NEET की तैयारी में कभी score चुनौती बनता है, तो कभी लोगों की बातें confidence को प्रभावित करती हैं। Churu, Rajasthan की Komal Kankheria ने भी MBBS के सपने तक पहुंचने के लिए ऐसे ही कई phases देखे। शुरुआत में उन्हें NEET के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन परिवार के support के साथ उन्होंने preparation शुरू की। 2024 में 511 अंक आने के बाद उन्हें NEET छोड़ने की सलाह मिलने लगी, फिर 2025 में भी उन्हें setback मिला। इसके बावजूद PW के साथ दो साल की preparation और पिता के लगातार विश्वास ने उन्हें चौथा प्रयास करने की हिम्मत दी, जिसमें उन्होंने 504 अंक हासिल किए।
Komal का MBBS करने का सपना केवल उनका अपना नहीं था, बल्कि उनके पिता भी उन्हें डॉक्टर बनते देखना चाहते थे। शुरुआत में उनके परिवार में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जो medical field में गया हो। इसलिए Komal को यह तक नहीं पता था कि NEET क्या होता है।
धीरे-धीरे उन्होंने परीक्षा और उसकी तैयारी को समझना शुरू किया। माता-पिता ने उनका साथ दिया और Komal ने डॉक्टर बनने के लक्ष्य के साथ अपनी preparation आगे बढ़ाई।
उनकी journey में शुरुआत से ही एक बात साफ थी कि उन्हें MBBS करना है। लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचने में उन्हें एक से अधिक attempts देने पड़े।
2024 में Komal ने NEET में 511 अंक हासिल किए। इसके बाद उन्हें उम्मीद थी कि वह अपनी तैयारी जारी रखेंगी, लेकिन रिश्तेदारों की सलाह ने उनके लिए मुश्किलें बढ़ा दीं।
उन्हें BAMS या Nursing करने के लिए कहा जाने लगा। साथ ही उनकी उम्र और लड़की होने को लेकर भी सवाल उठाए गए।
"लड़की है, उम्र बढ़ रही है, अब और कितना पढ़ेगी?"
लगातार ऐसी बातें सुनने का असर Komal की mental state पर पड़ा। उन्हें लगने लगा कि लोग उनके सपने को समझ नहीं रहे हैं। इस समय वह मानसिक रूप से काफी टूट गईं।
लेकिन उन्होंने preparation छोड़ने के बजाय खुद को एक कमरे तक सीमित कर लिया और लगभग एक साल तक सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया। न कहीं आना-जाना और न ही किसी function में जाना—उनका पूरा focus NEET पर रहा।
जब Komal के लिए लोगों की बातें सहना मुश्किल हो रहा था, तब उनके पिता ने उन्हें अपने लक्ष्य पर भरोसा बनाए रखने के लिए समझाया। उन्होंने रिश्तेदारों की बातों को महत्व देने के बजाय अपने सपने पर focus करने को कहा।
"लोगों का काम बोलना है, हमें सिर्फ अपने सपने पर विश्वास रखना है।"
पिता की यह बात Komal के लिए motivation बन गई। इस support ने उन्हें दोबारा अपने लक्ष्य पर focus करने में मदद की।
उनका लगभग एक साल का यह phase आसान नहीं था। उन्होंने social life से दूरी बनाकर अपनी तैयारी पर ध्यान दिया। परिवार का support और पिता का विश्वास उन्हें इस मुश्किल समय से आगे निकलने में मदद करता रहे।
2025 में Komal अपनी उम्मीद के अनुसार परीक्षा में प्रदर्शन नहीं कर पाईं। यह उनके लिए एक और बड़ा setback था। इसके बाद रिश्तेदारों ने फिर से NEET छोड़ने की सलाह दी।
लगातार setbacks के बाद किसी भी aspirant के लिए खुद को दोबारा तैयार करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन Komal के पिता का सपना अब भी वही था—वह अपनी बेटी को MBBS करते देखना चाहते थे।
उन्होंने Komal को एक आखिरी बार खुद पर भरोसा करने और दोबारा कोशिश करने के लिए कहा। इसी support के साथ Komal ने अपने चौथे NEET attempt की तैयारी शुरू की।
इस बार उनके पास पिछले attempts का experience भी था। उन्हें अपनी गलतियों और preparation की कमजोरियों का बेहतर अंदाजा था। अब उनका focus केवल परीक्षा देने पर नहीं, बल्कि अपनी पिछली कमियों को सुधारकर बेहतर तैयारी करने पर था।
Komal ने अपनी NEET journey में Physics Wallah के साथ दो साल तक तैयारी की। लगातार attempts और setbacks के बीच PW से मिले guidance ने उनकी preparation को आगे बढ़ाने में मदद की।
इस दौरान उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और चौथे attempt के लिए खुद को तैयार किया। PW के teachers और team का guidance उनके preparation journey का हिस्सा रहा।
दो साल तक preparation जारी रखने के बाद Komal ने अपने चौथे attempt में परीक्षा दी। इस बार उनके सामने केवल एक exam नहीं था, बल्कि पिछले तीन attempts का अनुभव भी था। उन्होंने उसी experience को अपनी आगे की preparation में इस्तेमाल किया।
चार attempts के लंबे सफर के बाद Komal के लिए वह दिन आया जिसका उन्हें इंतजार था। NEET में 504 अंक हासिल कर उन्होंने अपने MBBS के सपने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया।
यह result उनके लिए इसलिए खास था क्योंकि इसके पीछे केवल एक attempt की मेहनत नहीं थी। इसमें 2024 के 511 अंक, 2025 का setback, रिश्तेदारों की बातें, पिता का विश्वास और दो साल का PW guidance शामिल था।
अपने चौथे attempt की सफलता को Komal अपनी मेहनत और पिता के विश्वास के साथ PW के guidance का परिणाम मानती हैं।
"आज, चौथे प्रयास में मेरा सपना पूरा हो गया। यह सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि मेरे पापा के विश्वास, मेरी मेहनत और Physics Wallah के दो साल के मार्गदर्शन की जीत है।"
504 अंक हासिल करने के बाद Komal की journey ने यह दिखाया कि किसी एक attempt का result आपके पूरे लक्ष्य को तय नहीं करता। उन्होंने setbacks के बाद भी अपनी तैयारी जारी रखी और चौथे प्रयास तक पहुंचीं।
Komal की story उन aspirants के लिए खास सीख देती है जो किसी setback या दूसरों की बातों के कारण अपने लक्ष्य को लेकर doubt करने लगते हैं। 2024 में 511 अंक आने के बाद उन्हें दूसरे courses में जाने की सलाह मिली, लेकिन उन्होंने अपने MBBS के लक्ष्य को नहीं छोड़ा। 2025 में अपेक्षित result न आने के बाद भी उन्होंने दोबारा प्रयास किया।
उनकी journey यह भी दिखाती है कि preparation के दौरान family support और सही guidance confidence बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। Komal के लिए उनके पिता का विश्वास लगातार motivation बना रहा, जबकि PW के दो साल के guidance ने उनकी preparation को आगे बढ़ाने में मदद की।
अपनी journey में साथ देने वाली PW team और teachers के प्रति आभार व्यक्त करते हुए Komal कहती हैं:
"PW की पूरी टीम और सभी शिक्षकों का दिल से धन्यवाद। आपने मेरे सपने को सच करने में बहुत बड़ा योगदान दिया।"
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