
UP बोर्ड कक्षा 9वीं हिंदी का पाठ्यक्रम छात्रों की भाषा दक्षता और साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यदि आप परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते हैं, तो सबसे पहले नवीनतम सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को समझना आवश्यक है। यहां आपको UP बोर्ड कक्षा 9वीं हिंदी सिलेबस 2026-27 की अध्यायवार सूची, अंक विभाजन और प्रश्न पत्र के प्रारूप की पूरी जानकारी मिलेगी। इस जानकारी की मदद से आप अपनी पढ़ाई की बेहतर योजना बना सकते हैं और परीक्षा की तैयारी अधिक प्रभावी तरीके से कर सकते हैं।
अध्यायवार सूची जानने से छात्रों को गद्य, काव्य, संस्कृत और एकांकी के सभी पाठों की स्पष्ट जानकारी मिलती है, जिससे पाठ्यक्रम को सही क्रम में पूरा करना आसान होता है।
बात – प्रताप नारायण मिश्र
स्मृति – श्रीराम शर्मा
ठेले पर हिमालय – धर्मवीर भारती
मंत्र – प्रेमचंद
गुरु नानकदेव – हजारी प्रसाद द्विवेदी
गिल्लू – महादेवी वर्मा
निष्ठामूर्ति कस्तूरबा – काका कालेलकर
तोता – रवींद्रनाथ टैगोर
सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम
कबीरदास – साखी
मीराबाई – पदावली
रहीम – दोहा
जयशंकर प्रसाद – पुनर्मिलन
भारतेंदु हरिश्चंद्र – प्रेम माधुरी
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' – दान
मैथिलीशरण गुप्त – पंचवटी
हरिवंश राय बच्चन – पथ की पहचान
संत रैदास – प्रभु जी तुम चंदन हम पानी
नागार्जुन – बादल को घिरते देखा है
सोहन लाल द्विवेदी – उन्हें प्रणाम
केदारनाथ अग्रवाल – अच्छा होता
शिवमंगल सिंह 'सुमन' – युगवाणी
वंदना
सदाचारः
पुरुषोत्तमः रामः
सिद्धिंमंत्रः
सुभाषितरत्नानि
परमहंसः रामकृष्णः
कृष्णः गोपालनन्दनः
दीपदान – डॉ. रामकुमार वर्मा
नए मेहमान – उदयशंकर भट्ट
लक्ष्मी का स्वागत – उपेंद्रनाथ 'अश्क'
सीमा रेखा – विष्णु प्रभाकर
व्यवहार की बोली – सेठ गोविंद दास
हिंदी व्याकरण:
काव्य सौंदर्य के तत्व: रस (शृंगार व वीर रस), छंद (दोहा व चौपाई), अलंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष)।
शब्द रचना: तत्सम, तद्भव, विलोम, पर्यायवाची, मुहावरे एवं लोकोक्तियां।
संस्कृत व्याकरण: दीर्घ एवं गुण संधि, शब्द रूप (राम, हरि, भानु), धातु रूप, हिंदी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद और आवेदन पत्र (पत्र लेखन)।
UP बोर्ड कक्षा 9वीं हिंदी की लिखित परीक्षा 70 अंकों की होती है, जिसमें 20 अंक के OMR आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न और 50 अंक के वर्णनात्मक प्रश्न शामिल हैं। नीचे आधिकारिक सिलेबस (2026-27) के अनुसार परीक्षा पैटर्न और अंक वितरण एक ही तालिका में दिया गया है।
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परीक्षा भाग |
प्रश्न/विषय |
अंक |
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खंड 'अ' (OMR आधारित MCQ) |
हिंदी गद्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (भारतेन्दु युग एवं द्विवेदी युग) |
3 |
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हिंदी काव्य के विकास का संक्षिप्त परिचय (आदिकाल एवं भक्तिकाल) |
3 |
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सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियम |
2 |
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काव्य सौंदर्य के तत्व (रस, छंद एवं अलंकार) |
3 |
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हिंदी व्याकरण एवं शब्द रचना |
5 |
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संस्कृत व्याकरण |
4 |
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खंड 'अ' कुल |
20 |
