
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा खत्म होने के बाद अब सभी परीक्षार्थियों की नजरें UPTET Result 2026 पर टिकी हुई हैं। कई दिनों और अलग-अलग पारियों में परीक्षा आयोजित होने के कारण प्रश्नों के कठिनाई स्तर में थोड़ा अंतर देखा गया है। ऐसे में अभ्यर्थी इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि क्या 82 अंक पाने वाले अभ्यर्थी पास माने जाएंगे और क्या नॉर्मलाइजेशन से उनके नंबर बढ़ेंगे?यहां हम श्रेणीवार पासिंग मार्क्स, EWS छूट, नॉर्मलाइजेशन के प्रभाव और रिजल्ट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी जानेंगे।
यूपीटेट परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाते हैं। आयोग के नियमों के अनुसार UPTET Result 2026 जारी होने पर विभिन्न श्रेणियों के लिए पासिंग मार्क्स अलग-अलग मान्य होंगे। नीचे दी गई तालिका से आप अपनी श्रेणी के अनुसार आवश्यक अंक आसानी से समझ सकते हैं:
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श्रेणी |
आवश्यक प्रतिशत |
उत्तीर्ण अंक (150 में से) |
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सामान्य |
60% |
90 अंक |
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OBC / SC / ST |
55% |
82 अंक |
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EWS / दिव्यांग / एक्स-सर्विसमैन / DFF |
55% |
82 अंक |
नोट : सामान्य वर्ग को छोड़कर EWS, OBC, SC, ST, दिव्यांगजन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के लिए उत्तीर्ण अंक केवल 82 (55%) ही तय हैं।
चूँकि परीक्षा विभिन्न शिफ्टों में आयोजित की गई थी, इसलिए फाइनल UPTET Result 2026 घोषित होने से पहले अंकों में संशोधन यानी Normalization संभव है:
किनके अंक बढ़ सकते हैं: जिन सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के उत्तर कुंजी के अनुसार 87, 88 या 89 अंक बन रहे हैं, वे उम्मीद बनाए रखें। पेपर के कठिनाई स्तर के आधार पर 2 से 4 अंक बढ़ने से वे पासिंग मार्क्स (90) पार कर सकते हैं।
किनकी बढ़ेगी टेंशन: जिन आरक्षित या EWS अभ्यर्थियों के अंक 82 से काफी कम जैसे 75 से 77 के बीच हैं, उनके लिए सिर्फ नॉर्मलाइजेशन के भरोसे पास होना मुश्किल हो सकता है।
अगर उत्तर कुंजी मिलाने के बाद आपके अंक कट-ऑफ (82 या 90) से काफी कम रह गए हैं, तो UPTET Result 2026 का इंतजार करके समय गंवाने के बजाय ये कदम उठा सकते हैं:
CTET की तैयारी शुरू करें: यूपीटेट के तुरंत बाद आने वाले सीटेट (CTET) परीक्षा पर अपना ध्यान केंद्रित करें।
एनसीईआरटी पर ध्यान केंद्रित है : सीटेट के लिए प्रतिदिन एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम का अध्ययन करें और नियमित मॉक टेस्ट हल करें।
समय का सही उपयोग: नतीजों की चिंता छोड़कर अगली शिक्षक पात्रता परीक्षा की नींव मजबूत करें ताकि आगामी शिक्षक भर्तियों में आपको मौका मिल सके।