UP Board High School Evaluation System 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल की मूल्यांकन व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। अब कक्षा 10वीं के विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में प्रायोगिक कार्यों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर पहले की तरह नहीं किया जाएगा। इसके बजाय इन दोनों विषयों की 30-30 अंकों की प्रैक्टिकल परीक्षा UP Board खुद आयोजित करेगा।
परिषद ने यह संशोधन शासन के निर्देश के आधार पर अपने विनियमों में किया है। नए नियम के अनुसार, प्रायोगिक परीक्षा के अंक छात्रों की अंकतालिका में भी शामिल किए जाएंगे। इससे हाईस्कूल के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान और गृह विज्ञान के प्रैक्टिकल की तैयारी भी बोर्ड परीक्षा की तरह महत्वपूर्ण हो जाएगी।
अब तक हाईस्कूल स्तर पर विभिन्न विषयों में प्रायोगिक कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन किया जाता था। इसके लिए 5-पॉइंट स्केल ग्रेडिंग का प्रावधान था और ग्रेड को अंकपत्र में दर्ज किया जाता था।

संशोधित व्यवस्था में विज्ञान और गृह विज्ञान को इस नियम से अलग रखा गया है। इन विषयों में प्रायोगिक कार्यों के लिए 5-पॉइंट स्केल के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
इसके स्थान पर UP Board इन दोनों विषयों की 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करेगा। यानी अब विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल प्रदर्शन का मूल्यांकन बोर्ड स्तर पर किया जाएगा।
नए नियम के तहत कक्षा 10वीं के विज्ञान और गृह विज्ञान विषयों में प्रैक्टिकल परीक्षा 30 अंकों की होगी। परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा कराया जाएगा।
प्रैक्टिकल परीक्षा में प्राप्त अंक विद्यार्थियों के अंकपत्र में भी दर्ज किए जाएंगे। ऐसे में बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को केवल लिखित परीक्षा पर ध्यान देने के बजाय प्रायोगिक परीक्षा की तैयारी पर भी फोकस करना होगा।
यह बदलाव खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
यह संशोधन शासन के 29 जनवरी 2026 के निर्देश के आधार पर किया गया है। इसी के तहत माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अपने विनियमों के अध्याय 3 के विनियम 3 में संशोधन किया है।
परिषद की ओर से जारी सूचना में हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान और गृह विज्ञान विषय में प्रायोगिक कार्यों के आंतरिक मूल्यांकन से संबंधित नियम को संशोधित करने की जानकारी दी गई है।
नई व्यवस्था के बाद विद्यार्थियों को विज्ञान और गृह विज्ञान के प्रैक्टिकल को गंभीरता से लेना होगा। पहले जहां प्रायोगिक कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन और ग्रेडिंग व्यवस्था लागू थी, वहीं अब 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा बोर्ड स्तर पर आयोजित होगी।
इस बदलाव के कारण छात्रों को प्रैक्टिकल से जुड़े प्रयोग, प्रक्रिया, रिकॉर्ड और विषय की व्यावहारिक समझ पर ध्यान देना चाहिए। स्कूलों को भी विद्यार्थियों को बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रायोगिक परीक्षा के लिए तैयार करने पर फोकस करना होगा।
| पुरानी व्यवस्था | संशोधित व्यवस्था |
| प्रायोगिक कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन | बोर्ड द्वारा प्रायोगिक परीक्षा |
| 5-पॉइंट स्केल ग्रेडिंग | 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा |
| ग्रेड अंकपत्र में दर्ज होता था | प्रैक्टिकल के अंक अंकपत्र में दर्ज होंगे |
| विज्ञान और गृह विज्ञान पर भी सामान्य नियम लागू | विज्ञान और गृह विज्ञान को संशोधित नियम में अलग रखा गया है |
कुल मिलाकर, UP Board Class 10 Science और Home Science Evaluation System में यह बदलाव विद्यार्थियों के मूल्यांकन के तरीके को प्रभावित करेगा। अब इन दोनों विषयों के प्रैक्टिकल अंकों की भूमिका अधिक स्पष्ट होगी और छात्रों को लिखित परीक्षा के साथ प्रायोगिक परीक्षा की तैयारी भी करनी होगी।