11वीं की पढ़ाई कमजोर रह जाने के बाद कई छात्रों को लगता है कि अब NEET की तैयारी को संभालना मुश्किल होगा। Tanishq Yash के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। 11वीं का काफी हिस्सा अच्छी तरह तैयार नहीं हो पाया था, लेकिन 12वीं में PW के लक्ष्य NEET बैच से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी तैयारी को नए सिरे से मजबूत किया। लगातार मेहनत और 11वीं के छूटे हुए कॉन्सेप्ट्स को पूरा करने के बाद उन्होंने अपने पहले प्रयास में 644 मार्क्स, 95.28% स्कोर और 6264 रैंक हासिल की।
Tanishq बताते हैं कि उनकी 11वीं की पढ़ाई बहुत अच्छी नहीं रही थी। उन्होंने इस दौरान PW का कोई बैच नहीं लिया था, जिसकी वजह से उनकी तैयारी का एक बड़ा हिस्सा कमजोर रह गया था।
"सच कहूं तो मेरा 11th बहुत अच्छा नहीं था। मतलब हाफ वेस्टेड कहेंगे क्योंकि मैंने PW में कोई बैच नहीं लिया था।"
12वीं में उन्हें PW के ऑनलाइन बैच के बारे में पता चला और उन्होंने लक्ष्य NEET बैच जॉइन किया। इसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई के साथ 11वीं के छूटे हुए topics को भी पूरा करने पर फोकस किया।
"फिर 12th आया, मैंने डिस्कवर किया कि PW ऑनलाइन में लक्ष्य NEET करके है तो मैंने लक्ष्य NEET लिया।"
PW से जुड़ने के बाद Tanishq की तैयारी में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने 12वीं की पढ़ाई को पूरी गंभीरता से किया और उसी आत्मविश्वास के साथ 11वीं के कॉन्सेप्ट्स को भी पूरा किया।
"लाइक 12th पूरा क्रेजी हो गया। उसके बाद 11th खत्म कर लिया उसी कॉन्फिडेंस में। एंड आज रिजल्ट आ ही गया सामने।"
इस तरह उन्होंने अपनी पिछली कमजोरियों को पीछे छोड़ते हुए दोनों कक्षाओं के सिलेबस को कवर किया और परीक्षा की तैयारी को मजबूत बनाया।
Tanishq के लिए PW की पहली क्लास का अनुभव खास रहा। उन्होंने बताया कि MR Sir की पहली क्लास से ही उन्हें महसूस हुआ कि उन्होंने पढ़ाई के लिए सही जगह चुनी है।
"एकदम, एकदम। एकदम पहली क्लास MR सर की थी। मुझे याद है, एकदम मजा आ गया था। वाह, क्या बात है!"
पहली ही क्लास में उन्हें पढ़ाई का तरीका और क्लास का माहौल पसंद आया, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ।
Tanishq ने अपने पहले प्रयास में NEET क्रैक किया और 644 मार्क्स, 95.28% स्कोर और 6264 रैंक हासिल की। उन्होंने अपनी सफलता के दौरान हुई कुछ गलतियों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार कुछ सवालों में उन्होंने सिली मिस्टेक की, खासकर Chemistry में Mole Concept और Positive Deviation से जुड़े सवालों में।
उन्होंने माना कि इन गलतियों की वजह से उनका प्रदर्शन और बेहतर हो सकता था। इस पर उन्हें सलाह दी गई कि गलती होना गलत बात नहीं है, लेकिन एक ही गलती को बार-बार दोहराने से बचना चाहिए।
"गलती से हमेशा आपको सीखना है और सीख कर आगे बढ़ना है।"
Tanishq ने भी इस बात को स्वीकार किया और अपनी गलतियों से सीखने की बात कही।
Tanishq ने 11वीं और 12वीं में PCM (Physics, Chemistry, Mathematics) लिया था। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला प्रयास था और इसी प्रयास में उन्होंने JEE भी क्रैक किया।
"सर मैं झारखंड से, बोकारो। झारखंड, बोकारो स्टील सिटी। एंड मैंने PCM भी ली थी। स्कूलिंग की है मैंने 11-12 बोथ। मेरा फर्स्ट अटेम्प्ट था ये। एंड JEE भी क्रैक किया है मैंने 95.28%।"
यह उपलब्धि उनके लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने कमजोर 11वीं के बाद अपनी तैयारी को दोबारा मजबूत किया और पहले ही प्रयास में 644 मार्क्स के साथ अच्छा परिणाम हासिल किया।
Tanishq के पिता मैकेनिकल इंजीनियर हैं और वर्तमान में बिजनेस संभालते हैं, जबकि उनकी मां प्राइवेट टीचर हैं। रिजल्ट आने के बाद उनके घर का माहौल काफी अच्छा और खुशी भरा था।
परिवार की खुशी Tanishq की सफलता को और खास बनाती है। उन्होंने अपने माता-पिता के सहयोग और परिवार के साथ इस उपलब्धि को सेलिब्रेट किया।
Tanishq की कहानी बताती है कि अगर 11वीं की पढ़ाई कमजोर रह गई हो, तो भी सही दिशा और लगातार मेहनत से अपनी तैयारी को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने 12वीं में PW से जुड़कर पहले अपनी पढ़ाई को व्यवस्थित किया और फिर उसी आत्मविश्वास के साथ 11वीं के छूटे हुए हिस्से को पूरा किया।
उनकी कहानी से छात्रों को यह सीख मिलती है कि गलतियों से घबराने के बजाय उनसे सीखना चाहिए और उन्हें दोहराने से बचना चाहिए। सही मार्गदर्शन, कॉन्सेप्ट की समझ और लगातार मेहनत के साथ कमजोर शुरुआत को भी मजबूत परिणाम में बदला जा सकता है।
Tanishq Yash का 644 मार्क्स, 95.28% NEET स्कोर और 6264 रैंक इसी बात का उदाहरण है कि सही समय पर सही दिशा मिलने से तैयारी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
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