NEET की तैयारी में कई बार सबसे बड़ी चुनौती पढ़ाई नहीं, बल्कि असफलता के बाद खुद पर दोबारा भरोसा करना होती है। पहले प्रयास में मनचाहा परिणाम न मिलने के बाद कई छात्र हिम्मत खो देते हैं, वहीं कुछ अपनी गलतियों से सीखकर नई शुरुआत करते हैं। जानवी शुक्ला ने भी ऐसा ही किया। पहले प्रयास की निराशा को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने Physics Wallah के Yakeen 2.0 batch के साथ पहले ड्रॉप में अनुशासित तैयारी शुरू की। यही प्रयास उन्हें NEET 2026 में 638 अंक दिलाने में सफल रहा।
NEET की तैयारी में असफलता कई बार छात्रों का आत्मविश्वास तोड़ देती है। ऐसे समय में सबसे बड़ी चुनौती दोबारा खुद को संभालना और नई शुरुआत करना होती है। जानवी शुक्ला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। NEET 2025 में उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिलने के बाद उन्होंने पहला ड्रॉप लेने का फैसला किया और Physics Wallah के Yakeen 2.0 batch से पूरे समर्पण के साथ तैयारी शुरू की। नियमित पढ़ाई, मॉक टेस्ट और शिक्षकों के मार्गदर्शन की बदौलत उन्होंने NEET 2026 में 638 अंक हासिल कर अपनी मेहनत को सफलता में बदल दिया।
जानवी बताती हैं कि उनका यह पहला ड्रॉप था। उन्होंने शुरुआत से ही तय कर लिया था कि इस बार बिना किसी भटकाव के पूरी तैयारी एक ही प्लेटफॉर्म से करेंगी।
वे कहती हैं,
"मैंने Yakeen 2.0 batch से पढ़ाई की और यही मेरा पहला ड्रॉप था।"
उनके अनुसार पूरे बैच की व्यवस्थित पढ़ाई और समय-समय पर मिलने वाले मार्गदर्शन ने तैयारी को आसान बना दिया।
लंबी तैयारी के दौरान कई बार ऐसा समय आया जब जानवी खुद को डिमोटिवेट महसूस करने लगीं। लेकिन PW के शिक्षकों ने केवल पढ़ाया ही नहीं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाए रखा।
वे बताती हैं,
"सारे टीचर्स मोटिवेट भी करते थे, समझाते भी थे और टाइम-टू-टाइम गाइड करते थे। कभी-कभी डिमोटिवेशन होता था तो उनकी रिकॉर्डिंग्स सुन लेती थी, फिर अच्छा लगता था।"
यही निरंतर मोटिवेशन उन्हें पूरे साल अपनी तैयारी के साथ जुड़े रहने में मदद करता रहा।
जानवी मानती हैं कि केवल लेक्चर देखने से सफलता नहीं मिलती। उन्होंने पूरे साल नियमित रूप से मॉक टेस्ट दिए और अपनी गलतियों का विश्लेषण किया।
उन्होंने बताया,
यकीन बैच के सभी टेस्ट दिए।
Real Test Series में हिस्सा लिया।
Mission 30 के ऑफलाइन टेस्ट भी अटेंड किए।
लगातार टेस्ट देने से उन्हें अपनी कमजोरियों को समझने और परीक्षा के समय बेहतर Time Management करने में मदद मिली।
जब जानवी ने PW जॉइन किया, तब उनके आसपास के कई लोग ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर सवाल उठाते थे।
वे बताती हैं,
"सब कहते थे कि ऑनलाइन से थोड़ी ना होता है। सीरियस बच्चे तो कोटा जाते हैं। शुरुआत में मुझे बताने में भी हिचक होती थी कि मैं PW से पढ़ रही हूं।"
लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने पढ़ाई शुरू की, उनकी सोच पूरी तरह बदल गई।
"जब पढ़ना शुरू किया तो कंटेंट और Question Practice देखकर समझ आया कि यहां बहुत अच्छी तैयारी कराई जाती है। मैं अपने दोस्तों से तुलना करती थी तो लगा कि यहां उससे भी ज्यादा क्वेश्चन और बेहतर कंटेंट मिलता है।"
यहीं से उनका ऑनलाइन तैयारी पर विश्वास और मजबूत होता गया।
जानवी के अनुसार PW की सबसे बड़ी ताकत केवल लेक्चर नहीं, बल्कि पूरे साल मिलने वाला व्यवस्थित कंटेंट और पर्याप्त प्रश्न अभ्यास था।
नियमित क्लासेस, टेस्ट और लगातार प्रैक्टिस ने उन्हें परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार किया। इसी अनुशासन का परिणाम था कि उन्होंने NEET 2026 में 638 अंक हासिल किए।
जो लोग कभी ऑनलाइन पढ़ाई पर सवाल उठाते थे, वही आज उनकी सफलता की सराहना कर रहे हैं।
जानवी मुस्कुराते हुए कहती हैं,
"अब तो जिन रिश्तेदारों से कभी बात भी नहीं हुई थी, वो भी मेरी स्टोरी शेयर कर रहे हैं। बहुत अच्छा लगता है।"
उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि परिणाम इस बात से तय नहीं होते कि आपने ऑनलाइन पढ़ाई की या ऑफलाइन, बल्कि इस बात से तय होते हैं कि आपने कितनी ईमानदारी और निरंतरता से तैयारी की।
जानवी का मानना है कि NEET की तैयारी में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सही माहौल और मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है।
वे कहती हैं कि यदि कभी तैयारी के दौरान आत्मविश्वास कम हो, तो हार मानने के बजाय शिक्षकों के मार्गदर्शन पर भरोसा रखें, नियमित टेस्ट देते रहें और अपनी गलतियों से सीखते रहें।
उनकी कहानी यह संदेश देती है कि यदि छात्र सही प्लेटफॉर्म, अनुभवी शिक्षकों और लगातार अभ्यास के साथ तैयारी करें, तो पहला ड्रॉप भी जीवन की सबसे बड़ी सफलता में बदल सकता है।
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