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In this article we have provided UP Board Solutions for Class 11 Biology Chapter 1 The Living World to help students to prepare better for their examinations.
authorImagePraveen Singh10 May, 2025
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UP Board Solutions for Class 11 Biology Chapter 1

Chapter 1 of Class 11 Biology in the UP Board syllabus is titled "Diversity in Living World". This chapter introduces students to the vast diversity of life forms found on Earth. It lays the foundation for understanding the concept of biological diversity, the classification of organisms, and the importance of preserving this diversity.

UP Board Solutions for Class 11 Biology Chapter 1 PDF

UP Board Solutions for Class 11 Biology Chapter 1 The Living World PDF is now available for download. This PDF includes detailed explanations, important questions and answers based on the syllabus which will help students understand the fundamental concepts of the living world.

UP Board Class 11 Syllabus 2024-25

It covers key topics like the characteristics of living organisms, biodiversity, taxonomy and classification systems. The solutions are created to ensure that students get the essential points effectively. The PDF link is available below for easy access to all the study material you need for this chapter.

UP Board Solutions for Class 11 Biology Chapter 1 The Living World PDF

प्रश्न 1: जीवों को वर्गीकृत क्यों करते हैं? उत्तर : जीवों का वर्गीकरण निम्नलिखित कारणों से किया जाता है
  1. जीवों की सरलता से पहचान हेतु।
  2. अन्य स्थानों के जीवों के अध्ययन हेतु।
  3. जीवाश्मों के अध्ययन हेतु।
  4. समूह बनाकर सभी जीवों का अध्ययन किया जा सकता है जबकि सभी जीवों का पृथक अध्ययन असम्भव है।
  5. वर्गीकरण से जीवों में समानता व असमानता का पता चलता (UPBoardSolutions.com) है जिससे विभिन्न जीव समूहों के बीच सम्बन्ध का ज्ञान होता है।
  6. विभिन्न टैक्सा के विकास (evolution) को पता चलता है।
प्रश्न 2. वर्गीकरण प्रणाली को बार-बार क्यों बदलते हैं? उत्तर : नये उपकरणों और प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ वैज्ञानिक अध्ययन का भी लगातार विकास होता रहता है। प्राचीन काल में वैज्ञानिक जीवों का वर्गीकरण उनके आवास तथा गुण के आधार पर करते थे। उसके पश्चात् बाह्य आकारिकी (external morphology) वर्गीकरण का मुख्य आधार बन गई। उसके पश्चात् सूक्ष्मदर्शी (microscope) व अन्य उपकरणों की खोज के पश्चात् आन्तरिक संरचना (anatomy) तथा भौणिकी (embryology) का उपयोग वर्गीकरण हेतु होने लगा। वर्तमान में कोशिकीय संरचना (cellular structure), गुणसूत्र (chromosomes), जैव रासायनिक विश्लेषण (biochemical analysis), जीन संरचना (gene structure) (UPBoardSolutions.com) तथा DNA में समानता का भी उपयोग जीवों के बीच सम्बन्ध स्थापित करने में तथा वर्गीकरण में किया जा रहा है। इसलिए वर्गीकरण प्रणाली समय के साथ-साथ परिवर्तित एवं विकसित की जाती रही है। प्रश्न 3. जिन लोगों से आप प्रायः मिलते रहते हैं, आप उनको किस आधार पर वर्गीकृत करना पसंद करेंगे? [संकेत-ड्रेस, मातृभाषा, प्रदेश जिसमें वे रहते हैं; आर्थिक स्तर आदि।] उत्तर :
  1. परिवार के सदस्य (Family members)
