सुप्रीम कोर्ट ने Judiciary Exam में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर सीधी भर्ती के लिए आवश्यक कानूनी प्रैक्टिस से जुड़े नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब 3 साल की प्रैक्टिस की अनिवार्यता को घटाकर 1 साल की सक्रिय प्रैक्टिस कर दिया गया है। हालांकि, यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 या उसके बाद जारी होने वाली न्यायिक सेवा भर्ती अधिसूचनाओं पर लागू होगा।
वहीं, संक्रमणकालीन अवधि (Transition Period) के तहत 20 मई 2025 से 31 मार्च 2027 तक जारी होने वाली न्यायिक सेवा अधिसूचनाओं में सभी Law Graduates को पूर्व कानूनी प्रैक्टिस के बिना आवेदन करने की अनुमति दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने संक्रमणकालीन व्यवस्था के तहत 20 मई 2025 से 31 मार्च 2027 तक जारी होने वाली Judicial Service Notifications के लिए उम्मीदवारों को राहत दी है। इस अवधि में जारी होने वाली भर्ती अधिसूचनाओं के लिए Law Graduates बिना पूर्व Legal Practice के भी आवेदन कर सकेंगे।
इन उम्मीदवारों के लिए एक साल की सक्रिय प्रैक्टिस पूरी मानी जाएगी। इसलिए इस अवधि में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को एक साल की प्रैक्टिस का प्रमाण पत्र (Practice Certificate) प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
यह व्यवस्था उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जो 3 साल की प्रैक्टिस की शर्त लागू होने के बाद सीधे Judiciary Exam में आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
1 अप्रैल 2027 या उसके बाद जारी होने वाली न्यायिक सेवा भर्ती अधिसूचनाओं के लिए नियम अलग होगा। इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले Civil Judge (Junior Division) उम्मीदवारों के पास कम से कम 1 साल की Active Legal Practice होना जरूरी होगा।
इस प्रैक्टिस का सत्यापन Practice Certificate के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए उम्मीदवार की अदालत में उपस्थिति और प्रभावी न्यायिक कार्यवाही में भागीदारी का रिकॉर्ड भी दर्ज होना आवश्यक होगा।
इसका मतलब है कि 1 अप्रैल 2027 के बाद केवल Law Degree होना Civil Judge (Junior Division) की परीक्षा में आवेदन करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवार को निर्धारित अवधि की सक्रिय कानूनी प्रैक्टिस भी पूरी करनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि न्यायिक सेवा में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों को कानूनी पेशे का व्यावहारिक अनुभव होना जरूरी है। अदालत के अनुसार, न्यायिक अधिकारी के रूप में काम करने के लिए कानून की पढ़ाई के साथ-साथ कोर्ट की कार्यवाही और कानूनी पेशे की वास्तविक समझ भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि पूर्व कानूनी प्रैक्टिस की शर्त ऐसी होनी चाहिए जिसका उम्मीदवारों पर अनावश्यक कठिनाई डालने के बजाय न्यायिक सेवा की आवश्यकता से उचित संबंध हो।
मई 2025 में 3 साल की प्रैक्टिस की शर्त लागू होने के बाद युवा वकीलों और नए Law Graduates के सामने कठिनाई उत्पन्न हुई। खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए समस्या हुई, जो पहले से Judiciary की तैयारी कर रहे थे और अचानक नई पात्रता शर्त लागू होने के कारण परीक्षा में सीधे आवेदन नहीं कर सकते थे।
इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने Transition Period के तहत सीमित राहत प्रदान की और भविष्य के लिए 3 साल की जगह 1 साल की Active Practice का नियम निर्धारित किया।
3 साल की प्रैक्टिस के नियम से जुड़ा फ़ैसला PDF डाउनलोड लिंक
मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने Civil Judge (Junior Division) के पद पर Direct Recruitment के लिए 3 साल की Legal Practice अनिवार्य की थी।
इस नियम के अनुसार, नए Law Graduates सीधे Civil Judge परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर सकते थे। उन्हें पहले निर्धारित अवधि तक कानूनी प्रैक्टिस पूरी करनी होती थी।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि कुछ परिस्थितियों में Law Clerk के रूप में प्राप्त अनुभव को Practice Requirement में शामिल किया जा सकता है।
इसके अलावा, चयनित उम्मीदवारों को न्यायालय की अध्यक्षता करने से पहले कम से कम एक वर्ष का प्रशिक्षण पूरा करना होता है।
नए नियम को समझने के लिए तारीखों के आधार पर इसे इस तरह देखा जा सकता है:
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अवधि |
लागू नियम |
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20 मई 2025 से 31 मार्च 2027 तक |
बिना पूर्व Practice के Law Graduates को आवेदन की अनुमति; 1 साल की Practice पूरी मानी जाएगी |
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1 अप्रैल 2027 या उसके बाद |
Civil Judge (Junior Division) परीक्षा के लिए कम से कम 1 साल की Active Legal Practice अनिवार्य |
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1 अप्रैल 2027 के बाद |
Practice का Certificate और कोर्ट की कार्यवाही में उपस्थिति/भागीदारी का रिकॉर्ड आवश्यक |
Judiciary की तैयारी कर रहे Law Graduates के लिए यह बदलाव काफी महत्वपूर्ण है। 31 मार्च 2027 तक जारी होने वाली संबंधित अधिसूचनाओं में उम्मीदवारों को बिना पूर्व Legal Practice के आवेदन करने की राहत मिलेगी।
वहीं, 1 अप्रैल 2027 के बाद जारी होने वाली अधिसूचनाओं के लिए उम्मीदवारों को आवेदन से पहले कम से कम एक साल की Active Legal Practice पूरी करनी होगी। इसलिए जो उम्मीदवार भविष्य में Civil Judge (Junior Division) परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें Practice Requirement और संबंधित भर्ती की अधिसूचना की पात्रता शर्तों को ध्यान से देखना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के नए बदलाव से Civil Judge (Junior Division) भर्ती में 3 साल की Practice Requirement को लेकर बड़ी राहत मिली है। 20 मई 2025 से 31 मार्च 2027 तक की Transition Period में बिना पूर्व Practice के आवेदन की अनुमति रहेगी, जबकि 1 अप्रैल 2027 के बाद जारी होने वाली अधिसूचनाओं के लिए 1 साल की Active Legal Practice अनिवार्य होगी। इससे नए Law Graduates को तत्काल राहत मिलेगी और आगे न्यायिक सेवा में प्रवेश के लिए व्यावहारिक कानूनी अनुभव की आवश्यकता भी बनी रहेगी।