
UGC NET Hindi Sahitya Unit 8 अर्थात 'हिंदी नाटक' परीक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग है। इस यूनिट से प्रत्येक वर्ष प्रमुख नाटकों के पात्रों, प्रसिद्ध संवादों, प्रकाशन वर्ष, कालक्रम और साहित्यिक तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।
आपकी तैयारी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यहां पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों (PYQs) पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न उनके उत्तरों सहित दिए गए हैं। सरल और सहज भाषा में तैयार यह सामग्री परीक्षा के स्तर को समझने, त्वरित रिवीजन करने और बेहतर प्रदर्शन करने में आपकी सहायता करेगी।
इस प्रश्न संग्रह में UGC NET Unit 8 के अंतर्गत अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा, स्कंदगुप्त, चंद्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, आधे अधूरे, आषाढ़ का एक दिन, बकरी, अंधा युग तथा एक और द्रोणाचार्य जैसे प्रमुख नाटकों से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल किए गए हैं। यहां नाटकों के सही कालक्रम, प्रमुख पात्रों, प्रसिद्ध संवादों और महत्वपूर्ण साहित्यिक तथ्यों पर आधारित प्रश्न दिए गए हैं, जो परीक्षा की प्रभावी तैयारी और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होंगे।
प्रश्न 1: 'एक और द्रोणाचार्य' (शंकर शेष) नाटक के अंतर्गत कौन सा पात्र 'लीला' का समरूपी है?
(A) अरविंद
(B) कृपि
(C) अश्वत्थामा
(D) अनुराधा
उत्तर: (B) कृपि
प्रश्न 2: "चूर्ण अमल वेद का भारी जिसको खाते कृष्ण मुरारी, मेरा पाचक पच पछोना जिसको खाता श्याम सलोना" — यह पंक्ति 'अंधेर नगरी' नाटक के किस अंक से ली गई है?
(A) प्रथम अंक
(B) द्वितीय अंक
(C) तृतीय अंक
(D) चतुर्थ अंक
उत्तर: (B) द्वितीय अंक
प्रश्न 3: भारतेंदु हरिश्चंद्र कृत 'सती प्रताप' नाटक का नाट्य रूप कौन सा है?
(A) प्रहसन
(B) भाण
(C) गीति रूपक
(D) नाटिका
उत्तर: (C) गीति रूपक
प्रश्न 4: "प्रकृति क्रियाशील है। समय पुरुष और स्त्री की गेंद लेकर दोनों हाथों से खेलता है।" यह कथन 'स्कंदगुप्त' नाटक के किस पात्र का है?
(A) धातुसेन
(B) मात्रगुप्त
(C) कुमारदास
(D) भटार्क
उत्तर: (A) धातुसेन और (C) कुमारदास (नाटक में धातुसेन और कुमारदास एक ही पात्र के नाम हैं, इसलिए दोनों सही माने जाते हैं।)
प्रश्न 5: भारतेंदु हरिश्चंद्र के निम्नलिखित नाटकों का सही कालक्रम (प्रकाशन वर्ष के अनुसार) क्या है?
(A) मुद्रा राक्षस — विद्या सुंदर — भारत दुर्दशा — सती प्रताप
(B) विद्या सुंदर — मुद्रा राक्षस — भारत दुर्दशा — सती प्रताप
(C) भारत दुर्दशा — विद्या सुंदर — सती प्रताप — मुद्रा राक्षस
(D) विद्या सुंदर — भारत दुर्दशा — मुद्रा राक्षस — सती प्रताप
उत्तर: (B) विद्या सुंदर (1868) — मुद्रा राक्षस (1878) — भारत दुर्दशा (1880) — सती प्रताप (1883)
प्रश्न 6: 'ध्रुवस्वामिनी' नाटक में "धर्मशास्त्र रामगुप्त से ध्रुवस्वामिनी के मोक्ष की आज्ञा देता है" — इस संवाद में 'मोक्ष' शब्द का उचित अर्थ क्या है?
(A) निर्वाण
(B) विवाह
(C) विवाह विच्छेद (तलाक)
(D) देश निकाला
उत्तर: (C) विवाह विच्छेद अर्थात तलाक
प्रश्न 7: 'अंधेर नगरी' नाटक के पात्रों का उनके सही संवादों से मिलान कीजिए:
सूची-I (संवाद):
"चना हाकिम सब जो खाते सब पर दूना टिकस लगाते"
"कोकिल बायस एक सम पंडित मूर्ख एक इंद्रायन दांडिम विषय..."
