India Post GDS Recruitment 2026 का Notification जारी हो चुका है, जिसके बाद GDS में Selection को लेकर उम्मीदवारों के बीच Cut Off और Merit List को लेकर confusion बढ़ गया है। GDS भर्ती में कोई अलग written exam नहीं होता, बल्कि 10वीं के अंकों के आधार पर system-generated Merit List तैयार की जाती है। ऐसे में उम्मीदवार जानना चाहते हैं कि 10वीं में कितने प्रतिशत अंक होने पर GDS में Selection हो सकता है और GDS Cut Off को किस तरह समझना चाहिए। इस article में जानें GDS Merit कैसे तैयार होती है, Marks और Grades का calculation कैसे होता है और Cut Off व Merit List में क्या अंतर है।
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GDS Cut Off 2026 को सामान्य परीक्षा की cut-off की तरह नहीं समझना चाहिए। India Post GDS भर्ती में कोई अलग written examination नहीं होता। उम्मीदवारों को 10वीं की Secondary School Examination में प्राप्त marks के आधार पर system-generated merit list के लिए shortlist किया जाता है।
इसलिए GDS में candidate का सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि 10वीं में कितने प्रतिशत marks होने पर merit में नाम आ सकता है।
हालांकि, India Post की ओर से कोई एक fixed percentage जारी नहीं की जाती, क्योंकि merit applicants के 10वीं marks, उपलब्ध vacancies और संबंधित post/division के अनुसार बदल सकती है।
Official notification के अनुसार GDS की merit list 10वीं के marks को percentage में बदलकर तैयार की जाती है। Percentage की गणना 4 decimal places तक accuracy के साथ की जाती है।
उदाहरण के लिए, अगर आपके 10वीं के marks के आधार पर percentage 89.4567% बनती है, तो merit preparation में इसी तरह चार decimal तक percentage को consider किया जा सकता है।
इसलिए GDS selection में 10वीं की marksheet में दर्ज marks बहुत महत्वपूर्ण हैं।
अगर 10वीं की marksheet में प्रत्येक subject के marks दिए गए हैं, तो merit के लिए उन्हीं obtained marks को consider किया जाएगा।
अगर marksheet में marks के साथ Grade/Points भी दिए गए हैं, तो निर्धारित नियमों के अनुसार marks को प्राथमिकता दी जाएगी।
वहीं, अगर किसी particular subject में केवल Grade दिया गया है, तो उस subject के लिए Grade दर्ज किया जा सकता है।
कुछ boards की 10वीं marksheet में marks के बजाय केवल Grades/Grade Points दिए जाते हैं। ऐसे candidates के लिए notification में Grade को marks में बदलने का तरीका दिया गया है।
इस conversion में 9.5 multiplication factor का इस्तेमाल किया जाता है।
|
Grade |
Grade Point |
9.5 से गुणा |
Equivalent Marks |
|
A1 |
10 |
10 × 9.5 |
95 |
|
A2 |
9 |
9 × 9.5 |
85.5 |
|
B1 |
8 |
8 × 9.5 |
76 |
|
B2 |
7 |
7 × 9.5 |
66.5 |
|
C1 |
6 |
6 × 9.5 |
57 |
|
C2 |
5 |
5 × 9.5 |
47.5 |
|
D |
4 |
4 × 9.5 |
38 |
उदाहरण के लिए, अगर किसी subject में A1 Grade Point 10 है, तो उसका equivalent marks 10 × 9.5 = 95 होगा।
अगर 10वीं की marksheet में CGPA दिया गया है, तो notification के अनुसार marks निकालने के लिए:
CGPA × 9.5
का formula इस्तेमाल किया जाता है।
उदाहरण के लिए अगर CGPA 9.2 है:
9.2 × 9.5 = 87.4
यानी equivalent percentage/marks 87.4 मानी जाएगी।
अगर marksheet में individual subject grades और CGPA दोनों दिए गए हैं, तो notification के अनुसार दोनों में से higher marks को consider किया जाएगा।
GDS में selection केवल एक national cut-off percentage के आधार पर नहीं होता। Merit अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए 90% होने का मतलब यह नहीं है कि हर Post Office में selection निश्चित है, और 85% होने का मतलब यह भी नहीं है कि selection नहीं होगा।
Selection का अंदाजा लगाने के लिए संबंधित भर्ती की Merit List, Post Office/Division, category और available vacancies को देखना ज्यादा उपयोगी है।
इसलिए “GDS Cut Off कितनी है?” के बजाय उम्मीदवार को यह देखना चाहिए कि उसकी percentage merit में किस position पर है।
अगर दो या उससे अधिक applicants की merit समान होती है, तो official notification में tie-breaking criteria दिया गया है।
इसमें सबसे पहले DOB यानी Date of Birth के आधार पर older candidate को प्राथमिकता दी जाती है। इसके बाद notification में category और gender-related priority का क्रम दिया गया है।
इसलिए समान percentage होने पर भी merit position केवल marks से तय होना जरूरी नहीं है।
Department को tie की स्थिति में additional criteria लागू करने का अधिकार भी दिया गया है और इस संबंध में Department का निर्णय final होगा।