NEET की तैयारी के लिए हर aspirant के पास महंगे study materials या पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं हों, यह जरूरी नहीं है। उत्तर प्रदेश की Payal Medhavi ने भी सीमित संसाधनों के बीच PW Batch के lectures और tests के सहारे अपनी तैयारी आगे बढ़ाई।
घर की आर्थिक स्थिति के कारण उनके लिए अतिरिक्त study material खरीदना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने उपलब्ध resources से ही पढ़ाई जारी रखी। यहां तक कि पढ़ने के लिए study table न होने पर उन्होंने खुद लकड़ी के पटरे और ईंटों से एक छोटी table तैयार की। NEET में 506 अंक हासिल करने वाली Payal की journey इसी मेहनत और सीमित साधनों में preparation जारी रखने की कहानी है।
Payal के परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि पढ़ाई पर अतिरिक्त खर्च करना आसान नहीं था। घर में उनकी मम्मी, पापा, भैया और दादी सभी के नाम पर loan चल रहा था। ऐसे में NEET preparation के लिए अलग से महंगे resources खरीदना परिवार के लिए संभव नहीं था।
इस स्थिति में उन्हें अपनी जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के बीच संतुलन बनाकर तैयारी करनी पड़ी। उनके लिए पढ़ाई का मतलब केवल syllabus पूरा करना नहीं था, बल्कि कम से कम खर्च में अपनी preparation को आगे बढ़ाना भी था।
"हमारे घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि कई बार पढ़ाई की ज़रूरी चीज़ें खरीदना भी मुश्किल हो जाता था। घर में मम्मी, पापा, भैया और दादी सभी के नाम पर लोन चल रहा है, इसलिए अतिरिक्त पढ़ाई का खर्च उठाना हमारे लिए संभव नहीं था।"
आर्थिक परेशानियों के बावजूद Payal ने अपनी preparation को रुकने नहीं दिया। उन्होंने अपनी जरूरतों को सीमित किया और पढ़ाई के लिए उपलब्ध चीजों का ही इस्तेमाल किया।
पढ़ाई के लिए जरूरी basic सुविधाएं भी Payal के लिए हमेशा उपलब्ध नहीं थीं। उनके पास अच्छी notebooks खरीदने तक के पैसे नहीं थे। इसलिए उन्होंने अपने लगभग सभी notes rough copies में बनाए।
Study table न होने की समस्या का भी उन्होंने अपने तरीके से समाधान निकाला। उन्होंने लकड़ी के पटरे और ईंटों की मदद से एक छोटी-सी table बनाई और उसी पर बैठकर पढ़ाई की।
"मेरे पास अच्छी कॉपियाँ खरीदने तक के पैसे नहीं थे, इसलिए मैंने अपने लगभग सारे नोट्स रफ कॉपी में बनाए। पढ़ाई के लिए भी मेरे पास कोई स्टडी टेबल नहीं थी। मैंने लकड़ी के पटरे और ईंटों की मदद से एक छोटी-सी टेबल बनाकर उसी पर बैठकर दिन-रात मेहनत की।"
यह उनके preparation phase की एक खास बात रही। सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने पढ़ाई के लिए अपने स्तर पर रास्ता निकाला और अपनी preparation जारी रखी।
जब अतिरिक्त study material खरीदना संभव नहीं था, तब Payal ने अपनी preparation के लिए उपलब्ध PW resources पर भरोसा किया। उन्होंने PW Rankers, Modules या Test Series जैसे अलग से resources नहीं खरीदे। उनकी तैयारी मुख्य रूप से PW Batch के lectures और उसी के tests के सहारे आगे बढ़ी।
"PW Rankers, Modules, Test Series या कोई अतिरिक्त स्टडी मटेरियल खरीदने की मेरी आर्थिक स्थिति नहीं थी। मैंने अपनी पूरी तैयारी सिर्फ PW Batch के लेक्चर्स और उसी के टेस्ट के सहारे की।"
इससे उनकी preparation में unnecessary resources जोड़ने के बजाय उपलब्ध study material पर focus बना रहा। Lectures के जरिए उन्होंने topics को पढ़ा और tests के जरिए अपनी preparation को practice करने का मौका पाया।
उनकी journey में PW का योगदान किसी एक resource तक सीमित नहीं रहा। सीमित आर्थिक स्थिति में उन्हें ऐसी preparation का माध्यम मिला जिसे वह अपने परिवार पर अतिरिक्त financial burden डाले बिना जारी रख सकीं।
NEET की तैयारी के दौरान केवल financial challenges ही नहीं थे। लगातार मेहनत करते हुए motivation बनाए रखना भी जरूरी था। इस दौरान Payal के परिवार ने उनका साथ दिया और उनके एक दोस्त ने भी मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया।
परिवार का support उनके लिए इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि घर की आर्थिक परिस्थितियां पहले से चुनौतीपूर्ण थीं। इसके बावजूद उनके परिवार ने उनकी preparation में उनका साथ दिया। वहीं, दोस्त से मिलने वाला encouragement उन्हें मुश्किल समय में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।
"इस पूरे सफर में मेरे परिवार ने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। मेरे एक दोस्त ने भी हर मुश्किल समय में मेरा हौसला बढ़ाया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनकी वजह से मैंने कभी हार नहीं मानी।"
इन लोगों के विश्वास ने Payal को अपनी preparation के दौरान लगातार आगे बढ़ने की ताकत दी। सुविधाओं की कमी के बीच emotional support उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बना रहा।
सीमित आर्थिक संसाधनों, basic study facilities की कमी और अतिरिक्त study material न खरीद पाने के बावजूद Payal ने अपनी preparation जारी रखी। उन्होंने PW Batch के lectures और tests को अपनी तैयारी का आधार बनाया और परिवार व दोस्तों के support के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं।
उनकी मेहनत का परिणाम NEET में 506 अंक के रूप में सामने आया। यह score उस preparation का परिणाम है जिसमें उन्होंने महंगे resources के बजाय उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल किया और अपनी परिस्थितियों के अनुसार पढ़ाई का तरीका अपनाया।
Payal अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मेहनत, परिवार और दोस्तों के विश्वास के साथ PW के teachers के guidance को देती हैं।
"आज जो भी मुकाम हासिल किया है, वह मेरी मेहनत, मेरे परिवार और दोस्त के विश्वास, और PW के सभी शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।"
उनकी journey बताती है कि preparation के लिए उपलब्ध resources का सही इस्तेमाल करना जरूरी है। अगर परिस्थितियां ideal नहीं हैं, तो भी अपनी जरूरत के अनुसार पढ़ाई का तरीका बनाया जा सकता है। Payal ने अपनी study table खुद बनाई, rough copies में notes तैयार किए और उपलब्ध PW lectures व tests के साथ preparation जारी रखी।
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