उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर कई महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी सामने आई है। इन बदलावों का असर PRT, PGT, प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक जैसे पदों पर पड़ सकता है। खास तौर पर एडेड माध्यमिक स्कूलों के प्राथमिक अनुभाग में कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक भर्ती के लिए TET को अनिवार्य किए जाने की बात कही गई है। इसके साथ ही D.El.Ed धारकों को भी शिक्षक पद के लिए पात्र माना गया है।
आने वाली भर्तियों को नए नियमों के आधार पर किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, अभ्यर्थियों को ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी बदलाव को अंतिम रूप से मानने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी है।
एडेड माध्यमिक स्कूलों के प्राथमिक अनुभाग में कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा यानी TET पास होना जरूरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा D.El.Ed डिग्री धारकों को भी शिक्षक पद के लिए पात्र माना गया है। इसका मतलब है कि जिन अभ्यर्थियों के पास आवश्यक TET के साथ D.El.Ed की योग्यता है, वे निर्धारित शर्तों के अनुसार PRT शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे।
यह बदलाव खास तौर पर उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो प्राथमिक शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।
कक्षा 1 से 5 तक शिक्षक भर्ती की बात की गई है।
TET को अनिवार्य किए जाने की जानकारी सामने आई है।
D.El.Ed धारकों को भी पात्रता में शामिल किया गया है।
भर्ती नए नियमों के आधार पर होने की बात कही जा रही है।
अंतिम पात्रता आधिकारिक भर्ती अधिसूचना से ही तय होगी।
एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य पद की पात्रता को लेकर भी बदलाव की जानकारी दी गई है। करीब 28 साल बाद TGT शिक्षकों को भी प्रधानाचार्य पद के लिए अवसर दिए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, इसके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। जानकारी के अनुसार Post Graduation में न्यूनतम 50% अंक और आवश्यक प्रशिक्षण योग्यता होना जरूरी रहेगा।
इस बदलाव से TGT शिक्षकों के लिए आगे बढ़ने के अवसर बढ़ सकते हैं। लेकिन आवेदन और चयन की पूरी प्रक्रिया संबंधित आधिकारिक नियम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
इंटरमीडिएट स्तर के एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य पद के लिए Post Graduation में कम से कम 50% अंक और B.Ed की आवश्यकता बताए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसी तरह हाई स्कूल स्तर के एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक पद के लिए भी Post Graduation में न्यूनतम 50% अंक जरूरी किए जाने की बात कही गई है।
इसके साथ ही B.Ed के अलावा B.P.Ed धारकों को भी पात्र माना जाने की जानकारी दी गई है।
इसका सीधा मतलब है कि आगे होने वाली भर्ती में केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं हो सकता है। निर्धारित प्रतिशत और प्रशिक्षण योग्यता भी पूरी करनी पड़ सकती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में करीब 4,512 एडेड माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के बड़ी संख्या में पद बताए गए हैं।
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पद |
बताए गए पदों की संख्या |
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प्रधानाचार्य |
1,475 |
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प्रधानाध्यापक |
1,175 |
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एडेड माध्यमिक स्कूल |
4,512 |
इन पदों पर आने वाली भर्तियों के लिए नए पात्रता नियम महत्वपूर्ण हो सकते हैं। खासकर वे अभ्यर्थी जो PGT, TGT, प्रधानाचार्य या प्रधानाध्यापक पद की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें आधिकारिक विज्ञापन में दी गई योग्यता को ध्यान से देखना चाहिए।
प्रस्तावित या बदले हुए नियमों का असर अलग-अलग योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों पर अलग हो सकता है।
D.El.Ed अभ्यर्थियों के लिए: प्राथमिक शिक्षक भर्ती में अवसर बढ़ सकता है, यदि वे TET सहित सभी निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं।
B.Ed अभ्यर्थियों के लिए: प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक जैसे पदों पर B.Ed के साथ PG में 50% अंक की शर्त महत्वपूर्ण हो सकती है।
TGT शिक्षकों के लिए: प्रधानाचार्य पद के लिए अवसर मिलने की स्थिति में करियर में आगे बढ़ने का नया रास्ता खुल सकता है।
PGT/अन्य अभ्यर्थियों के लिए: शैक्षणिक प्रतिशत से जुड़ी नई शर्तों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
अभी अभ्यर्थियों को सावधानी बरतनी चाहिए। ऊपर बताए गए बदलाव उपलब्ध जानकारी और सामने आई घोषणा के आधार पर हैं। भर्ती के लिए अंतिम पात्रता, पदों की संख्या, आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तें संबंधित विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना/नियम से ही तय मानी जाएंगी।
इसलिए UP Teacher Vacancy 2026 के लिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञापन में TET, D.El.Ed, B.Ed, B.P.Ed और शैक्षणिक अंकों से जुड़ी सभी शर्तों को जरूर जांचें।
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