बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE 4.0 भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जबकि उम्मीदवार 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इस बार परीक्षा व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। TRE 4.0 में पहली बार नेगेटिव मार्किंग लागू की गई है और परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाएगी। इन बदलावों को लेकर छात्रों ने नेगेटिव मार्किंग हटाने और परीक्षा को एक ही चरण में कराने की मांग उठाई है।
BPSC TRE 4.0 के नोटिफिकेशन के बाद परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर छात्रों का ध्यान नए नियमों पर गया है। इस बार परीक्षा केवल एक पेपर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे दो चरणों में आयोजित करने की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी किया गया है। यानी गलत उत्तर देने पर उम्मीदवारों के प्राप्त अंकों में कटौती होगी। छात्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में इस तरह के बदलाव से परीक्षा की तैयारी और प्रश्न हल करने की रणनीति पर असर पड़ेगा।
TRE 4.0 में नेगेटिव मार्किंग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। छात्रों के अनुसार, इससे परीक्षा में प्रश्न हल करते समय जोखिम बढ़ेगा। उम्मीदवारों को सही उत्तर के साथ-साथ गलत उत्तर से होने वाली अंक कटौती का भी ध्यान रखना होगा।
छात्रों की मांग है कि नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान वापस लिया जाए। उनका तर्क है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में उम्मीदवारों के ज्ञान और विषय की समझ का आकलन होना चाहिए और गलत उत्तर के लिए अंक काटने की व्यवस्था नहीं होनी चाहिए।
BPSC TRE 4.0 में परीक्षा को दो चरणों में कराने का प्रावधान भी छात्रों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पहले परीक्षा एक ही चरण में आयोजित किए जाने को लेकर उम्मीदवार तैयारी करते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था में पहले चरण के बाद दूसरे चरण की परीक्षा होगी।
छात्रों का कहना है कि दो चरणों की परीक्षा से तैयारी का समय, परीक्षा प्रक्रिया और चयन की पूरी व्यवस्था लंबी हो सकती है। इसी वजह से वे आयोग से मांग कर रहे हैं कि TRE 4.0 की परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित किया जाए।
BPSC TRE 4.0 के नए परीक्षा पैटर्न को लेकर छात्रों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
नेगेटिव मार्किंग को हटाया जाए।
परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित किया जाए।
परीक्षा प्रक्रिया को पहले की तरह सरल रखा जाए।
नए बदलावों को लेकर आयोग की ओर से स्पष्ट जानकारी दी जाए।
परीक्षा प्रक्रिया में उम्मीदवारों के हितों को ध्यान में रखा जाए।
छात्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार पहले से ही विषयवार सिलेबस और परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में परीक्षा को दो चरणों में कराने और नेगेटिव मार्किंग लागू करने से उम्मीदवारों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
उम्मीदवारों का यह भी कहना है कि परीक्षा की प्रक्रिया जितनी सरल और स्पष्ट होगी, उतना ही बेहतर तरीके से वे अपनी तैयारी कर पाएंगे। इसलिए वे आयोग से इन दोनों प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल छात्रों की मांग के बावजूद नेगेटिव मार्किंग हटाने या परीक्षा को दो चरणों के बजाय एक चरण में कराने को लेकर BPSC की ओर से किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इसलिए उम्मीदवारों को फिलहाल जारी नोटिफिकेशन में दिए गए नियमों के अनुसार ही अपनी तैयारी करनी चाहिए। यदि आयोग आगे परीक्षा पैटर्न या चयन प्रक्रिया में कोई बदलाव करता है, तो उसकी जानकारी आधिकारिक नोटिस के माध्यम से दी जाएगी।
BPSC TRE 4.0 में परीक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों ने शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के बीच नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव किया है, वहीं दूसरी ओर छात्र नेगेटिव मार्किंग हटाने और परीक्षा को एक चरण में कराने की मांग कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि छात्रों की मांगों को लेकर आयोग की ओर से कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे किसी भी बदलाव से संबंधित जानकारी के लिए केवल BPSC की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।