NEET की तैयारी के दौरान सही दिशा, निरंतर प्रयास और अपने लक्ष्य पर फोकस रखना जरूरी है। श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मोहम्मद अनन वानी ने भी 11वीं कक्षा से ही NEET की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने Physics Wallah के Arjuna 1.0 Batch के साथ अपनी तैयारी की शुरुआत की और 12वीं की पढ़ाई के लिए Lakshya 2.0 Batch को चुना। अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने टारगेट के अनुसार पढ़ाई करने और टीचर्स पर भरोसा बनाए रखने पर ध्यान दिया।
मोहम्मद अनन वानी के अनुसार उन्होंने अपनी NEET की तैयारी 11वीं कक्षा से शुरू की थी। शुरुआत में उन्होंने PW के Arjuna 1.0 Batch से पढ़ाई की और इसके बाद 12वीं की पढ़ाई के लिए Lakshya 2.0 Batch लिया।
"मैंने इस नीट की जर्नी को 11th में Arjuna 1.0 से स्टार्ट किया था और उसके बाद मैंने Lakshya 2.0 भी लिया था अपनी 12th की स्टडीज के लिए।"
11वीं कक्षा से ही उन्होंने अपने मन में यह तय कर लिया था कि उन्हें ड्रॉप नहीं लेना है। उनका लक्ष्य था कि वे अपनी तैयारी पर फोकस रखते हुए पहले ही प्रयास में NEET निकालें और इसके लिए शुरुआत से ही अपनी तैयारी को उसी दिशा में आगे बढ़ाएं।
"11th से मैंने ये दिमाग में पहली चीज रखी थी कि मुझे ड्रॉप के बारे में नहीं सोचना है तो मुझे फर्स्ट अटेम्प्ट में ही निकालना है NEET को।"
मोहम्मद अनन वानी ने बताया कि उन्होंने अपने आसपास कई छात्रों को ड्रॉप के दौरान मुश्किलों का सामना करते देखा था, इसलिए उन्होंने शुरुआत से ही पहले प्रयास में सफलता हासिल करने का लक्ष्य बनाया था।
मोहम्मद अनन ने बताया कि तैयारी के दौरान कई बार मुश्किलें आईं और कभी-कभी कंसिस्टेंसी में भी कमी आई, लेकिन उन्होंने समय के साथ खुद को संभाला।
"काफी ज्यादा हार्डशेस भी आती थीं। बीच-बीच में कभी कंसिस्टेंसी में ड्रॉप आ जाता था, लेकिन वो चीज ये है कि उसको फिर कोप-अप करना पड़ता है, उसके साथ विद द टाइम।"
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार ऑनलाइन पढ़ाई में शिफ्ट किया, तो शुरुआत के एक-दो हफ्तों में उन्हें लगा कि शायद इस तरीके से पढ़ाई करना मुश्किल होगा। हालांकि, बाद में जब उन्होंने टीचर्स पर भरोसा किया और ऑनलाइन पढ़ाई के साथ आगे बढ़े, तो उन्हें लगा कि ऑनलाइन पढ़ाई उनके लिए ऑफलाइन पढ़ाई से बेहतर है।
"पहले पहले एक दो हफ्ते लगा था कि शायद नहीं हो पाएगा लेकिन उसके बाद जब टीचर्स पे भरोसा किया और ऑनलाइन में पहली बार शिफ्ट किया तो फिर लगा कि ऑनलाइन ही बेटर है ऑफलाइन से।"
मोहम्मद अनन वानी के अनुसार उन्होंने पढ़ाई के लिए रोजाना घंटों की कोई तय सीमा नहीं रखी। इसके बजाय वह दिन के टारगेट तय करके उन्हें पूरा करने पर ध्यान देते थे।
"ऐसे मैं नहीं पढ़ता था कि मुझे कितने घंटे पढ़ना है, वो मैं टारगेट वाइज देखता था कि कितने टारगेट्स कंप्लीट करने हैं, वो मुझे करने हैं कंप्लीट उस दिन में।"
इसी वजह से उनके पढ़ाई के घंटे हर दिन अलग-अलग हो सकते थे। कभी उन्हें 15 घंटे पढ़ाई करनी पड़ती थी, तो कभी 9 घंटे में ही दिन का काम पूरा हो जाता था।
"फिर अगर कभी 15 घंटे भी जाते थे, कभी 9 घंटे जाते थे तो ऐसे ही हो जाता था।"
मोहम्मद के कई दोस्तों और रिश्तेदारों ने उन्हें ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन पढ़ाई करने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई और PW Teachers पर भरोसा था।
"काफी स्टूडेंट्स, काफी मेरे फ्रेंड्स और रिलेटिव्स जो हैं वो सारे बोलते थे कि ऐसे मतलब ऑफलाइन बैटर रहता है, लेकिन मतलब मुझे खुद को पता थी कि ऑनलाइन में जो टीचर्स हैं वो बेस्ट हैं।"
उन्होंने PW Teachers को लेकर अपने भरोसे की वजह भी बताई। उनके अनुसार, वह पहले से PW के रिजल्ट देख रहे थे, इसलिए उन्हें टीचर्स पर भरोसा था।
"PW से तो ऑब्वियसली बेस्ट ही है और काफी ज्यादा ट्रस्ट भी था टीचर्स पे पहले से। देख रहे थे कि रिजल्ट PW के काफी अच्छे आ रहे हैं और अभी भी अच्छे आ रहे हैं तो मुझे उससे फर्क फिर नहीं पड़ता था।"
NEET रिजल्ट आने के बाद मोहम्मद अनन वानी ने बताया कि उनके घर में खुशी का माहौल है। उनके परिवार के साथ-साथ रिश्तेदार भी उन्हें बधाई देने के लिए आ रहे हैं। रिजल्ट के बाद घर पर लगातार मुबारकबाद देने वालों का आना-जाना बना हुआ है।
"सर बस अभी खुशी चल रही है। सारे फैमिली रिलेटिव आ रहे हैं मुबारकबादी देने के लिए। तो काफी अच्छा माहौल है इधर।"
मोहम्मद अनन वानी ने 11वीं कक्षा से NEET की तैयारी शुरू की और PW के Arjuna 1.0 Batch व Lakshya 2.0 Batch से पढ़ाई की। उन्होंने पहले प्रयास में NEET निकालने का लक्ष्य रखा। अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने घंटों के बजाय टारगेट के अनुसार पढ़ाई की और PW Teachers पर भरोसा बनाए रखा। NEET में उन्होंने 640 स्कोर और AIR 2233 हासिल की।
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