  2. रिश्तेदार (Relatives)
  3. पारिवारिक मित्र (Family friends)
  4. स्कू ल मित्र (School friends)
  5. सहपाठी (Classmates)
  6. वयस्क, अपने से बड़े, अपने से छोटे, समान उम्र वाले (Adults, seniors, juniors, same age)
  7. लिंग-स्त्री या पुरुष (Sex : Female or male)
  8. ऊँचाई (Height)
  9. खेल मित्र (Playmates)
प्रश्न 4. व्यष्टि तथा समष्टि की पहचान से हमें क्या शिक्षा मिलती है? उत्तर :  व्यष्टि (Individual) : प्रत्येक व्यष्टि में कुछ विशिष्ट लक्षण होते हैं जो उसकी समष्टि के अन्य व्यष्टियों में नहीं पाए जाते हैं। समष्टि (Population)
  1. प्रत्येक समष्टि जनन में पृथक (reproductively isolated) होती है।
  2. एक समष्टि के सदस्य आपस में अन्तरे प्रजनन (interbreed) करके नये जीव को जन्म दे सकते हैं।
  3. एक समष्टि के सदस्यों में समानता होती है तथा (UPBoardSolutions.com) ये अन्य समष्टि से असमान दिखाई देते हैं।
  4. समष्टि के प्रत्येक सदस्य का कैरियोटाइप (karyotype) समान होता है।
  5. एक समष्टि के सदस्यों में आन्तरिक संरचना में समानता पायी जाती है।
प्रश्न 5. आम का वैज्ञानिक नाम निम्नलिखित है। इनमें से कौन- सा सही है ? मैंजीफेरा इंडिका, मैजीफेरा इंडिका उत्तर : मैंजीफेरा इंडिका (Mangifera indica). प्रश्न 6. टैक्सोन की परिभाषा दीजिए। विभिन्न पदानुक्रम स्तर पर टैक्सा के कुछ उदाहरण दीजिए। उत्तर : टैक्सोन, किसी भी स्तर को वर्गिकी समूह होता है। (Taxon is a taxonomic group of any rank). यह किसी भी स्तर पर जीवों के समूह को निरूपित करता है। उदाहरणार्थ-मक्का (species), रोजेज (genus), घास (family), कोनिफर (order), (UPBoardSolutions.com) द्विबीजपत्री (class), बीजीय पौधे (division) शब्द टैक्सोन (taxon) सर्वप्रथम 1956 में ICBN (International Code of Botanical Nomenclature) ने प्रतिपादित किया था तथा मेयर (1964) ने इसकी परिभाषा ‘किसी भी स्तर के वर्गिकी समूह’ के रूप में दी थी। प्रश्न 7. क्या आप वर्गिकी संवर्ग का सही क्रम पहचान सकते हैं ? (a) जाति (Species) → गण (Order) →संघ (Phylum) → जगत (Kingdom) (b) वंश (Genus) → जाति (Species) → गण (Order) → जगत (Kingdom) (c) जाति (Species) → वंश (Genus)→ गण (Order) → संघ (Phylum) उत्तर: (c) जाति (Species) → वंश (Genus) → गण (Order) → संघ (Phylum) प्रश्न 8. ‘जाति’ शब्द के सभी मानवीय वर्तमान कालिक अर्थों को एकत्र कीजिए। क्या आप अपने शिक्षक से उच्च कोटि के पौधों, प्राणियों तथा बैक्टीरिया की स्पीशीज का अर्थ जानने के लिए चर्चा कर सकते हैं? उत्तर : जाति (species) एक प्राकृतिक जनसंख्या अथवा समान आकारिकी (morphology), आन्तरिक संरचना (anatomy), कार्यिकी (physiology) तथा कोशिकीय संरचना (cellular structure) वाले जीवों की प्राकृतिक जनसंख्या है।
  1. जाति (species), वर्गीकरण की आधारीय इकाई (basic unit) है जिसमें एक जाति के जीव | समान आनुवंशिक गुण रखते हैं।
  2. जाति (species) ऐसे संरचनात्मक रूप से समान जीवों का समूह है जो आपस में मुक्त (UPBoardSolutions.com) लैंगिक जनन (freely sexual reproduction) द्वारा संतान उत्पन्न कर सकते हैं परन्तु अन्य जाति के जीवों से जनन में पृथकता (reproductively isolated) दर्शाते हैं।
