UP बोर्ड कक्षा 10 हिंदी सिलेबस 2026-2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए कक्षा 10 हिंदी का नवीनतम सिलेबस जारी कर दिया है। इस सिलेबस में यूनिट-वाइज अंक वितरण, परीक्षा पैटर्न, अध्यायवार पाठ्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन, प्रोजेक्ट कार्य, महत्वपूर्ण पाठ, तैयारी के आसान टिप्स और PDF डाउनलोड की पूरी जानकारी दी गई है।
यदि आप बोर्ड परीक्षा 2026-2027 की तैयारी कर रहे हैं, तो यह सिलेबस आपको सही रणनीति बनाकर बेहतर अंक प्राप्त करने में मदद करेगा।
उत्तर प्रदेश बोर्ड कक्षा 10 विज्ञान पाठ्यक्रम 2026-27
UP बोर्ड कक्षा 10 हिंदी 2026-2027 की लिखित परीक्षा 70 अंकों की होगी, जिसे अलग-अलग यूनिट में विभाजित किया गया है। नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक यूनिट के विषय और उनके लिए निर्धारित अंक दिए गए हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होगी।
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यूनिट (Unit) |
पाठ्यक्रम का विवरण |
आवंटित अंक |
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यूनिट 1 |
(i) गद्य साहित्य का इतिहास (ii) गद्य खण्ड |
05 अंक 11 अंक |
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यूनिट 2 |
(i) पद्य साहित्य का इतिहास (ii) पद्य खण्ड (iii) खण्ड काव्य (iv) काव्य सौन्दर्य के तत्व |
05 अंक 11 अंक 03 अंक 03 अंक |
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यूनिट 3 |
संस्कृत खण्ड |
14 अंक |
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यूनिट 4 |
(i) पत्र लेखन (ii) व्याकरण (iii) निबन्ध |
04 अंक 07 अंक 07 अंक |
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कुल लिखित अंक |
70 अंक |
उत्तर प्रदेश बोर्ड द्वारा कक्षा 10 हिंदी विषय की परीक्षा को कुल 100 अंकों में विभाजित किया गया है:
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विवरण |
जानकारी |
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कुल अंक |
100 अंक |
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लिखित परीक्षा (बोर्ड परीक्षा) |
70 अंक |
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लिखित परीक्षा की अवधि |
3 घंटे |
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आन्तरिक मूल्यांकन (विद्यालय स्तर पर) |
30 अंक |
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लिखित परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णांक |
23 अंक (70 में से) |
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आन्तरिक मूल्यांकन में न्यूनतम उत्तीर्णांक |
10 अंक (30 में से) |
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कुल न्यूनतम उत्तीर्णांक |
33 अंक (100 में से) |
कक्षा 10 हिंदी विषय का आधिकारिक और विस्तृत सिलेबस PDF छात्र उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाकर सीधे "Syllabus 2026-2027" सेक्शन से डाउनलोड कर सकते हैं।
यूपी बोर्ड सिलेबस 2025 कक्षा 10 पीडीएफ डाउनलोड 2026-27
प्रश्न-पत्र को दो मुख्य खण्डों में विभाजित किया गया है— खण्ड-अ (बहुविकल्पीय प्रश्न - 20 अंक) और खण्ड-ब (वर्णनात्मक प्रश्न - 50 अंक)।
हिन्दी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय: शुक्ल युग तथा शुक्लोत्तर युग (05 अंक)
हिन्दी पद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय: रीतिकाल एवं आधुनिककाल (05 अंक)
काव्य सौन्दर्य के तत्व: (03 अंक)
(क) रस: हास्य एवं करुण रस (परिभाषा, उदाहरण एवं पहचान)
(ख) अलंकार (अर्थालंकार): उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा (लक्षण एवं उदाहरण)
(ग) छन्द: सोरठा एवं रोला (लक्षण एवं उदाहरण)
हिन्दी व्याकरण (शब्द रचना के तत्व): (03 अंक)
(क) उपसर्ग: अ, अन्, अधि, अप, अनु, उप, सह, निर, अभि, परि, सु इत्यादि
(ख) समास: द्वन्द्व, द्विगु, कर्मधारय, बहुब्रीहि
(ग) तद्भव, तत्सम शब्द एवं पर्यायवाची
संस्कृत व्याकरण: सर्वनाम— तद्, युष्मद् (01 अंक)
वाक्य का स्वरूप (01 अंक)
वाच्य: प्रयोग और वाच्य परिवर्तन (01 अंक)
पद परिचय: विकारी एवं अविकारी शब्द (01 अंक)
गद्य हेतु निर्धारित पाठ्यवस्तु से गद्यांश पर आधारित प्रश्न (3 x 2 = 6 अंक)
पद्य हेतु निर्धारित पाठ्यवस्तु से पद्यांश पर आधारित प्रश्न (3 x 2 = 6 अंक)
संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद (2+3 = 5 अंक)
संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिन्दी अनुवाद (2+3 = 5 अंक)
