Re-NEET 2026 की परीक्षा खत्म होने के बाद, बहुत से छात्र इस उलझन में हैं कि 450 अंकों पर उन्हें कौन सा मेडिकल कॉलेज मिल सकता है। 450 मार्क्स एक ऐसा स्कोर है, जो आपको सफलता के काफी करीब लाता है, लेकिन ऑल इंडिया कोटा की दौड़ में यह बॉर्डरलाइन पर आता है। यहां हम समझेंगे कि इतने नंबर पर आपकी रैंक क्या होगी। साथ ही, आपको सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में MBBS की सीट मिलेगी या नहीं, इसकी पूरी जानकारी के लिए यहां पढ़ें ।
मेडिकल कॉलेज में आपको कौन सी सीट मिलेगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि Re-NEET 2026 में आपकी रैंक क्या आती है। हर साल पेपर कितना कठिन था, बच्चों ने कैसा परफॉर्म किया और कितने छात्र परीक्षा में बैठे, इस आधार पर रैंक बदलती रहती है।
अगर आपके Re-NEET 2026 में 450 मार्क्स आ रहे हैं, तो पिछले सालों के रिकॉर्ड के मुताबिक आपकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) लगभग 1,25,000 से 1,60,000 के बीच आ सकती है। नीचे दी जा रही सारणी से आप आसानी से समझ सकते हैं कि इस स्कोर के आस-पास आपकी संभावित रैंक क्या हो सकती हैl
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नीट मार्क्स रेंज |
संभावित ऑल इंडिया रैंक |
संभावित परसेंटाइल) |
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470 – 460 अंक |
1,10,000 से 1,24,000 |
92.5 से 91.8 |
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450 अंक |
1,25,000 से 1,60,000 |
91.5 से 90.0 |
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440 – 430 अंक |
1,61,000 से 1,80,000 |
89.8 से 88.5 |
ज्यादातर मेडिकल छात्रों का सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या इस स्कोर पर उन्हें MBBS की सीट मिलेगी? Re-NEET 2026 के बाद आपको कॉलेज मिलेगा या नहीं, यह तीन मुख्य बातों पर निर्भर करता है: कॉलेज की फीस (सरकारी या प्राइवेट), सीटों का कोटा (ऑल इंडिया या स्टेट कोटा), और आपकी कैटेगरी (जनरल, ओबीसी, एससी या एसटी)।
450 के इस स्कोर पर अगर आप जनरल, EWS या OBC कैटेगरी में आते हैं, तो ऑल इंडिया कोटा (15% AIQ) से सरकारी कॉलेज मिलना बहुत मुश्किल है। दरअसल सरकारी सीटों के लिए कटऑफ काफी हाई जाती है।
लेकिन, अगर आप किसी आरक्षित कैटेगरी में हैं या आपके राज्य का कोटा मजबूत है, तो सरकारी कॉलेज की उम्मीद बढ़ जाती है:
SC/ST वर्ग : इस वर्ग के छात्रों के लिए 85% स्टेट कोटा के जरिए कई राज्यों में सरकारी मेडिकल सीट पाने का बेहतरीन मौका रहता है।
दिव्यांग छात्र: रिजर्वेशन नियमों के कारण इस स्कोर पर दिव्यांग छात्रों को सरकारी कॉलेज आसानी से मिल सकता है।
कम कटऑफ वाले राज्य: कुछ राज्यों में मेडिकल कॉलेज ज्यादा हैं और कटऑफ कम रहती है। वहाँ इस नंबर पर सरकारी या सेमी-गवर्नमेंट सीट मिल सकती है।
अगर आपका रैंक थोड़ा पीछे रह जाता है और सरकारी MBBS नहीं मिल पाता, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। Re-NEET 2026 में 450 अंक लाने वाले छात्रों के पास काउंसिलिंग के दौरान कई अन्य शानदार करियर विकल्प होते हैं जो कुछ इस प्रकार हैं :
BDS (डेंटल): कई राज्यों के सरकारी और टॉप प्राइवेट डेंटल कॉलेजों में इस स्कोर पर आराम से सीट मिल जाती है।
AYUSH कोर्सेज: छात्र आयुष काउंसिलिंग (AACCC) के जरिए सरकारी कॉलेजों से BAMS (आयुर्वेद), BHMS (होम्योपैथी) या BUMS (यूनानी) जैसे कोर्सेज कर सकते हैं, जिनकी मेडिकल के क्षेत्र में भारी मांग है।