उच्च पादप तथा जन्तुओं (higher plants and animals) में लैंगिक जनन होता है। अतः इनकी जाति निर्धारण के लिए जनन पृथकता (reproductive isolation) का उपयोग किया जाता है। अत: परिभाषा (3) सही है। जीवाणुओं (bacteria) में मुक्त प्रजनन (free reproduction) तथा जनन पृथकता (reproductive isolation) नहीं पाया जाता है। इसलिए जीवाणुओं की जाति का निर्धारण आकारिकी (morphology) के आधार पर किया जाता है। अत: परिभाषा (1) सही है। प्रश्न 9. निम्नलिखित शब्दों को समझिए तथा परिभाषित कीजिए (i) संघ (ii) वर्ग (iii) कुल (iv) गण (v) वंश उत्तर : (i) संघ (Phylum) : समान गुणों वाले वर्गों (class) को एक संघ (phylum) में रखा जाता है, जैसे मत्स्य, उभयचर, सरीसृप (reptiles), पक्षी तथा स्तनधारी जंतुओं को एक ही संघ कॉडेटा (chordata) में रखा गया है। इन सभी जंतुओं में रीढ़ की हड्डी पाई जाती है। पौधों में समान गुणों वाले वर्गों (class) को एक डिविजन (division) में वर्गीकृत किया जाता है। (ii) वर्ग (Class) : समान गुणों वाले गण (order) को एक वर्ग (class) में रखा जाता है। गण प्राइमेटा (order primata) में बंदर, गोरिल्ला, चिंपैंजी आदि को एक ही वर्ग मैमेलिया (mammalia) में शेर, कुत्ता, बिल्ली आदि के साथ रखा गया है, क्योंकि ये सभी स्तनधारी श्रेणी में रखे गए हैं। (iii) कुल (Family) : जिस प्रकार समान गुणों वाली जाति को एक वंश में रखते हैं उसी प्रकार समान गुणों वाले सभी वंशों को एक कुल या कुटुंब (family) में रखते हैं। जैसे आलू, टमाटर, बैंगन में कई गुण समान होते हैं इसलिए इन्हें एक ही कुल सोलेनेसी (solanaceae) में रखा गया है। कुटुंब को वर्धिक (vegetative) तथा जननीय लक्षणों (reproductive characters) के आधार पर विशेषीकरण (characterization) किया जाता है। उदाहरण के लिए, शेर, बाघ तथा तेंदुआ (UPBoardSolutions.com) को वंश पैथेरा (Panthera) में बिल्ली (Felis) के साथ कुटुंब फेलिडी (Felidae) में रखा गया है। इसी प्रकार कुत्ता और बिल्ली में कुछ समानताएँ तथा कुछ अन्तर होते हैं। इन्हें दो अलग-अलग कुटुंबों क्रमशः कैनिडी (Canidae) तथा फेलिडी (Felidae) में रखा गया है। (iv) गण (Order) : समान गुणों वाले कुलों को एक गण (order) में रखा जाता है। उदाहरण के लिए, बिल्ली, कुत्ता तथा शेर को एक ही ऑर्डर कार्निवोरा (carnivora) में रखा गया है। पौधों में कानवॉल्वुलेसी (convolvulaceae) तथा सोलेनेसी (solanaceae) कुटुंब को एक गण | पॉलीमोनिएल्स (polemoniales) में पुष्पीय गुणों के आधार पर रखा गया है। (v) वंश (Genus) : वंश, सम्बन्धित स्पीशीज का एक समूह है। (Genus is a group of related species)। वर्गीकरण में वंश का बहुत महत्त्व है। द्विपद-नाम-पद्धति (binomial nomenclature) के अनुसार किसी भी स्पीशीजे को तब तक कोई नाम नहीं दिया जा सकता जब तक कि वह किसी वंश के साथ न हो। प्राय: एक ही वंश की जाति के गुणों में काफी समानता होती है। सामान्य गुणों के ऐसे समूह को सह-संबंधित गुण (correlated characters) कहा जाता है। ऐसी जाति को एक वंश के अन्तर्गत रखा जाता है। एक वंश के अन्दर कई जाति हो सकती हैं, जैसे आम का वंश है मैंजीफेरा (Mangifera), जिसके अन्तर्गत 35 जातियों को रखा गया है। मैंजीफेरा इंडिका (Mangifera indica) 35 जातियों में से एक है। एक वंश के अन्तर्गत केवल एक जाति भी (UPBoardSolutions.com) हो सकती है। जैसे वंश जिंगो (Ginkgo) में केवल एक जाति है-जिंगो बाइलोबा (Ginkgo biloba)। ऐसे वंश, जिनमें केवल एक ही जाति होती है-मोनोटिपिक जीनस (monotypic genus) कहलाते हैं। प्रश्न 10. जीव के वर्गीकरण तथा पहचान में कुंजी किस प्रकार सहायक है? उत्तर : कुंजी एक ऐसी विधि है जिसके द्वारा विभिन्न वर्गों में स्थित प्रत्येक प्रकार के जीव की पहचान की जा सकती है। वैज्ञानिक जीवों की पहचान उनके गुणों के आधार