निर्धारित खण्डकाव्य से कथानक, चरित्र चित्रण एवं तथ्य आधारित प्रश्न (3 \times 1 = 3 अंक)
जीवन परिचय व रचनाएँ: (5 + 5 = 10 अंक)
(क) निर्धारित गद्य खण्ड के लेखकों का जीवन परिचय एवं उनकी एक प्रमुख रचना का नाम (3+2=5 अंक)
(ख) निर्धारित पद्य खण्ड के कवियों का जीवन परिचय एवं उनकी एक प्रमुख रचना का नाम (3+2=5 अंक)
संस्कृत श्लोक: संस्कृत खण्ड के पाठ्यवस्तु से कण्ठस्थ एक श्लोक जो प्रश्नपत्र में न आया हो (2 x 1 = 2 अंक)
पत्र लेखन (4 x 1 = 4 अंक)
संस्कृत प्रश्नोत्तर: संस्कृत खण्ड की पाठ्यवस्तु पर आधारित प्रश्नों में से किन्हीं दो का संस्कृत में उत्तर (1+1 = 2 अंक)
निबन्ध रचना: वैज्ञानिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक समस्याएँ एवं जनसंख्या, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, एवं यातायात के नियमों पर आधारित विषय (7 x 1 = 7 अंक)
(क) गद्य हेतु:
मित्रता — रामचन्द्र शुक्ल
ममता — जयशंकर प्रसाद
भारतीय संस्कृति — राजेन्द्र प्रसाद
अजन्ता — भगवत शरण उपाध्याय
क्या लिखूँ — पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
ईर्ष्या, तू न गयी मेरे मन से — रामधारी सिंह दिनकर
पानी में चन्दा और चाँद पर आदमी — जय प्रकाश भारती
(ख) काव्य हेतु:
सूरदास (पद), तुलसीदास (धनुष भंग, वन पथ पर), रसखान (सवैये, कवित्त), बिहारी लाल (भक्ति नीति), रामनरेश त्रिपाठी (स्वदेश प्रेम), मैथिलीशरण गुप्त (भारतमाता का मन्दिर यह), महादेवी वर्मा (हिमालय से, वर्षा सुन्दरी के प्रति), सुमित्रानन्दन पंत (चींटी, चन्द्रलोक में प्रथम बार), माखन लाल चतुर्वेदी (पुष्प की अभिलाषा, जवानी), सुभद्रा कुमारी चौहान (झांसी की रानी की समाधि पर), अशोक बाजपेयी (भाषा एकमात्र अनन्त है, युवा जंगल), श्याम नारायण पाण्डेय (हल्दीघाटी), केदार नाथ सिंह (नदी)।
(ग) संस्कृत हेतु:
वाराणसी, देशभक्तः चन्द्रशेखरः, भारतीयः संस्कृतिः, वीरः वीरेण पूज्यते, आरुणिश्वेतकेतु संवादः, जीवन-सूत्राणि, प्रबुद्धो ग्रामीणः, केन किं वर्धते?, अन्योक्तिविलासः।
(घ) खण्ड काव्य (जिलेवार):
अपने जिले के अनुसार निर्धारित खण्ड काव्य ही पढ़ना है (जैसे: मुक्तिदूत, ज्योति जवाहर, अग्रपूजा, मेवाड़ मुकुट, जय सुभाष, मातृ भूमि के लिये, कर्ण, कर्मवीर भरत, तुमुल)।
आंतरिक मूल्यांकन के लिए कुल 30 अंक निर्धारित हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन (10 अंक): अगस्त माह में (मौखिक अभिव्यक्ति आधारित परीक्षा)।
द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन (10 अंक): दिसम्बर माह में (रचनात्मक लेखन आधारित परीक्षा)।
तृतीय आन्तरिक मूल्यांकन (10 अंक): चार यूनिट टेस्ट के प्राप्तांकों के योग के आधार पर।
प्रथम यूनिट टेस्ट (MCQ): जुलाई द्वितीय सप्ताह (20 अंक — जिसमें 10 अंक ग्रीष्मावकाश गृहकार्य + 10 अंक टेस्ट के होंगे)।
द्वितीय यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक): अगस्त अन्तिम सप्ताह (20 अंक)।
तृतीय यूनिट टेस्ट (MCQ): नवम्बर अन्तिम सप्ताह (20 अंक)।
चतुर्थ यूनिट टेस्ट (वर्णनात्मक): दिसम्बर अन्तिम सप्ताह (20 अंक)।
कक्षा 10 हिंदी के आंतरिक मूल्यांकन में छात्रों को भाषा, व्याकरण और साहित्य से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार करने होते हैं। स्कूल में निम्नलिखित विषयों पर प्रोजेक्ट बनवाए जा सकते हैं:
किसी प्रसिद्ध हिंदी लेखक या कवि का जीवन परिचय और उनके साहित्यिक योगदान पर प्रोजेक्ट तैयार करें।
हिंदी के प्रमुख अलंकारों और रसों के उदाहरणों का चार्ट या स्क्रैपबुक बनाएं।
पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता या यातायात नियम जैसे विषयों पर निबंध और पत्र लेखन की फाइल तैयार करें।
अपने जिले के पाठ्यक्रम में शामिल खण्डकाव्य के मुख्य पात्र का चरित्र-चित्रण चार्ट या मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत करें।
MCQ की अच्छी तैयारी करें: 20 अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न व्याकरण, साहित्य का इतिहास, रस, छंद और अलंकार से पूछे जाते हैं। इन विषयों को अच्छी तरह समझकर पढ़ें।
लेखक और कवि के नाम याद रखें: हर पाठ के लेखक या कवि का नाम और रचना का शीर्षक याद रखें, क्योंकि परीक्षा में इससे जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
रोज़ लिखने का अभ्यास करें: निबंध, पत्र लेखन और लंबे उत्तरों का नियमित अभ्यास करें, ताकि परीक्षा में समय की बचत हो और उत्तर साफ़-सुथरे लिख सकें।
संस्कृत खंड पर ध्यान दें: संस्कृत गद्यांश और श्लोक का अनुवाद अच्छी तरह सीखें। शब्दों के अर्थ समझकर पढ़ने से इस भाग में अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।