NEET की तैयारी में पिछली गलतियों से सीखकर अपनी रणनीति बदलना सफलता की ओर एक बड़ा कदम हो सकता है। हरियाणा के भिवानी के रहने वाले Mohit Verma ने अपने पिछले प्रयास में Question Practice की कमी का असर परीक्षा के दौरान महसूस किया, खासकर Physics में उन्हें Stress का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव से सीख लेते हुए उन्होंने अपने Second Drop में तैयारी की रणनीति बदली और Physics Wallah के Yakeen 2.0 बैच के साथ Concepts, Tests और Question Practice पर फोकस किया। इस बदलाव ने उनकी तैयारी को नई दिशा दी और उन्होंने NEET में 627 अंक हासिल किए।
Mohit Verma हरियाणा के भिवानी से हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने Second Drop में Yakeen 2.0 बैच से तैयारी की और NEET में 627 अंक हासिल किए।
जब उनसे उनके बैच के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
“मैं Yakeen 2.0 बैच”
वहीं, यह पूछे जाने पर कि यह उनका कौन-सा ड्रॉप था, Mohit ने बताया:
“सेकंड ड्रॉप था सर।”
Yakeen 2.0 से पढ़ाई के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर Mohit ने PW की पढ़ाई को काफी अच्छा बताया। उन्होंने कहा:
“सर बहुत नेक्स्ट लेवल सर। कांसेप्ट एकदम क्लियर।”
Mohit ने यह भी बताया कि परीक्षा में उन्हें बहुत ज्यादा कठिनाई महसूस नहीं हुई।
“सर पेपर में इतनी भी डिफिकल्टी नहीं आई”
Mohit ने अपनी तैयारी के अनुभव से दूसरे छात्रों को Test और Question Practice पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को Test बिल्कुल भी Skip नहीं करना चाहिए।
“एक तो टेस्ट बिल्कुल भी स्किप ना करें, सर। और एक क्वेश्चन प्रैक्टिस अपने अच्छी रखें सर बिल्कुल।”
Mohit के अनुसार, पिछले प्रयास में उनकी Question Practice कम थी, जिसकी वजह से उन्हें परीक्षा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा था।
“क्योंकि मेरी पिछली बार थोड़ी कम क्वेश्चन प्रैक्टिस थी इसी कारण मैं पेपर में थोड़ा थोड़ा स्ट्रेस हो गया”
उन्होंने बताया कि खासकर Physics में उन्हें इस कमी का असर महसूस हुआ:
“कुछ समझ में ही नहीं आया फिजिक्स के में तो हां इसलिए सर फिर हो ही नहीं पाया पिछले साल”
Mohit की बातचीत के दौरान Test Analysis की अहमियत पर भी चर्चा हुई। केवल Test देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें हुई गलतियों को समझना भी जरूरी है।
Test Paper को लेकर Mohit ने कहा:
“टेस्ट पेपर आप देके आए हो उसके बाद आपको नींद नहीं आनी चाहिए जब तक उसका एक-एक क्वेश्चन सॉल्व ना कर लो”
उन्होंने Test Paper से सीखने और अपनी गलतियों को दोबारा न दोहराने पर जोर दिया।
“उस माइंड में उस टेस्ट पेपर से सीखना है”
Test में कम नंबर आने पर उसे छोड़ देने की बजाय अपनी गलतियों को समझने की जरूरत है। इसी बात पर जोर देते हुए उन्होंने कहा:
“टेस्ट पेपर देके आ गया नंबर कम आए तो उसको फेंक देंगे नहीं तूने गलती क्या करी”
Mohit के अनुसार केवल Test देना और नंबर देखना पर्याप्त नहीं है। Test में हुई गलतियों का Analysis करना तैयारी को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा:
“उसे कहते हैं पेपर देना यस सर एनालिसिस बहुत जरूरी है सर।”
उनकी यह सीख उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो लगातार Mock Test तो देते हैं, लेकिन गलत प्रश्नों और कमजोर Concepts का Analysis नहीं करते।
Mohit Verma ने अपने पिछले प्रयास की कमियों को समझकर दूसरे ड्रॉप में अपनी तैयारी की रणनीति बदली। पहले Question Practice की कमी के कारण उन्हें परीक्षा के दौरान Stress का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्होंने PW Yakeen 2.0 के साथ Concepts को मजबूत करने के साथ-साथ नियमित Test और Question Practice पर भी ध्यान दिया।
Mohit ने खास तौर पर Test को केवल नंबर पाने का माध्यम न मानकर उससे सीखने पर जोर दिया। उनका मानना है कि Test देने के बाद हर गलत प्रश्न और अपनी गलती का Analysis करना जरूरी है, ताकि वही गलती दोबारा न हो।