पर बनाई गई कुंजी (keys) से करते हैं। कुंजी (key) पौधों तथा जन्तुओं के समान तथा असमान गुणों के आधार पर बनाई जाती है। वर्गिकी कुंजी (taxonomic key) दो विपरीत लक्षणों पर आधारित होती है। इनमें से एक को स्वीकार किया जाता है जबकि दूसरे को अस्वीकृत कर दिया जाता है। कुल, वंश तथा जाति के लिए अलग-अलग कुंजी का उपयोग किया जाता है। प्रश्न 11. पौधों तथा प्राणियों के उचित उदाहरण देते हुए वर्गिकी पदानुक्रम का चित्रण कीजिए। उत्तर : वर्गीकरण एकल सोपान प्रक्रम नहीं है, बल्कि इसमें पदानुक्रम सोपान (hierarchy of steps) होते हैं जिसमें प्रत्येक सोपान पद अथवा वर्ग (rank or category) को प्रदर्शित करता है। चूंकि संवर्ग (category) समस्त वर्गिकी व्यवस्था है इसलिए इसे वर्गिकी संवर्ग (taxonomic category) कहते हैं। और तभी सारे संवर्ग मिलकर वर्गिकी पदानुक्रम (taxonomic hierarchy) बनाते हैं। प्रत्येक संवर्ग वर्गीकरण की एक इकाई को प्रदर्शित करता है। वास्तव में, यह एक पद को दिखाता है और इसे प्रायः वर्गक (टैक्सोन) कहते हैं। वर्गिकी संवर्ग तथा पदानुक्रम का वर्णन एक उदाहरण द्वारा कर सकते। हैं। कीट (insects) जीवों के एक वर्ग को दिखाता है जिसमें एक समान गुण जैसे तीन जोड़ी संधिपाद (टाँगे) होती हैं। इसका अर्थ है कि कीट संघ स्वीकारणीय सुस्पष्ट जीव है जिसका वर्गीकरण किया जा सकता है, इसलिए इसे एक पद (rank) अथवा संवर्ग (UPBoardSolutions.com) (category) का दर्जा दिया वर्ग (क्लास) गया है। स्मरण रहे कि वर्ग (group) संवर्ग (category) को दिखाता है। प्रत्येक पदे (rank) अथवा वर्गक (taxon) वास्तव में, वर्गीकरण की एक इकाई को बताता है। ये वर्गिकी वर्ग/संवर्ग सुस्पष्ट जैविक है ना कि केवल आकारिकीय समूहन। सभी ज्ञात जीवों के वर्गिकीय अध्ययन से सामान्य संवर्ग जैसे जगत । (kingdom), संघ (phylum) अथवी भाग (पौधों के लिए), वर्ग (class), गण (order), कुल (family), वंश (genus) तथा जाति (species) का विकास हुआ। पौधों तथा प्राणियों दोनों में जाति । सबसे निचले संवर्ग में आती है। इनका वर्गीकरण संलग्न चित्र के अनुसार होता है। मनुष्य तथा आम का वर्गिकी पदानुक्रम में वर्गीकरण निम्न प्रकार है पदानुक्रम                                                      मनुष्य जगत (Kingdom)                                एनीमेलिया (Animalia) संघ/डिविजन (Phylum/Division)    कॉडेंटा (Chordata) वर्ग (Class)                                           मैमेलिया (Mammalia) गण (Order)                                          प्राइमेटा (Primata) कुल (Family)                                       होमोनीडी (Homonidae) वंश (Genus)                                         होमो (Homo) जाति (Species)                                    होमो सेपियन्स(Homo sapiens) पदानुक्रम                                                            आम जगत (Kingdom)                                  प्लाण्टी (Plantae) संघ/डिविजन (Phylum/Division)  एन्जियोस्पर्मी (Angiospermae) वर्ग (Class)                                             डाइकोटिलीडनी (Dicotyledonae) गण (Order)                                           सेपिंडेल्स (Sapindales) कुल (Family)                                         एनाकाडेंसी (Anacardiaceae) वंश (Genus)                                          मैंजीफेरा (Mangifera) जाति (Species)                                     मैंजीफेरा इंडिका (Mangifera indica)

परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न प्रश्न 1. मछलियों का अध्ययन जीव विज्ञान की किस शाखा के अन्तर्गत करते हैं? (क) हरपेटोलॉजी (ख) हेल्मिन्थोलॉजी (ग) ओफियोलॉजी (घ) इक्थियोलॉजी उत्तर : (घ) इक्थियोलॉजी प्रश्न 2. जन्तु किन लक्षणों में पादपों से मिलते हैं? (क) ये दिन-रात श्वसन करते हैं। (ख) ये केवल दिन में श्वसन करते हैं। (ग) ये केवल रात में श्वसन करते हैं। (घ) ये जब चाहें श्वसन करते हैं। उत्तर : (क) ये दिन-रात श्वसन करते हैं।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. “जीव विज्ञान” शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था? उत्तर : “जीव विज्ञान (Biology) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1802 ई० में लैमार्क (Lamarck) और ट्रैविरैनस (Treviranus) द्वारा किया गया। प्रश्न 2. जीव विज्ञान, जन्तु विज्ञान तथा वनस्पति विज्ञान के पिता का नाम लिखिए। या जन्तु विज्ञान के जनक कौन थे? उत्तर : जीव विज्ञान       → अरस्तू (Aristotle) जन्तु विज्ञान       → अरस्तू (Aristotle) वनस्पति विज्ञान → थियोफ्रेस्टस (Theophrastus) प्रश्न 3. सजीव एवं निर्जीव में अन्तर बताइए। उत्तर : सभी सजीवों में जीवद्रव्य उपस्थित होता है जोकि सभी सजीवों (जीवधारियों) की भौतिक आधारशिला है। इसके विपरीत निर्जीवों में यह अनुपस्थित होता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. जीव विज्ञान की दो परम्परागत शाखाओं के नाम लिखिए तथा इनमें अन्तर बताइए। उत्तर : जीव विज्ञान की दो परम्परागत शाखाएँ निम्नवत् हैं
  1. जन्तु विज्ञान (Zoology)
  2. वनस्पति विज्ञान (Botany)
जन्तु विज्ञान शाखा के अन्तर्गत जन्तुओं (animals) का अध्ययन किया जाता है, जबकि वनस्पति विज्ञान शाखा के अन्तर्गत वनस्पतियों (plants) का अध्ययन किया जाता है। प्रश्न 2. सजीवों के किन्हीं दो लक्षणों का वर्णन कीजिए। उत्तर :
  1. श्वसन (Respiration) : जीवधारियों में श्वसन हर समय होता रहता है। इस क्रिया में जीव वायुमण्डल से ऑक्सीजन (O,) लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड (CO,) बाहर निकालते हैं। इस क्रिया में कार्बोहाइड्रेट, वसा एवं प्रोटीन का ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है और ऊर्जा मुक्त होती है। (UPBoardSolutions.com) इस मुक्त ऊर्जा से ही जीवधारियों की समस्त जैविक-क्रियाएँ संचालित होती हैं। श्वसन क्रिया एक अपचयी क्रिया (catabolic reaction) है।
  2. जनन (Reproduction) : जनन भी जीवों का अभिलक्षण है। बहुकोशिक जीवों में जनने (लैंगिक जनन-sexual reproduction) का अर्थ अपनी संतति उत्पन्न करना है जिसके अभिलक्षण लगभग उसके अपने माता-पिता से मिलते हैं। जीव अलैंगिक जनन (asexual reproduction) भी करते हैं। फंजाई (कवक) लाखों अलैंगिक बीजाणुओं (asexual spores द्वारा गुणन करती है और सरलता से फैल जाती है। निम्न कोटि के जीवों; जैसे- यीस्ट तथा हाइड्रा में मुकुलन (budding) द्वारा जनन होता है। प्लैनेरिया (चपटा कृमि) में वास्तविक पुनर्जनन (true regeneration) होता है अर्थात् एक खंडित जीव अपने शरीर के लुप्त अंग को पुनः प्राप्त (जीवित) कर (UPBoardSolutions.com) लेता है और इस प्रकार एक नया जीव बन जाता है। फंजाई, तंतुमयी शैवाल, मॉस का प्रथम तंतु (protonema of moss) सभी विखण्डन (fragmentation) विधि द्वारा गुणन करते हैं।
