5 अगस्त 2026 से MCC NEET UG Counselling Registration शुरू हो चुका है और अब योग्य उम्मीदवार MBBS, BDS व अन्य मेडिकल सीटों के लिए आवेदन कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान केवल फॉर्म भरना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि आपकी श्रेणी (SC, ST, OBC-NCL, EWS, PwD आदि) के अनुसार आरक्षण के कौन-से नियम लागू होंगे। सही श्रेणी का चयन, वैध प्रमाणपत्र और संबंधित कोटा की जानकारी सीट अलॉटमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस लेख में NEET Counselling Reservation Policy 2026 से जुड़े सभी जरूरी नियम आसान भाषा में समझें।
सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की 15% All India Quota (AIQ) सीटों पर केंद्र सरकार की आरक्षण नीति लागू होती है। इन सीटों का आवंटन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा किया जाता है। आरक्षण का लाभ पाने के लिए उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार मान्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होता है।
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श्रेणी |
आरक्षण |
पात्रता |
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अनुसूचित जाति (SC) |
15% |
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध जाति प्रमाणपत्र |
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अनुसूचित जनजाति (ST) |
7.5% |
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध जनजाति प्रमाणपत्र |
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अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) |
27% |
केंद्रीय OBC-NCL सूची में नाम और वैध नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाणपत्र |
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) |
10% |
निर्धारित आय एवं संपत्ति मानदंड के अनुसार वैध EWS प्रमाणपत्र |
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दिव्यांग (PwD) |
5% (क्षैतिज) |
MCC द्वारा मान्यता प्राप्त मेडिकल बोर्ड से जारी निर्धारित दिव्यांगता प्रमाणपत्र |
NEET Counselling 2026 में OBC-NCL, EWS और PwD श्रेणी के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ तभी मिलेगा, जब वे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करें और मान्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें। प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग नियम तय किए गए हैं। गलत या अमान्य प्रमाणपत्र होने पर उम्मीदवार का आरक्षित श्रेणी का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
OBC श्रेणी का लाभ केवल उन्हीं उम्मीदवारों को मिलेगा, जिनका नाम केंद्रीय OBC-NCL सूची में शामिल है। केवल राज्य सरकार द्वारा जारी OBC प्रमाणपत्र AIQ काउंसलिंग के लिए मान्य नहीं होता। उम्मीदवार का Non-Creamy Layer (NCL) श्रेणी में होना आवश्यक है।
OBC-NCL प्रमाणपत्र से जुड़े मुख्य नियम
उम्मीदवार का नाम केंद्रीय OBC-NCL सूची में होना चाहिए।
केवल राज्य स्तरीय OBC प्रमाणपत्र AIQ के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए।
OBC-NCL प्रमाणपत्र 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद जारी किया गया होना चाहिए और यह वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुसार होना चाहिए।
EWS आरक्षण सामान्य वर्ग के उन उम्मीदवारों के लिए है, जो SC, ST या OBC आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते। उम्मीदवार को केंद्र सरकार द्वारा तय आय और संपत्ति संबंधी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
EWS पात्रता की मुख्य शर्तें
परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से कम हो।
परिवार के पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि नहीं हो।
1,000 वर्ग फुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट नहीं होना चाहिए।
अधिसूचित नगरपालिकाओं में 100 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय भूखंड नहीं होना चाहिए।
EWS प्रमाणपत्र केंद्र सरकार के निर्धारित प्रारूप में तहसीलदार, SDM या DM जैसे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए।
PwD (Persons with Benchmark Disabilities) श्रेणी के उम्मीदवारों को 5% क्षैतिज आरक्षण दिया जाता है। यह आरक्षण प्रत्येक श्रेणी जैसे SC, ST, OBC, EWS और UR के भीतर लागू होता है।
PwD उम्मीदवारों के लिए मुख्य नियम
उम्मीदवार के पास RPwD Act के अनुसार 40% या उससे अधिक प्रमाणित दिव्यांगता होनी चाहिए।
दिव्यांगता प्रमाणपत्र MCC द्वारा अधिकृत मेडिकल मूल्यांकन बोर्ड से जारी होना चाहिए।
उम्मीदवार को MCC द्वारा निर्धारित मेडिकल बोर्ड में शारीरिक मूल्यांकन कराना आवश्यक है।
VMMC एवं सफदरजंग अस्पताल (दिल्ली), IPGMER (कोलकाता), मद्रास मेडिकल कॉलेज (चेन्नई) और ग्रांट मेडिकल कॉलेज (मुंबई) सहित MCC द्वारा नामित मेडिकल बोर्डों से जारी प्रमाणपत्र ही मान्य होते हैं।
स्थानीय या निजी अस्पतालों द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र AIQ काउंसलिंग के लिए स्वीकार नहीं किए जाते।
15% All India Quota (AIQ) सीटों के अतिरिक्त, NEET Counselling 2026 के तहत कई केंद्रीय संस्थानों में भी अलग आरक्षण और प्रवेश व्यवस्था लागू होती है। इन संस्थानों में सीटों का आवंटन उनके निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाता है।
AIIMS: देशभर के AIIMS की 100% सीटों पर केंद्र सरकार की आरक्षण नीति लागू होती है। इनमें SC के लिए 15%, ST के लिए 7.5%, OBC-NCL के लिए 27%, EWS के लिए 10% और PwD के लिए 5% क्षैतिज आरक्षण निर्धारित है।
JIPMER (पुडुचेरी और कराईकल): यहां सीटों को All India Quota और पुडुचेरी रेजिडेंट कोटा में विभाजित किया गया है। AIQ सीटों पर केंद्र सरकार के आरक्षण नियम लागू होते हैं, जबकि रेजिडेंट कोटा की सीटों पर पुडुचेरी के आरक्षण नियम प्रभावी रहते हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय (BHU, AMU और DU):
BHU: सभी सीटें अखिल भारतीय अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध हैं और इन पर केंद्र सरकार की आरक्षण नीति लागू होती है।
AMU और DU: इन विश्वविद्यालयों में केंद्रीय आरक्षण के साथ-साथ संबंधित विश्वविद्यालय से योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों के लिए Institutional Quota की व्यवस्था भी लागू रहती है।
AFMC, पुणे: AFMC में प्रवेश प्रक्रिया Armed Forces Medical Services (AFMS) की पात्रता और जांच के अधीन होती है। उम्मीदवारों का अंतिम प्रवेश रक्षा मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को काउंसलिंग के समय निर्धारित प्रारूप में वैध प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। सामान्य रूप से निम्न प्रमाणपत्र आवश्यक हो सकते हैं।
SC Certificate
ST Certificate
OBC-NCL Certificate
EWS Certificate
PwD Disability Certificate (निर्धारित मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी)
यदि प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में नहीं है या उसकी वैधता समाप्त हो चुकी है, तो आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता।
NEET Counselling Reservation Policy 2026 को समझना हर उम्मीदवार के लिए जरूरी है। AIQ, State Quota और Institutional Quota में आरक्षण के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए काउंसलिंग से पहले अपनी श्रेणी, आवश्यक प्रमाणपत्र और संबंधित कोटा के नियमों की अच्छी तरह जांच कर लें। सही दस्तावेज और समय पर सत्यापन से प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी की जा सकती है।
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