कश्मीर के पुलवामा के पास एक छोटे से गांव में रहने वाले उमर ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद डॉक्टर बनने का सपना नहीं छोड़ा। दिन में मजदूरी और रात में पढ़ाई करते हुए उन्होंने सरकारी स्कूल से कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा पूरी की। बाद में मोबाइल खरीदने के बाद उन्होंने Physics Wallah (PW) के ऑनलाइन लेक्चर, लाइव क्लासेज और अध्ययन सामग्री की मदद से अपनी तैयारी को नई दिशा दी। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर उमर ने NEET 2026 में 601 अंक हासिल कर सफलता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।
कश्मीर के पुलवामा के पास एक छोटे से गांव में रहने वाले उमर ने कम उम्र से ही परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी करनी शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि तीसरी कक्षा से ही वे काम के साथ पढ़ाई भी करते रहे।
सेब के बागों में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक मजदूरी करने के बाद वे शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक पढ़ाई करते थे और फिर सुबह 3 बजे उठकर दोबारा पढ़ाई शुरू कर देते थे। कई वर्षों तक उनकी यही दिनचर्या रही।
आर्थिक तंगी के कारण शुरुआत में उनके पास ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी नहीं थी। बाद में मजदूरी से पैसे बचाकर उन्होंने मोबाइल खरीदा, जिससे उन्हें Physics Wallah (PW) के Yakeen Batch तक पहुंच मिली। Recorded lectures, NCERT और नियमित अभ्यास की मदद से उन्होंने अपनी तैयारी को व्यवस्थित किया और सीमित संसाधनों के बावजूद NEET 2026 में 601 अंक हासिल किए।
उमर ने स्थानीय सरकारी स्कूल में कक्षा 1 से 12वीं तक पढ़ाई की। उनके लिए पढ़ाई की सामग्री जुटाना आसान नहीं था। कई बार उन्होंने उन पड़ोसियों से किताबें उधार लीं, जो पहले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
कर चुके थे। उन्होंने कहा – “एक पड़ोसी से किताब ली थी… वह पहले NEET की तैयारी कर रहा था।”
गांव के कुछ पढ़े-लिखे लोगों ने भी कठिन विषयों को समझने में उनकी मदद की। उमर के अनुसार गांव में एक डॉक्टर भी उन्हें पढ़ाई समझाते थे। उमर के अनुसार, उनके घर में लंबे समय तक मोबाइल भी नहीं था। उन्होंने काम करते हुए पैसे बचाकर 7,000 रुपये का फोन खरीदा, जिससे उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई के संसाधनों तक पहुंच मिली।
“मेरे पास मोबाइल नहीं था… घर पर भी मोबाइल नहीं था।”
लंबे समय तक उमर के घर में स्मार्टफोन नहीं था, इसलिए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े ऑनलाइन संसाधनों की जानकारी भी नहीं मिल पाती थी।
“मेरे पास मोबाइल नहीं था… घर पर भी मोबाइल नहीं था।”
मजदूरी करके पैसे बचाने के बाद उन्होंने 7,000 रुपये का मोबाइल खरीदा, जिससे उनकी पढ़ाई का नया सफर शुरू हुआ।
“मैंने 7000 का फोन खरीदा।”
मोबाइल मिलने के बाद उमर ने ऑनलाइन पढ़ाई के विभिन्न संसाधनों को देखना शुरू किया। इसी दौरान उन्हें Physics Wallah (PW) के NEET कंटेंट के बारे में पता चला और उन्होंने Yakeen Batch में दाखिला लिया।
“मैंने Yakeen Batch लिया।”
शुरुआत में बैच की फीस 4,000 रुपये थी, जो उनके लिए काफी अधिक थी। उन्होंने फेस्टिवल ऑफर का इंतजार किया, जिसके बाद फीस घटकर 3,500 रुपये हो गई और तब उन्होंने बैच खरीदा।
“पहले 4000 का था, फिर 3500 का हो गया… तब मैंने लिया।”
बैच की फीस जुटाने के लिए भी उन्हें पांच-छह दिन अतिरिक्त मजदूरी करनी पड़ी।
“पांच-छह दिन मजदूरी करके बैच लिया।”
इंटरनेट की सीमित सुविधा के कारण उमर लाइव क्लासेज नहीं देख पाते थे। इसलिए उन्होंने मुख्य रूप से recorded lectures के जरिए पढ़ाई की।
“Live class नहीं देख पाता था… recorded lectures देखता था।”
Recorded lectures के साथ उन्होंने NCERT किताबों से पढ़ाई की, विषयों की अवधारणाओं (Concepts) को अच्छी तरह समझा और नियमित रूप से प्रश्नों का अभ्यास किया।
परीक्षा नजदीक आने पर उन्होंने अपनी तैयारी परखने के लिए mock tests देना शुरू किया।
“मैंने पांच-सात टेस्ट दिए थे।”
इन टेस्टों में उनके अंक 595 से 612 के बीच रहे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। मजदूरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने NEET परीक्षा दी और 601 अंक हासिल किए।
“मैंने NEET में 601 नंबर लाए।”
सेब के बागों में मजदूरी करने से लेकर NEET 2026 में 601 अंक हासिल करने तक का उमर का सफर इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते, यदि मेहनत और दृढ़ संकल्प साथ हो। वर्षों की मेहनत, self-study और Physics Wallah के Yakeen Batch से मिले मार्गदर्शन ने उनके सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज उनकी कहानी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक या सामाजिक चुनौतियों के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
परीक्षा से पहले उमर ने अपनी तैयारी का आकलन करने के लिए 5 से 7 मॉक टेस्ट दिए। इन tests में उनके 595 से 612 अंक आए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। मजदूरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाए रखते हुए उन्होंने NEET परीक्षा दी और आखिरकार 601 अंक हासिल किए।
अपने परिणाम के बारे में उमर ने कहा—
“मैंने NEET में 601 नंबर लाए।”
उमर की सफलता के पीछे सरकारी स्कूल से पढ़ाई, self-study, पड़ोसियों से मिली किताबें, गांव के लोगों का मार्गदर्शन, बाद में खरीदा गया मोबाइल, Physics Wallah के Yakeen Batch, recorded lectures, NCERT और नियमित mock tests की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उमर ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी तैयारी को कभी नहीं रोका। मजदूरी से पैसे बचाकर उन्होंने मोबाइल खरीदा, Physics Wallah के Yakeen Batch से पढ़ाई शुरू की और नियमित अभ्यास के दम पर NEET में 601 अंक हासिल किए। उनकी तैयारी के मुख्य चरण इस प्रकार रहे:
ऑनलाइन पढ़ाई की शुरुआत: मजदूरी से बचाए गए पैसों से 7,000 रुपये का मोबाइल खरीदा और Physics Wallah के Yakeen Batch से तैयारी शुरू की।
लगातार अभ्यास पर फोकस: इंटरनेट की सीमित सुविधा के कारण Recorded Lectures से पढ़ाई की, NCERT से कॉन्सेप्ट मजबूत किए और नियमित प्रश्नों का अभ्यास किया। परीक्षा से पहले 5–7 Mock Tests दिए, जिनमें 595–612 अंक आए। इसी तैयारी ने उन्हें अंतिम परीक्षा में 601 अंक दिलाने में मदद की।
उमर की कहानी बताती है कि सफलता केवल संसाधनों पर नहीं, बल्कि सही दिशा में लगातार किए गए प्रयासों पर निर्भर करती है। सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर NEET में 601 अंक हासिल कर अपने सपने को साकार किया।
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