प्रश्न 3. अजायबघर या म्यूजियम किसे कहते है? म्यूजियम एवं चिड़ियाघर में अन्तर बताइए। उत्तर : संग्रहालय (Museum) : संग्रहालय प्रायः शैक्षिक संस्थानों; जैसे विद्यालय तथा कॉलेजों में स्थापित किए जाते हैं। संग्रहालय में अध्ययन के लिए परिरक्षित पौधों तथा प्राणियों के नमूने होते हैं। पौधे तथा प्राणियों के नमूनों को सुखाकर परिरक्षित करते हैं। कीटों को एकत्र करके मारने के बाद डिब्बों में पिन लगाकर रखते हैं। बड़े प्राणी; जैसे–पक्षी तथा स्तनधारी; को प्रायः परिरक्षित घोल में डालकर जारों में भरकर परिरक्षित करते हैं। संग्रहालय में प्राय: प्राणियों के कंकाल भी रखे जाते हैं। प्रमुख संग्रहालय
  1. नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन
  2. फॉरेस्ट म्यूजियम, अण्डमान-निकोबार द्वीप
  3. नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री, दिल्ली
  4. प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम, मुम्बई
  5. इण्डियन म्यूजियम, कोलकाता
  6. महाराजा सवाई मान सिंह म्यूजियम, जयपुर
प्राणी उपवन अथवा चिड़ियाघर (Zoological Park) : इन उपवनों में अधिकांशतः वन्य आवासी जीवित प्राणी रखे जाते हैं। इनसे हमें वन्य जीवों की मानव की देख-रेख में आहार-प्रकृति तथा व्यवहार को सीखने का अवसर प्राप्त होता है। जहाँ तक संभव होता है; चिड़ियाघरों में विभिन्न प्राणी उपलब्ध कराए जाते हैं। चिड़ियाघर में सभी प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवासों वाली परिस्थितियों में रखने का प्रयास किया जाता है। इन उद्यानों को प्रायः चिड़ियाघर (zoos) कहते हैं। इसे देखने के लिए बहुत-से लोग तथा बच्चे आते हैं। प्रश्न 4. वानस्पतिक उद्यानों का क्या महत्त्व है? भारतवर्ष के किन्हीं दो वानस्पतिक उद्यानों के नाम लिखिए। या पादप (वानस्पतिक) उद्यान को समझाइए। उत्तर : विभिन्न प्रकार के पौधों की जातियाँ लगाकर उसे सुरक्षित करने हेतु सम्पूर्ण क्षेत्रफल को चारों ओर से घेर देते हैं। इन्हें ही वानस्पतिक या पादप उद्यान कहते हैं। वानस्पतिक उद्यानों से निम्नलिखित लाभ हैं जिसके कारण इनका बहुत महत्त्व है।
  1. वर्गीकरण अध्ययन हेतु जीवित जातियों को वानस्पतिक उद्यानों से प्राप्त किया जाता है।
  2. यहाँ पर विदेशों से भी लाकर नई जातियाँ लगाई जाती हैं तथा उनका (UPBoardSolutions.com) विकास किया जाता है।
  3. अनुसंधान के लिए यहाँ पर पौधों को लगाकर रखा जाता है।
  4. अनुसंधान द्वारा यहाँ नई जातियों का विकास किया जाता है।
  5. विलुप्त होने वाली पादप जातियों को यहाँ संरक्षण प्रदान किया जाता है।
भारत के दो प्रमुख वानस्पतिक उद्यान निम्नवत् हैं
  1. Royal Botanical Garden (Kolkata) 2. National Botanical Garden (Lucknow)
प्रश्न 5. हरबेरियम किसे कहते हैं? इसे तैयार करने में किन चीजों की आवश्यकता होती है? उत्तर : हरबेरियम पौधों या पौधों के भागों का संग्रहालय होता है जिसे मान्य वर्गीकरण पद्धति के अनुसार व्यवस्थित रखा जाता है। इसे हरबेरियम शीट या पादपालय पत्र पर चिपकाकर व्यवस्थित ढंग से रखा जाता है। हरबेरियम को तैयार करने के लिए निम्नलिखित चीजों की (UPBoardSolutions.com) आवश्यकता होती है|
  1. कैंची
  2. चाकू
  3. नमूनों को रखने हेतु वैस्कुलम नामक बॉक्स
  4. पादप प्रेस
  5. अखबार
  6. लेंस आदि