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खंड 'ब' (वर्णनात्मक प्रश्न) |
गद्यांश पर आधारित प्रश्न |
6 |
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पद्यांश पर आधारित प्रश्न |
6 |
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संस्कृत गद्यांश का संदर्भ सहित हिंदी अनुवाद |
4 |
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संस्कृत पद्यांश का संदर्भ सहित हिंदी अनुवाद |
4 |
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एकांकी (कथानक/चरित्र-चित्रण/तथ्यपरक प्रश्न) |
5 |
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लेखकों एवं कवियों का जीवन परिचय एवं रचनाएँ |
8 |
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पाठ्यपुस्तक से एक श्लोक लेखन |
2 |
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संस्कृत के निर्धारित पाठों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर |
4 |
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मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ |
2 |
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हिंदी के सरल वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद |
4 |
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प्रार्थना पत्र (पत्र लेखन) |
5 |
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खंड 'ब' कुल |
50 |
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आंतरिक मूल्यांकन |
प्रथम आंतरिक मूल्यांकन |
10 |
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द्वितीय आंतरिक मूल्यांकन |
10 |
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चार यूनिट टेस्ट के प्राप्तांकों का औसत |
10 |
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आंतरिक मूल्यांकन कुल |
30 |
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कुल अंक |
लिखित परीक्षा (70) + आंतरिक मूल्यांकन (30) |
100 |
आंतरिक मूल्यांकन 30 अंकों का होता है, जो स्कूल स्तर पर आयोजित किया जाता है। इसमें दो प्रोजेक्ट/मौखिक-लिखित परीक्षाएं और चार मासिक परीक्षाएं शामिल हैं, जो छात्रों के विकास में मदद करते हैं।
आंतरिक मूल्यांकन का अंक विभाजन:
प्रथम आन्तरिक मूल्यांकन (10 अंक): अगस्त महीने में (मौखिक परीक्षा / प्रोजेक्ट)।
द्वितीय आन्तरिक मूल्यांकन (10 अंक): दिसंबर महीने में (लिखित परीक्षा / प्रोजेक्ट)।
चार मासिक परीक्षाएं (10 अंक): पूरे वर्ष की मासिक परीक्षाओं के आधार पर अंक जोड़े जाते हैं।
हिंदी परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए छात्र नीचे दिए गए आसान और असरदार सुझावों को अपना सकते हैं जो कुछ इस प्रकार हैं :
OMR शीट का नियमित अभ्यास: खंड 'अ' के 20 अंकों के बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों के लिए रोज ओएमआर शीट भरने का अभ्यास करें। इससे मुख्य परीक्षा में गलती होने की संभावना न के बराबर रहेगी।
जीवन परिचय लिखकर याद करें: गद्य और काव्य खंड के प्रमुख लेखकों व कवियों के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख रचनाओं को लिखकर याद करें, ताकि वर्तनी यानी Spelling की गलतियाँ न हों।
संस्कृत श्लोक कंठस्थ करें: परीक्षा में 2 अंकों का श्लोक पूछा जाता है। अपनी पाठ्यपुस्तक से कम से कम 2 श्लोक कंठस्थ याद रखें, ताकि अगर एक श्लोक प्रश्न पत्र में नही भी आए , तो आप दूसरा लिख सकें।
हिंदी व्याकरण पर विशेष ध्यान: मुहावरे, संधि, विलोम शब्द, तत्सम-तद्भव और शब्द रूप जैसे विषयों का रोज अभ्यास करें। व्याकरण में पूरे अंक मिलते हैं और यह आपका ओवरऑल स्कोर बढ़ाता है।