NEET की तैयारी शुरू करते समय सही guidance और अपनी परिस्थितियों के अनुसार पढ़ाई का तरीका चुनना बेहद जरूरी होता है। Dausa, Rajasthan के Krishnakant Saini ने 11वीं में डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन online preparation उनके लिए नई थी और offline coaching के लिए बाहर जाना भी आसान नहीं था।
PW Arjuna Batch से online पढ़ाई शुरू करने के बाद उनकी preparation में कई बदलाव आए। 12वीं में offline coaching का अनुभव सफल न रहने पर उन्होंने PW Lakshya Batch से दोबारा तैयारी शुरू की। इसके बाद 11वीं और 12वीं के syllabus की पढ़ाई और लगातार tests के साथ उन्होंने अपनी तैयारी को आगे बढ़ाया और NEET 2026 में 559 अंक हासिल किए।
11वीं में जब offline coaching के लिए बाहर जाना संभव नहीं हुआ, तब PW Arjuna Batch Krishnakant के लिए preparation का माध्यम बना। उनकी बहन की दोस्त से मिली जानकारी के बाद उन्होंने इस batch से पढ़ाई शुरू की।
"फिर मेरी बहन की एक दोस्त ने मुझे PW Arjuna Batch के बारे में बताया।"
उन्होंने online पढ़ाई शुरू तो कर दी, लेकिन उस समय online education को लेकर उनके मन में doubts थे। आसपास के लोगों से उन्हें यह सुनने को मिलता था कि online पढ़कर NEET में selection नहीं होता।
"ऑनलाइन पढ़कर सेलेक्शन नहीं होता,"
इन बातों का असर उनकी 11वीं की preparation पर पड़ा और उनका 11वीं का साल लगभग निकल गया। हालांकि, इस अनुभव ने उन्हें यह समझने का मौका भी दिया कि केवल दूसरों की बातों के आधार पर अपनी preparation को judge करना सही नहीं है।
12वीं में पहुंचने तक Krishnakant के सामने एक बार फिर अपनी NEET preparation को सही दिशा देने का मौका था। उन्होंने इस बार अपनी strategy में बदलाव करने का फैसला किया।
12वीं की शुरुआत में Krishnakant ने अपनी NEET preparation को बेहतर करने के लिए Jaipur में offline coaching join की। उन्हें उम्मीद थी कि इससे उनकी तैयारी मजबूत होगी और उन्हें सही direction मिलेगी।
लेकिन रोजाना आने-जाने में काफी परेशानी होने लगी। Travel के कारण समय और energy दोनों प्रभावित होने लगे, जिसके चलते उनके लिए coaching के साथ पढ़ाई manage करना मुश्किल हो गया। आखिरकार उन्हें वह coaching छोड़नी पड़ी।
इस फैसले का एक और पहलू उनके लिए भावनात्मक था। Coaching में उनके पिता के ₹15,000 खर्च हो चुके थे। Krishnakant को इस बात का दुख था कि उनके पिता की मेहनत की कमाई उस coaching पर खर्च हुई, लेकिन वह वहां अपनी तैयारी जारी नहीं रख सके।
Offline coaching छोड़ने के बाद Krishnakant ने PW Lakshya Batch join किया और अपनी preparation को दोबारा पूरी लगन के साथ शुरू किया। इस दौरान उन्होंने 12वीं की पढ़ाई के साथ 11वीं के concepts को भी मजबूत करने पर ध्यान दिया। अपनी preparation के इस phase के बारे में वह बताते हैं:
"इसके बाद मैंने फिर से PW Lakshya Batch जॉइन किया और पूरी लगन से पढ़ाई शुरू की। मैंने 12वीं के साथ-साथ 11वीं का पूरा सिलेबस भी दोबारा पढ़ा। जनवरी से लेकर परीक्षा तक मैंने 120 टेस्ट दिए। मेरा सबसे कम स्कोर 251 और सबसे ज़्यादा 645 रहा।"
120 tests के दौरान scores में उतार-चढ़ाव आया, लेकिन इससे उन्हें अपनी preparation को समझने और लगातार सुधार करने में मदद मिली। यही regular practice आगे उनकी preparation में confidence बढ़ाने का आधार बनी।
Krishnakant की preparation में tests की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। शुरुआत में कम score आने के बावजूद उन्होंने testing को छोड़ा नहीं। उन्होंने लगातार tests दिए और अपनी तैयारी को improve करने पर focus किया।
जनवरी से परीक्षा तक 120 tests देने का मतलब था कि उन्होंने अपनी preparation को बार-बार check किया और अपनी progress को समझने की कोशिश की। उनका lowest score 251 और highest score 645 रहा।
इसी practice के दौरान उन्हें यह भरोसा होने लगा कि 12वीं की पढ़ाई के साथ NEET की तैयारी करना संभव है।
"तभी मुझे विश्वास हुआ कि अगर ईमानदारी से नियमित पढ़ाई की जाए, तो 12वीं के साथ भी NEET निकाला जा सकता है।"
यह confidence उनके लिए खास था, क्योंकि कुछ समय पहले तक उन्हें खुद लगता था कि 12वीं के साथ NEET निकालना मुश्किल होगा।
"पहले मुझे लगता था कि ऐसा संभव नहीं है, लेकिन PW ने मेरा यह विश्वास बदल दिया।"
लगातार preparation, 11वीं और 12वीं के syllabus की दोबारा पढ़ाई और 120 tests के बाद Krishnakant ने NEET 2026 में 559 अंक हासिल किए।
उनकी journey में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने शुरुआत में online education को लेकर सुनी गई बातों को अपनी पूरी preparation पर हावी नहीं होने दिया। Offline coaching का अनुभव भी उनके लिए आसान नहीं रहा, लेकिन उन्होंने वहां से निकलकर अपने लिए ऐसा रास्ता चुना जिसे वह बेहतर तरीके से manage कर सकते थे।
PW Lakshya Batch के साथ उन्होंने अपनी preparation को जारी रखा और 12वीं के साथ NEET की तैयारी को balance किया। उनके लिए 559 अंक सिर्फ एक exam score नहीं, बल्कि उस confidence का परिणाम हैं जो उन्हें अपनी लगातार मेहनत के दौरान मिला।
आज Krishnakant अपने इस सफर में अपने माता-पिता के विश्वास और PW के guidance को महत्वपूर्ण मानते हैं।
"आज जो आत्मविश्वास मेरे अंदर है, वह मेरी मेहनत, मेरे माता-पिता के विश्वास और PW के मार्गदर्शन की वजह से है।"
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