UP Board Solutions for Class 11 Biology Chapter 1 FAQs

What is the living world in biology?

The living world refers to all the organisms that exhibit the characteristics of life, including growth, reproduction, metabolism, response to stimuli, and adaptation to the environment. This chapter discusses the diversity of life and the various aspects that distinguish living organisms from non-living entities.

What are the main characteristics of living organisms?

The key characteristics of living organisms include: Growth: Living organisms grow by increasing in size and complexity. Reproduction: They reproduce to produce offspring, ensuring the continuation of their species. Metabolism: The chemical reactions in living organisms that convert energy from food into usable forms. Response to stimuli: Living organisms respond to environmental changes, such as light, temperature, and sound. Adaptation: Organisms evolve over generations to better survive in their environment.

What are the various levels of organization in living organisms?

Living organisms exhibit several levels of biological organization, including: Cellular level: The basic unit of life is the cell. Tissue level: Cells work together to form tissues. Organ level: Different tissues combine to form organs. Organ system level: Organs work together to form organ systems. Organism level: The complete organism, which is made up of various organ systems.

What is taxonomy?

Taxonomy is the branch of biology that deals with the identification, classification, and naming of organisms. It helps in organizing the vast diversity of life into categories, such as kingdom, phylum, class, order, family, genus and species.

What are the different types of classification systems?

There are two main classification systems: Traditional classification: Organisms are classified based on their observable traits. Modern classification: Organisms are classified based on genetic relationships, often using molecular data like DNA sequencing.
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