
Chapter 1 of Class 11 Biology in the UP Board syllabus is titled "Diversity in Living World". This chapter introduces students to the vast diversity of life forms found on Earth. It lays the foundation for understanding the concept of biological diversity, the classification of organisms, and the importance of preserving this diversity.
UP Board Class 11 Syllabus 2024-25
It covers key topics like the characteristics of living organisms, biodiversity, taxonomy and classification systems. The solutions are created to ensure that students get the essential points effectively. The PDF link is available below for easy access to all the study material you need for this chapter.UP Board Solutions for Class 11 Biology Chapter 1 The Living World PDF
प्रश्न 1: जीवों को वर्गीकृत क्यों करते हैं? उत्तर : जीवों का वर्गीकरण निम्नलिखित कारणों से किया जाता हैपरीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पीय प्रश्न प्रश्न 1. मछलियों का अध्ययन जीव विज्ञान की किस शाखा के अन्तर्गत करते हैं? (क) हरपेटोलॉजी (ख) हेल्मिन्थोलॉजी (ग) ओफियोलॉजी (घ) इक्थियोलॉजी उत्तर : (घ) इक्थियोलॉजी प्रश्न 2. जन्तु किन लक्षणों में पादपों से मिलते हैं? (क) ये दिन-रात श्वसन करते हैं। (ख) ये केवल दिन में श्वसन करते हैं। (ग) ये केवल रात में श्वसन करते हैं। (घ) ये जब चाहें श्वसन करते हैं। उत्तर : (क) ये दिन-रात श्वसन करते हैं।अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. “जीव विज्ञान” शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था? उत्तर : “जीव विज्ञान (Biology) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1802 ई० में लैमार्क (Lamarck) और ट्रैविरैनस (Treviranus) द्वारा किया गया। प्रश्न 2. जीव विज्ञान, जन्तु विज्ञान तथा वनस्पति विज्ञान के पिता का नाम लिखिए। या जन्तु विज्ञान के जनक कौन थे? उत्तर : जीव विज्ञान → अरस्तू (Aristotle) जन्तु विज्ञान → अरस्तू (Aristotle) वनस्पति विज्ञान → थियोफ्रेस्टस (Theophrastus) प्रश्न 3. सजीव एवं निर्जीव में अन्तर बताइए। उत्तर : सभी सजीवों में जीवद्रव्य उपस्थित होता है जोकि सभी सजीवों (जीवधारियों) की भौतिक आधारशिला है। इसके विपरीत निर्जीवों में यह अनुपस्थित होता है।लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. जीव विज्ञान की दो परम्परागत शाखाओं के नाम लिखिए तथा इनमें अन्तर बताइए। उत्तर : जीव विज्ञान की दो परम्परागत शाखाएँ निम्नवत् हैं