सुधार हमेशा संभव है, यदि आपका इरादा स्पष्ट हो। Arnab Das की यात्रा संरचित सुधार (Structured Improvement) की ताकत को दर्शाती है। CAT के पहले प्रयास में 99 पर्सेंटाइल हासिल करने के बाद उन्होंने अपने प्रदर्शन का विश्लेषण किया और उन क्षेत्रों पर काम किया जिनमें सुधार की आवश्यकता थी। वे पहले से अधिक मजबूत तैयारी के साथ लौटे और दूसरे प्रयास में 99.75 पर्सेंटाइल हासिल किया, वह भी फुल-टाइम नौकरी करते हुए।
यह सुधार अचानक या भावनात्मक निर्णय का परिणाम नहीं था। यह पूरी तरह रणनीतिक था। व्यवस्थित शिक्षण, Marathon Sessions और लगातार प्रैक्टिस सपोर्ट के माध्यम से Physics Wallah उनकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
Arnab की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है। उन्होंने NIT Surat से ग्रेजुएशन किया और इंजीनियरिंग के दौरान भी अपनी उत्कृष्ट क्षमता साबित की।
उन्होंने बताया:
"तो मैंने 2023 में NITK सुरथकल से ग्रेजुएशन किया। 2019 में JEE Mains में मेरी लगभग 99.9 पर्सेंटाइल थी। इसलिए मैं अपने कॉलेज का रैंक ओपनर था। उसके बाद मुझे Visa में इंटर्नशिप मिली, वहीं मुझे PPO भी मिला और पिछले ढाई साल से मैं Visa में ही काम कर रहा हूँ। और हाँ, मैंने अपनी नौकरी के साथ-साथ CAT की परीक्षा भी दी।"
फुल-टाइम कॉर्पोरेट नौकरी के साथ CAT की तैयारी करना अनुशासन और सही योजना की मांग करता है। Arnab ने दोनों जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संतुलित किया।
जब Arnab को अपना परिणाम मिला, तो उनकी प्रतिक्रिया में संतोष और राहत दोनों झलक रहे थे। उनके सेक्शनल स्कोर उनकी संतुलित और मजबूत तैयारी को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा:
"तो मेरे VARC में 99.77, LRDI में 99.82 और Quant में 88.91 पर्सेंटाइल आए। मुझे लगता है कि Quant सेक्शन मेरी उम्मीद के मुताबिक नहीं गया, लेकिन फिर भी ठीक रहा। कुल मिलाकर मेरा 99.75 पर्सेंटाइल आया है, तो अब उम्मीद है कि कुछ कॉल्स आएँगी।"
हालांकि उनका मानना था कि Quant सेक्शन और बेहतर हो सकता था, लेकिन उनका कुल 99.75 पर्सेंटाइल उनकी परिपक्व तैयारी और बेहतर परीक्षा प्रदर्शन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
कई अभ्यर्थियों के मन में यह सवाल होता है कि क्या नौकरी करते हुए CAT की तैयारी संभव है। Arnab का अनुभव इस सवाल का व्यावहारिक उत्तर देता है।
उन्होंने कहा:
"मुझे लगता है सर कि आप नौकरी के साथ भी इसकी तैयारी कर सकते हो, क्योंकि जैसे आप लोगों के YouTube पर Marathon Sessions चलते रहते हैं। मैंने आपके भी बहुत सारे मैराथन देखे हैं और राहुल भाटला सर के भी देखे हैं। तो आप लोग लगभग पूरा सिलेबस सिर्फ YouTube के जरिए ही पूरा करवा देते हो।"
उन्होंने आगे कहा:
"अगर आप नौकरी के बाद एक-दो घंटे बैठकर ये सब देख भी लोगे, थोड़ी प्रैक्टिस कर लोगे और कुछ मॉक टेस्ट दे दोगे, तो मुझे लगता है कि उतना काफी है।"
और उन्होंने यह भी जोड़ा:
"बाकी तो परीक्षा वाले दिन ही इस बात पर निर्भर करता है कि आपका टेम्परामेंट कैसा है और आपका एग्जाम कैसा गया। बस वही बात है। बाकी ज्यादातर समय तो सब कुछ प्रैक्टिस पर ही निर्भर करता है।"
उनकी तैयारी में Physics Wallah के संरचित YouTube Marathon Sessions की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन सेशंस ने उन्हें नौकरी के साथ बिना बाधा के पूरे सिलेबस का प्रभावी रिवीजन करने में मदद की।
उन्होंने फैकल्टी का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा:
"मैंने आपसे LRDI पढ़ा है और राहुल बटला सर से क्वांट्स पढ़ा है। आखिर में बहुत सारे मैराथन सेशंस हुए थे। उनमें मुझे ऐसा लगा कि मतलब सिलेबस से भी ज्यादा कवर हो गया था।"
यह दर्शाता है कि तैयारी केवल सतही नहीं थी, बल्कि व्यापक और व्यवस्थित थी।
