊर्जा उपलब्ध है, तो द्वितीयक उपभोक्ता (secondary consumer) को कितनी ऊर्जा उपलब्ध होगी?
मुख्य अवधारणा: याद रखें कि प्रत्येक स्तर पर ऊर्जा कम हो जाती है।
उत्तर: 100 J (10,000 का 10% = 1,000; 1,000 का 10% = 100)
2. जैव-आवर्धन (Biological Magnification):
प्रश्न: कीटनाशकों जैसे हानिकारक रसायन मानव शरीर में सबसे अधिक क्यों जमा होते हैं?
मुख्य अवधारणा: यह समझाएं कि ये रसायन अजैव-निम्नीकरणीय (non-biodegradable) होते हैं और खाद्य श्रृंखला में ऊपर की ओर बढ़ने पर इनकी सांद्रता बढ़ती जाती है।
3. ओजोन परत का क्षय:
प्रश्न: ओजोन के निर्माण में पराबैंगनी (UV) विकिरण की क्या भूमिका है, और CFCs ने इसे कैसे प्रभावित किया है?
मुख्य अवधारणा: रासायनिक समीकरण याद रखें:
$$O_2 \xrightarrow{UV} O + O$$
$$O + O_2 \rightarrow O_3$$
साथ ही 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को भी याद रखें।
4. अपमार्जकों (Decomposers) की भूमिका:
प्रश्न: यदि पृथ्वी पर कोई अपमार्जक न हों तो क्या होगा?
मुख्य अवधारणा: पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण की कमी और जैविक कचरे के "ढेर" लग जाने पर ध्यान केंद्रित करें।
5. पोषक स्तर का प्रभाव:
प्रश्न: यदि हम एक पोषक स्तर के सभी जीवों को मार दें तो क्या होगा?
मुख्य अवधारणा: निचले स्तर की जनसंख्या अत्यधिक बढ़ने और ऊपरी स्तर के भूखे मरने के कारण होने वाले असंतुलन की व्याख्या करें।