"प्रकट सभ्य अंतर छलधारी तोई राज सभा बल भारी"
"लाख टका के वाला जोवन गाहक सब ललचाए"
सूची-II (पात्र):
(i) महंत
(ii) मछली वाला
(iii) घासीराम
(iv) गोवर्धन दास
उत्तर :
1 — (iii) घासीराम
2 — (i) महंत
3 — (iv) गोवर्धन दास
4 — (ii) मछली वाला
प्रश्न 8: 'आधे अधूरे' नाटक में 'वर्णा' नामक युवती का उल्लेख कौन सा पात्र करता है?
(A) महेंद्रनाथ
(B) सावित्री
(C) बिन्नी
(D) किन्नी
उत्तर: (D) किन्नी
प्रश्न 9: 'बकरी' (सर्वेश्वर दयाल सक्सेना) नाटक के गीतों का नाटक में आने का सही क्रम क्या है?
(A) युगल गीत — वंदना — डंडा गीत — पूजा गीत
(B) वंदना — युगल गीत — डंडा गीत — पूजा गीत
(C) वंदना —- डंडा गीत —- पूजा गीत — युगल गीत
(D) डंडा गीत — वंदना — युगल गीत — पूजा गीत
उत्तर: (B) वंदना — युगल गीत — डंडा गीत — पूजा गीत
प्रश्न 10: 'अंधा युग' (धर्मवीर भारती) नाटक के अंकों/भागों का पहले से बाद का सही क्रम क्या है?
(A) अश्वत्थामा का अर्धसत्य — पशु का उदय — गांधारी का श्राप — प्रभु की मृत्यु
(B) पशु का उदय — पंख, पहिया और पट्टी — अश्वत्थामा का अर्धसत्य — गांधारी का श्राप
(C) पशु का उदय — अश्वत्थामा का अर्धसत्य — पंख, पहिया और पट्टी — गांधारी का श्राप — प्रभु की मृत्यु
(D) कौरवी नगरी — गांधारी का श्राप — पशु का उदय — प्रभु की मृत्यु
उत्तर: (C) पशु का उदय (दूसरा अंक) — अश्वत्थामा का अर्धसत्य (तीसरा अंक) — पंख, पहिया और पट्टी (अंतराल) — गांधारी का श्राप (चौथा अंक) — प्रभु की मृत्यु (समापन)
प्रश्न 11: 'स्कंदगुप्त' नाटक के कथनों को उनके सही पात्रों के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-I (कथन)
"धनवान के हाथों में एक ही माप है... वह माप है उसका ऐश्वर्य।"
"जिस राष्ट्र और समाज से हमारी सुख शांति में बाधा पड़ती हो उसका हमें तिरस्कार कर देना होगा।"
सूची-II (पात्र):
(i) धातुसेन
(ii) भटार्क
(iii) देवसेना
(iv) श्रवण
उत्तर :
1 — (iii) देवसेना
2— (iv) श्रवण
प्रश्न 12: जयशंकर प्रसाद के नाटक 'चंद्रगुप्त' में चाणक्य का प्रसिद्ध संवाद कौन सा है?
विकल्प:
(A) "महत्त्वाकांक्षा का मोती निष्ठुरता की सीप में रहता है।"
(B) "शत्रु की उचित प्रशंसा करना मनुष्य का धर्म है।"
(C) "भाषा ठीक करने से पहले मैं मनुष्य को ठीक करना चाहता हूं।"
(D) "यदि प्रेम ही जीवन का मुख्य सार है तो इसमें संशय नहीं।"
उत्तर: (C) "भाषा ठीक करने से पहले मैं मनुष्य को ठीक करना चाहता हूं।"
प्रश्न 13: निम्नलिखित चरित्रों/पात्रों को उनके संबंधित नाटकों के प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
पात्र: अलका, अशोक, अनुनासिक, लोचन बाबू, नारायण दास
विकल्प :
(A) अलका — नारायण दास — अनुनासिक — अशोक — लोचन बाबू
(B) नारायण दास — अलका —- अनुनासिक — अशोक — लोचन बाबू
(C) नारायण दास — अनुनासिक — अलका — लोचन बाबू — अशोक
(D) अलका — अनुनासिक — नारायण दास — लोचन बाबू — अशोक
उत्तर: (B) नारायण दास (1881) — अलका (1931) — अनुनासिक (1958) — अशोक (1969) — लोचन बाबू (1979)