99 पर्सेंटाइल से 99.75 पर्सेंटाइल तक पहुंचने का अंतर छोटी लेकिन महत्वपूर्ण रणनीतिक सुधारों का परिणाम था।
Arnab ने VARC में अपनी पहली बड़ी गलती के बारे में बताया:
"मैं पहले VARC में जो गलती करता था, वह यह थी कि मैं सबसे पहले सही उत्तर ढूंढ़ने की कोशिश करता था। इसलिए मेरा वह तरीका थोड़ा गलत था। हमें पहले यह देखना चाहिए कि कौन-सा विकल्प सही नहीं होगा।"
उन्होंने आगे कहा:
"तो पहले जो विकल्प सही नहीं है, उसे काटो और फिर सही उत्तर की तरफ जाओ। उसके बाद वहीं से मेरा VARC का स्कोर बढ़ गया।"
यानी सही उत्तर को तुरंत खोजने की बजाय उन्होंने पहले गलत विकल्पों को हटाने की रणनीति अपनाई। इससे उनकी सटीकता और आत्मविश्वास दोनों में सुधार हुआ।
LRDI को लेकर Arnab की सोच बेहद स्पष्ट है। उनका मानना है कि इस सेक्शन में कोई शॉर्टकट या जादुई फॉर्मूला नहीं होता।
उन्होंने कहा:
"LRDI के बारे में मैं यही कहूँगा। पिछली बार भी मेरा LRDI अच्छा ही था। मैंने सर से ही पढ़ा था। तो एक बार फिर से थैंक यू सर। इसमें मैं सिर्फ प्रैक्टिस की ही बात करूँगा। क्योंकि वास्तव में यह सिर्फ प्रैक्टिस से ही आता है। LRDI में ऐसा कोई खास या स्पेशल फॉर्मूला नहीं होता। यह सिर्फ प्रैक्टिस से ही आता है।"
उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट है, LRDI में महारत केवल लगातार और व्यवस्थित अभ्यास से ही आती है।
Arnab ने Quant में चयनात्मक (Selective) तैयारी से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा:
"क्वांट्स में मैं यही कहूँगा कि पूरा सिलेबस करके जाओ। मतलब मॉडर्न मैथ्स, ज्योमेट्री, सब पढ़कर जाओ, क्योंकि आपको नहीं पता कि परीक्षा वाले दिन अलजेब्रा ज्यादा आएगा या अरिथमेटिक, कुछ भी आ सकता है। इसलिए पूरा सिलेबस पढ़कर जाओ और लगातार प्रैक्टिस करते रहो, बस इतना ही।"
उनका जोर पूरे सिलेबस की तैयारी और लगातार अभ्यास पर था। उन्होंने विशेष रूप से Physics Wallah की कक्षाओं में सिखाई गई तेज और प्रभावी समस्या-समाधान तकनीकों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
Arnab प्रतियोगी परीक्षाओं के भावनात्मक पक्ष को भी अच्छी तरह समझते हैं। स्वयं अपने स्कोर में सुधार करने के बाद उन्होंने अन्य अभ्यर्थियों को व्यावहारिक सलाह दी।
उन्होंने कहा:
"और पिछले साल मैं भी ऐसे ही मायूस था सर। इसलिए मैं यही कहूँगा कि दिल छोटा मत करो और फिर से परीक्षा दो। अगर आप अगले साल दोबारा परीक्षा दोगे, आपके पास आत्मविश्वास है और आपको लगता है कि मैं कर सकता हूँ, तो जाहिर है कि हो जाएगा। आपके पास अगले साल फिर से मौका है, इसलिए दोबारा परीक्षा जरूर दो।"
उनका संदेश सरल और यथार्थवादी है, यदि आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास बना रहे, तो सुधार निश्चित रूप से संभव है।
Arnab की यात्रा CAT अभ्यर्थियों को तीन महत्वपूर्ण सीख देती है।
सुधार की शुरुआत ईमानदार आत्मविश्लेषण से होती है। पहले प्रयास की गलतियों को नजरअंदाज करने की बजाय उन्होंने अपनी रणनीति की कमियों को पहचाना और उन्हें सुधारा।
संरचित मार्गदर्शन तैयारी को अधिक प्रभावी बनाता है। फुल-टाइम नौकरी के बावजूद व्यवस्थित कक्षाओं और फोकस्ड रिवीजन ने उन्हें सीमित समय का सर्वोत्तम उपयोग करने में मदद की।
लगातार अभ्यास परीक्षा के दिन आत्मविश्वास और स्थिरता प्रदान करता है। नियमित प्रैक्टिस, सेक्शनल ड्रिल्स और मॉक टेस्ट के विश्लेषण ने उनकी सटीकता और आत्मविश्वास दोनों को मजबूत किया।
Physics Wallah के Marathon Sessions, Concept-Driven Teaching और Method-Based Problem Solving ने उनकी पूरी तैयारी को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यहां केवल सिलेबस पूरा कराने पर नहीं, बल्कि प्रत्येक सेक्शन को स्पष्टता, रणनीति और सटीकता के साथ हल करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
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