यूपी बोर्ड कक्षा 9 गणित पाठ्यक्रम 2026-27 माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (UPMSP) द्वारा जारी किया गया है। यह पाठ्यक्रम छात्रों को गणित के मूल सिद्धांतों से परिचित कराता है। यह संख्या पद्धति, बीजगणित, निर्देशांक ज्यामिति, ज्यामिति, क्षेत्रफल और सांख्यिकी जैसे छह मुख्य इकाइयों में बंटा है। लिखित परीक्षा 70 अंकों की होती है, जिसमें 30 अंक का प्रायोगिक कार्य शामिल है।
यह पाठ्यक्रम छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए गणितीय कौशल सिखाता है। छात्र तर्कसंगत सोच, समस्या-समाधान क्षमता और विश्लेषणात्मक दक्षता विकसित करते हैं। यह उन्हें आगे की कक्षाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में मदद करता है। पाठ्यक्रम छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में भी सक्षम बनाता है।
यह अंक विभाजन छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि परीक्षा में किस इकाई से सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाएँगे। इससे वे हाई वेटेज वाले विषयों, जैसे बीजगणित और ज्यामिति, पर विशेष ध्यान देकर अपनी तैयारी को अधिक सटीक, समय-बचत वाली बना सकते हैं।
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इकाई |
इकाई का नाम |
निर्धारित अंक |
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इकाई 1 |
संख्या पद्धति |
12 अंक |
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इकाई 2 |
बीजगणित |
22 अंक |
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इकाई 3 |
निर्देशांक ज्यामिति |
04 अंक |
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इकाई 4 |
ज्यामिति |
16 अंक |
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इकाई 5 |
मेन्सुरेशन |
12 अंक |
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इकाई 6 |
सांख्यिकी |
04 अंक |
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कुल |
—- |
70 अंक |
यहाँ यूपी बोर्ड कक्षा 9 गणित पाठ्यक्रम (सत्र 2026-27) का पूरा और विस्तृत पाठ्यक्रम दिया गया है, जिसे छात्र आसानी से समझकर अपनी पढ़ाई की योजना बना सकते हैं। इसमें मुख्य इकाइयाँ और विषय शामिल हैं:
इकाई-1: संख्या पद्धति
वास्तविक संख्याएँ
प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्णांक, परिमेय संख्याओं का संख्या रेखा पर निरूपण
आवर्ती/सात दशमलव के रूप में परिमेय संख्याएँ
वास्तविक संख्याओं पर संक्रियाएँ
अनावर्ती/असात दशमलव के उदाहरण
अपरिमेय संख्याओं का अस्तित्व और संख्या रेखा पर निरूपण (जैसे sqrt(2), sqrt(3))
वास्तविक संख्या के n-th रूट की परिभाषा
sqrt(x) का अस्तित्व और ज्यामितीय व्याख्या
वास्तविक संख्याओं का परिमेयीकरण
घात-नियमों का पुनरावलोकन (धन वास्तविक आधार, परिमेय घातांक)
इकाई-2: बीजगणित
बहुपद (एक चर वाले, गुणांक, पद, शून्य बहुपद, एकपदीय, द्विपदीय, त्रिपदीय)
बहुपद के शून्यक और गुणनखण्ड
गुणनखण्ड प्रमेय का कथन और सत्यापन
ax^2+bx+c का गुणनखण्ड
त्रिघात बहुपद का गुणनखण्ड
बीजगणितीय व्यंजक और सर्वसमिकाएँ
सर्वसमिकाओं का सत्यापन और उपयोग
दो चर राशियों में रैखिक समीकरण (ax+by+c=0 प्रकार)
अनंत हल, क्रमिक युग्म, निरूपण, वास्तविक जीवन के उदाहरण
इकाई-3: निर्देशांक ज्यामिति
कार्तीय तल
किसी बिन्दु के निर्देशांक
कार्तीय तल से संबंधित नाम और पारिभाषिक शब्द
इकाई-4: ज्यामिति
यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय (इतिहास, परिभाषाएँ, अभिगृहीत, अभिधारणाएँ)
रेखा और कोण (आसन्न कोण, शीर्षाभिमुख कोण, समान्तर रेखाएँ)
त्रिभुज (SAS, ASA, SSS, RHS सर्वांगसमता नियम, समान भुजाओं/कोणों के सम्मुख कोण/भुजाएँ)
चतुर्भुज (समान्तर चतुर्भुज के गुण, मध्य-बिन्दु प्रमेय)
वृत्त (जीवाएँ, केन्द्र पर कोण, लम्ब, समान दूरी, चाप द्वारा अंतरित कोण, एक ही वृत्तखण्ड के कोण, चक्रीय चतुर्भुज)
इकाई-5: मेन्सुरेशन
क्षेत्रफल (हीरोन का सूत्र)
पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन (गोला, अर्द्धगोला, लम्ब वृत्तीय शंकु)
इकाई-6: सांख्यिकी
सारणीकृत, अवर्गीकृत/वर्गीकृत बारम्बारता
बारम्बारता ग्राफ, बारम्बारता बहुभुज
कठिन पारिभाषिक शब्दों को सरल भाषा में समझकर छात्र प्रश्नों को सही तरीके से हल कर सकते हैं और परीक्षा में बेहतर अंक ला सकते हैं।
प्राकृतिक संख्याएँ: गिनती की संख्याएँ, जैसे 1, 2, 3…।
पूर्णांक: धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य सहित पूर्ण संख्याएँ।
परिमेय संख्या: ऐसी संख्या जिसे p/q के रूप में व्यक्त किया जा सके, जहाँ q ≠ 0।
अपरिमेय संख्या: ऐसी संख्या जिसे p/q के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सके, जैसे sqrt(2), π।
घात: एक संख्या को कितनी बार स्वयं से गुणा किया गया है।
बहुपद: चर और अचर के बीजगणितीय व्यंजक, जिसमें चर की घात धनात्मक पूर्णांक होती है।
शून्य बहुपद: वह बहुपद जिसके सभी गुणांक शून्य हों।
रैखिक समीकरण: एक चर या दो चर वाला समीकरण जिसमें चर की अधिकतम घात 1 हो।
कार्तीय निर्देशांक: किसी बिन्दु की स्थिति बताने के लिए x और y अक्षों के सापेक्ष मान।
अभिकल्पना: एक कथन जिसे बिना प्रमाण के सत्य मान लिया जाता है।
अभिधारणा: ज्यामिति में एक विशिष्ट कथन जिसे बिना प्रमाण के सत्य मान लिया जाता है।
आसन्न कोण: ऐसे कोण जिनका एक शीर्ष और एक भुजा उभयनिष्ठ हो।
शीर्षाभिमुख कोण: जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो बनने वाले विपरीत कोण।
समांतर चतुर्भुज: एक चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाएँ समांतर और बराबर हों।
जीवा: वृत्त पर स्थित दो बिन्दुओं को जोड़ने वाला रेखाखण्ड।
बारम्बारता बहुभुज: ग्राफ पर आंकड़ों को दर्शाने का एक तरीका जिसमें बिन्दुओं को रेखाओं से जोड़ा जाता है।
यहां पाठ्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण गणितीय अवधारणाओं, नियमों और प्रमेयों का समावेश है, जो कठिन प्रश्नों को सरलता से हल करने का आधार बनते हैं:
यूक्लिड की अभिधारणाएँ : ये ज्यामिति के आधारभूत स्वयंसिद्ध कथन हैं, जैसे कि "दिए हुए दो भिन्न बिन्दुओं से होकर एक अद्वितीय रेखा खींची जा सकती है।"
गुणनखण्ड प्रमेय : यदि P(x) एक बहुपद है और P(a)=0, तो (x-a) बहुपद P(x) का एक गुणनखण्ड होता है।
SAS सर्वांगसमता नियम : यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके बीच के कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
हीरोन का सूत्र : एक त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने का सूत्र, जिसकी भुजाएँ a, b, c और अर्धपरिमाप s = (a+b+c)/2 हो, तो क्षेत्रफल sqrt(s(s-a)(s-b)(s-c)) होता है।
चक्रीय चतुर्भुज प्रमेय : चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों के प्रत्येक युग्म का योग 180° होता है।
कक्षा 9 गणित में 30 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आयोजित किया जाता है। इसका विस्तृत विभाजन इस प्रकार है:
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मूल्यांकन का प्रकार |
निर्धारित अंक |
महीना |
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प्रथम आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य + मौखिक परीक्षा) |
10 अंक |
अगस्त |
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द्वितीय आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य + मौखिक परीक्षा) |
10 अंक |
दिसंबर |
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मासिक परीक्षाएं (4 टेस्ट का कुल भारांक) |
10 अंक |
पूरे सत्र में |
यूपी बोर्ड कक्षा 9 गणित पाठ्यक्रम 2026-27 छात्रों को अपनी पढ़ाई की सही दिशा तय करने में मदद करेगी। बीजगणित और ज्यामिति जैसे उच्च-अंकों वाले अध्यायों पर शुरुआत से ध्यान देकर और आंतरिक मूल्यांकन के 30 अंकों को गंभीरता से लेकर छात्र परीक्षा में अच्छे अंक ला सकते हैं । समय पर पाठ्यक्रम पूरा करें, और नियमित रूप से प्रमेयों व सूत्रों का रिवीजन करते रहें। छात्र नीचे दिए जा रहे डायरेक्ट लिंक से पाठ्यक्रम पीडीएफ देख सकते हैं :
यूपी बोर्ड कक्षा 9 गणित पाठ्यक्रम 2026-27